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	<title>visfot.com । विस्फोट.कॉम</title>

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	<copyright>&amp;copy;2007 Spoonlabs d.o.o.</copyright>

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		<title>visfot.com । विस्फोट.कॉम</title>

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								<title>अफगानिस्तान में तालिबान के सामने नतमस्तक</title>

								<link>http://www.visfot.com/voice_for_justice/3098.html</link>

								

										

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								<category>बियाबान में शोर</category>

								<pubDate>Wed, 10 Mar 2010 19:27:00 +0600</pubDate>

								<description>अगर यह अफवाह नहीं है तो यह बुरी खबर है. पता नहीं अफगानिस्तान भारत संबंधों के विशेषज्ञ और रणनीतिकार इसे कैसे देखेंगे और परिभाषित करेंगे लेकिन भारत सरकार के खुफिया सूत्रों द्वारा खबर मीडिया में लीक की जा रही है कि भारत सरकार अफगानिस्तान में शांतिपूर्ण विकास कार्यों में कमी लायेगा. ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि बीते महीने की 27 तारीख को काबुल दूतावास के पास एक विस्फोट हुआ जिसमें नौ भारतीय मारे गये थे.</description>

							

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								<title>कुत्तों के लिए भी संकट बना माओवाद</title>

								<link>http://www.visfot.com/voice_for_justice/3086.html</link>

								

										

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								<category>बियाबान में शोर</category>

								<pubDate>Tue, 09 Mar 2010 17:34:00 +0600</pubDate>

								<description>केंद्र सरकार के माओवादियों के खिलाफ छेड़े गए &amp;#039;ऑपरेशन ग्रीन हंट&amp;#039; के चलते, लगभग तीन हफ्ते पहले, पश्चिम बंगाल में पश्चिमी मिदनापुर, लालगढ़, बांकुरा, पुरुलिया और बर्दवान के अनेकों गाँवों में माओवादियों द्वारा एक अनोखा &amp;#039;फतवा&amp;#039; जारी किया गया. इन गाँव में रहने वाले लोगों और आदिवासियों को कहा गया कि &amp;#039;वह अपने इलाके के सारे पालतू और सड़क के कुत्तों को मार डालें नहीं तो उन्हें मार दिया जाएगा&amp;#039;.</description>

							

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								<title>परमाणु सुरक्षा के गैरजिम्मेदार पहरेदार</title>

								<link>http://www.visfot.com/voice_for_justice/3041.html</link>

								

										

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								<category>बियाबान में शोर</category>

								<pubDate>Tue, 02 Mar 2010 12:07:00 +0600</pubDate>

								<description>संसद का बजट सत्र चल रहा है. बजट पर चर्चा और मंजूरी के दौरान उर्जा के ही एक विकल्प पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी पर हो सकता है सांसद गतिरोध पैदा करें लेकिन सत्र के दौरान संसद की मंजूरी के लिए 36 अन्य विधेयक प्रस्तुत किये जाने हैं. इनमें एक विधेयक परमाणु उर्जा पर अमेरिका से हुए करार से संबंधित है. इस विधेयक के द्वारा यह तय किया जाना है कि अगर कोई विदेशी कंपनी भारत में परमाणु बिजलीघर लगाती है तो उसके लिए क्या दिशा निर्देश होने चाहिए. </description>

							

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								<title>हुसैन के नाम पर फिर बरपा हंगामा</title>

								<link>http://www.visfot.com/voice_for_justice/3027.html</link>

								

										

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								<category>बियाबान में शोर</category>

								<pubDate>Sat, 27 Feb 2010 13:08:00 +0600</pubDate>

								<description>मकबूल फिदा हुसैन फिर से चर्चा में हैं। इस बार न तो माधुरी के पीछे पागलपन के कारण चर्चा में हैं और न ही किसी ऐसे चित्र को लेकर जिस पर हिन्दु समाज ने आपत्ति दर्ज करवाई हो. दरअसल अब वे कतर की नागरिकता ग्रहण करने वाले हैं। उनके छोटे बेटे ओवैस का कहना है कि मेरे पिता अपना निर्णय खुद लेते हैं। वे कभी दबाव में नहीं आते हैं।</description>

							

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								<title>इस्लामिक आतंकवाद बनाम आदिवासी नक्सलवाद का भेदभाव</title>

								<link>http://www.visfot.com/voice_for_justice/2985.html</link>

								

										

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								<category>बियाबान में शोर</category>

								<pubDate>Mon, 22 Feb 2010 19:00:00 +0600</pubDate>

								<description>आतंकवाद शब्द पर यह भेदभााव क्यों? आखिर यह धारणा कब खत्म होगी कि अगर किसी घटना में मुसलमान पकड़े जाएं तो वह आतंकवादी घटना होगी अन्यथा नक्सलवाद, उग्रवाद या फिर अतिवाद कहलाएगा। हालांकि आतंक का शाब्दिक अर्थ तो दहशत फैलाना ही है फिर वो काम कोई भी करे आतंकवादी ही कहलाया जाना चाहिए फिर देश में मुसलमानों के साथ यह भेदभाव क्यों किया जा रहा है?</description>

							

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								<title>नक्सलवाद के सामने चिदम्बरम चारों खाने चित्त</title>

								<link>http://www.visfot.com/voice_for_justice/2982.html</link>

								

										

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								<category>बियाबान में शोर</category>

								<pubDate>Mon, 22 Feb 2010 14:32:00 +0600</pubDate>

								<description>दो दिन पहले गृह मंत्री के तौर पर अपने प्रदर्शन के बारे में खुद चिदम्बरम ने कहा है कि उनका प्रदर्शन जीरो है। इसका मतलब कानून और व्यवस्था से नहीं है। उनका मतलब है कि वे कारपोरेट घरानों के हितों की रक्षा नहीं कर पा रहे हैं। जिन हितों की रक्षा के लिए कारपोरेट घरानों ने चिंदबरम को गृह मंत्रालय दिलवाया था, वो हित सध नहीं रहे। ताबड़तोड़ हमले हो रहे है। खासकर नक्सली हमले। चिंदबरम परेशान है। कोई जवाब नहीं मिल रहा है। अपनी वित्तीय नीतियों से कारपोरेट घरानों को मालामाल करने वाले चिंदबरम यहां पर चारो खाने चित नजर आ रहे हैं।</description>

							

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								<title>कहीं खो गये हैं जार्ज फर्नांडीज</title>

								<link>http://www.visfot.com/voice_for_justice/2974.html</link>

								

										

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								<category>बियाबान में शोर</category>

								<pubDate>Sun, 21 Feb 2010 11:28:00 +0600</pubDate>

								<description>बात 1998-99 की है. उन दिनों सूबेदार सिंह मुंबई में फुटपाथ वालों के लिए एक राजनीतिक दल बनाकर मुंबई महानगरपालिका में उनका प्रतिनिधित्व देना चाहते थे. हालांकि हृदयाघात से उनका निधन हो गया लेकिन अक्सर वे ट्रेड यूनियन के दिनों के जार्ज फर्नांडीज को याद करते हुए रो दिया करते थे. वे कहते थे- &amp;quot;मेरा जार्ज कहीं खो गया है.&amp;quot; सूबेदार सिंह जिन दिनों जार्ज फर्नांडीज को याद करके रो दिया करते थे उन दिनों जार्ज फर्नांडीज दिल्ली में रक्षा मंत्री और राजग के संयोजक हुआ करते थे. </description>

							

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								<title>सिलदा के नक्सली हमले से पैदा हुए सवाल</title>

								<link>http://www.visfot.com/voice_for_justice/2958.html</link>

								

										

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								<category>बियाबान में शोर</category>

								<pubDate>Thu, 18 Feb 2010 13:43:00 +0600</pubDate>

								<description>देश में इस तरह का माहौल बनाया गया है मानों केन्द्र सरकार नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए कृतसंकल्प है. लेकिन जमीनी हकीकत क्या है? पश्चिम बंगाल में हाल में सुरक्षा बलों पर हुए नक्सली हमले में जिस तरह 24 जवान मारे गये वह नक्सलियों से लड़ने की सुरक्षा बलों की सारी पोल खोल देता है. टीवी पत्रकार दिनेश काण्डपाल का विश्लेषण-</description>

							

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								<title>रोशनी की खोज में अंधेरे को आमंत्रण</title>

								<link>http://www.visfot.com/voice_for_justice/2950.html</link>

								

										

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								<category>बियाबान में शोर</category>

								<pubDate>Wed, 17 Feb 2010 13:37:00 +0600</pubDate>

								<description>जनवरी माह में नागपुर में आयोजित ऊर्जा विषयक एक व्याख्यान में ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने घोषणा की कि विदर्भ  को पॉवर हब बनाएंगे। यहां की बिजली परियोजनाओं के लिए जमीन देने वालों को मुआवजे के साथ 10 वर्षों तक 100 यूनिट बिजली प्रति माह मुफ्त दी जाएगी। लेकिन हकीकत यह है कि सरकार की यब प्रस्तावित योजना विदर्भ के जन जीवन के लिए अंधेरे का आमंत्रण साबित होगी.</description>

							

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								<title>आतंकवाद का दोषी नहीं है इस्लाम</title>

								<link>http://www.visfot.com/voice_for_justice/2939.html</link>

								

										

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								<category>बियाबान में शोर</category>

								<pubDate>Tue, 16 Feb 2010 01:09:00 +0600</pubDate>

								<description>राजनीति का स्तर इस कदर नीचे आ जाएगा, इसकी कल्पना नहीं की गयी थी। आम आदमी के बुनियादी मुद्दों को छोड़कर राजनीति किसी भी मुद्दे पर की जा सकती है। आतंकवाद जैसे गम्भीर और राष्ट्रीय समस्या पर भी राजनैतिक दल राजनीति करने से बाज नहीं आते हैं। पुणे की जर्मन बेकरी में हुए बग धमाके के बाद यही किया जा रहा है।</description>

							

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<description>visfot.com । विस्फोट.कॉम</description>

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