<rss version="2.0" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/">

<channel>

	<generator>Vivvo CMS 4.1</generator>

	<title>visfot.com । विस्फोट.कॉम</title>

	<link>http://www.visfot.com/</link>

	<copyright>&amp;copy;2007 Spoonlabs d.o.o.</copyright>

	<image>

		<title>visfot.com । विस्फोट.कॉम</title>

		<url>http://www.visfot.com/files.php?file=visfot.logo_282370642.gif</url>

		<link>http://www.visfot.com/</link>

	</image>

	

			

				

					<item>

						

								<title>इतिहास की भयावह त्रासदी का शिकार हुआ हेती</title>

								<link>http://www.visfot.com/index.php/paryavaran/2433.html</link>

								<category>पर्यावरण</category>

								<pubDate>Fri, 15 Jan 2010 16:15:00 +0600</pubDate>

								<description>उत्तरी अमेरिकी महाद्वीप के कैरेबियाई क्षेत्र के एक  छोटे से देश हेती की राजधानी पोर्ट ऑफ प्रिंस गत 13 जनवरी की  शाम 4 बजकर 53 मिनट पर उस समय प्रकृति की महाविनाश लीला का एक  बहुत बड़ा केंद्र बन गई जबकि  इस क्षेत्र को 7.3 क्षमता के भयानक भूकंप का सामना करना पड़ा। चीन में आए विश्व के अब तक के सबसे तीव्र एवं हानिकारक भूकंप के बाद हेती का यह भूकंप अब तक का दूसरा सबसे भयानक, तीव्र एवं सर्वाधिक क्षति पहुंचाने वाला भूकंप माना जा रहा  है।</description>

							

					</item>

					

							

								

									<item>

										<title>Gauhar Hayat</title>

										

										<category>पर्यावरण</category>

										<pubDate>Fri, 15 Jan 2010 18:48:33 +0600</pubDate>

										<description>बहुत खूब जाफ़री साहब, भुकंप की सारी खबरों के बीच बहुत ज़रुरी सच से पर्दा उठाया है आपने। इंसानी इरतक़ा के वाक़ई कोई मायने नहीं। ये इमवात इंसानी इरतक़ा के दावों पर जो बड़े सवाल उठाती है, आप का ये नामा उसी को ज़बान फ़राहम करता है। &lt;br /&gt;
क़बिले तह्सीन</description>

									</item>

								

									<item>

										<title>RAJ SINH</title>

										

											<link>http://rajsinhasan.blogspot.com</link>

										

										<category>पर्यावरण</category>

										<pubDate>Sat, 16 Jan 2010 20:11:31 +0600</pubDate>

										<description>बहुत तबाही हुयी है .अंदाज़ भी लगाना मुश्किल है अब तक .&lt;br /&gt;
न्यू योर्क में मेरे साथ काम कर चुके मेरे मित्र ,जो हैती के हैं और पोर्ट -ओ-प्रिंस में भी जिनका घर और परिवार है ,संपर्क होने पर विभीषिका के बारे में बताया .&lt;br /&gt;
एक लम्बे आतंरिक राजनैतिक कलह और गृह युद्ध से तबाह होने के बाद इस मुल्क ने कुछ सुकून पाया था और नव निर्माण की दिशा में कदम बढा रहा था की यह हादसा न जाने कितना कुछ कर गया .&lt;br /&gt;
इस देश को सभी राष्ट्रों से पूर्ण सहयोग मिले .</description>

									</item>

								

									<item>

										<title>साधक उम्मेद सिंह बैद</title>

										

											<link>http://sahiasha.wordpress.com</link>

										

										<category>पर्यावरण</category>

										<pubDate>Thu, 04 Feb 2010 18:32:39 +0600</pubDate>

										<description>प्राकृतिक है अथवा है मानव-भूलों का चिट्ठा?&lt;br /&gt;
कैसे समझें? यहाँ समझ का बैठा हुआ है भट्टा.&lt;br /&gt;
बैठा हुआ है भट्टा, कोपेन हेगन देख लो.&lt;br /&gt;
दारोगा है अमरीका का बैंगन देख लो.&lt;br /&gt;
कह साधक अब समाधान है मानव जागतिक.&lt;br /&gt;
हैती भूल का परिणाम  है ना  प्राकृतिक.</description>

									</item>

								

							

						

				

			

		

	

	

	

	

<description>visfot.com । विस्फोट.कॉम</description>

</channel>

</rss>
