Home | धर्म-अधर्म | कुरान जले पर भारत को पता न चले

कुरान जले पर भारत को पता न चले

image

इस्लाम को मानवता विरोधी बताते हुए अमेरिकी चर्च के एक हिस्से ने 9/11 को अमेरिका पर हुए अलकायदा के हमले की वर्षगांठ पर पवित्र कुरान को जलाने की घोषणा करके दुनिया भर के मुस्लिम समाज में बैचानी पैदा कर दी है। लेकिन इस घटनाक्रम को भी वेटिकन अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहा है. चर्च संगठनों की कोशिश है कि इन घटनाओं को भारत में ज्यादा प्रचार न मिले ताकि भारत में मुस्लिम-ईसाई एकता पर फर्क न पड़े. अगर ऐसा होता है तो ईसाई संगठनों के बड़े दुश्मन "हिन्दुओं" को इसका फायदा मिल सकता है और हिन्दू-मुसलमानों के बीच दूरियां कम हो सकती है जिसका सीधा नुकसान मिशनरियों को होगा.

फ्लोरिडा के डोव वर्ल्ड आउटरीच सेंटर के पास्टर टेरी जॉस अपनी निंदा की परवाह न करते हुए पवित्र कुरान को जलाने पर अड़े हुए है। डोव वर्ल्ड आउटरीच सेंटर इस्लाम विरोधी नारे लिखी टीशर्ट और इस्लाम विरोधी सहित्य को बड़े पैमाने पर दुनिया भर में बेच रहा है, इसके लिए उसे दुनियाभर से मदद भी मिल रही है। डोव वर्ल्ड आउटरीच सेंटर के इस फैसले से अमेरिकी सरकार डरी हुई नजर आ रही है। पिछले दिनों अमेरिकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने चर्च को कुरान जलाओ कार्यक्रम वापिस लेने की मांग की है। इसके पूर्व अफगानिस्तान में अमेरिकी शीर्ष कमांडर डेविड पेट्रायस ने ह्वाइट हाउस से कहा है कि कुरान जलाने से विदेशों में खासकर युद्धग्रस्त देश में अमेरिकी सुरक्षाबलों को खतरा हो सकता है। काबुल से एक बयान में डेविड पेट्रायस ने कहा कि वह कुरान जलाने के प्रस्ताव से क्षुब्ध है और इससे समूचे प्रयासों को झटका लग सकता है। हालांकि वेटिकन ने सामूहिक रूप से कुरान की प्रतियां जलाने की योजना को घोर निंदनीय एवं शर्मनाक करार देते हुए इसकी भर्त्सना की है।

11 सिंतबर को पवित्र कुरान जलाये जाने की योजना के कारण भारतीय मुस्लिम समाज में बैचनी लगातार बढ़ रही है। 4 अगस्त को मुस्लिम स्टूडेंट ऑफ इंडिया के सैकड़ों कार्यकर्ता दिल्ली में एक विरोध प्रदर्शन भी कर चुके है। मुस्लिम समाज के नेताओं ने सरकार से मांग की है कि वह फ्लोरिडा चर्च के फैसले के विरुद्ध अमेरिकी राष्ट्रपति से बात करें। विश्वभर में फैले मुस्लिम समाज का एक बड़ा हिस्सा भारत में है और इस्लाम के प्रति होने वाले किसी भी घटनाक्रम से यह वर्ग अपने को अलग नही रख सकता। भारत में 20 प्रतिशत से ज्यादा मुस्लिम आबादी है। अगर अमेरिकी प्रशासन ईसाइयत के नाम पर नफरत का कारोबार चलाने वालों पर नकेल नही कसता तो उसका असर भारत में भी दिखाई देगा। अपने देश में अमन-शांति कायम रहे इसके लिए सरकार को प्रयास करने होगे।

कुछ समय पहले केरल में कुछ इस्लामी जेहादियों ने एक कैथोलिक प्रोफेसर का दिनदहाड़े हाथ काट दिया था क्योंकि उसने कालेज के प्रश्नपत्र में पैगंबर के बारे में कोई अपतिजनक सवाल लिख दिया था। पॉपुलर फ्रंट से जुड़े लोगो ने अपना विरोध जताने के लिए उनका हाथ उनके शरीर से अलग कर दिया था। हालांकि यह मामला दोनो समुदाओं की समझदारी से सप्रदायिक रंग नही ले पाया और केरल की वाम मोर्चा सरकार ने दोषियों को पकड़कर कानून के हवाले कर दिया। लेकिन चर्च नेतृत्व यह जानता है कि अगर अमेरिका में कुरान को जलाया जाता है तो उसकी आँच यहां तक भी पहुचेंगी इसलिए दोनो वर्गो के बीच समझदारी एवं आपसी सौहार्द बनाये रखने के प्रयास शुरू हो गए है। लेकिन जिस तरीके से दोनों वर्गो (मुस्लिम/ ईसाइयों) के बीच समझदारी एवं आपसी सौहार्द बनाने की बात हो रही है वह बेहद चौंकानेवाली एवं आने वाले समय में घातक साबित होने वाली है।

चर्च संगठन पिछले कई वर्षों से धर्मातंरण और अपने काम करने के तरीकों के कारण हिन्दू संगठनों के निशाने पर है। पिछले कुछ वर्षों में उड़ीसा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, झाारखंड, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में तनाव बढ़ा है। चर्च को अपना कामकाज समान्य तरीके से चलाये रखने के लिए एक मजबूत सहयोगी की जरुरत थी जो उसे मुस्लिम समाज के रुप में मिला है। हालांकि धर्मांतरण को लेकर मुस्लिम समाज पूरी तरह सचेत है और वह अपने क्षेत्रों में ईसाई मिशनरियों की घुसपैठ को बर्दाश्त नही करता। पिछले दिनों कश्मीर से कुछ मुस्लिमों के धर्मपरिर्वतन की खबरे आने के बाद राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुला ने विदेशी ईसाई मिशनरियों को घटी से बाहर कर दिया लेकिन इस बात की कहीं कोई चर्चा नहीं हुई.

कैथोलिक क्रिश्चियन सेक्यूलर फोरम ने पिछले दिनों भोपाल कैथोलिक आर्चडायसिस के बिशप माननीय लियो कार्नलियो की तरफ से एक अपील जारी की। अपील में फ्लोरिडा के डोव वर्ल्ड आउटरीच सेंटर द्वारा कुरान जलाये जाने की योजना का विरोध करते हुए इस्लाम को मानवतावादी बताया गया। इसमें यह भी कहा गया कि वेटिकन समेत अधिकतर ईसाई संगठनों ने इस योजना का विरोध किया है, इसलिए मुस्लिम समाज को विदेशों में घटने वाली घटना को यहां तूल नही देना चाहिए। इसमें मुस्लिम समाज को समझाने वाले तरीके से बताया गया है कि भारत में ईसाई और मुस्लिम दोनों अल्पसंख्यक हैं और यहां वह विभिन्न प्रकार की समास्याओं का सामना कर रहे हैं और यहा उनका साझा दुश्मन कट्टरपंथी हिन्दू संगठन है। इस कारण उन्हें यहां अपनी एकता हर हलात में बनाये रखनी चाहिए ताकि उनके दुश्मन उनकी फूट का लाभ न उठा पाये। यानी शांति के नाम पर भी नफरत का कारोबार जारी है। चर्च की यह सोच भविष्य के भारत और उसकी योजना की एक झांकी प्रस्तुत करती है।

Subscribe to comments feed Comments (19 posted):

rakesh kumar on 09 September, 2010 19:09;30
avatar
lekhak mahaday ke article ki heading hi ghalat hai.Koi bhi dharm granth ko jalane ka matlab, nafrat par mohar laga dena. aaisa kabhi aor kahin nahin hona chahiye. kisi ki bhawnaon ko dukhana rosh parkat karne ka madhyam nahin ho sakta.
Thumbs Up Thumbs Down
-2
Ram Singh on 09 September, 2010 21:14;38
avatar
Hkkjr vkSj nlesa jgus okys djksM+ks fgUnw mnkjoknh gS og fdlh /keZ dk fojks/k ugh djrs vkSj u gh fgUnw lekt iwjh nqfu;k esa vius /keZ dk Madk ihVuk pkgrk gSA og gj /keZ vkSj mlds nwr dk Lokxr djrs gSA ekuo ds Hkys ds fy, dgs opuksa ij pyrs vk, gSA ;gh dkj.k gS fd ckgjh fopkj/kkjk okys bZlkbZ vkSj bLyke Hkh ;gk Qy&Qwy jgs gSA fQj Hkh ;g yksx cgqla[;d fgUnqvks dks D;ks viuk fojks/kh ekurs gS\
Jke flag & fnYyh
Thumbs Up Thumbs Down
0
sanjy modi on 09 September, 2010 21:50;31
avatar
मुस्लिमों को मिर्ची लग रही है ? लगनी भी चाहिए मगर हम क्यों हमदर्दी करें ? जब अफगानिस्तान में मुसलमानों ने भगवान बुद्ध की प्रतिमाएं तोड़ी थी तब दुनिया के किसी मुस्लिम ने आवाज़ उठाई उस कृत्या के खिलाफ?
Thumbs Up Thumbs Down
5
suneel dutt on 09 September, 2010 22:29;09
avatar
dear friends it is right everywhere the Muslims & Christians are fighting like cats & dogs. But they are one in India. can we feel concerned about it.
Thumbs Up Thumbs Down
2
vivek on 10 September, 2010 09:52;42
avatar
अभी तक वीरेंदर जैन और सलीम अख्तर नजर नहीं आये क्या बात है?.
Thumbs Up Thumbs Down
2
वीरेन्द्र जैन on 10 September, 2010 10:56;18
avatar
किसी भी धर्म ग्रंथ या उसके भवन या दूसरे प्रतीकों को नुकसान पहुँचाने का काम केवल समाज में दंगे भड़काने वाले करते हैं ताकि धर्मान्धों के स्वाभिमान को उकसा कर उनसे हिंसा और फिर प्रति हिंसा करा सकें। एक विचार को किसी दूसरे बेहतर विचार और व्यवहार से परिवर्तित किया जा सकता है जैसे कि हिन्दुस्तान में जैन, बौद्ध, सिख, आर्यसमाज, या सारी दुनिया में मार्क्सवाद ने किया है। जो लोग भी किसी भी धर्म के भोले भाले लोगों को उकसाने का काम करते हैं वे स्वयं में धर्म और समाज विरोधी षड़यंत्रकारी होते हैं।
Thumbs Up Thumbs Down
-6
R.K.GUPTA on 10 September, 2010 13:00;23
avatar
एक विचार को किसी दूसरे बेहतर विचार और व्यवहार से परिवर्तित किया जा सकता है जैसे कि हिन्दुस्तान में जैन, बौद्ध, सिख, आर्यसमाज, या सारी दुनिया में मार्क्सवाद ने किया है

................................

कोई एक विचार ही बेहतर नहीं होता है समय और जरूरत के हिसाब से हर एक चीज जो की पैदा होती है परिवर्तन शील होती है

कुछ विचार समय के हिसाब से अच्छे थे या फिर कोई और भी आप्शन नहीं थे| लेकिन ये जरूरी नहीं की आज के परिद्र्ष्य में भी वही विचार धारा काम करे.

सारी दुनिया में मार्क्सवाद का क्या हाल है ये तो सारी दुनिया जानती है. और आज मार्क्स वाद के नाम पे क्या हो रहा है ये भी लोग देख रहे है.

पूरे विश्व का परिवेश बदल रहा है फिर भी कुछ तथाकथित आयातित वैचारिक लोगो का दिमाग और विचारधारा नहीं बदली| आज के समय में जहा पर इसकी उत्पत्ति हुई उन्होंने भी समयानुसार अपने को बदल लिया है पर कुछ लोग अभी भी अपने को नहीं बदल प् रहे है जब की उनका शीर्ष नेतृत्व भी बदल रहा है
........................
जो लोग भी किसी भी धर्म के भोले भाले लोगों को उकसाने का काम करते हैं वे स्वयं में धर्म और समाज विरोधी षड़यंत्रकारी होते हैं
.........................
ये विचार वाकई में अच्छा है लेकिन ये जरूरी है ये विचार सभी वर्गों और धर्मो में सामान रूप से, बिना किसी भेदभाव के दिखनी चाहिए.
Thumbs Up Thumbs Down
0
R.K.GUPTA on 10 September, 2010 13:11;25
avatar
जब हमारे ही देश में हमारे देश का राष्ट्रीय प्रतीक जलाया जाता है तो कही से आवाज भी नहीं उठती इसके विपरीत डेनमार्क मैं सिर्फ और सिर्फ़ कार्टून छपने से ही जलजला आ जाता है हाय तौबा मच जाती है |

उस समय लोगो के विचार ही पैदा होना बंद हो जाते है या फिर सुप्त हो जाते है यहाँ पर लोग उस समय भूल जाते है कि किसी भी विचार धारा से ऊपर देश और देश वासी है.
Thumbs Up Thumbs Down
2
R.K.GUPTA on 10 September, 2010 13:17;50
avatar
@ विवेक जी,

मैं ये महसूस करता हूँ की विस्फोट नेटवर्क पर आने वाला हर एक शक्स बुद्धिजीवी होता है हर कोई ऐरा गैर यहाँ नहीं हो सकता है

यहाँ मैं आपसे से निवेदन करना चाहूँगा की आप किसी के लिए अपशब्द प्रयोग न करे, आप अपनी बात शब्दों मैं रखे.
जैन साब एक अच्छे व्यक्ति है उन पर कृपया ऐसे कमेन्ट न करे | अगर विचार धारा में फर्क है तो आप उसे तरीके से भी कह सकते है.
Thumbs Up Thumbs Down
-5
vivek on 10 September, 2010 13:32;08
avatar
गुप्ता जी आप सही कह रहे है आगे से मैं आपकी और अन्य लोगो की भावनाओ का ध्यान रखूँगा. पर जब कोई सही बात को भी गलत कहता रहे तो गुस्सा आ जाता है
जैन साहेब के अनुसार कुरान जलना तो गलत है पर जो लोग ट्विन टाबर में जिन्दा जल गए और मलबे में दब गए या विस्फोट में उड़ गए वो गलत नहीं है वो केबल मुसलमानों के आक्रोश का प्रदर्शन है
उनकी टिप्पणियों से यही भाव निकलता है
Thumbs Up Thumbs Down
4
1 2 next total: 19 | displaying: 1 - 10

Post your comment comment

Type in Hindi (हिन्दी में कमेन्ट करने के लिए यहां रोमन में लिखिए यह अपने आप हिन्दी में बदल देगा.)

Title :
Body
Powered by Vivvo CMS v4.1.2
Share |
  • email Email to a friend
  • print Print version

ईमेल से विस्फोटः अपना ईमेल यहां भरें और सब्सक्राइब करें:

Delivered by FeedBurner

Author info
image आरएल फ्रांसिस पुअर क्रिश्चियन लिबरेशन मुवमेन्ट के अध्यक्ष आर एल फ्रांसिस ईसाई मिशनरियों के बीच व्याप्त भेदभाव और कटुता के खिलाफ लगातार अपनी आवाज बुलंद किये हुए हैं. आप उन्हें pclmfrancis@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं.
Rate this article
5.00
More from धर्म-अधर्म
Previous
image
ईसाईयत बनाम इस्लाम की मजहबी जंग
९/११ की नौंवीं वर्षगाँठ के निमित्त आतंकवाद के नाम पर पूरी दुनिया में तरह-तरह की चर्चा छिड़ी. फ्लोरिडा के कोई एक पादरी टेरी जोन्स ने आतंकवाद का स्रोत इस्लामपंथियों की परमपवित्र पुस्तक कुरआन शरीफ को करार देकर उसे जलाने की घोषणा कर सुर्ख़ियों में रहे. उनकी इस घोषणा से पूरी दुनिया चिंतित हुई. अमेरिकी विदेश मंत्री हिलारी क्लिंटन से लेकर भारतीय गृहमंत्री पी.चिदंबरम तक हर किसी को इस चिंता ने सताया कि फ्लोरिडा के पादरी की इस हरकत से पूरी इस्लामी दुनिया में उत्पात मच जाएगा....
image
कुरान जले पर भारत को पता न चले
इस्लाम को मानवता विरोधी बताते हुए अमेरिकी चर्च के एक हिस्से ने 9/11 को अमेरिका पर हुए अलकायदा के हमले की वर्षगांठ पर पवित्र कुरान को जलाने की घोषणा करके दुनिया भर के मुस्लिम समाज में बैचानी पैदा कर दी है। लेकिन इस घटनाक्रम को भी वेटिकन अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहा है. चर्च संगठनों की कोशिश है कि इन घटनाओं को भारत में ज्यादा प्रचार न मिले ताकि भारत में मुस्लिम-ईसाई एकता पर फर्क न पड़े. अगर ऐसा होता है तो ईसाई संगठनों के बड़े दुश्मन "हिन्दुओं" को इसका फायदा मिल सकता है और हिन्दू-मुसलमानों के बीच दूरियां कम हो सकती है जिसका सीधा नुकसान मिशनरियों को होगा. ...
image
कृष्णं वन्दे जगतगुरुम्
भारत भूमि में जन्मा कौन ऐसा व्यक्ति होगा जिसने श्रीकृष्ण का नाम न सुना हो? श्रीकृष्ण को वन्दे जगदगुरु भी कहा जाता है। श्रीरामचन्द्र के समान श्रीकृश्ण भी करोड़ों भारतवासियों की श्रद्वा और भक्ति के पात्र रहे है। वास्तव में श्रीकृष्ण की सम्पूर्ण जीवन लीला, उनका दुष्टों से लड़ना और सज्जनों की रक्षा करना, उनकी राजनीतिक क्षमता और सबसे अधिक उनका गीता के द्वारा दिया हुआ कर्मयोग का संदेश भारतीय संस्कृति की अमूल्य निधि है।...
image
स्टेनगनाय नमः, टेलीविजनाय स्वाहा! (हवन)
भारत में यज्ञ का महत्व क्या है और हम यज्ञ क्यों करते हैं इसकी विधिवत जानकारी हमें भले ही न हो लेकि यज्ञ को लेकर भारत में भ्रांतियां बहुत हैं. स्वामी श्री अड़गड़ानंद वर्तमान यज्ञ व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं. उनके सवाल तार्किक और सटीक हैं जिसके बारे में हिन्दू समाज को निश्चित रूप से गंभीरता से विचार करना होगा. यज्ञ पर स्वामी जी के लेखन को दो किश्तों में हम यहां प्रस्तुत कर रहे हैं....
image
हिन्दुत्व क्या है?
दस अगस्त को विस्फोट पर स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी द्वारा रचित पुस्तक ‘शंका समाधान’ से ‘गाय धर्म नहीं जानवर है’ प्रकाशित हुई थी, जिस पर विस्फोट के सुधी पाठकों ने अपना-अपना उन्मुक्त विचार व्यक्त किया है। इस लेख पर कुछ पाठकों ने स्वामी श्री अड़गड़ानन्द जी महाराज जी को तमाम तरह से लांक्षित कर उन्हें हिन्दू एवं हिन्दुत्व विरोधी करार देते हुए हिन्दुत्व पर अपने-अपने विचार व्यक्त किये हैं। स्वामी अड़गड़ानन्द जी महाराज के हिन्दुत्व की विचार धारा के प्रति तो हिन्दू एवं हिन्दुत्व के प्रति स्वामी अड़गड़ानन्द जी के विचार (अनछुये प्रश्न के माध्यम से) ‘हिन्दुत्व क्या है?’ को प्रस्तुत कर रहा हूं. प्रस्तुति- एस ए अस्थाना...
image
हिन्दुत्व क्या है-२
शोध संस्थान वालों ने तर्क दिया है कि दक्षिण भारत के लोग अपने को आर्य नहीं मानते ‘द्रविड़’ मानते हैं, हिन्दू मानते हैं। आर्य-दर्शन का प्रचार करने से उत्तर-दक्षिण भारतीयों में घृणा पनपेगी। राष्ट्रीय-गान आपको स्मरण ही होगा। पंजाब, सिन्धु, गुजरात, मराठा, द्रविड़, उत्कल, बंग। हिमाचल..............। ये भू-भाग के नाम हैं। एक श्लोक निरन्तर पढ़ने में आता है-...
image
गोरक्षा सनातन धर्म है, किन्तु पशु गाय धर्म नहीं
आये दिन ‘गो-वध बन्द हो’ का नारा लगता है। धर्माचार्यों के अनशन और लाखों रूपये के चन्दे इसी के नाम पर होते हैं। इन सबका परिणाम केवल इतना निकला है कि यदि सन् 1942 में 17,000 गायें नित्य दिन कटती थीं तो आज उनकी संख्या 50,000 तक पहुंच चुकी है। विचारणीय है कि क्या गाय हमारा धर्म है ?क्या इसके समर्थन में हमारे पूर्वजों ने वेद, गीता और रामचरितमानस-जैसे आर्षग्रन्थों में कुछ कहा है ? यदि नहीं कहा तो यह एक धोखा है। इससे हम सबको सतर्क हो जाना चाहिए। ...
image
अमेरिका का आध्यात्म, भारत का हिन्दुत्व
हालीवुड अभिनेत्री जूलिया राबर्ट्स हिन्दू हो गयी. देशभर की मीडिया इस खबर से अटी पड़ी है है कि उन्हें हिन्दू धर्म ने इतना प्रभावित किया कि उन्होंने पिछले साल स्वामी धर्मदेव से हुई मुलाकात ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया. इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम को मीडिया भले ही आश्चर्य की नजर से देख रहा हो लेकिन खुद स्वामी धर्मदेव को कोई आश्चर्य नहीं है. जूलिया के धर्मपरिवर्तन के बाद उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वे जबरन धर्म परिवर्तन के पक्ष में नहीं हैं लेकिन अगर जूलिया ने अपनी आत्मा से हिन्दू धर्म को स्वीकार किया है तो उनका स्वागत किया जाना चाहिए. ...
image
दाता दरबार पर आतंक का कहर
पाकिस्तान में कट्टरपंथी जमातें उदारवादी धड़ों को लगातार निशाना बना रही हैं. अभी हाल में ही अहमदी समुदाय की मस्जिद पर हमले के बाद अब लाहौर के सूफी संत की मजार दाता दरबार पर आतंकियों ने हमला किया है जिसमें 42 से अधिक लोग मारे गये हैं और पौने दो सौ से अधिक लोग घायल हो गये हैं. पाकिस्तान में सूफी परंपरा और दाता गंज बख्श साहिब के बारे में विस्तार से बता रहे हैं प्रकाश रे....
image
अल्लाह के नाम पर
क्या यह तथ्य हैरान परेशान और पशेमाान करने वाला नहीं है कि 121 वर्ष से स्थापित एक इस्लामिक मूवमेंट जमायत अहमदिया को पाकिस्तान में खुद को मुस्लिम कहने से रोकने के लिये बाकायदा एक कड़ा कानून काम कर रहा है। पाकिस्तान में अहमदिया लोग मुस्लिम जगत में मिलने पर प्रयोग होने वाले इस्लामावालेकुम - वालेकुम इस्लाम अभिवादन करते हुए पकड़े जायें तो तीन साल तक कैद व जुर्माना लगने का कानून है।...
image
घाना में हिन्दुत्व और घनानंद
हॉल में धूप-अगरबत्ती की ख़ुशबू फैली हुई है और मूर्तियों के आगे दिए टिमटिमा रहे हैं. अगर सिर्फ़ आवाज़ें सुनी जाएँ तो लगेगा कि आप उत्तर भारत के किसी मंदिर की पूजा में शामिल हैं. लेकिन आँख खोलकर वहाँ मौजूद भक्तगणों पर नज़र डालें तो चौंके बिना नहीं रह सकते. ये घाना की राजधानी अकरा के छोर पर ओडोरकोर बस्ती में बना एक हिंदू मंदिर है लेकिन यहाँ पूजा करने आए लोगों में से एक भी भारतीय नहीं है....
image
अहमदिया संप्रदाय: सबके लिए शांति के उपासक
गुरुदासपुर के कादियान नामक कस्बे में 23 मार्च 1889 को इस्लाम के बीच एक आंदोलन शुरू हुआ जो आगे चलकर अहमदिया आंदोलन के नाम से जाना गया. यह आंदोलन बहुत ही अनोखा था. इस्लाम धर्म के बीच पहली बार एक व्यक्ति ने घोषणा की कि "मसीहा" फिर आयेंगे. मसीहा माने ईसा मसीह. इस्लाम धर्म के बीच इस अनोखे संप्रदाय को शुरू करनेवाले मिर्जा गुलाम अहमद ने अहमदिया आंदोलन शुरू करने के दो साल बाद 1891 में अपने आप को "मसीहा" घोषित कर दिया. बात सिर्फ यहीं तक नहीं रुकी. मिर्जा गुलाम अहमद ने खुद को विष्णु का आखिरी अवतार भी घोषित कर दिया. ...
image
मंदिरों की कमाई पर कब्जे की फिराक में सरकार
महाराष्ट्र सरकार की नजर अब मंदिरों पर है। दो मंदिरों का संचालन करके मलाई काट रही सरकार अब प्रदेश के दो लाख मंदिरों पर नजरें गड़ाए हुए है। अशोक चव्हाण की सरकार ने प्रदेश के तकरीबन दो लाख से भी ज्यादा मंदिरों को अपने कब्जे में लेने के लिए एक व्यापक प्रस्ताव तैयार किया है। सरकार का कहना है कि पब्लिक ट्रस्ट एक्ट के तहत जिन दो लाख मंदिरों का संचालन हो रहा है, उनके संचालन में गड़बड़ी की शिकायतें है।...
image
कुंभ पर फूटा पाप का घड़ा
यह कैसा अजब संयोग है कि जिस वक्त देश में पवित्र महाकुंभ चल रहा था उसी वक्त एक एक करके संतों के पाप का घड़ा भी फूट रहा था. तीन महीने तक हरिद्वार में चले पवित्र महाकुंभ के मौके पर "अपवित्र संन्यासियों" के पाप का घड़ा भी फूटता रहा. साधु संतों के पाप के इन फूटते घड़ों ने न केवल धर्म की मर्यादा को भंग किया बल्कि उस पावन महाकुंभ को भी कलंकित व शर्मसार कर दिया जिसका भक्तगण 12 वर्षों तक बेसब्री से इंतज़ार करते हें। ...
image
यौनाचार के दलदल में कैथोलिक चर्च
आयरिश बिशपों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पोप बेनेडिक्ट (सोलहवें) से मंगलवार को वेटिकन में ‘बच्चों के यौन शोषण’ के मुद्दों पर चर्चा की। अमेरिका के बाद आयरलैंड में कैथोलिक चर्च को यह दूसरा सबसे बड़ा झटका है। अमेरिका की तरह आयरलैंड के चर्च विश्वासी ‘पोप’ के प्रतिनिधि बिशपों एवं पादरियों को न्यायालय में घसीट रहे है। पीड़ित परिवार मुआवजे के रुप में 1.37 अरब डालर की मांग कर रहे है। वही दूसरी और पादरियों द्वारा पीड़ित लोग वेटिकन से उन गुप्त फाइलों को सर्वाजिनक किये जाने की मांग कर रहे है जिनमें रोमन कैथोलिक चर्च में यौन दुर्व्यवहार की अदरुनी जांच का ब्यौरा है।...
image
संत वही जो पंथ दिखाए
जगदगुरु रामानंदाचार्य श्रीरामनरेशाचार्य आज के आपाधापी भरे, भौतिकता के प्रमाद में ऊभचूभ करते समय में एक ऐसे अकम्पित ज्योति-स्तम्भ हैं, जिनसे जो भी चाहे अपने जीवन में प्रकाश पा सकता है। एक ऐसे स्नेहिल-प्रेमिल संत, जो धर्म-अध्यात्म, ज्ञान-दर्शन और तत्व चिंतन के अगाध समुद्र हैं और जिनकी शीतल वाणी हृदय के दाह को शांत करके मन के तार को इस तरह झंकृत कर देती है। ...
image
बीबी-बच्चों वाले शंकराचार्य
भारत में हिन्दू धर्म व्यवस्था में शंकराचार्य सर्वोच्च स्थान पर होता है. लेकिन इस पद की गरिमा और शक्ति ने इस शंकराचार्य पदवी को पूरी तरह से शक्ति प्रदर्शन के अखाड़ों में बदल दिया है. आदि शंकर द्वारा भले ही चार पीठ स्थापित किये गये हों लेकिन इस समय दर्जनों शंकराचार्य अपनी धर्म की दुकानदारी चला रहे हैं. विस्फोट.कॉम ऐसे शंकरायार्यों की कलई खोलनेवाली एक विशेष श्रृंखला शुरू कर रहा है जिसकी पहली कड़ी में हम माधवाश्रम के बारे में आपको बता रहे हैं जो कि खुद को ज्योतिर्मठ पीठ का शंकराचार्य घोषित करते हैं. ...
Next
Tags
No tags for this article
सर्वाधिकार (अ)सुरक्षित

विस्फोट.कॉम में प्रकाशित सामग्री पर हमारी ओर से कोई कापीराइट नहीं है.

Powered by Vivvo CMS v4.1.2