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फिर प्रकट हो गये पायलट बाबा

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हजारों लोगों की गाढ़ी कमाई पर कुंडली मारकर बैठे कथित महायोगी पायलट बाबा आखिरकार प्रकट हो ही गए हैं। वही पायलट बाबा जो उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में आठ हजार लोगों को एक रुपये में कंप्यूटर शिक्षा के नाम से करीब 412 करोड़ 90 लाख रुपया बटोरकर गायब थे।

बाबा इस बार अपने विदेशी शिष्यों के नए कुनबे के साथ उत्तराखंड के सुदूरवर्ती नगर पिथौरागढ़ में अवतरित हुए हैं। बाकायदा वहां बाबा ने महायज्ञ का आयोजन किया है जिसमें उनके विदेशी शिष्य, शिष्याओं के साथ मुट्ठीभर क्षेत्रीय लोग (वे जो किसी न किसी रूप में बाबा या उनकी संस्था के जुड़े हैं) हर दिन विश्व मंगल की कामना करते हुए पूर्णाहुति दे रहे हैं। उत्तराखंड सरकार पायलट बाबा के खिलाफ आइकावा कंप्यूटर शिक्षा के मामले में सीबीसीआईडी जांच घोषित कर चुकी है। मगर बाबा का जलवा देखकर तो बिलकुल भी ऐसा नहीं लगा, उल्टा उनके तेवरों से यह जरूर लगा कि जांच और घोटाले की ऐसी-तैसी, उन्हें जो करना है वह वही करेंगे।

अब आपको उस मंच पर ले चलते हैं जहां बाबा की अपरंपार महिमा के बखान के  साथ उनके महायज्ञ की शानदार लीला का मंचन हो रहा है। पिथौरागढ़ नगर पालिका भवन के ठीक बगल  से लगा हुआ रामलीला का मैदान है। इस मैदान के बाहरी हिस्से में एक बड़ा कनाद लगा हुआ है जिससे अंदर करीब एक दर्जन यज्ञशालाएं बनी हुई हैं। इस स्थान पर प्रवेश करने से पहले बाहर एक टैंटनुमा आकृति सी बनी हुई है जिसके भीतर तीन-चार बेहद डरावने दिख रहे औघड़ टाइप बाबा यहां आने-जाने वाले को बेहद ही खतरनाक अंदाज में घूर रहे हैं। उन्हें देखकर यह लगता है कि शायद वह यहां आने-जाने वाले हर एक व्यक्ति की गतिविधियों पर पूरी नजर रखे हुए हैं। अंदर मुख्य स्थान यानि यज्ञशाला के भीतर अलग-अलग यज्ञशालाओं में बाबा के विदेशी शिष्य आंखें मूंदे माइक पर बोले जा रहे मंत्रों पर हर स्वाहा के साथ पूर्णाहुति दे रहे हैं। खुद पायलट बाबा यज्ञशाला से आ रहे धुएं को हाथों से हटाते हुए पूर्णाहुति में व्यस्त हैं। बाबा के विदेशी शिष्य जिस अंतर्मन से यज्ञ में खोए हुए हैं उससे लगता है कि इन्हें बाबा के शायद एक ही रूप के बारे में पता है। बीच-बीच में अपने शिष्य के हाथों से एक बेहद महंगे मोबाइल फोन को लेकर बाबा लगातार बात कर रहे हैं। बाबा का यह महायज्ञ और इसकी पूर्णाहुति दो दिसंबर से जारी कार्यक्रम के रोज का हिस्सा हैं।

दरअसल पायलट बाबा ने पिथौरागढ़ में पूरे बारह दिन महायज्ञ का आयोजन किया है जिसका समापन १२ दिसंबर को होना  है। यहां पूरे दिन सुबह से लेकर शाम तक कुछ न कुछ कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इसमें शामिल होने वाली जनता में स्थानीय लोग मुट्ठीभर ही हैं। हां, एक प्राइवेट स्कूल के संचालक की यह ड्यूटी जरूर लगी है कि वह भाषण या सांस्कृतिक कार्यक्रमों से संबंधित किसी भी आयोजन में अपने स्कूल के बच्चे एवं अभिभावकों की पूरी उपस्थिति सुनिश्चित करें। भाषण भी यहां विदेशी शिष्यों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए बाकायदा अंग्रेजी में हो रहे हैं। यही मंच पायलट बाबा की उपस्थिति का दो दिसंबर से गवाह बना हुआ है।

इस पूरे मामले में यह सवाल खड़ा उठ रहा  है कि पायलट बाबा के खिलाफ धोखधड़ी के पूरे प्रदेश में दर्जनभर से ज्यादा  मामले अलग-अलग थानों में दर्ज  हैं। इसके अलावा बाहरी प्रदेशों में भी उनके खिलाफ कंप्यूटर शिक्षा घोटालों में मामले दर्ज हुए हैं। पिथौरागढ़ में मीडिया के साथियों से इस बारे में जानकारी ली गई कि क्या बाबा के खिलाफ कभी यहां किसी भी तरह की पूछताछ के लिए कोई अधिकारी पहुंचा तो जवाब ना में मिला। फिर यह बात पता की गई कि बाबा अरबों रुपये के कंप्यूटर शिक्षा घोटाले में कुछ बोलने को राजी हैं तो इसका जवाब भी ना ही था। जब खुद बाबा से इस बारे में बात करने की कोशिश की गई तो उनके शिष्यों की हिदायत थी कि घोटाले के बारे में उनसे कुछ न पूछा जाए।

पिथौरागढ़ में जब तमाम लोगों से बात हुई और उनसे पायलट बाबा के कंप्यूटर शिक्षा से संबंधित घोटाले के बारे में पूछा गया तो मीडिया के अलावा बहुत कम लोगों को इस बात की जानकारी थी कि बाबा ने अपने दो शिष्यों के साथ करीब आठ हजार लोगों को एक रुपये में कंप्यूटर शिक्षा के नाम पर 412 करोड़ 90 लाख रुपयों की चपत लगाई है। जाहिर है बाबा जिस वक्त महायज्ञ में पूर्णाहुति दे रहे थे तो यह बात जेहन में आनी लाजिमी थी कि बाबा एक पूर्णाहुति उन लुटे-पिटों के लिए भी दे दीजिए जिन्होंने अपने खून-पसीने की कमाई लगाकर लाख-लाख रुपयों में आपसे कंप्यूटर शिक्षा की फ्रैंचाइजी ली थी। काश ऐसा होता कि वे सारे लोग इस जगह पर होते और बाबा से सवाल पूछते कि यज्ञ की यह पूर्णाहुति आखिर किसके लिए?

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काजल कुमार on 12 December, 2009 12:06;03
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इस बाबा की भी जय हो भई
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sadhak ummed singh baid on 12 December, 2009 12:30;52
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जाने किस-किस नाम पर, चले धर्म-व्यापार.
आम आदमी भ्रमित है, बना हुआ लाचार.
बना हुआ लाचार, कहाँ राहत मिल सकती.
वहीं पे झुकता जहाँ कि गर्दन कट भी सकती.
कह साधक अब समझ केवल मार्ग बचा है.
समाधान पानेका यत्न स्वयं करना है.
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marwah t k on 12 December, 2009 13:20;23
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बाबा का पुनरागमन हवा के शीतल झोके की तरह हे ,बाबा अच्छी तरह से जानता हे की जनता की याददाश्त कूच समय के लिए ही होती हे जहाँ राजनेता चार हज़ार करोर पान की तरह चबा जाते हैं वहां बाबा ने तो सिर्फ चार सौ करोर के लगभग ही बनाये बाबा ये भी अच्छी तरह से जानता हे की डाकुओं के राज मैं चोट्टों का बाल बांका किसेहोगा
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awdhesh dwivedi on 24 December, 2009 12:11;06
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patrkar(manoj)ji.you do not have the right information.computer project was not the pilotbaba's project.
Ishart khan and Himanshu Rai are the name of frouds,and they are underground,you should first quest the truth.cheap patrakar ji.you are also be fooling the peple.
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awdhesh dwivedi on 24 December, 2009 12:31;36
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I heard about the hole incident..i am not superstitious.i am a professor;and also know about the eternal yogic science.visited Himalaya many times.i know many long living sages of Himalaya,who are working for the welfare of the humanity.
yogis like pilot baba are forcefully sended by the these yogis to awaken the public that our ancient Indian is the key of peace and love.
But you can never understand until practice meditation.that what is the test of "sukshma jagat".
Mr MANOJ LOHANI ji,you are struggling for your career within yourself,but is this the right way to reach on Top?
It may give you some cheap publicity but that is variable.
Upcoming Generation will be smile on you...
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manish gupta on 15 January, 2010 21:17;55
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baba logo ko chutiya to bana gaye lekin ve nahi jaante ki janata bhi moorkh nahi hai. maine bhi iikawa me 3000 rs. gawa diye lkin ye majak baba ko bahut bhari padane wala hai. ye dhoort aadmi ke dimag me hi is tarah ke sawaal aa sakte hai ki garibo ka paisa loot kar un per rajao ki tarah raj kare. kitne gareeb ladke is jaal me phans kar aapne paise barbad kar chuke hai. yaha tak ki unke pratibhi ko bhi thes pahnuchi hai. lekin baba yag karne me jute hai.
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image मनोज लोहानी केमिस्ट्री में पोस्ट ग्रेजुएट मनोज हल्द्वानी के जनपक्ष आजकल में कार्यरत हैं. इसके कई अखबारों और पत्रिकाओं के लिए हल्द्वानी से रिपोर्टिंग की है. फिलहाल डाटकाम पत्रकारिता में अपना भविष्य आजमाना चाहते हैं. विस्फोट.कॉम के स्टेट करेस्पांडेन्ट.
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