<rss version="2.0" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/">

<channel>

	<generator>Vivvo CMS 4.1</generator>

	<title>visfot.com । विस्फोट.कॉम</title>

	<link>http://www.visfot.com/</link>

	<copyright>&amp;copy;2007 Spoonlabs d.o.o.</copyright>

	<image>

		<title>visfot.com । विस्फोट.कॉम</title>

		<url>http://www.visfot.com/files.php?file=visfot.logo_282370642.gif</url>

		<link>http://www.visfot.com/</link>

	</image>

	

			

				

					<item>

						

								<title>बिहार में गड़ेगे या उखड़ेंगे गड़करी?</title>

								<link>http://www.visfot.com/politics/3020.html</link>

								

										

											<media:content url="http://www.visfot.com/cache/thumbnail/article_large/nitin_gadkarijpg_389784890.jpg" />

											

									

								<category>राजनीति</category>

								<pubDate>Fri, 26 Feb 2010 19:47:00 +0600</pubDate>

								<description>इस साल के अंत तक बिहार में विधानसभा के चुनाव होने हैं. बिहार में भाजपा जद (यू) के साथ मिलकर सत्ता में है. लेकिन सत्ता में रहते हुए संगठन के स्तर पर पार्टी बेहद कमजोर हो चुकी है. नवनिर्वाचित भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के लिए बिहार में भाजपा को दोबारा सत्ता में लाना जितनी बड़ी चुनौती होगा उससे बड़ी चुनौती साबित हो रही है वहां नये पार्टी अध्यक्ष का चुनाव. बिहार भाजपा की राजनीति पर एक विश्लेषण-</description>

							

					</item>

				

					<item>

						

								<title>बाबर के बराबर हुए राम</title>

								<link>http://www.visfot.com/politics/2960.html</link>

								

										

											<media:content url="http://www.visfot.com/cache/thumbnail/article_large/DSC_005_274024532.jpg" />

											

									

								<category>राजनीति</category>

								<pubDate>Thu, 18 Feb 2010 19:48:00 +0600</pubDate>

								<description>इंदौर के कुशाभाऊ ठाकरे नगर में भारतीय जनता पार्टी का तीन दिवसीय अधिवेशन चल रहा है.इस अधिवेशन से भाजपा कि भावी दिशा तय होनी है.भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने इस अधिवेशन में अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में मुसलामानों को राष्ट्र की मुख्यधारा में जोड़ने का प्रयास किया है.</description>

							

					</item>

				

					<item>

						

								<title>बैतालों से कैसे निपटेंगे बीजेपी के विक्रमादित्य?</title>

								<link>http://www.visfot.com/politics/2953.html</link>

								

										

											<media:content url="http://www.visfot.com/cache/thumbnail/article_large/DSC_006_241824878.jpg" />

											

									

								<category>राजनीति</category>

								<pubDate>Thu, 18 Feb 2010 02:22:00 +0600</pubDate>

								<description>राख से तो नहीं, पर गोबर से उठने की कोशिश जरूर कर रही बीजेपी। जब बीजेपी में काल, कपाल, महाकाल एपीसोड चल रहा था। अनुशासन हांफ रहा था। तब संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी कहा था। राख से भी उठ खड़ी होगी बीजेपी। पर जब नेतृत्व परिवर्तन की रेस खत्म हो गई। गडकरी, सुषमा, जेतली मैडल पा गए। तो अब समूची बीजेपी का ढर्रा बदलेगा।</description>

							

					</item>

				

					<item>

						

								<title>शिवसैनिकों से सहानुभूति की जरूरत</title>

								<link>http://www.visfot.com/politics/2940.html</link>

								

										

											<media:content url="http://www.visfot.com/cache/thumbnail/article_large/shivsena_mumbai_929328575.jpg" />

											

									

								<category>राजनीति</category>

								<pubDate>Tue, 16 Feb 2010 01:20:00 +0600</pubDate>

								<description>महाराष्ट्र में शिवसेना और उसके शिवसैनिकों का उत्पात एक बार फिर चर्चा में है. वरिष्ठ पत्रकार शेष नारायण सिंह का मानना है कि अगर महाराष्ट्र में स्थायी शांति लानी है और भविष्य में मुंबई को उत्पात से बचाना है तो कांग्रेस और भाजपा की जिम्मेदारी है कि वे शिवसैनिकों के लिए अपने-अपने दलों के दरवाजे खोल दें ताकि वे मुख्यधारा की राजनीति में शामिल हो सकें.</description>

							

					</item>

				

					<item>

						

								<title>बीजेपी को जनता ने हराया या ईवीएम ने?</title>

								<link>http://www.visfot.com/politics/2927.html</link>

								

										

											<media:content url="http://www.visfot.com/cache/thumbnail/article_large/election2009_828284943.jpg" />

											

									

								<category>राजनीति</category>

								<pubDate>Sun, 14 Feb 2010 08:22:00 +0600</pubDate>

								<description>क्या वाकई अपना लोकतन्त्र जोखिम में है? क्या दो टर्म से मनमोहन की सरकार सचमुच जनता ने नहीं चुनी? आप मानें या न मानें, पर देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी यही मान रही है। भले शब्दों को घुमाफिरा कर सवाल उठा रही। पर निचोड़ यही- ईवीएम में बड़ा गड़बड़झाला।</description>

							

					</item>

				

					<item>

						

								<title>बुढ़ापे में बाल ठाकरे का बहू से सामना</title>

								<link>http://www.visfot.com/politics/2915.html</link>

								

										

											<media:content url="http://www.visfot.com/cache/thumbnail/article_large/Smita_Thackeray_809348183.jpg" />

											

									

								<category>राजनीति</category>

								<pubDate>Wed, 10 Feb 2010 17:33:00 +0600</pubDate>

								<description>शिवसेना प्रमुख का बुढापा खराब हो रहा है। या यूं भी कहा जा सकता है कि वे खुद ही अपना बुढ़ापा खराब करवा रहे हैं। अकसर किसी भी वृद्ध के लिए किसी के भी मन में सम्मान ही होता है। और इस उमर की सबसे बड़ी जरूरत भी सम्मान ही हुआ करती है। हर बूढ़ा इंसान चाहता है कि कोई भी उसके विरोध में ना बोले। खासकर घर के लोग इतना तो खयाल करे, ताकि इस उमर में उसके मान सम्मान की रक्षा होती रहे। पर, बाल ठाकरे के साथ उल्टा हो रहा है।</description>

							

					</item>

				

					<item>

						

								<title>भाजपा भाग्य विधाता</title>

								<link>http://www.visfot.com/politics/2907.html</link>

								

										

											<media:content url="http://www.visfot.com/cache/thumbnail/article_large/nitin_bjp_1_214742983.jpg" />

											

									

								<category>राजनीति</category>

								<pubDate>Wed, 10 Feb 2010 00:48:00 +0600</pubDate>

								<description>बीजेपी में हल्दी की रस्म पूरी हो गई। नितिन गडकरी अब मनोनीत नहीं, निर्वाचित अध्यक्ष हो गए। तेरह राज्यों और संसदीय दल को मिलाकर कुल 19 सैट में परचा दाखिल हुआ। बस तीन घंटे में परचा दाखिल से लेकर जांच और चुनाव तमाम हो गया। पहली दफा बीजेपी में चुने हुए अध्यक्ष को सर्टिफिकेट भी मिला। अब बाराती अगले हफ्ते इन्दौर पहुंचेंगे।</description>

							

					</item>

				

					<item>

						

								<title>राहुल की राजनीति पर शरद पवार की कूटनीति</title>

								<link>http://www.visfot.com/politics/2893.html</link>

								

										

											<media:content url="http://www.visfot.com/cache/thumbnail/article_large//sharad_pawar_703314167.jpg" />

											

									

								<category>राजनीति</category>

								<pubDate>Mon, 08 Feb 2010 11:42:00 +0600</pubDate>

								<description>शरद पवार ने सब कबाड़ा कर दिया। राहुल गांधी मुंबई आकर सिर्फ चार घंटे में ही शिवसेना को उसकी औकात दिखा कर गए थे। पर, पवार ने राहुल गांधी के किए – कराए पर कीचड़ उड़ेल दिया। शिवसेना के मुखिया बाल ठाकरे की विरोध की धमकी की परवाह किए बिना राहुल गांधी सड़कों पर चले, लोकल ट्रेनों में घूमे और भीड़ में घुसकर लोगों से भी मिले। मगर बाल ठाकरे और उनकी शिवसेना राहुल गांधी का कुछ भी नहीं बिगाड़ पाई। राहुल गांधी के दौरे के बाद पूरी मुंबई के सामने यह साबित हो गया था कि शिवसेना के आतंक और उसके धमकीतंत्र की कोई बहुत बड़ी औकात नहीं है।</description>

							

					</item>

				

					<item>

						

								<title>बाल ठाकरे एण्ड एसोसिएट्स की जागीर नहीं है मुंबई</title>

								<link>http://www.visfot.com/politics/2882.html</link>

								

										

											<media:content url="http://www.visfot.com/cache/thumbnail/article_large/bal_thakrey_411354717.jpg" />

											

									

								<category>राजनीति</category>

								<pubDate>Sat, 06 Feb 2010 18:05:00 +0600</pubDate>

								<description>देश की आर्थिक राजधानी के रूप में अपनी पहचान रखने वाली मुंबई ने एक बार फिर देश की राजनीति  को गर्म कर दिया है। स्वयं को मुंबई के &amp;#039;केयरटेकर&amp;#039; अथवा स्वयंभू &amp;#039;सी ई ओ&amp;#039;  समझने वाले ठाकरे परिवार ने एक बार फिर &amp;#039;मुंबई केवल हमारी है&amp;#039; का दावा सार्वजनिक रूप से ठोंक दिया है ।</description>

							

					</item>

				

					<item>

						

								<title>राहुल गांधी का मुंबई तमाशा</title>

								<link>http://www.visfot.com/politics/2878.html</link>

								

										

											<media:content url="http://www.visfot.com/cache/thumbnail/article_large/rahul_mumbai_1_736793520.jpg" />

											

									

								<category>राजनीति</category>

								<pubDate>Fri, 05 Feb 2010 22:28:00 +0600</pubDate>

								<description>कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी की बहुचर्चित मुंबई यात्रा पूंजीवादी मीडिया के टीआरपी बढ़ाऊ तमाशे के अलावा कुछ और साबित नहीं हो सका. युवराज की यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से निपट जाए इसके लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण समेत पूरा प्रशासनिक अमला सांसे बांधकर खड़ा था.</description>

							

					</item>

				

			

		

<description>visfot.com । विस्फोट.कॉम</description>

</channel>

</rss>