कारपोरेट मीडिया
अंबेडकर टुडे को जब्त करने का आदेश, सीआईडी करेगी जांच
विस्फोट पर मंगलवार देर शाम प्रकाशित एक रिपोर्ट पर मायावती सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए न केवल अंबेडकर टुडे पत्रिका को जब्त करने का आदेश दिया है बल्कि इस पूरे मामले की जांच सीबीसीआईडी से कराने का फैसला किया है. साथ ही पत्रिका के संपादक ने भी पत्रिका में छपे लेख को लेकर माफी मांगी है.
प्रख्यात पत्रकारों पर बनेंगी फिल्म
हिंदी के चुनिन्दा महान पत्रकारों पर फिल्में बनाई जा रही हैं जिनके माध्यम से इन पत्रकारों के जीवन जीवन और पत्रकारिता कॅरियर के बारे में दिखाया जायेगा और यह यह प्रसंशनीय प्रयास कर रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल। इनमें से राजेन्द्र माथुर पर तो फिल्म बन चुकी है। अब प्रभाष जोशी, राहुल बारपुते, एसपी सिंह और शरद जोशी पर फिल्में बनाने की तैयारी चल रही है और ऐसा अनुमान लगाया जा है कि आने आने वाले तीन सालों में ये फिल्में बनकर तैयार हो जायेंगी।
पी7 न्यूज में 'ज्योति' बुझाने की तैयारी
पर्ल ग्रुप द्वारा संचालित पी7न्यूज में ज्योति नारायण को दरकिनार करने की कोशिशों को अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया गया है. उन पर वित्तीय अनियमितता का आरोप भी लगने लगा है. पहले बतौर डायरेक्टर उनसे वित्तीय अधिकार वापस लिये गये और अब पर्ल ग्रुप ने अपने एक अन्य डायरेक्टर केशर सिंह को पी7न्यूज की जिम्मेदारी सौंप दी है तथा वित्तीय मामलों के लिए एक दूसरे डायरेक्टर सहजपाल को जिम्मेदारी दी गयी है. ...टीआरपी के खेल का सच
हाल में ही सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की पहल पर एक कमेटी का गठन किया गया है जो कि तीन महीने के अंदर टीआरपी के नाम पर की जा रही धांधली पर एक रिपोर्ट सौंपेगा. सरकार का इरादा है कि टीआरपी के नाम पर जिस तरह से खबरों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है उस पर रोक लगाई जा सके. क्या है टीआरपी और विवाद के विषय क्या हैं, इसके बारे में बता रहे हैं सतीश सिंह...विजय दीक्षित ने हमें कहीं का नहीं छोड़ा
पूरा मीडिया जानता है कि आजकल एस वन चैनल के क्या हाल हैं। चैनल के मालिक विजय दीक्षित ने चैनल को अय्याशी का सामान बना रखा है। अपने सारे काले धंधों को एस वन की आड़ में छिपाते चले आ रहे हैं। अभी तक तो विजय दीक्षित कहते आ रहे थे कि चैनल को रेवेन्यू नहीं मिल रहा है, इसलिए सैलरी समय पर देने में दिक्कत हो रही है। जबकि सच्चाई ये है कि चैनल लंगड़ी चाल चलता रहे और काले धंधे छिपते रहें, इसलिए इन्होंने आजतक एडवरटाइमेंट और चैनल के डिस्ट्रीब्यूशन के लिए कोई अप्वाइंटमेन्ट नहीं किया। सारा काम राकेश निगम से ही लेने का बहाना बनाते चले आ रहे हैं।...निरुपमा को न्याय के लिए पत्रकारों ने निकाला मौन जुलूस
निरुपमा पाठक हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, द इंडियन वूमेन प्रेस कॉर्प, निरुपमा पाठक को न्याय अभियान और आईआईएमसी एलुमनी एसोसिएशन के संयुक्त आह्वान पर प्रेस क्लब से गृह मंत्रालय तक मौन जुलूस निकाला गया.
P7 News में हाशिये पर गये ज्योति नारायण
P7 News की धाक कायम करनेवाले ज्योति नारायण उसी चैनल कमजोर पड़ गये हैं जिसके लिए कहा जाता था कि ज्योति नारायण है तो पी-7 है. लेकिन बुधवार को ज्योति नारायण से पी-7 न्यूज की सारी जिम्मेदारी वापस लेकर एक तरह से पर्ल मीडिया ग्रुप से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.
मीडिया पर नकेल डालना चाहती है नौकरशाही
आजादी के बाद आपातकाल के दौरान पहली बार मीडिया पर किसी प्रकार की पाबंदी लगायी गयी थी. सरकार द्वारा आरोपित उन पाबंदियों का सबसे अधिक दुरुपायोग नौकरशाही ने किया और प्रशासनिक आदेश से भी दो कदम आगे जाकर मीडिया को नियंत्रित करने की कोशिश की. आपातकाल के बाद एक बार फिर नौकरशाही मीडिया को निशाने पर ले रही है.
हत्या के बाद पंखे से लटकाई गयी निरुपमा की लाश
महिला पत्रकार निरूपमा पाठक ने खुदकुशी नहीं की बल्कि उसकी हत्या की गई है। हत्या भी लाश बरामद होने के एक दिन पहले ही कर दी गई थी। निरूपमा की हत्या करने के बाद उसकी लाश पंखे से लटका दी गई ताकि इसे आत्महत्या का रंग दिया जा सके।
'निरुपमा ईश्वर तुम्हे सद्बुद्धि प्रदान करे'
तुम्हारा नाम मैंने निरुपमा रखा था जिसका अर्थ है जिसकी कोई उपमा न दी जा सके और यह शब्द शंकराचार्य जी के क्षमापनस्त्रोत्रम से मैंने लिया था. वाक्य है- मयि निरुपम यत्प्रकुरुषे। तुमने जो कदम उठाया है या उठाने जा रही हो, मैं कहूंगा कि सनातन धर्म के विपरीत कदम है. आदमी जब धर्म के अनुकूल आचरण करता है तो धर्म उसकी रक्षा करता है और जब धर्म के प्रतिकूल आचरण करता है तो धर्म उसका विनाश कर देता है.
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सुदर्शन का (कु) दर्शन
जबसे आरएसएस के लोगों की आतंकवादी घटनाओं में संलिप्तता सामने आयी है, तब से आरएसएस के नेता बौखला गए हैं। इस बौखलाहट में ही शायद संघ के इतिहास में पहली बार हुआ है कि इसके स्वयंसेवक विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे। इसी बौखलाहट में आरएसएस के एक्स चीफ केएस सुदर्शन का मानसिक संतुलन बिगड़ गया और सोनिया गांधी के बारे में ऐसे शब्द बोल दिए, जिन्हें एक विकृत मानसिकता का आदमी ही बोल सकता है।...
सीआईए नहीं केजीबी एजंट कहिए जनाब
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक ने 10 नवंबर को सोनिया गांधी पर सीआईए एजंट होने का आरोप लगाकर सनसनी पैदा कर दिया है. पूरी की पूरी कांग्रेस उत्तेजित है और संघ भी बैकफुट पर चला गया है. सुदर्शन के आस पास के लोगों का कहना है कि सुदर्शन जी भुलक्कड़ हो गये हैं और उन्हें कुछ ठीक से याद नहीं रहता. शायद इसीलिए उन्होंने इतनी बड़ी चूक कर दी. ...
सोनिया का सच जान बेकाबू क्यों होते हो?
एक बार फिर लोकतंत्र पर आपातकाल मंडरा पड़ा है. राजमाता सोनिया गांधी के सिपहसालारों ने कांग्रेसी गुण्डों, माफियाओं और लोकतंत्र के हत्यारों का आह्वान किया है कि वह देशभर में संघ कार्यालयों पर धावा बोल दे. इसका तत्काल प्रभाव हुआ और कांग्रेसी गुण्डों ने संघ के दिल्ली मुख्यालय पर धावा भी बोल दिया. ठीक वैसे ही जैसे इंदिरा गांधी की मौत के बाद सिखों को निशाना बनाया गया था. हिंसक और अलोकतातंत्रिक मानसिकता से ग्रस्त कांग्रेसी सोनिया का सच जानकर आखिर इस तरह बेकाबू क्यों हो रहे हैं?...
नये निजाम के दामन पर है ज्यादा बड़ा दाग
मुंबई। महाराष्ट्र के नए निजाम भी कोई दूध के धुले नहीं हैं। कांग्रेस आलाकमान ने अशोक चव्हाण को फर्जीवाड़े से फ्लैट पाने के आरोप में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की गद्दी से हटा दिया। लेकिन नए मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी उसी तरह के फर्जीवाड़े में गले तक डूबे हुए हैं। उन्होंने जितने बड़े बड़े झूठ बोलकर सरकार से फ्लैट हथियाए हैं वे कांग्रेस के लिए ज्यादा दागदार हैं।...
अजमेर चार्जशीट और संघी उछल-कूद
बढ़ते पैमाने पर इसके साक्ष्य सामने आ रहे हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर एस एस) से जुड़े लोगों का आतंकवादी हमलों में हाथ रहा है। इन हालात में आर एस एस इस पुराने सूत्र पर चल रहा लगता है कि हमला ही सबसे अच्छा बचाव है। उसने 10 नवंबर को देशव्यापी विरोध कार्रवाइयों का आह्वान किया है। इन कार्रवाइयों में संघ के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की बात कही जा रही है। बहरहाल, इसकी चर्चा हम जरा बाद में करेंगे।...
अपने होने पर ही हैरान
‘चुप्पी-चुप्पी नहीं नहीं, बोलेंगे अब सभी-सभी’ इन्हीं नारों से दाहोद (गुजरात) का सीनियर रेलवे संस्थान परिसर 31 अक्टूबर को पूरे दिन गूंजता रहा। यहां गुजरात के बड़ोदरा, पंचमहल, सुरत, भड़ूच, डांग, बालसाड और साबरकांठा जिले से लगभग तीन हजार के आस पास विमुक्त एवं घुमंतू समाज से ताल्लुक रखने वाले लोग इकट्ठे हुए थे। मौका था, अधिकार अभियान की घोषणा का। उस समाज के लिए जो इस लोकतांत्रिक देश में अधिकार का अर्थ अभी तक समझ नहीं पाएं हैं। ...
गोली लगने के बाद क्या गांधी ने कहा था- हे राम ?
यह एक ऐसा सवाल है जिस पर अब विवाद होने लगा है. 30 जनवरी 1948 को क्या जब महात्मा गांधी को नाथूराम गोडसे ने गोली मारी तो महात्मा गांधी ने अपने मुंह से हे! राम का संबोधन किया था? उस वक्त घटनास्थल पर मौजूद रहे एक प्रत्यक्षदर्शी के डी मदान का कहना है कि "मैंने नहीं सुना था कि उन्होंने हे राम कहा था या नहीं."...
भद्दा और बेदम रहा संघ का विरोध प्रदर्शन
स्कूल जाते बच्चों के भी हाथ में भगवा थमाकर भले ही संघ ने शक्ति प्रदर्शन की भरपूर कोशिश की हो लेकिन 10 नवम्बर का दिन उसके इतिहास में कोई बडी घटना के रूप में याद नहीं किया जायेगा। हॉ हम बात कर रहे है राजस्थान के भरतपुर जिला मुख्यालय की जहॉ देश भर की ही तरह हिन्दुवादी संघटनों ने अपने उपर लग रहे ‘भगवा आतंकवाद’ के आरोपों के विरोध में शक्ति प्रदर्शन किया था। भरतपुर जहॉ संघ प्रचारक क रूप में भाजपा के पीएमइन वेंटिग लालकृष्ण आडवानी ने अपनी सेवाऐं दी है संघ का ये विरोध प्रदर्शन एक दम भददा और हल्का रहा।...
एनसीपी के 'दादा' का दांव
महाराष्ट्र में कांग्रेस में परिवर्तन हुआ तो राष्ट्रवादी कांग्रेस ने भी अपने पत्ते खोल दिये. राज्य में लंबे समय से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही सत्ता के दावेदारी पर एनसीपी ने आखिरकार प्रदेश की प्रशासनिक कमान अपनी ओर से शरद पवार के भतीजे अजीत पवार को सौंप दी है. अब गुरुवार को शाम साढ़े चार बजे पृथ्वीराज चव्हाण के साथ अजीत "दादा" पवार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे....
पीएमओ वाले पृथ्वीराज
महाराष्ट्र के नये मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण यूपीए सरकार पार्ट वन और पार्ट टू में बतौर पीएमओ मिनिस्टर जाने जाते हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय में रहते हुए भी उन्होंने कभी ताकतवर होने का दंभ नहीं पाला और चुपचाप काम करते रहे. बिट्स पिलानी से बीई और बर्कले विश्वविद्यालय से एमएस की डिग्री हासिल करनेवाले पृथ्वीराज की राजनीतिक कमेस्ट्री ने उनके सार्वजनिक जीवन में पहली बार इतना गाढ़ा रंग उड़ेला है....
सुलग रहा है मेरठ 'हिन्दुस्तान'
एक ओर हिन्दुस्तान अखबार अपनी अलग कंपनी बनाकर अखबार को चमकाने और अखबार का विस्तार करने में लगा है वहीं दूसरी ओर हिन्दुस्तान के विभिन्न संस्करणों में हालात ठीक नहीं है. हिन्दुस्तान के मेरठ संस्करण में इन दिनों इस्तीफे दिये जा रहे हैं लेकिन प्रचारित किया जा रहा है कि जो आफिस नहीं आ रहे हैं वे छुट्टी पर चले गये हैं....
आलोक तोमर के बगल में बसे किशोर मालवीय
सीएनईबी में पहले से एक सलाहकार संपादक थे- आलोक तोमर. अब दूसरे सलाहकार संपादक भी वहां नियुक्त हो गये हैं किशोर मालवीय. उन्होंने सीएनईबी चैनल के साथ बतौर कंसल्टिंग एडिटर अपनी नई पारी की शुरुआत की है। सीएनईबी से पहले वे ‘वायस ऑफ इंडिया’ न्यूज चैनल के साथ जुड़े हुए थे। उन्होंने करीब दो दशक के कॅरियर में देश के नामी-गिरामी मीडिया संस्थानों में कई जिम्मेदारियां निभाईं हैं।...
सुरक्षा परिषद की छांव में खेती पर दांव
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संसद में दिये गये अपने भाषण में भारत से मिले प्यार की भूरि भूरि प्रशंसा जरूर की लेकिन अपनी व्यावसायिक मजबूरियों को छिपा नहीं सके. बराक ओबामा ने संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए जहां एक ओर भारत को महाशक्ति करार देकर उसके लिए संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सदस्यता को अपना समर्थन दिया वहीं भारत और अमेरिका द्वारा मिलकर खेती के क्षेत्र में एक और हरित क्रांति के आगाज की घोषणा की....
आतंक नहीं कश्मीर केन्द्रित हुई ओबामा यात्रा
रविवार की देर शाम भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित भोज में ओमर अब्दुल्ला के शामिल होने से जो आशंका पैदा हुई थी वह सोमवार को हैदराबाद हाउस में और प्रबल रूप में सामने आ गयी जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमेरिकी राष्ट्रपति की उपस्थिति में स्वीकार किया कि वे पाकिस्तान से बात करते वक्त "के" शब्द पर बात करने से नहीं कतराते हैं....
भारत से धंधा, पाक को चंदा
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा ने अपना तीन दिवसीय दौरा पूरा कर लिया. मुंबई उतरकर दिल्ली दरबार तक उनकी दस्तक भारत पर अमेरिका के मजबूत पकड़ की मिसाल बन गया. निश्चित रूप से उनका दौरा भारत के लिए उतना महत्वपूर्ण नहीं जितना खुद अमेरिका के लिए है. मंदी के दौर से जूझ रहे अमेरिका को "कारपोरेट" जगत का धंधा दिलाने के लिए उन्होंने न केवल भारत को महाशक्ति करार दे दिया बल्कि सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का समर्थन भी कर दिया....
- आलोक तोमर की आपबीती
- वह गुजरात जिसे आप नहीं जानते
- हिन्दू आतंकवाद का अतिवाद
- सिमी से भी खतरनाक है संघ का स्वरूप
- बाबा रामदेव का दांव
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...




