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	<title>visfot.com । विस्फोट.कॉम</title>

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	<copyright>&amp;copy;2007 Spoonlabs d.o.o.</copyright>

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		<title>visfot.com । विस्फोट.कॉम</title>

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								<title>भारत से धंधा, पाक को चंदा</title>

								<link>http://www.visfot.com/peoples_power/4211.html</link>

								

										

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								<category>जनता दरबार</category>

								<pubDate>Tue, 09 Nov 2010 02:37:00 +0600</pubDate>

								<description>अमेरिका के राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा ने अपना तीन दिवसीय दौरा पूरा कर लिया. मुंबई उतरकर दिल्ली दरबार तक उनकी दस्तक भारत पर अमेरिका के मजबूत पकड़ की मिसाल बन गया. निश्चित रूप से उनका दौरा भारत के लिए उतना महत्वपूर्ण नहीं जितना खुद अमेरिका के लिए है. मंदी के दौर से जूझ रहे अमेरिका को &amp;quot;कारपोरेट&amp;quot; जगत का धंधा दिलाने के लिए उन्होंने न केवल भारत को महाशक्ति करार दे दिया बल्कि सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का समर्थन भी कर दिया.</description>

							

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								<title>मत्था टेकने की मानसिकता</title>

								<link>http://www.visfot.com/peoples_power/4209.html</link>

								

										

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								<category>जनता दरबार</category>

								<pubDate>Mon, 08 Nov 2010 11:53:00 +0600</pubDate>

								<description>वैसे तो किशनलाल की गांधी से अधिक श्रद्धा अपने कारोबार पर है और ओबामा से अधिक डर अपनी पत्नी का है. लेकिन आज न तो उनका कारोबार आड़े आया और न ही पत्नी. सुबह नौ पैंतीस पर वे राजघाट जा रहे थे. पूछने पर बोल पड़े मत्था टेकने जा रहे हैं. गांधी की समाधि के प्रति किशनलाल की इतनी अगाध श्रद्धा कि उन्होंने &amp;#039;मत्था टेकने&amp;#039; की ऊंचाई दे दी. लेकिन वहां तो आज 10.20 पर बराक ओबामा आ रहे हैं. वहां जाने नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि जब &amp;quot;वो&amp;quot; चले जाएंगे तब आधे घण्टे बाद राजघाट खोल देंगे उसके बाद सबसे पहले हम मत्था टेकेंगे. </description>

							

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								<title>&#039;गांधीवादी&#039; ओबामा पर भारी अमेरिकी आर्थिक लाचारी</title>

								<link>http://www.visfot.com/peoples_power/4205.html</link>

								

										

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								<category>जनता दरबार</category>

								<pubDate>Sat, 06 Nov 2010 23:37:00 +0600</pubDate>

								<description>अगर आपने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के मणिभवन यात्रा की फोटो देखी हो तो आपको उस फोटो में बराक ओबामा और पत्नी मिशेल ओबामा के चित्र में गांधी की पोती से हाथ मिलाते वक्त जो श्रद्धा दिख रही है उसमें अमेरिकी बनावट की मिलावट कहीं से नहीं है. गांधी के प्रति ओबामा की श्रद्धा किसी व्यक्ति के प्रति श्रद्धा नहीं बल्कि उस विचार के प्रति है जिसे बीसवीं सदी में अंग्रेजों से लड़ते हुए गांधी ने पुन: परिभाषित किया था. </description>

							

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								<title>लालू भी चाहिए नीतीश भी</title>

								<link>http://www.visfot.com/peoples_power/4187.html</link>

								

										

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								<category>जनता दरबार</category>

								<pubDate>Tue, 02 Nov 2010 23:27:00 +0600</pubDate>

								<description>बिहार के मतदाता इन दिनों अपने लिए एक बेहतर नेता चुनने में जुटे हैं. एक ऐसा नेता जो अगले पांच साल के लिए उनके अंदर छुपी बदलाव की खदबदाहट को दिशा दे सके और विकास के रास्तों के कंटक हटा सके. लोगों के सामने दो विकल्‌प है लालू या नीतीश. इस बार हो सकता है भावावेश में जनता एक को चुन ले और दूसरे को रिजेक्ट कर दें. पर जहां तक मेरी राय इनमें से किसी एक नेता से बिहार का काम चलने वाला नहीं. बिहार को दोनों चाहिए, लालू  भी और नीतीश भी. आखिर क्यों ?</description>

							

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								<title>विकास की बिसात पर कैसे हो नीतीश की मात</title>

								<link>http://www.visfot.com/peoples_power/4171.html</link>

								

										

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								<category>जनता दरबार</category>

								<pubDate>Thu, 28 Oct 2010 09:26:00 +0600</pubDate>

								<description>बिहार में चुनाव हो तो क्या मुद्दा होना चाहिए? निश्चित रूप से बिहार से बाहर रहनेवाले लोग विकास और जातिमुक्त बिहार की आदर्शवादी कल्पना पिछले कई चुनाव से बिहार के लिए मुद्दा बनाने की बातें करते रहे हैं. लेकिन साथ में यह भी जोड़ देते हैं कि बिहार चुनाव में विकास शायद ही मुद्दा बने? लेकिन इस बार यह कमाल दिखाई दे रहा है. पक्ष में हो या विपक्ष में केन्द्रीय मुद्दा विकास ही है. असल में बिहार की विपक्षी पार्टियां नीतीश को रिप्लेक्स करने के लिये तैयार ही नहीं है. लोगों को यह बात अतिशयोक्तिपूर्ण लगती है. मगर आप ही बतायें कि ”या विकास को मुद्दा बनाकर नीतीश से चुनावी समर जीता जा सकता है?</description>

							

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								<title>गिलानी की गुगली और हिन्दुस्तान की गफलत</title>

								<link>http://www.visfot.com/peoples_power/4164.html</link>

								

										

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								<category>जनता दरबार</category>

								<pubDate>Tue, 26 Oct 2010 13:10:00 +0600</pubDate>

								<description>अभी-अभी हुर्रियत कांफ्रेंस के गरमपंथी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी अपने विस्फोटक सेमीनार के जरिए दिल्ली और देश में अच्छा-खासा आक्रोश और विवाद पैदा करके गए हैं। अपने अलगाववादी नजरिए पर टस से मस न होने के लिए कुख्यात गिलानी ने दिल्ली में हुए इस कार्यक्रम में न सिर्फ कश्मीर की ‘आजादी‘ की पारंपरिक मांग दोहराईं बल्कि एक कदम आगे बढ़कर ‘स्वतंत्र कश्मीर‘ बनने के बाद की ‘नीतियों‘ का खाका भी पेश कर गए। ‘कश्मीर की आजादी ही एकमात्र विकल्प‘ नामक विषय के इर्द-गिर्द केंद्रित सेमीनार में उन्होंने देशद्रोह के दायरे में आने वाली दर्जनों टिप्पणियां कीं और ‘अभिव्यक्ति की आजादी‘ का फायदा उठाकर आराम से कश्मीर की ओर निकल लिए।</description>

							

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								<title>कांग्रेस का दाना, नीतीश की ना-ना</title>

								<link>http://www.visfot.com/peoples_power/4150.html</link>

								

										

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								<category>जनता दरबार</category>

								<pubDate>Sun, 24 Oct 2010 23:23:00 +0600</pubDate>

								<description>बिहार में चुनाव के दो चरण बीत चुका है. नक्सालियों के दखल के अलावा कहीं कोई खलल नहीं है. जनता भी निश्चिंत है और नेता भी. जैसा किसी पूर्व निर्धारित पटकथा पर सारे किरदार अपनी भूमिका निभाने में जुटे हों. नेशनल न्यूज चैनलों ने सर्वे जारी कर जरूर थोड़ी सी गहमा-गहमी क्रियेट की है मगर लोकल मीडिया में कहीं कोई सनसनी नहीं है.</description>

							

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								<title>विकीलीक्स ने फिर साबित किया अमेरिका को हत्यारा</title>

								<link>http://www.visfot.com/peoples_power/4147.html</link>

								

										

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								<category>जनता दरबार</category>

								<pubDate>Sun, 24 Oct 2010 00:01:00 +0600</pubDate>

								<description>इराक में अमेरिकी सेना ने अपने आपरेशन के दौरान ना सिर्फ निर्दोष नागरिकों की हत्या की  बल्कि युद्ध की कवरेज कर रहे पत्रकारों को भी मौत के घात उतार दिया। विकिलिक्स ने अमेरिका में इराकी आपरेशन को लेकर पेंटागन के जो डाटाबेस और रिकार्ड जारी किये हैं उनमे अमरीकी सेना के अपाची हेलीकाप्टर्स (क्रेजी हार्स 18) जो कि टेक्सास स्थित यु एस आर्मी के २२७ रेजिमेंट के फर्स्ट बटालियन का हिस्सा है के बारे में चौका देने वाले खुलासे किये हैं। विकिलीक्स द्वारा जारी किये गए एक वीडियो में अमेरिकी जवानों को सिर्फ खबरिया एजेंसी रायटर के दो जांबाज पत्रकारों की गलत सूचना देकर हत्या किये जाने  बल्कि उनकी मौत पर ठहाके भी लगाये देखा जा सकता है।</description>

							

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								<title>बिहार चुनाव में चौराहे पर खड़ा मुसलमान</title>

								<link>http://www.visfot.com/peoples_power/4142.html</link>

								

										

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								<category>जनता दरबार</category>

								<pubDate>Sat, 23 Oct 2010 12:18:00 +0600</pubDate>

								<description>बिहार चुनाव में पसमांदा मुसलमान एक बार फिर चौराहे पर खड़े हैं। पसमांदा मुसलमानों में किसी पार्टी या गठबंधन को लेकर कोई उत्साह नहीं हैं। ज़्यादातर पसमांदा वोटर ख़ामोश हैं। कभी पसमांदा आंदोलन के अगुआ रहे लोग इस चुनाव में आश्चर्यजनक रूप से निषक्रिय हैं। कई पार्टियों की तरफ़ से बुलावा आने को बावजूद उन्होंने पार्टियों के दफ़्तर जाना या नेताओं से मिलना तक मुनासिब नहीं समझा। वजह साफ है पसमांदा मुसलमान तमाम पार्टियों की वादा ख़िलाफी से ऊब चुके हैं।</description>

							

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								<title>पपेट प्रधानमंत्री का एक और पापकर्म</title>

								<link>http://www.visfot.com/peoples_power/4139.html</link>

								

										

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								<category>जनता दरबार</category>

								<pubDate>Fri, 22 Oct 2010 11:30:00 +0600</pubDate>

								<description>देश में एक वर्ग विशेष को तुष्ट करने के लिए सरकार कहां तक गिर सकती है उसका हालिया उदाहरण है शत्रु संपत्ति विधेयक-2010 का विरोध करना फिर उसमें मुस्लिम नेताओं के मनमाफिक संसोधन को केन्द्रीय कैबिनेट द्वारा स्वीकृति देना। कठपुतली (पपेट) प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई थी। इसमें इसी बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रस्ताव पर शत्रु संपत्ति (संसोधन एवं विधिमान्यकरण) विधेयक-2010 में संसोधन को स्वीकृति प्रदान की गई।</description>

							

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<description>visfot.com । विस्फोट.कॉम</description>

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