धर्म-अधर्म
क्या भारत के चर्च तन्त्र में बदलाव ईश्वरीय कार्य नहीं होगा?
भारत में करोड़ों वंचितों ने अन्याय,शोषण, निर्धनता और सामाजिक विंसगतियों से विद्रोह करते हुए चर्च नेतृत्व की शरण ली थी। लेकिन यहां उन्हें निराशा ही हाथ लगी हैं, भारत का चर्च नेतृत्व प्रभु यीशु मसीह के उल्टी राह पर चल रहा है। वह यहां के वंचितों की अशिक्षा, अन्याय, शोषण, निर्धनता और सामाजिक विंसगतियों का लाभ उठाते हुए अपना साम्राज्यवाद बढ़ाने में लगा हुआ है। ईसा मसीह के नाम पर व्यापार कर रहा चर्च नेतृत्व अपने ही घर में वंचित वर्गों के साथ दोयम दर्जे का व्यवहार कर रहा है।
अथ श्री शनि शिंगणापुर कथा
जिस दिन हम शिरडी पहुंचे वह शनिवार था। तय हुआ कि शनि शिंगणापुर के शनिदेव का दर्शन आज ही कर लिया जाए। शनिवार के दिन शनिदेव के दर्शन। शिरडी में टैक्सी वाले चिल्ला रहे थे - शनि शिंगणापुर शिंगणापुर। हर टैक्सी का किराया अलग। 85 रूपए से लेकर 150 रूपए तक। जो ग्राहक जितने में फंस जाए। यह आने-जाने का किराया था। खैर 85 रूपए सवारी पर बात तय हुई।
व्यापारी बाबा रामदेव अब बेचेंगे क्रीम पाउडर
बाबा रामदेव अब सीएमडी ( चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर) रामदेव हो गये हैं. योग बेचने के अपने कारोबार को बढ़ाते हुए उन्होंने फल, सब्जियां, फलों के जूस, बिस्कुट, क्रीम, पाउडर और बालों का सुगंधित तेल भी बेचेंगे. रामदेव अब योगाचार्य के साथ-साथ सब्जियों, फलों और कास्मेटिक बनानेवाली कंपनी के सीएमडी बन गये हैं. ...हिन्दू ही हिन्दुत्व का संकट
कितना भी विरोधाभासी प्रतीत हो किन्तु हिन्दू ही हिन्दुत्व का संकट है। यही कारण है कि बड़े से बड़ा हिन्दुत्ववादी भी हिन्दू को परिभाषित करने से कतराता है। भाषा विज्ञान की दृष्टि से हिन्दू अभारतीय-विदेशीराज-फारसी शब्द है। इसी कारण भारतीय धर्म ग्रन्थों और पुराने संस्कृत कोशो में दूर-दूर तक इसका कहीं अता-पता नहीं है। पुराने फारसी कोशों में हिन्दू शब्द का अर्थ काला, चोर आदि मिलते हैं।...रिवायतों को खत्म करने की साज़िश
पहले मज़हब शिया और सुन्नी तबकों में बंटा था, लेकिन अब मज़हब बंटना शुरू हो गया है, क़ाज़ी साहब की नीयत से। जो रिवायतें पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम के वक्त से चली आ रही हैं, अब उन्हें तोड़-मरोड़कर पेश करने की ही नहीं, बल्कि उन्हें ख़त्म करने की कोशिशें की जा रही हैं। इसकी ताज़ा मिसाल है मध्य प्रदेश के नीमच इलाके के चेहलुम पर होने वाले चालीसवें के खाने (मृत्युभोज) को बंद करने का ऐलान। हैरत की बात तो यह है कि यह सब बच्चों को तालीम दिलाने के नाम पर किया जा रहा है। माना बच्चों को शिक्षित करना आज बेहद ज़रूरी है, लेकिन क्या रिवायतों को ख़त्म किए बिना बच्चों को तालीम नहीं दिलाई जा सकती है?...सेवा नहीं संपत्ति का खेल
लालच और धोखाधडी के माध्यम से पिछले कुछ वर्षों से देश के अनेक राज्य एवं शहरों में चर्च की बेशकीमती जमीने एवं संपत्ति पदाधिकारियों ने औने-पौने दामों पर गलत तरीके से बेचकर लाखों-करोड़ों का घपला किया है। ऐसे समाज विरोधी कार्यों पर रोक लगाने हेतु हाल में मध्य प्रदेश `राज्य अल्पसंख्यक आयोग´ ने राज्य में चर्च की समूहिक संपत्तियों की रक्षा हेतू `मुस्लिम समाज के लिये बने वक्फ बोर्ड´ की तर्ज पर ईसाई सम्पति रक्षा बोर्ड बनाने का सुझाव सरकार को दिया है। आयोग के इस सुझाव से तिलमिलाये मध्य प्रदेश कैथोलिक बिशप्स कांफ्रेस ने विरोध करते हुए इसे संविधान विरोधी कदम बताते हुए आयोग के एक मात्र ईसाई सदस्य अन्नद बर्नाड की चर्च सदस्यता समाप्त करने और बहिष्कार करने का आह्वान किया है।
यही है मेरा इस्लाम
हुस्ने-क़त्ल असल में मर्गे-यज़ीद है, इस्लाम जिंदा होता है हर कर्बला के बाद.... इस्लाम तो सरापा रहमत है...हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम के नवासे हज़रत इमाम हुसैन ने सच्चाई की राह पर चलते हुए अपनी जान क़ुर्बान कर दी थी...इस्लाम ने हमेशा ही इंसानियत का सबक़ पढ़ाया है और अमन का पैगाम दिया है...
हे (अ)नाथ! पशुपतिनाथ
पशुपतिनाथ मंदिर में जो कुछ हो रहा है उसमें माओवादियों के एजेंडे को समझने की आवश्यकता है। यह मार्क्सवाद-माओवाद की धर्मविरोधी विचारधारा को लागू करने की कोिशश नहीं है। ऐसा होता तो वे मंदिर ही बंद करने की कोिशश करते। माओ की सांस्कृतिक क्रांति का कुछ अंश इसमें दिख सकता है लेकिन सच यह है कि मार्क्स,लेनिन और माओ की विचारधारा का उनका नेपाली संस्करण एक विकृत उग्र नेपाली राष्ट्रवाद से आच्छादित है। यह व्यवहार में उग्र भारत विरोध हो गया है। वे हर उस प्रतीक, परंपरा एवं कार्यव्यवहार को नष्ट करके उसका अपनी सोच के अनुसार नेपालीकरण करने पर तुले हैं जिनमें भारतीय सभ्यता-संस्कृति की गंध हो।
चर्च के कब्जे में शांति का मसीहा
ईसा मसीह शांति के मसीहा थे. उन्होंने मानवता और शांति का संदेश दिया है. 25 दिसंबर उनका पवित्र जन्मदिन है और दुनियाभर के ईसाई पवित्र मन से इस त्यौहार पर ईसा को याद करते हैं. लेकिन यहां भारत में हम ईसाई यीशू के सानिध्य को शायद ही अनुभव कर पाते हैं. क्योंकि हमारे और यीशू के बीच साम्राज्यवादी चर्च सुविधा की जगह बाधा बनकर खड़ा है. अपने रिसते दुखों से ही सही हम अपने प्यारे यीशू को याद तो करेंगे ही भले चर्च ऐसा न करने की अपील कर रहा हो.
भाषा और धर्म
संस्कृत के मामले में मैं बहुत बड़ा आलोचक हूं. मुझे 'श' या 'स' में अंतर या फर्क मालूम पड़ता है. संस्कृत में मैंने काफी अध्ययन किया है. फिर अपनी भाषा भी संस्कृत है. अंग्रेजी मैं बोलता हूं तो गलती करता हूं, लेकिन संस्कृत बोलूंगा तो गलती नहीं करूंगा. मगर संस्कृत कोई सुनता ही नहीं है. फिर भी इस भाषा का उदय होगा. अभी नहीं. यह जो कम्प्यूटर युग आ रहा है उसमें अभी जिस भाषा का उपयोग कर रहे हैं वह नकारात्मक है, अगर सकारात्मक भाषा का इस्तेमाल करेंगे तो उनकी बहुत सी अड़चने दूर हो जाएंगी.
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सुदर्शन का (कु) दर्शन
जबसे आरएसएस के लोगों की आतंकवादी घटनाओं में संलिप्तता सामने आयी है, तब से आरएसएस के नेता बौखला गए हैं। इस बौखलाहट में ही शायद संघ के इतिहास में पहली बार हुआ है कि इसके स्वयंसेवक विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे। इसी बौखलाहट में आरएसएस के एक्स चीफ केएस सुदर्शन का मानसिक संतुलन बिगड़ गया और सोनिया गांधी के बारे में ऐसे शब्द बोल दिए, जिन्हें एक विकृत मानसिकता का आदमी ही बोल सकता है।...
सीआईए नहीं केजीबी एजंट कहिए जनाब
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक ने 10 नवंबर को सोनिया गांधी पर सीआईए एजंट होने का आरोप लगाकर सनसनी पैदा कर दिया है. पूरी की पूरी कांग्रेस उत्तेजित है और संघ भी बैकफुट पर चला गया है. सुदर्शन के आस पास के लोगों का कहना है कि सुदर्शन जी भुलक्कड़ हो गये हैं और उन्हें कुछ ठीक से याद नहीं रहता. शायद इसीलिए उन्होंने इतनी बड़ी चूक कर दी. ...
सोनिया का सच जान बेकाबू क्यों होते हो?
एक बार फिर लोकतंत्र पर आपातकाल मंडरा पड़ा है. राजमाता सोनिया गांधी के सिपहसालारों ने कांग्रेसी गुण्डों, माफियाओं और लोकतंत्र के हत्यारों का आह्वान किया है कि वह देशभर में संघ कार्यालयों पर धावा बोल दे. इसका तत्काल प्रभाव हुआ और कांग्रेसी गुण्डों ने संघ के दिल्ली मुख्यालय पर धावा भी बोल दिया. ठीक वैसे ही जैसे इंदिरा गांधी की मौत के बाद सिखों को निशाना बनाया गया था. हिंसक और अलोकतातंत्रिक मानसिकता से ग्रस्त कांग्रेसी सोनिया का सच जानकर आखिर इस तरह बेकाबू क्यों हो रहे हैं?...
नये निजाम के दामन पर है ज्यादा बड़ा दाग
मुंबई। महाराष्ट्र के नए निजाम भी कोई दूध के धुले नहीं हैं। कांग्रेस आलाकमान ने अशोक चव्हाण को फर्जीवाड़े से फ्लैट पाने के आरोप में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की गद्दी से हटा दिया। लेकिन नए मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी उसी तरह के फर्जीवाड़े में गले तक डूबे हुए हैं। उन्होंने जितने बड़े बड़े झूठ बोलकर सरकार से फ्लैट हथियाए हैं वे कांग्रेस के लिए ज्यादा दागदार हैं।...
अजमेर चार्जशीट और संघी उछल-कूद
बढ़ते पैमाने पर इसके साक्ष्य सामने आ रहे हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर एस एस) से जुड़े लोगों का आतंकवादी हमलों में हाथ रहा है। इन हालात में आर एस एस इस पुराने सूत्र पर चल रहा लगता है कि हमला ही सबसे अच्छा बचाव है। उसने 10 नवंबर को देशव्यापी विरोध कार्रवाइयों का आह्वान किया है। इन कार्रवाइयों में संघ के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की बात कही जा रही है। बहरहाल, इसकी चर्चा हम जरा बाद में करेंगे।...
अपने होने पर ही हैरान
‘चुप्पी-चुप्पी नहीं नहीं, बोलेंगे अब सभी-सभी’ इन्हीं नारों से दाहोद (गुजरात) का सीनियर रेलवे संस्थान परिसर 31 अक्टूबर को पूरे दिन गूंजता रहा। यहां गुजरात के बड़ोदरा, पंचमहल, सुरत, भड़ूच, डांग, बालसाड और साबरकांठा जिले से लगभग तीन हजार के आस पास विमुक्त एवं घुमंतू समाज से ताल्लुक रखने वाले लोग इकट्ठे हुए थे। मौका था, अधिकार अभियान की घोषणा का। उस समाज के लिए जो इस लोकतांत्रिक देश में अधिकार का अर्थ अभी तक समझ नहीं पाएं हैं। ...
गोली लगने के बाद क्या गांधी ने कहा था- हे राम ?
यह एक ऐसा सवाल है जिस पर अब विवाद होने लगा है. 30 जनवरी 1948 को क्या जब महात्मा गांधी को नाथूराम गोडसे ने गोली मारी तो महात्मा गांधी ने अपने मुंह से हे! राम का संबोधन किया था? उस वक्त घटनास्थल पर मौजूद रहे एक प्रत्यक्षदर्शी के डी मदान का कहना है कि "मैंने नहीं सुना था कि उन्होंने हे राम कहा था या नहीं."...
भद्दा और बेदम रहा संघ का विरोध प्रदर्शन
स्कूल जाते बच्चों के भी हाथ में भगवा थमाकर भले ही संघ ने शक्ति प्रदर्शन की भरपूर कोशिश की हो लेकिन 10 नवम्बर का दिन उसके इतिहास में कोई बडी घटना के रूप में याद नहीं किया जायेगा। हॉ हम बात कर रहे है राजस्थान के भरतपुर जिला मुख्यालय की जहॉ देश भर की ही तरह हिन्दुवादी संघटनों ने अपने उपर लग रहे ‘भगवा आतंकवाद’ के आरोपों के विरोध में शक्ति प्रदर्शन किया था। भरतपुर जहॉ संघ प्रचारक क रूप में भाजपा के पीएमइन वेंटिग लालकृष्ण आडवानी ने अपनी सेवाऐं दी है संघ का ये विरोध प्रदर्शन एक दम भददा और हल्का रहा।...
एनसीपी के 'दादा' का दांव
महाराष्ट्र में कांग्रेस में परिवर्तन हुआ तो राष्ट्रवादी कांग्रेस ने भी अपने पत्ते खोल दिये. राज्य में लंबे समय से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही सत्ता के दावेदारी पर एनसीपी ने आखिरकार प्रदेश की प्रशासनिक कमान अपनी ओर से शरद पवार के भतीजे अजीत पवार को सौंप दी है. अब गुरुवार को शाम साढ़े चार बजे पृथ्वीराज चव्हाण के साथ अजीत "दादा" पवार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे....
पीएमओ वाले पृथ्वीराज
महाराष्ट्र के नये मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण यूपीए सरकार पार्ट वन और पार्ट टू में बतौर पीएमओ मिनिस्टर जाने जाते हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय में रहते हुए भी उन्होंने कभी ताकतवर होने का दंभ नहीं पाला और चुपचाप काम करते रहे. बिट्स पिलानी से बीई और बर्कले विश्वविद्यालय से एमएस की डिग्री हासिल करनेवाले पृथ्वीराज की राजनीतिक कमेस्ट्री ने उनके सार्वजनिक जीवन में पहली बार इतना गाढ़ा रंग उड़ेला है....
सुलग रहा है मेरठ 'हिन्दुस्तान'
एक ओर हिन्दुस्तान अखबार अपनी अलग कंपनी बनाकर अखबार को चमकाने और अखबार का विस्तार करने में लगा है वहीं दूसरी ओर हिन्दुस्तान के विभिन्न संस्करणों में हालात ठीक नहीं है. हिन्दुस्तान के मेरठ संस्करण में इन दिनों इस्तीफे दिये जा रहे हैं लेकिन प्रचारित किया जा रहा है कि जो आफिस नहीं आ रहे हैं वे छुट्टी पर चले गये हैं....
आलोक तोमर के बगल में बसे किशोर मालवीय
सीएनईबी में पहले से एक सलाहकार संपादक थे- आलोक तोमर. अब दूसरे सलाहकार संपादक भी वहां नियुक्त हो गये हैं किशोर मालवीय. उन्होंने सीएनईबी चैनल के साथ बतौर कंसल्टिंग एडिटर अपनी नई पारी की शुरुआत की है। सीएनईबी से पहले वे ‘वायस ऑफ इंडिया’ न्यूज चैनल के साथ जुड़े हुए थे। उन्होंने करीब दो दशक के कॅरियर में देश के नामी-गिरामी मीडिया संस्थानों में कई जिम्मेदारियां निभाईं हैं।...
सुरक्षा परिषद की छांव में खेती पर दांव
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संसद में दिये गये अपने भाषण में भारत से मिले प्यार की भूरि भूरि प्रशंसा जरूर की लेकिन अपनी व्यावसायिक मजबूरियों को छिपा नहीं सके. बराक ओबामा ने संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए जहां एक ओर भारत को महाशक्ति करार देकर उसके लिए संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सदस्यता को अपना समर्थन दिया वहीं भारत और अमेरिका द्वारा मिलकर खेती के क्षेत्र में एक और हरित क्रांति के आगाज की घोषणा की....
आतंक नहीं कश्मीर केन्द्रित हुई ओबामा यात्रा
रविवार की देर शाम भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित भोज में ओमर अब्दुल्ला के शामिल होने से जो आशंका पैदा हुई थी वह सोमवार को हैदराबाद हाउस में और प्रबल रूप में सामने आ गयी जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमेरिकी राष्ट्रपति की उपस्थिति में स्वीकार किया कि वे पाकिस्तान से बात करते वक्त "के" शब्द पर बात करने से नहीं कतराते हैं....
भारत से धंधा, पाक को चंदा
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा ने अपना तीन दिवसीय दौरा पूरा कर लिया. मुंबई उतरकर दिल्ली दरबार तक उनकी दस्तक भारत पर अमेरिका के मजबूत पकड़ की मिसाल बन गया. निश्चित रूप से उनका दौरा भारत के लिए उतना महत्वपूर्ण नहीं जितना खुद अमेरिका के लिए है. मंदी के दौर से जूझ रहे अमेरिका को "कारपोरेट" जगत का धंधा दिलाने के लिए उन्होंने न केवल भारत को महाशक्ति करार दे दिया बल्कि सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का समर्थन भी कर दिया....
- आलोक तोमर की आपबीती
- वह गुजरात जिसे आप नहीं जानते
- हिन्दू आतंकवाद का अतिवाद
- सिमी से भी खतरनाक है संघ का स्वरूप
- बाबा रामदेव का दांव
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...


