आमने-सामने
शब्दों की चौकीदारी संभव नहीं-अनुपम मिश्र
अनुपम मिश्र पानी और पर्यावरण पर काम करने के लिए जाने जाते हैं. लेकिन उनकी सर्वाधिक चर्चित पुस्तक आज भी खरे हैं तालाब के साथ उन्होंने एक ऐसा प्रयोग किया जिसका दूरगामी दृष्टि दिखती है. उन्होंने अपनी किताब पर किसी तरह का कापीराईट नहीं रखा. इस किताब की अब तक एक लाख से अधिक प्रतियां प्रकाशित हो चुकी हैं. मीडिया वर्तमान स्वरूप और कापीराईट के सवाल पर हमने विस्तृत बात की. यहां प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश-
अमर सिंह अच्छे, मुलायम अवसरवादी- कल्याण सिंह
अमर सिंह बहुत अच्छे इंसान हैं, राजनीतिक प्रबंधन का कौशल उनके टक्कर का किसी और नेता में नहीं है. उन्होंने मुलायम सिंह यादव की पार्टी को बहुत मजबूती दी और आय से अधिक संपत्ति के मामले में उनको अमर सिंह ने ही बचाया. अमर सिंह एक बहुत अच्छे नेता हैं और मैं उनका बहुत आदर करता हूँ .उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, कल्याण सिंह ने विस्फोट से एक विशेष बातचीत के दौरान यह बातें कहीं हैं.
सेन्सरशिप स्वीकार नहीं करेंगे -एरिक स्मिथ
गूगल कारपोरेशन के अध्यक्ष और सीईओ एरिक स्मिथ ने न्यूजवीक मैगजीन से बात करते हुए कहा है कि चीन में उनके ऊपर कई तरह के अनावश्यक प्रतिबंध लगाने की कोशिश की जा रही थी जिसे वे स्वीकार नहीं करते. इसलिए गूगल ने वहां से बाहर जाने की धमकी दी थी. प्रस्तुत है न्यूजवीक में प्रकाशित एिरक स्मिथ से फरीद जकारिया की बातचीत-...डिजिटल मीडिया में विज्ञापन की मांग बढ़ रही है- लिन डिसूजा
देश की तीन सबसे बड़ी विज्ञापन एजेंसियों में शुमार है लिंटास मीडिया ग्रुप (एलएमजी) और इसकी चेयरमैन व सीईओ हैं लिन डिसूजा। लिन देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की 50 सबसे प्रभावशाली हस्तियों में गिनी जाती हैं। उनका मानना है कि विज्ञापनदाताओं के लिए डिजिटल माध्यम काफी तेजी से उभर रहा है। लिन डिसूजा से बातचीत के चुनिंदा अंश। ...राजनीति में आध्यात्मिक भावना रखनी चाहिए-राजनाथ सिंह
भाजपा अध्यक्ष के रूप में चार साल की राजनीतिक पारी खेलनेवाले राजनाथ सिंह को भाजपा का सबसे बेचारा अध्यक्ष कहा गया. लेकिन राजनाथ सिंह कहते हैं कि जिन कारणों से उन्हें बेचारा कहा जाता है वह उनकी उदारता है. राजनीति में आध्यात्मिक भावना रखने की सलाह देने वाले राजनाथ सिंह से चार साल के अपने अध्यक्षीय कार्यकाल और अन्य कई महत्वपूर्ण मसलों पर विस्फोट.कॉम ने विशेष बातचीत की....मैं अकेला आया हूं और निरंतर चलता रहूंगा- नितिन गडकरी
भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त अध्यक्ष नितिन गडकरी ने गुरुवार को नई दिल्ली में विधिवत भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पद की कमान संभाली. इस मौके पर उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेस में पत्रकारों से भी बातचीत की. लगभग एक घण्टे चली इस प्रेस कांफ्रेस में नितिन गडकरी से पत्रकारों ने खुलकर सवाल पूछे. इस प्रेस कांफ्रेस में पूछे गये कुछ महत्वपूर्ण सवाल और उस पर गडकरी के जवाब यहां प्रकाशित कर रहे हैं- संपादक
दलित के हाथ में सत्ता नहीं देना चाहती कांग्रेस- अली अनवर
अली अनवर पश्मान्दा मुस्लिम महाज के नेशनल प्रेसीडेन्ट हैं और राज्यसभा में जद (यू) के मुख्य सचेतक हैं. रंगनाथ मिश्रा आयोग की रिपोर्ट को सदन में प्रस्तुत करवाने में अकेले अली अनवर की ही भूमिका है. पिछले दो साल से लगातार वे इस रिपोर्ट को सदन में पेश किये जाने के लिए अभियान चला रहे थे. रंगनाथ मिश्रा आयोग के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर हमने उनसे लंबी बात की. प्रस्तुत है अली अनवर से पूरी बातचीत-
सत्ता प्रतिष्ठान का दस्तावेज है लिब्राहन की रिपोर्ट-चंपत राय
चंपत राय विश्व हिन्दू परिषद के संयुक्त महामंत्री हैं. लिब्राहन आयोग के दोषियों की सूची में चंपत राय का भी नाम है. लेकिन चंपत राय का कहना है कि उन्हें एक बार भी अपना पक्ष रखने के लिए आयोग ने नहीं बुलाया. रिपोर्ट में चंपत राय को स्थानीय ठेकेदार बताया गया है जबकि उस समय भी वे विश्व हिन्दू परिषद का काम देख रहे थे. प्रस्तुत है चंपत राय से बातचीत जिसमें वे लिब्राहन आयोग पर ही कई तरह के सवाल उठा रहे हैं.
कांग्रेस मराठी माणुस को बांट रही है-उद्धव ठाकरे
शिवसेना की ओर से इस बार महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की सारी कमान उनके कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के हाथ में है. शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की अस्वस्थता को देखते हुए यह चुनाव न सिर्फ शिवसेना के लिए बल्कि खुद उद्धव ठाकरे के लिए भी परीक्षा की घड़ी है. उद्धव ठाकरे इस चुनाव को महाराष्ट्र की मुक्ति का चुनाव मान रहे हैं और उनका कहना है कि कांग्रेस प्रदेश में मराठी माणुस की मानसिकता के साथ खिलवाड़ कर रही है और एक साजिश के तहत उसे बांट रही है. मराठी सामना के कार्यकारी संपादक संजय राऊत ने उनसे विस्तृत बात की जिसका संपादित हिस्सा हम यहां प्रस्तुत कर रहे हैं- संपादक
उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी भाजपा - सुदर्शन
के.एस. सुदर्शन संघ के लोकप्रिय व्यक्तित्व के रूप में प्रतिष्ठित हैं। नौ साल तक आरएसएस के सरसंघचालक रहे सुदर्शन के काल में ही भाजपा ने सत्ता संभाली. जाहिर है वह वक्त भाजपा संघ संबंधों को लेकर सबसे संवेदनशील वक्त था जब कई बार संघ और भाजपा आमने-सामने आ खड़े हुए थे. अब सुदर्शन सरसंघचालक तो नहीं है लेकिन भाजपा को लेकर उनके अपने अनुभव क्या रहे हैं? संघ और भाजपा के बीच बढ़ी दूरियों के लिए कौन जिम्मेदार हैं, ऐसे ही कई सारे सवालों के साथ अवधेश आकोदिया ने उनसे बात की.
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न्याय न मिलने का अन्याय
भारत में न्याय प्रणाली पर आजादी के बाद से ही सवालिया निशान लगते रहे हैं. न्याय प्रणाली की परंपरागत पद्धतियों को गैर कानूनी घोषित करके खारिज तो कर दिया गया लेकिन ब्रिटिश उपनिवेश के आधार पर स्थापित की गयी न्याय प्रणाली को भी न्याय पाने के लिए ईमानदारी से लागू नहीं किया गया इसका परिणाम है कि देश में न्याय देनेवाली प्रणाली जनता को समय पर न्याय न देकर अन्याय कर रही है. सतीश सिंह का विश्लेषण-...
रामदेव के नटवरलाल!
बाबा रामदेव आजकल अपनी बातचीत में विश्व बैंक से लेकर मुद्रा कोष तक का हवाला देते हुए काला धन वापस लाने और देश का जीडीपी बढ़ा देने की वकालत करते हैं. उनका तर्क है कि ऐसा तभी हो सकता है जब राजनीति में व्यवस्था परिवर्तन हो. बाबा रामदेव के इन वक्तव्यों और भाषणों के मूल प्रेरणास्रोत का नाम है राजीव दीक्षित. राजीव दीक्षित ही वो व्यक्ति हैं जो बाबा रामदेव को राजनीति का पाठ पढ़ा रहे हैं. लेकिन खुद राजीव दीक्षित का अपना इतिहास क्या है?...
शौरी को साफ करने में जुटे आडवाणी
संघ की मंशा पर भले ही अपेक्षाकृत युवा नितिन गडकरी को भाजपा की कमान मिल गई हो, और आडवाणी को नेता प्रतिपक्ष से हटाकर पार्श्व में ढकेलने का प्रयास चल रहा हो, पर आडवाणी तो आडवाणी हैं। उन्होंने टीम गडकरी में अपने चहेतों को स्थान दिलवा ही दिया, भले ही वे रीढ विहीन क्यों न हों। इस आपरेशन से फारिग होने के बाद अब आडवाणी के निशाने पर संपादक से राजनेता बने अरूण शौरी पूरी तरह आ चुके हैं। आडवाणी और उनके समर्थको ने अब शौरी को राज्य सभा के रास्ते संसद में प्रवेश के रास्ते बंद करने की कवायद आरंभ कर दी है।...
डेविड हेडली का हेडेक
डेविड कोलमन हेडली के मुद्दे पर दुनिया के समक्ष भारत की ऐसी-तैसी हो गयी है. बावजूद इसके भारत सरकार, अधिकारी और मीडिया का एक हिस्सा इसे भारत पर अमेरिकी उपकार साबित कराने पर उतारू है. हमारे गृह सचिव जी.के. पिल्लई कहते हैं कि हम भले ही २६/११ के मामले में हेडली को प्रत्यर्पित करने के मामले में विफल रहे लेकिन अन्य मामलों में उसका प्रत्यर्पण संभव है. ...
मराठी बनाम बिहारी बनी टीम गडकरी
शिवसेना और महाराष्ट्र नव निर्माण सेना द्वारा समूचे महाराष्ट्र सूबे में उत्तर भारतीयों विशेषकर बिहारियों के साथ किए गए अत्याचार के बाद अब महाराष्ट्र प्रदेश से उठकर भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय राजनीति में कमान संभलने वाले नितिन गडकरी की नई टीम को मराठा बनाम बिहारी के तौर पर देखा जाने लगा है।...
खुला दिमाग लेकिन दरवाजा बंद
संसद और विधान मंडलों में महिलाओं को आरक्षण देने के लिए संविधान में संशोधन करने की कोशिशों को एक ज़बरदस्त झटका लगा है. बी जे पी की नेता सुषमा स्वराज ने कहा है कि इस बिल को लोकसभा में पास कराने के लिए प्रस्तावित सभी पार्टियों की मीटिंग में उनकी पार्टी खुले दिमाग से जायेगी. यह बयान बी जे पी के अब तक के रुख से थोडा अलग है....
मुस्लिम आरक्षण करेगा राष्ट्र का भक्षण
महिला आरक्षण पर संसद की चिकचिक चीख पुकार में बदल गयी. लालू प्रसाद यादव ने तो यहां तक कह दिया कि महिला आरक्षण विधेयक उनकी लाश पर ही पारित होगा. लेकिन लालू से लेकर तथाकथित प्रगतिशील दलों ने महिला आरक्षण का विरोध नहीं किया. उन्होंने महिला आरक्षण में जाति और मजहब के आधार पर आरक्षण के भीतर आरक्षण के लिए बवाल किया. यह प्रगतिशील दलों की नयी चाल है जिसमें उन्होंने अपने जातिवाद को धर्मनिर्पेक्षता का जामा पहना दिया है. मुस्लिम और इसाईयों के लिए आरक्षण की मांग इसी धर्मनिर्पेक्षता की पैदाइश है.
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जा तुझको माफ कर दिया, तू मुझको माफ कर!
पंजाब विधानसभा के उपाध्यक्ष सतपाल गोसाई द्वारा विधानसभा अध्यक्ष निर्मल सिंह काहलो को लिखे पत्र के संदर्भ में जब पंजाब विधानसभा में चर्चा चली तो कांग्रेस विधायक मक्खन सिंह ने कहा कि राज्य की राजनीति में राजनीतिक रंजिश के कारण कड़वाहट पैदा हो गई है। इस कड़वाहट को समाप्त करने के लिए उपाध्यक्ष गौसाई द्वारा लिखे पत्र में प्रकट विचारों पर विचार कर राजनीति में आई कड़वाहट को समाप्त करना चाहिए।...
परमाणु ताकत का खौफनाक अनुभव
आजकल भारत में परमाणु ताकत का अहसास करानेवालों की कमी नहीं है. बिजली उत्पादन में परमाणु ताकत का इस्तेमाल करने के तर्कों की भरमार है. लेकिन संसार के मानचित्र पर परमाणु ताकत ने जो तबाही मचाई है क्या हमने कभी उसके करीब जाकर परमाणु की उस विनाशक ताकत को अनुभव करने की कोशिश की है कि अगर दांव उल्टा पड़ा तो क्या होगा? जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहर से गुजरते हुए अश्विनी कुमार जोशी की रिपोर्ट- ...
सत्ता में महिला भागीदारी का कड़वा सच
सत्ता में सबको भागीदारी चाहिए। महिलाओं को भी सत्ता में भागीदारी देने के लिए महिला विधेयक राज्यसभा में पास करा लिया गया। सब कुछ ठीक रहा तो सत्ता में महिलाओं की तैंतींस प्रतिशत भागीदारी निश्चित हो जाएगी। हालांकि सपा, राजद और कुछ मुस्लिम नेताओं की राय है कि जो तैंतीस प्रतिशम महिलाएं चुनकर आएंगी, वे केवल 'इलीट' क्लास की होंगी। दलित, पिछड़ी और अल्पसंख्यक महिलाओं की भागीदारी नहीं के बराबर होगी। इसलिए इन राजनैतिक दलों का तर्क है कि दलित, पिछड़ी और अल्पसंख्यक महिलाओं को भी आरक्षण दिया जाए। इन दलों की बात सही है। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती।...
दलित उत्पीड़न को मिल रहा है दलित सत्ता का संरक्षण
अगर उत्तर प्रदेश में दलित सत्ता का सच देखना हो तो सोनभद्र आइये .यहाँ न सिर्फ आपको त्राहि त्राहि करता मानवाधिकार मिलेगा बल्कि हदें तोड़ रहा पुलिसिया दमन चक्र भी देखने को मिलेगा, मगरदहा में घटी घटना के लगभग एक डेढ़ साल पूर्व २४ सितम्बर २००८ को भी कुछ ऐसा ही हुआ था जब आदिवासी स्त्रियों को सरेआम नंगा करके पीटा गया था लेकिन हकीकत के सामने आने में पूरे एक साल लग गए। ...
पटना निगल जाता है आधा बिहार
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हमेशा से यह कहते हुए केंद्र पर अनदेखी का आरोप लगाते रहे हैं कि बिहार का विकास किए बगैर देश विकसित नहीं हो सकता, मगर जब बात उनके अपने राज्य की आती है तो संभवत: यह तर्क वे भूल जाते हैं और विकास की बड़ी राशि पटना में ही खर्च कर डालते हैं, भले भागलपुर, पूर्णिया या सुपौल जैसे जिले पिछड़े ही रह जाएं।...
दस्यु सरगनाओं की शरणस्थली में दलित पुजारी का मंदिर
चंबल की घनघोर घाटियों को आम तौर पर लोग दस्यु दलों की शरणस्थली मानते हैं परंतु इसके साथ ही यह घाटी सामाजिक समरसता का एक ऐसा उदाहरण भी प्रस्तुत करती है जो समाज में व्याप्त छुआछूत जैसी बीमारियां फैलाने वालों पर तमाचा मारती है। लोगों को यह जानकर हैरत होगी कि देश में इटावा जिले के लखना कस्बा में स्थिति मां कालिका देवी मंदिर ऐसा एकमात्र मंदिर है जिसका पुजारी मंदिर निर्माण के समय से लेकर अब तक सिर्फ दलित ही होता है।...
भ्रष्टाचार को शिष्टाचार बनाना चाहती है भाजपा
पहले राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित होकर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करो। विजिलेंस की जांच करवाओ। कोर्ट में चालान पेश हो जाए। और इसके बाद एक प्रस्ताव आए, अभी तक राजनीतिक विरोध और बदले की भावना से दर्ज मामले वापस लिए जाए। वो भी राज्य के विधानसभा में। भाजपा विधायक और पंजाब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर सतपाल गोसाई ने कुछ इस तरह का ही प्रस्ताव पंजाब विधानसभा में रखा है।...
बंगाल में सियासी सुनामी से आतंकित हैं वामपंथी
परिवर्तन की सुनामी से ग्रसित पश्चिम बंगाल में वामपंथियों को कुछ ही दिनों में एक और बड़े तूफ़ान से मुखातिब होना है. यह तूफ़ान सुनामी से भी बड़ा हो सकता है और वामपंथियों के गढ़ को उखाड़ कर फेंक सकता है. इसी खौफ से घबराये सत्तारूढ़ मोर्चे के आला नेताओं की नींद हराम है....
- हिन्दू आतंकवाद का अतिवाद
- वह गुजरात जिसे आप नहीं जानते
- अब भोजपुरी में बोलेगा बाजार
- तालिबान के देसी संस्करण
- विस्फोट पर अस्थाई कार्य विराम
Anti Ramdev Canpain has started. Good paid news.
अपने पैदा होने से लेकर अब तक के सारे पुण्यो और पापों के बारे में सोचें और आत्ममंथन करें उसके बाद स्वामी रामदेव जी पर ...
लिम्टी जी अरुण शौरी का पीआर देखना मेरे लिए फखर की बात हो सकती है. पैर इत्तेफाक से ऐसा नहीं है हर व्यक्ति का अपना ...
अर्जुन शर्मा जी लगता है आप अरुण शोरी का पीआर का कम सम्भाल रहे हैं, जब आडवानी जी पाकिस्तान गए और जिन्ना के लिए राग ...
इस कहानी का सबसे अच्छा पहलु यह है की यह हमें परमाणु के दुरूपयोग के भयानक नतीजों से अवगत करवाती है . लेखक ने वहां ...

