धर्म-अधर्म
ईसाईयत बनाम इस्लाम की मजहबी जंग
९/११ की नौंवीं वर्षगाँठ के निमित्त आतंकवाद के नाम पर पूरी दुनिया में तरह-तरह की चर्चा छिड़ी. फ्लोरिडा के कोई एक पादरी टेरी जोन्स ने आतंकवाद का स्रोत इस्लामपंथियों की परमपवित्र पुस्तक कुरआन शरीफ को करार देकर उसे जलाने की घोषणा कर सुर्ख़ियों में रहे. उनकी इस घोषणा से पूरी दुनिया चिंतित हुई. अमेरिकी विदेश मंत्री हिलारी क्लिंटन से लेकर भारतीय गृहमंत्री पी.चिदंबरम तक हर किसी को इस चिंता ने सताया कि फ्लोरिडा के पादरी की इस हरकत से पूरी इस्लामी दुनिया में उत्पात मच जाएगा.
कुरान जले पर भारत को पता न चले
इस्लाम को मानवता विरोधी बताते हुए अमेरिकी चर्च के एक हिस्से ने 9/11 को अमेरिका पर हुए अलकायदा के हमले की वर्षगांठ पर पवित्र कुरान को जलाने की घोषणा करके दुनिया भर के मुस्लिम समाज में बैचानी पैदा कर दी है। लेकिन इस घटनाक्रम को भी वेटिकन अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहा है. चर्च संगठनों की कोशिश है कि इन घटनाओं को भारत में ज्यादा प्रचार न मिले ताकि भारत में मुस्लिम-ईसाई एकता पर फर्क न पड़े. अगर ऐसा होता है तो ईसाई संगठनों के बड़े दुश्मन "हिन्दुओं" को इसका फायदा मिल सकता है और हिन्दू-मुसलमानों के बीच दूरियां कम हो सकती है जिसका सीधा नुकसान मिशनरियों को होगा.
कृष्णं वन्दे जगतगुरुम्
भारत भूमि में जन्मा कौन ऐसा व्यक्ति होगा जिसने श्रीकृष्ण का नाम न सुना हो? श्रीकृष्ण को वन्दे जगदगुरु भी कहा जाता है। श्रीरामचन्द्र के समान श्रीकृश्ण भी करोड़ों भारतवासियों की श्रद्वा और भक्ति के पात्र रहे है। वास्तव में श्रीकृष्ण की सम्पूर्ण जीवन लीला, उनका दुष्टों से लड़ना और सज्जनों की रक्षा करना, उनकी राजनीतिक क्षमता और सबसे अधिक उनका गीता के द्वारा दिया हुआ कर्मयोग का संदेश भारतीय संस्कृति की अमूल्य निधि है।...स्टेनगनाय नमः, टेलीविजनाय स्वाहा! (हवन)
भारत में यज्ञ का महत्व क्या है और हम यज्ञ क्यों करते हैं इसकी विधिवत जानकारी हमें भले ही न हो लेकि यज्ञ को लेकर भारत में भ्रांतियां बहुत हैं. स्वामी श्री अड़गड़ानंद वर्तमान यज्ञ व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं. उनके सवाल तार्किक और सटीक हैं जिसके बारे में हिन्दू समाज को निश्चित रूप से गंभीरता से विचार करना होगा. यज्ञ पर स्वामी जी के लेखन को दो किश्तों में हम यहां प्रस्तुत कर रहे हैं....हिन्दुत्व क्या है?
दस अगस्त को विस्फोट पर स्वामी श्री अड़गड़ानंद जी द्वारा रचित पुस्तक ‘शंका समाधान’ से ‘गाय धर्म नहीं जानवर है’ प्रकाशित हुई थी, जिस पर विस्फोट के सुधी पाठकों ने अपना-अपना उन्मुक्त विचार व्यक्त किया है। इस लेख पर कुछ पाठकों ने स्वामी श्री अड़गड़ानन्द जी महाराज जी को तमाम तरह से लांक्षित कर उन्हें हिन्दू एवं हिन्दुत्व विरोधी करार देते हुए हिन्दुत्व पर अपने-अपने विचार व्यक्त किये हैं। स्वामी अड़गड़ानन्द जी महाराज के हिन्दुत्व की विचार धारा के प्रति तो हिन्दू एवं हिन्दुत्व के प्रति स्वामी अड़गड़ानन्द जी के विचार (अनछुये प्रश्न के माध्यम से) ‘हिन्दुत्व क्या है?’ को प्रस्तुत कर रहा हूं. प्रस्तुति- एस ए अस्थाना...हिन्दुत्व क्या है-२
शोध संस्थान वालों ने तर्क दिया है कि दक्षिण भारत के लोग अपने को आर्य नहीं मानते ‘द्रविड़’ मानते हैं, हिन्दू मानते हैं। आर्य-दर्शन का प्रचार करने से उत्तर-दक्षिण भारतीयों में घृणा पनपेगी। राष्ट्रीय-गान आपको स्मरण ही होगा। पंजाब, सिन्धु, गुजरात, मराठा, द्रविड़, उत्कल, बंग। हिमाचल..............। ये भू-भाग के नाम हैं। एक श्लोक निरन्तर पढ़ने में आता है-
गोरक्षा सनातन धर्म है, किन्तु पशु गाय धर्म नहीं
आये दिन ‘गो-वध बन्द हो’ का नारा लगता है। धर्माचार्यों के अनशन और लाखों रूपये के चन्दे इसी के नाम पर होते हैं। इन सबका परिणाम केवल इतना निकला है कि यदि सन् 1942 में 17,000 गायें नित्य दिन कटती थीं तो आज उनकी संख्या 50,000 तक पहुंच चुकी है। विचारणीय है कि क्या गाय हमारा धर्म है ?क्या इसके समर्थन में हमारे पूर्वजों ने वेद, गीता और रामचरितमानस-जैसे आर्षग्रन्थों में कुछ कहा है ? यदि नहीं कहा तो यह एक धोखा है। इससे हम सबको सतर्क हो जाना चाहिए।
अमेरिका का आध्यात्म, भारत का हिन्दुत्व
हालीवुड अभिनेत्री जूलिया राबर्ट्स हिन्दू हो गयी. देशभर की मीडिया इस खबर से अटी पड़ी है है कि उन्हें हिन्दू धर्म ने इतना प्रभावित किया कि उन्होंने पिछले साल स्वामी धर्मदेव से हुई मुलाकात ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने हिन्दू धर्म स्वीकार कर लिया. इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम को मीडिया भले ही आश्चर्य की नजर से देख रहा हो लेकिन खुद स्वामी धर्मदेव को कोई आश्चर्य नहीं है. जूलिया के धर्मपरिवर्तन के बाद उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वे जबरन धर्म परिवर्तन के पक्ष में नहीं हैं लेकिन अगर जूलिया ने अपनी आत्मा से हिन्दू धर्म को स्वीकार किया है तो उनका स्वागत किया जाना चाहिए.
दाता दरबार पर आतंक का कहर
पाकिस्तान में कट्टरपंथी जमातें उदारवादी धड़ों को लगातार निशाना बना रही हैं. अभी हाल में ही अहमदी समुदाय की मस्जिद पर हमले के बाद अब लाहौर के सूफी संत की मजार दाता दरबार पर आतंकियों ने हमला किया है जिसमें 42 से अधिक लोग मारे गये हैं और पौने दो सौ से अधिक लोग घायल हो गये हैं. पाकिस्तान में सूफी परंपरा और दाता गंज बख्श साहिब के बारे में विस्तार से बता रहे हैं प्रकाश रे.
अल्लाह के नाम पर
क्या यह तथ्य हैरान परेशान और पशेमाान करने वाला नहीं है कि 121 वर्ष से स्थापित एक इस्लामिक मूवमेंट जमायत अहमदिया को पाकिस्तान में खुद को मुस्लिम कहने से रोकने के लिये बाकायदा एक कड़ा कानून काम कर रहा है। पाकिस्तान में अहमदिया लोग मुस्लिम जगत में मिलने पर प्रयोग होने वाले इस्लामावालेकुम - वालेकुम इस्लाम अभिवादन करते हुए पकड़े जायें तो तीन साल तक कैद व जुर्माना लगने का कानून है।
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सुदर्शन का (कु) दर्शन
जबसे आरएसएस के लोगों की आतंकवादी घटनाओं में संलिप्तता सामने आयी है, तब से आरएसएस के नेता बौखला गए हैं। इस बौखलाहट में ही शायद संघ के इतिहास में पहली बार हुआ है कि इसके स्वयंसेवक विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे। इसी बौखलाहट में आरएसएस के एक्स चीफ केएस सुदर्शन का मानसिक संतुलन बिगड़ गया और सोनिया गांधी के बारे में ऐसे शब्द बोल दिए, जिन्हें एक विकृत मानसिकता का आदमी ही बोल सकता है।...
सीआईए नहीं केजीबी एजंट कहिए जनाब
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक ने 10 नवंबर को सोनिया गांधी पर सीआईए एजंट होने का आरोप लगाकर सनसनी पैदा कर दिया है. पूरी की पूरी कांग्रेस उत्तेजित है और संघ भी बैकफुट पर चला गया है. सुदर्शन के आस पास के लोगों का कहना है कि सुदर्शन जी भुलक्कड़ हो गये हैं और उन्हें कुछ ठीक से याद नहीं रहता. शायद इसीलिए उन्होंने इतनी बड़ी चूक कर दी. ...
सोनिया का सच जान बेकाबू क्यों होते हो?
एक बार फिर लोकतंत्र पर आपातकाल मंडरा पड़ा है. राजमाता सोनिया गांधी के सिपहसालारों ने कांग्रेसी गुण्डों, माफियाओं और लोकतंत्र के हत्यारों का आह्वान किया है कि वह देशभर में संघ कार्यालयों पर धावा बोल दे. इसका तत्काल प्रभाव हुआ और कांग्रेसी गुण्डों ने संघ के दिल्ली मुख्यालय पर धावा भी बोल दिया. ठीक वैसे ही जैसे इंदिरा गांधी की मौत के बाद सिखों को निशाना बनाया गया था. हिंसक और अलोकतातंत्रिक मानसिकता से ग्रस्त कांग्रेसी सोनिया का सच जानकर आखिर इस तरह बेकाबू क्यों हो रहे हैं?...
नये निजाम के दामन पर है ज्यादा बड़ा दाग
मुंबई। महाराष्ट्र के नए निजाम भी कोई दूध के धुले नहीं हैं। कांग्रेस आलाकमान ने अशोक चव्हाण को फर्जीवाड़े से फ्लैट पाने के आरोप में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की गद्दी से हटा दिया। लेकिन नए मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी उसी तरह के फर्जीवाड़े में गले तक डूबे हुए हैं। उन्होंने जितने बड़े बड़े झूठ बोलकर सरकार से फ्लैट हथियाए हैं वे कांग्रेस के लिए ज्यादा दागदार हैं।...
अजमेर चार्जशीट और संघी उछल-कूद
बढ़ते पैमाने पर इसके साक्ष्य सामने आ रहे हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर एस एस) से जुड़े लोगों का आतंकवादी हमलों में हाथ रहा है। इन हालात में आर एस एस इस पुराने सूत्र पर चल रहा लगता है कि हमला ही सबसे अच्छा बचाव है। उसने 10 नवंबर को देशव्यापी विरोध कार्रवाइयों का आह्वान किया है। इन कार्रवाइयों में संघ के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की बात कही जा रही है। बहरहाल, इसकी चर्चा हम जरा बाद में करेंगे।...
अपने होने पर ही हैरान
‘चुप्पी-चुप्पी नहीं नहीं, बोलेंगे अब सभी-सभी’ इन्हीं नारों से दाहोद (गुजरात) का सीनियर रेलवे संस्थान परिसर 31 अक्टूबर को पूरे दिन गूंजता रहा। यहां गुजरात के बड़ोदरा, पंचमहल, सुरत, भड़ूच, डांग, बालसाड और साबरकांठा जिले से लगभग तीन हजार के आस पास विमुक्त एवं घुमंतू समाज से ताल्लुक रखने वाले लोग इकट्ठे हुए थे। मौका था, अधिकार अभियान की घोषणा का। उस समाज के लिए जो इस लोकतांत्रिक देश में अधिकार का अर्थ अभी तक समझ नहीं पाएं हैं। ...
गोली लगने के बाद क्या गांधी ने कहा था- हे राम ?
यह एक ऐसा सवाल है जिस पर अब विवाद होने लगा है. 30 जनवरी 1948 को क्या जब महात्मा गांधी को नाथूराम गोडसे ने गोली मारी तो महात्मा गांधी ने अपने मुंह से हे! राम का संबोधन किया था? उस वक्त घटनास्थल पर मौजूद रहे एक प्रत्यक्षदर्शी के डी मदान का कहना है कि "मैंने नहीं सुना था कि उन्होंने हे राम कहा था या नहीं."...
भद्दा और बेदम रहा संघ का विरोध प्रदर्शन
स्कूल जाते बच्चों के भी हाथ में भगवा थमाकर भले ही संघ ने शक्ति प्रदर्शन की भरपूर कोशिश की हो लेकिन 10 नवम्बर का दिन उसके इतिहास में कोई बडी घटना के रूप में याद नहीं किया जायेगा। हॉ हम बात कर रहे है राजस्थान के भरतपुर जिला मुख्यालय की जहॉ देश भर की ही तरह हिन्दुवादी संघटनों ने अपने उपर लग रहे ‘भगवा आतंकवाद’ के आरोपों के विरोध में शक्ति प्रदर्शन किया था। भरतपुर जहॉ संघ प्रचारक क रूप में भाजपा के पीएमइन वेंटिग लालकृष्ण आडवानी ने अपनी सेवाऐं दी है संघ का ये विरोध प्रदर्शन एक दम भददा और हल्का रहा।...
एनसीपी के 'दादा' का दांव
महाराष्ट्र में कांग्रेस में परिवर्तन हुआ तो राष्ट्रवादी कांग्रेस ने भी अपने पत्ते खोल दिये. राज्य में लंबे समय से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही सत्ता के दावेदारी पर एनसीपी ने आखिरकार प्रदेश की प्रशासनिक कमान अपनी ओर से शरद पवार के भतीजे अजीत पवार को सौंप दी है. अब गुरुवार को शाम साढ़े चार बजे पृथ्वीराज चव्हाण के साथ अजीत "दादा" पवार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे....
पीएमओ वाले पृथ्वीराज
महाराष्ट्र के नये मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण यूपीए सरकार पार्ट वन और पार्ट टू में बतौर पीएमओ मिनिस्टर जाने जाते हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय में रहते हुए भी उन्होंने कभी ताकतवर होने का दंभ नहीं पाला और चुपचाप काम करते रहे. बिट्स पिलानी से बीई और बर्कले विश्वविद्यालय से एमएस की डिग्री हासिल करनेवाले पृथ्वीराज की राजनीतिक कमेस्ट्री ने उनके सार्वजनिक जीवन में पहली बार इतना गाढ़ा रंग उड़ेला है....
सुलग रहा है मेरठ 'हिन्दुस्तान'
एक ओर हिन्दुस्तान अखबार अपनी अलग कंपनी बनाकर अखबार को चमकाने और अखबार का विस्तार करने में लगा है वहीं दूसरी ओर हिन्दुस्तान के विभिन्न संस्करणों में हालात ठीक नहीं है. हिन्दुस्तान के मेरठ संस्करण में इन दिनों इस्तीफे दिये जा रहे हैं लेकिन प्रचारित किया जा रहा है कि जो आफिस नहीं आ रहे हैं वे छुट्टी पर चले गये हैं....
आलोक तोमर के बगल में बसे किशोर मालवीय
सीएनईबी में पहले से एक सलाहकार संपादक थे- आलोक तोमर. अब दूसरे सलाहकार संपादक भी वहां नियुक्त हो गये हैं किशोर मालवीय. उन्होंने सीएनईबी चैनल के साथ बतौर कंसल्टिंग एडिटर अपनी नई पारी की शुरुआत की है। सीएनईबी से पहले वे ‘वायस ऑफ इंडिया’ न्यूज चैनल के साथ जुड़े हुए थे। उन्होंने करीब दो दशक के कॅरियर में देश के नामी-गिरामी मीडिया संस्थानों में कई जिम्मेदारियां निभाईं हैं।...
सुरक्षा परिषद की छांव में खेती पर दांव
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संसद में दिये गये अपने भाषण में भारत से मिले प्यार की भूरि भूरि प्रशंसा जरूर की लेकिन अपनी व्यावसायिक मजबूरियों को छिपा नहीं सके. बराक ओबामा ने संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए जहां एक ओर भारत को महाशक्ति करार देकर उसके लिए संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सदस्यता को अपना समर्थन दिया वहीं भारत और अमेरिका द्वारा मिलकर खेती के क्षेत्र में एक और हरित क्रांति के आगाज की घोषणा की....
आतंक नहीं कश्मीर केन्द्रित हुई ओबामा यात्रा
रविवार की देर शाम भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित भोज में ओमर अब्दुल्ला के शामिल होने से जो आशंका पैदा हुई थी वह सोमवार को हैदराबाद हाउस में और प्रबल रूप में सामने आ गयी जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमेरिकी राष्ट्रपति की उपस्थिति में स्वीकार किया कि वे पाकिस्तान से बात करते वक्त "के" शब्द पर बात करने से नहीं कतराते हैं....
भारत से धंधा, पाक को चंदा
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा ने अपना तीन दिवसीय दौरा पूरा कर लिया. मुंबई उतरकर दिल्ली दरबार तक उनकी दस्तक भारत पर अमेरिका के मजबूत पकड़ की मिसाल बन गया. निश्चित रूप से उनका दौरा भारत के लिए उतना महत्वपूर्ण नहीं जितना खुद अमेरिका के लिए है. मंदी के दौर से जूझ रहे अमेरिका को "कारपोरेट" जगत का धंधा दिलाने के लिए उन्होंने न केवल भारत को महाशक्ति करार दे दिया बल्कि सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का समर्थन भी कर दिया....
- आलोक तोमर की आपबीती
- वह गुजरात जिसे आप नहीं जानते
- हिन्दू आतंकवाद का अतिवाद
- सिमी से भी खतरनाक है संघ का स्वरूप
- बाबा रामदेव का दांव
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...

