धर्म-अधर्म
पुलिस रिकार्ड में बलात्कारी भी हैं कृपालु महाराज
इस कथित धर्म ध्वजावाहक संत कृपालु महाराज की संतई का भांडा पहली बार मई 1991 में उस समय फूट गया जब इस कथित धर्माचार्य को लड़कियों का अपहरण करने का ही आरोप नहीं लगा बल्कि लड़कियों के साथ जबरिया बलात्कार करने के आरोप भी लगा. इस आरोप में जगतगुरु कृपालु जी महाराज के विश्वश्त सहयोगी प्रिया शरण महाराज को नागपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया था।
कामदेव के कलियुगी अवतार: कृपालु महाराज
जरा सोचिए, क्या किसी व्यक्ति की आध्यात्मिक उन्नति ब्यभिचारी-बलात्कारी मानसिकता के बीच सम्भव है? विशुद्ध रूप से आध्यात्म के रास्ते पर चलकर क्या करोड़ों-अरबों रूपयों की अचल सम्पत्तियों का अम्बार लगा देना संभव है ? अपने मूल नाम के साथ दस उपमाएँ लगाकर आज तक क्या कोई योग्य बन सका है? अपने को श्रीकृष्ण का अवतार बताकर किसी के साथ बलात्कार करना क्या किसी धर्मात्मा का कार्य हो सकता है? पुत्री समान अपनें ही शिष्याओं के साथ बलात्कार करने वाला बहुरूपिया कपटी संत क्या पूजनीय हो सकता है?
सोने में क्यों सजे साईं बाबा ?
करोडों रूपए का चढावा आने वाले मन्दिरों में सबसे उपर दक्षिण भारत में तिरूपति के निकट तिरूमला की पहाडियों पर विराजे भगवान बालजी जिन्हें तिरूपति बाला जी के नाम से जाना जाता है, सबसे आगे हैं। इसके बाद नंबर आता है उत्तर भारत में जम्मू के निकट त्रिकुटा पहाडी पर विराजीं मातारानी वैष्णो देवी का। इन दोनों ही के बाद महाराष्ट्र प्रदेश के अहमदनगर जिले के शिरडी गांव के फकीर साई बाबा के धाम का नाम लिया जाता है।...फिर प्रकट हो गये पायलट बाबा
हजारों लोगों की गाढ़ी कमाई पर कुंडली मारकर बैठे कथित महायोगी पायलट बाबा आखिरकार प्रकट हो ही गए हैं। वही पायलट बाबा जो उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में आठ हजार लोगों को एक रुपये में कंप्यूटर शिक्षा के नाम से करीब 412 करोड़ 90 लाख रुपया बटोरकर गायब थे।...रामभद्राचार्य की रामायण पर महाभारत
रामभद्राचार्य की रामायण पर उत्तर प्रदेश के धर्म समाज में महाभारत मचा हुआ है. रामानंद संप्रदाय के शंकराचार्य राम भद्राचार्य ने राम चरित मानस में अशुद्धियां बताकर अपने जिस राम चरित मानस को दोषमुक्त करार दिया है उसे लेकर अयोध्या में बवाल मचा हुआ है. यहां विद्वानों का कहना है कि श्रीरामचरितमानस जैसे लोकहितकारी सदग्रन्थ के प्रति आम जन मानस में किसी भी प्रकार की भ्रान्ति फैलाना या फिर खुद को मानसजी का प्रकाण्ड विद्वान प्रदर्शित करनें के लिए इस पर कुतर्क प्रस्तुत करना निश्चित रूप से घोर एवं अक्षम्य अपराध है। क्योंकि इससे मानव एवं मानवता दोनों का ही अहित होता है।...अप्प दीपो भव !
जैन धर्म के अंतिम तीर्थकर भगवान महावीर ने दीपावली की रात को इस प्रकाश पर्व के लिए श्रेश्ठ संदेश दिया। भगवान महावीर को मिले दिव्य ज्ञान को ज्योति का प्रतीक माना गया उनकी शिक्षा मानव के अतंरमन को अलोकित करने का मार्ग दिखाती है। बुद्व की अमृत वाणी ``अप्प दीपो भव´´ अर्थात् `अपने लिए दीपक बन´ इसी भावना को बताती है। जनमानस में दीपावली एक संस्कृतिक पर्व है लेकिन इससे कई महापुरुषों के प्रसंग भी जुड़े हुए है। एक तरह से देखा जाये तो दीपावली लौकिक के साथ आध्याित्मकता का अनूठा संगम है।
अफजल खान से अफजल गुरू तक
हाल ही में सम्पन्न गणेश उत्सव के दौरान मुम्बई में "अफ़ज़ल गुरु और कसाब को फ़ाँसी कब दी जायेगी?" का सवाल उठाते हुए, कुछ झाँकियों और नाटकों में इसका प्रदर्शन किया गया। वैसे तो यह सवाल समूचे देश को मथ रहा है, लेकिन मुम्बईवासियों का दर्द ज़ाहिर है कि सर्वाधिक है, इसलिये गणेशोत्सव में इस प्रकार की झाँकियाँ होना एक आम बात थी, इसमें भला किसी को क्या आपत्ति हो सकती है? लेकिन नहीं साहब, "सेकुलरिज़्म" के झण्डाबरदार और "महारानी की गुलाम" महाराष्ट्र सरकार की वफ़ादार पुलिस ने ठाणे स्थित घनताली लालबाग गणेशोत्सव मण्डल को धारा IPC 149 के तहत एक नोटिस जारी करके पूछा है कि "मुस्लिम भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली अफ़ज़ल गुरु की झाँकियाँ क्यों निकाली गईं?"।
कंधमाल पर चर्च नेतृत्व का नाटक
भारतीय चर्च नेताओं ने कल 24 अगस्त को `नेशनल कंधमाल डे´ मानया। चर्च नेतृत्व तो 23 अगस्त `स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती´ की हत्या के दिन को ग्लोबल शांति के दिन के रुप में मनाना चाहता था। इसके लिए चर्च नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र संघ तक गुहार लगाई। पर अफसोस! हिन्दू नेताओं ने चर्च की रणनीति को पलीता लगा दिया । चर्च नेता अब `नेशनल कंधमाल डे´ मनाकर ही संतोष कर रहे है।
ताकि फिर न हो कोई और कंधमाल
पिछले साल उड़ीसा के कंधमाल जिले में `ईसाई समुदाय´ के विरुद्ध हुए दंगों की वजह से देश को बहुत बदनामी झेलनी पड़ी। पोप बेनेडिक्ट ने इन दगों पर रोम में कड़ी प्रतिक्रिया दी। इटली की सरकार ने भारतीय राजदूत को तलब कर सफाई मांगी, योरुपीयन यूनीयन ने अलग से शोर मचाया एवं अमेरिका के अंतराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग ने इन दंगों की जांच के लिए भारत आने की इजाजत मांगी जो उसे अभी तक नही दी गई है। भारतीय चर्च ने भी मौके का लाभ उठाते हुए देश भर के कैथोलिक स्कूलों को बंद कर सरकार को ब्लैकमैल करते हुए झुकने पर मजबूर कर दिया। आखिर यह सब क्यों किया गया?
धर्मों के बहुराष्ट्रीयकरण की सियासत
किसी एक देश में घटने वाली घटनाओं की गूंज-अनुगूंज अब, धार्मिक आधार पाकर, दूसरे कई देशों में सुनाई देनी शुरू हो गई है। बहुराष्ट्रीय होते इन और अन्य बहुत से धर्मों-संप्रदायों की एक और खासियत यह है कि इनकी संस्थाओं की चंदों-अनुदानों से पाई गई सार्वजनिक संपत्ति का निजीकरण होता रहता है, जिससे इन्हें सीमित किस्म की `आत्मशासी´ व्यवस्था मिल जाती है। इसीलिए इन संस्थाओं से जुड़ी किसी भी अप्रिय घटना की वजह से जो प्रतिक्रिया होती है-गुस्सा और विरोध सामने आता है- वह भी `संपत्ति´ और `व्यवस्था´ पर फूटता है। एक अनुमान के अनुसार हाल में धार्मिक गुरू के अपमान के विरोध में हुए प्रदर्शनों के कारण पंजाब में चार दिनों में सत्तर हजार करोड़ की संपत्ति का नुकसान हुआ और इन धर्मों की बहुराष्ट्रीयता से अहसास होता है कि जैसे इनसे जुड़े मसले पूरी मानवजाति के साझे मसले हो।
Latest on visfot
एस्सार और टाटा की मदद के लिए बना सलवा जुड़ुम
नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ सक्रिय आदिवासी आंदोलन सलवा जुड़ुम की स्थापना एस्सार और टाटा को मदद करने के लिए किया गया. 2005 में महेन्द्र कर्मा ने जिस वक्त सलवा जुड़ुम की स्थापना की थी उसके पहले ही छत्तीसगढ़ में टाटा और एस्सार ने अपने स्टील प्लांट लगाने की घोषणा की थी जिसे सुरक्षित करने और माओवादियों को परास्त करने के लिए सलवा जुड़ुम (शुद्धता का आंदोलन) की शुरूआत की गयी....
मिशनरी स्कूल में मासूम के साथ यौन दुराचार
पन्ना। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में मालाबार मिशनरी ब्रदर्स द्वारा संचालित लिस्यु आनंद स्कूल के जेसुपाल हास्टल में 11साल के मासूम छात्र के साथ हास्टल के मैनेजर द्धारा एक साल तक आप्राकृतिक यौनशोषण किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।यहां चर्च परिसर स्थित इस हाईस्कूल और हास्टल को चर्च द्वारा संचालित किया जा रहा था। मामलें के खुलासे के बाद से इस जघन्य कृत्य को करने वाला चर्च मैनेजर फरार है।इस छात्रावास में कुल 18 छात्र रह रहे है।...
खुद खत्म होकर हमारी दुनिया को रोशन करेगा पथराड
पथराड नर्मदा के तट पर बसा हुआ इतना छोटा सा गांव है कि अगर आप अपनी मेज पर मध्यप्रदेश का नक्शा फैला लेंगे तो उसकी हैसियत सूई की नोक से शायद ही बड़ी हो। जल्द ही नक्शे पर सूई की नोक बराबर हैसियत वाला पथराड अपनी यह हैसियत भी खो देगा. लेकिन आप पथराड के इस अवसान पर मातम मत मनाइये. आप उस चार सौ मेगावाट बिजली से अपने हिस्सेदारी की चिंता करिए जो पथराड को डुबाकर आपके लिए तैयार होनेवाली है....
भाषा भी होती है सर्वहारा, दलित और सवर्ण
बड़ोदरा में भाषा अनुसंधान एवं प्रकाशन संस्था ने एक बेहतरिन आयोजन किया। जिसमें भाषा और बोली के सवाल पर देश भर के विद्वान और सामाजिक कार्यकर्ता इकट्ठे हुए। भाषा के सवाल पर इतने बड़े पैमाने पर विद्वानों के जुटान का शायद यह एक अभूतपूर्व कार्यक्रम था। प्रोफेसर गणेशी देवी के संयोजन में हुए इस कार्यक्रम को बड़ोदरा की स्थानीय मीडिया में तो अच्छी कवरेज मिली लेकिन नहीं कह सकता उसके बाहर वह खबर बनी या नहीं। ...
न्याय न मिलने का अन्याय
भारत में न्याय प्रणाली पर आजादी के बाद से ही सवालिया निशान लगते रहे हैं. न्याय प्रणाली की परंपरागत पद्धतियों को गैर कानूनी घोषित करके खारिज तो कर दिया गया लेकिन ब्रिटिश उपनिवेश के आधार पर स्थापित की गयी न्याय प्रणाली को भी न्याय पाने के लिए ईमानदारी से लागू नहीं किया गया इसका परिणाम है कि देश में न्याय देनेवाली प्रणाली जनता को समय पर न्याय न देकर अन्याय कर रही है. सतीश सिंह का विश्लेषण-...
रामदेव के नटवरलाल!
बाबा रामदेव आजकल अपनी बातचीत में विश्व बैंक से लेकर मुद्रा कोष तक का हवाला देते हुए काला धन वापस लाने और देश का जीडीपी बढ़ा देने की वकालत करते हैं. उनका तर्क है कि ऐसा तभी हो सकता है जब राजनीति में व्यवस्था परिवर्तन हो. बाबा रामदेव के इन वक्तव्यों और भाषणों के मूल प्रेरणास्रोत का नाम है राजीव दीक्षित. राजीव दीक्षित ही वो व्यक्ति हैं जो बाबा रामदेव को राजनीति का पाठ पढ़ा रहे हैं. लेकिन खुद राजीव दीक्षित का अपना इतिहास क्या है?...
शौरी को साफ करने में जुटे आडवाणी
संघ की मंशा पर भले ही अपेक्षाकृत युवा नितिन गडकरी को भाजपा की कमान मिल गई हो, और आडवाणी को नेता प्रतिपक्ष से हटाकर पार्श्व में ढकेलने का प्रयास चल रहा हो, पर आडवाणी तो आडवाणी हैं। उन्होंने टीम गडकरी में अपने चहेतों को स्थान दिलवा ही दिया, भले ही वे रीढ विहीन क्यों न हों। इस आपरेशन से फारिग होने के बाद अब आडवाणी के निशाने पर संपादक से राजनेता बने अरूण शौरी पूरी तरह आ चुके हैं। आडवाणी और उनके समर्थको ने अब शौरी को राज्य सभा के रास्ते संसद में प्रवेश के रास्ते बंद करने की कवायद आरंभ कर दी है।...
डेविड हेडली का हेडेक
डेविड कोलमन हेडली के मुद्दे पर दुनिया के समक्ष भारत की ऐसी-तैसी हो गयी है. बावजूद इसके भारत सरकार, अधिकारी और मीडिया का एक हिस्सा इसे भारत पर अमेरिकी उपकार साबित कराने पर उतारू है. हमारे गृह सचिव जी.के. पिल्लई कहते हैं कि हम भले ही २६/११ के मामले में हेडली को प्रत्यर्पित करने के मामले में विफल रहे लेकिन अन्य मामलों में उसका प्रत्यर्पण संभव है. ...
मराठी बनाम बिहारी बनी टीम गडकरी
शिवसेना और महाराष्ट्र नव निर्माण सेना द्वारा समूचे महाराष्ट्र सूबे में उत्तर भारतीयों विशेषकर बिहारियों के साथ किए गए अत्याचार के बाद अब महाराष्ट्र प्रदेश से उठकर भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय राजनीति में कमान संभलने वाले नितिन गडकरी की नई टीम को मराठा बनाम बिहारी के तौर पर देखा जाने लगा है।...
खुला दिमाग लेकिन दरवाजा बंद
संसद और विधान मंडलों में महिलाओं को आरक्षण देने के लिए संविधान में संशोधन करने की कोशिशों को एक ज़बरदस्त झटका लगा है. बी जे पी की नेता सुषमा स्वराज ने कहा है कि इस बिल को लोकसभा में पास कराने के लिए प्रस्तावित सभी पार्टियों की मीटिंग में उनकी पार्टी खुले दिमाग से जायेगी. यह बयान बी जे पी के अब तक के रुख से थोडा अलग है....
मुस्लिम आरक्षण करेगा राष्ट्र का भक्षण
महिला आरक्षण पर संसद की चिकचिक चीख पुकार में बदल गयी. लालू प्रसाद यादव ने तो यहां तक कह दिया कि महिला आरक्षण विधेयक उनकी लाश पर ही पारित होगा. लेकिन लालू से लेकर तथाकथित प्रगतिशील दलों ने महिला आरक्षण का विरोध नहीं किया. उन्होंने महिला आरक्षण में जाति और मजहब के आधार पर आरक्षण के भीतर आरक्षण के लिए बवाल किया. यह प्रगतिशील दलों की नयी चाल है जिसमें उन्होंने अपने जातिवाद को धर्मनिर्पेक्षता का जामा पहना दिया है. मुस्लिम और इसाईयों के लिए आरक्षण की मांग इसी धर्मनिर्पेक्षता की पैदाइश है.
...
जा तुझको माफ कर दिया, तू मुझको माफ कर!
पंजाब विधानसभा के उपाध्यक्ष सतपाल गोसाई द्वारा विधानसभा अध्यक्ष निर्मल सिंह काहलो को लिखे पत्र के संदर्भ में जब पंजाब विधानसभा में चर्चा चली तो कांग्रेस विधायक मक्खन सिंह ने कहा कि राज्य की राजनीति में राजनीतिक रंजिश के कारण कड़वाहट पैदा हो गई है। इस कड़वाहट को समाप्त करने के लिए उपाध्यक्ष गौसाई द्वारा लिखे पत्र में प्रकट विचारों पर विचार कर राजनीति में आई कड़वाहट को समाप्त करना चाहिए।...
परमाणु ताकत का खौफनाक अनुभव
आजकल भारत में परमाणु ताकत का अहसास करानेवालों की कमी नहीं है. बिजली उत्पादन में परमाणु ताकत का इस्तेमाल करने के तर्कों की भरमार है. लेकिन संसार के मानचित्र पर परमाणु ताकत ने जो तबाही मचाई है क्या हमने कभी उसके करीब जाकर परमाणु की उस विनाशक ताकत को अनुभव करने की कोशिश की है कि अगर दांव उल्टा पड़ा तो क्या होगा? जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहर से गुजरते हुए अश्विनी कुमार जोशी की रिपोर्ट- ...
सत्ता में महिला भागीदारी का कड़वा सच
सत्ता में सबको भागीदारी चाहिए। महिलाओं को भी सत्ता में भागीदारी देने के लिए महिला विधेयक राज्यसभा में पास करा लिया गया। सब कुछ ठीक रहा तो सत्ता में महिलाओं की तैंतींस प्रतिशत भागीदारी निश्चित हो जाएगी। हालांकि सपा, राजद और कुछ मुस्लिम नेताओं की राय है कि जो तैंतीस प्रतिशम महिलाएं चुनकर आएंगी, वे केवल 'इलीट' क्लास की होंगी। दलित, पिछड़ी और अल्पसंख्यक महिलाओं की भागीदारी नहीं के बराबर होगी। इसलिए इन राजनैतिक दलों का तर्क है कि दलित, पिछड़ी और अल्पसंख्यक महिलाओं को भी आरक्षण दिया जाए। इन दलों की बात सही है। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती।...
दलित उत्पीड़न को मिल रहा है दलित सत्ता का संरक्षण
अगर उत्तर प्रदेश में दलित सत्ता का सच देखना हो तो सोनभद्र आइये .यहाँ न सिर्फ आपको त्राहि त्राहि करता मानवाधिकार मिलेगा बल्कि हदें तोड़ रहा पुलिसिया दमन चक्र भी देखने को मिलेगा, मगरदहा में घटी घटना के लगभग एक डेढ़ साल पूर्व २४ सितम्बर २००८ को भी कुछ ऐसा ही हुआ था जब आदिवासी स्त्रियों को सरेआम नंगा करके पीटा गया था लेकिन हकीकत के सामने आने में पूरे एक साल लग गए। ...
- हिन्दू आतंकवाद का अतिवाद
- वह गुजरात जिसे आप नहीं जानते
- अब भोजपुरी में बोलेगा बाजार
- तालिबान के देसी संस्करण
- विस्फोट पर अस्थाई कार्य विराम
MAI TO BUS ITNA HI BOLNA CHATA HU....KI HMARA DESH AAJ BHI GULAM HAI AUR AGAR AISE HI CHALTA RAHA TO . GULAM HI RAHEGA ...
भाजपा की कर्नाटक सरकार ने रामदेव की करोड़ों की ऐसी दवाईयां पकड़ी हैं जो सरकारी जांच में संदिग्ध पायी गयी हैं. तुम लोग पत्रकार हो ...
काहे इतना बकबका रहे है झा जी। मैथिल लोग काम तो करता नहीं है, हिस्सा मांगता है। सिर्फ झूठ बोलना, अफवाह उड़ाना मैथिल पंडितों ...
Dear PD,
Because of the people like you not a single time in independent India, Mithila region has touched the average per capita income of India. ...
कहां आप लोग अरूण शौरी और तरूण विजय की तुलना करते हुए आपस में ही लड़ गए। जहां तक बात है कि अरूण शौऱी को ...

