आमने-सामने
कश्मीर में अलगाववाद को मनोवैज्ञानिक मदद कर रहा है भारत
अजय च्रंगू पनुन कश्मीर के अध्यक्ष हैं जो कि निर्वासित कश्मीरी पण्डितों की सबसे बड़ी प्रतिनिधि संस्था है. कश्मीर घाटी में पिछले एक महीने से हो रहे उपद्रव के बारे में अजय च्रंगू कहते हैं कि अलगाववादियों की "बाटमलाइन" सेपरेशन है. यानी वे तब तक शांत नहीं होंगे जब तक कि कश्मीर घाटी को भारत से अलग नहीं कर दिया जाता. ऐसे में भारत सरकार की ढुलमुल नीतियां कश्मीर को भारत के साथ रखने की बजाय भारत से दूर करेंगी. कश्मीर मसले पर अजय च्रंगू से एक बातचीत-
विरोधियों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे-कुठियाला
पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए भोपाल में स्थापित माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय अक्सर विवादों में रहा है. छह महीने पहले जब प्रशासन ने नये कुलपित प्रो. बी के कुठियाला की नियुक्ति की तो एक बार फिर विश्वविद्यालय में तूफान खड़ा हो गया. प्रो. कुठियाला की नियुक्ति से लेकर अब तक विश्वविद्यालय पत्रकारिता की पढ़ाई का नहीं बल्कि राजनीति का अखाड़ा बन गया है. कुलपति पर आरोप है कि वे एक खास विचारधारा (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) से संपर्क रखते हैं इसलिए उनकी नियुक्तियों और कार्यपद्धति में उस विचारधारा का प्रभाव है जिसे वे बर्दाश्त नहीं करेंगे. जबकि कुलपति का कहना है कि कुछ लोग जानबूझकर विश्वविद्यालय का माहौल खराब कर रहे हैं ताकि विश्वविद्यालय में जो बदलाव होने चाहिए उसे वे प्रभावित कर सकें. भोपाल में उनके घर पर हुई बातचीत में हमने उन पर लगे आरोपों और विश्वविद्यालय को लेकर लंबी बातचीत की.
शब्दों की चौकीदारी संभव नहीं-अनुपम मिश्र
अनुपम मिश्र पानी और पर्यावरण पर काम करने के लिए जाने जाते हैं. लेकिन उनकी सर्वाधिक चर्चित पुस्तक आज भी खरे हैं तालाब के साथ उन्होंने एक ऐसा प्रयोग किया जिसका दूरगामी दृष्टि दिखती है. उन्होंने अपनी किताब पर किसी तरह का कापीराईट नहीं रखा. इस किताब की अब तक एक लाख से अधिक प्रतियां प्रकाशित हो चुकी हैं. मीडिया वर्तमान स्वरूप और कापीराईट के सवाल पर हमने विस्तृत बात की. यहां प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश-...निरुपमा के पिता ने दी थी बुरे अंजाम की धमकी- प्रियभांशु
निरुपमा की मौत के बाद प्रियभांशु गहरे अवसाद में है और मीडिया से बात करना बंद कर चुका है. लेकिन जिस प्रकार से निरुपमा के घरवाले इस पूरे मामले को टर्न देने की कोशिश कर रहे थे उसमें प्रियभांशु का बोलना जरूरी हो गया था. प्रियभांशु का कहना है कि निरुपमा के पिताजी ने तीन बार फोन करके उसके पिता को धमकी दी थी कि अपने बेटे को समेट लीजिए नहीं तो अंजाम बहुत बुरा होगा. प्रियभांशु से की गयी बातचीत का महत्वपूर्ण अंश. ...गुजरात दंगों का प्रायश्चित है गांधी कथा - नारायण भाई
गांधी की गोद में पैदा हुए नारायणभाई देसाई महात्मा गांधी के निजी सचिव महादेवभाई देसाई के बेटे हैं. उन्होंने सक्रिय रूप से दस साल तक महात्मा गांधी के साथ काम किया है. महात्मा गांधी को बेहद करीब से देखने जाननेवाले नारायणभाई ने 80 साल की उम्र में गांधी कथा कहना शुरू किया तो संभवत: वे गांधी को उन्हीं के तरीकों से लोगों के सामने लाने जा रहे थे जो सेमिनारी गांधी और सरकारी गांधी से अलग थे. नारायणभाई देसाई अब तक 82 गांधी कथा कह चुके हैं. उनकी 82वीं गांधी कथा के मौके पर हमने उनसे लंबी बात की. बातचीत के प्रमुख अंश-...अमर सिंह अच्छे, मुलायम अवसरवादी- कल्याण सिंह
अमर सिंह बहुत अच्छे इंसान हैं, राजनीतिक प्रबंधन का कौशल उनके टक्कर का किसी और नेता में नहीं है. उन्होंने मुलायम सिंह यादव की पार्टी को बहुत मजबूती दी और आय से अधिक संपत्ति के मामले में उनको अमर सिंह ने ही बचाया. अमर सिंह एक बहुत अच्छे नेता हैं और मैं उनका बहुत आदर करता हूँ .उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री, कल्याण सिंह ने विस्फोट से एक विशेष बातचीत के दौरान यह बातें कहीं हैं.
सेन्सरशिप स्वीकार नहीं करेंगे -एरिक स्मिथ
गूगल कारपोरेशन के अध्यक्ष और सीईओ एरिक स्मिथ ने न्यूजवीक मैगजीन से बात करते हुए कहा है कि चीन में उनके ऊपर कई तरह के अनावश्यक प्रतिबंध लगाने की कोशिश की जा रही थी जिसे वे स्वीकार नहीं करते. इसलिए गूगल ने वहां से बाहर जाने की धमकी दी थी. प्रस्तुत है न्यूजवीक में प्रकाशित एिरक स्मिथ से फरीद जकारिया की बातचीत-
डिजिटल मीडिया में विज्ञापन की मांग बढ़ रही है- लिन डिसूजा
देश की तीन सबसे बड़ी विज्ञापन एजेंसियों में शुमार है लिंटास मीडिया ग्रुप (एलएमजी) और इसकी चेयरमैन व सीईओ हैं लिन डिसूजा। लिन देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की 50 सबसे प्रभावशाली हस्तियों में गिनी जाती हैं। उनका मानना है कि विज्ञापनदाताओं के लिए डिजिटल माध्यम काफी तेजी से उभर रहा है। लिन डिसूजा से बातचीत के चुनिंदा अंश।
राजनीति में आध्यात्मिक भावना रखनी चाहिए-राजनाथ सिंह
भाजपा अध्यक्ष के रूप में चार साल की राजनीतिक पारी खेलनेवाले राजनाथ सिंह को भाजपा का सबसे बेचारा अध्यक्ष कहा गया. लेकिन राजनाथ सिंह कहते हैं कि जिन कारणों से उन्हें बेचारा कहा जाता है वह उनकी उदारता है. राजनीति में आध्यात्मिक भावना रखने की सलाह देने वाले राजनाथ सिंह से चार साल के अपने अध्यक्षीय कार्यकाल और अन्य कई महत्वपूर्ण मसलों पर विस्फोट.कॉम ने विशेष बातचीत की.
मैं अकेला आया हूं और निरंतर चलता रहूंगा- नितिन गडकरी
भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त अध्यक्ष नितिन गडकरी ने गुरुवार को नई दिल्ली में विधिवत भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पद की कमान संभाली. इस मौके पर उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेस में पत्रकारों से भी बातचीत की. लगभग एक घण्टे चली इस प्रेस कांफ्रेस में नितिन गडकरी से पत्रकारों ने खुलकर सवाल पूछे. इस प्रेस कांफ्रेस में पूछे गये कुछ महत्वपूर्ण सवाल और उस पर गडकरी के जवाब यहां प्रकाशित कर रहे हैं- संपादक
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सुदर्शन का (कु) दर्शन
जबसे आरएसएस के लोगों की आतंकवादी घटनाओं में संलिप्तता सामने आयी है, तब से आरएसएस के नेता बौखला गए हैं। इस बौखलाहट में ही शायद संघ के इतिहास में पहली बार हुआ है कि इसके स्वयंसेवक विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे। इसी बौखलाहट में आरएसएस के एक्स चीफ केएस सुदर्शन का मानसिक संतुलन बिगड़ गया और सोनिया गांधी के बारे में ऐसे शब्द बोल दिए, जिन्हें एक विकृत मानसिकता का आदमी ही बोल सकता है।...
सीआईए नहीं केजीबी एजंट कहिए जनाब
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक ने 10 नवंबर को सोनिया गांधी पर सीआईए एजंट होने का आरोप लगाकर सनसनी पैदा कर दिया है. पूरी की पूरी कांग्रेस उत्तेजित है और संघ भी बैकफुट पर चला गया है. सुदर्शन के आस पास के लोगों का कहना है कि सुदर्शन जी भुलक्कड़ हो गये हैं और उन्हें कुछ ठीक से याद नहीं रहता. शायद इसीलिए उन्होंने इतनी बड़ी चूक कर दी. ...
सोनिया का सच जान बेकाबू क्यों होते हो?
एक बार फिर लोकतंत्र पर आपातकाल मंडरा पड़ा है. राजमाता सोनिया गांधी के सिपहसालारों ने कांग्रेसी गुण्डों, माफियाओं और लोकतंत्र के हत्यारों का आह्वान किया है कि वह देशभर में संघ कार्यालयों पर धावा बोल दे. इसका तत्काल प्रभाव हुआ और कांग्रेसी गुण्डों ने संघ के दिल्ली मुख्यालय पर धावा भी बोल दिया. ठीक वैसे ही जैसे इंदिरा गांधी की मौत के बाद सिखों को निशाना बनाया गया था. हिंसक और अलोकतातंत्रिक मानसिकता से ग्रस्त कांग्रेसी सोनिया का सच जानकर आखिर इस तरह बेकाबू क्यों हो रहे हैं?...
नये निजाम के दामन पर है ज्यादा बड़ा दाग
मुंबई। महाराष्ट्र के नए निजाम भी कोई दूध के धुले नहीं हैं। कांग्रेस आलाकमान ने अशोक चव्हाण को फर्जीवाड़े से फ्लैट पाने के आरोप में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की गद्दी से हटा दिया। लेकिन नए मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी उसी तरह के फर्जीवाड़े में गले तक डूबे हुए हैं। उन्होंने जितने बड़े बड़े झूठ बोलकर सरकार से फ्लैट हथियाए हैं वे कांग्रेस के लिए ज्यादा दागदार हैं।...
अजमेर चार्जशीट और संघी उछल-कूद
बढ़ते पैमाने पर इसके साक्ष्य सामने आ रहे हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर एस एस) से जुड़े लोगों का आतंकवादी हमलों में हाथ रहा है। इन हालात में आर एस एस इस पुराने सूत्र पर चल रहा लगता है कि हमला ही सबसे अच्छा बचाव है। उसने 10 नवंबर को देशव्यापी विरोध कार्रवाइयों का आह्वान किया है। इन कार्रवाइयों में संघ के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की बात कही जा रही है। बहरहाल, इसकी चर्चा हम जरा बाद में करेंगे।...
अपने होने पर ही हैरान
‘चुप्पी-चुप्पी नहीं नहीं, बोलेंगे अब सभी-सभी’ इन्हीं नारों से दाहोद (गुजरात) का सीनियर रेलवे संस्थान परिसर 31 अक्टूबर को पूरे दिन गूंजता रहा। यहां गुजरात के बड़ोदरा, पंचमहल, सुरत, भड़ूच, डांग, बालसाड और साबरकांठा जिले से लगभग तीन हजार के आस पास विमुक्त एवं घुमंतू समाज से ताल्लुक रखने वाले लोग इकट्ठे हुए थे। मौका था, अधिकार अभियान की घोषणा का। उस समाज के लिए जो इस लोकतांत्रिक देश में अधिकार का अर्थ अभी तक समझ नहीं पाएं हैं। ...
गोली लगने के बाद क्या गांधी ने कहा था- हे राम ?
यह एक ऐसा सवाल है जिस पर अब विवाद होने लगा है. 30 जनवरी 1948 को क्या जब महात्मा गांधी को नाथूराम गोडसे ने गोली मारी तो महात्मा गांधी ने अपने मुंह से हे! राम का संबोधन किया था? उस वक्त घटनास्थल पर मौजूद रहे एक प्रत्यक्षदर्शी के डी मदान का कहना है कि "मैंने नहीं सुना था कि उन्होंने हे राम कहा था या नहीं."...
भद्दा और बेदम रहा संघ का विरोध प्रदर्शन
स्कूल जाते बच्चों के भी हाथ में भगवा थमाकर भले ही संघ ने शक्ति प्रदर्शन की भरपूर कोशिश की हो लेकिन 10 नवम्बर का दिन उसके इतिहास में कोई बडी घटना के रूप में याद नहीं किया जायेगा। हॉ हम बात कर रहे है राजस्थान के भरतपुर जिला मुख्यालय की जहॉ देश भर की ही तरह हिन्दुवादी संघटनों ने अपने उपर लग रहे ‘भगवा आतंकवाद’ के आरोपों के विरोध में शक्ति प्रदर्शन किया था। भरतपुर जहॉ संघ प्रचारक क रूप में भाजपा के पीएमइन वेंटिग लालकृष्ण आडवानी ने अपनी सेवाऐं दी है संघ का ये विरोध प्रदर्शन एक दम भददा और हल्का रहा।...
एनसीपी के 'दादा' का दांव
महाराष्ट्र में कांग्रेस में परिवर्तन हुआ तो राष्ट्रवादी कांग्रेस ने भी अपने पत्ते खोल दिये. राज्य में लंबे समय से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही सत्ता के दावेदारी पर एनसीपी ने आखिरकार प्रदेश की प्रशासनिक कमान अपनी ओर से शरद पवार के भतीजे अजीत पवार को सौंप दी है. अब गुरुवार को शाम साढ़े चार बजे पृथ्वीराज चव्हाण के साथ अजीत "दादा" पवार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे....
पीएमओ वाले पृथ्वीराज
महाराष्ट्र के नये मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण यूपीए सरकार पार्ट वन और पार्ट टू में बतौर पीएमओ मिनिस्टर जाने जाते हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय में रहते हुए भी उन्होंने कभी ताकतवर होने का दंभ नहीं पाला और चुपचाप काम करते रहे. बिट्स पिलानी से बीई और बर्कले विश्वविद्यालय से एमएस की डिग्री हासिल करनेवाले पृथ्वीराज की राजनीतिक कमेस्ट्री ने उनके सार्वजनिक जीवन में पहली बार इतना गाढ़ा रंग उड़ेला है....
सुलग रहा है मेरठ 'हिन्दुस्तान'
एक ओर हिन्दुस्तान अखबार अपनी अलग कंपनी बनाकर अखबार को चमकाने और अखबार का विस्तार करने में लगा है वहीं दूसरी ओर हिन्दुस्तान के विभिन्न संस्करणों में हालात ठीक नहीं है. हिन्दुस्तान के मेरठ संस्करण में इन दिनों इस्तीफे दिये जा रहे हैं लेकिन प्रचारित किया जा रहा है कि जो आफिस नहीं आ रहे हैं वे छुट्टी पर चले गये हैं....
आलोक तोमर के बगल में बसे किशोर मालवीय
सीएनईबी में पहले से एक सलाहकार संपादक थे- आलोक तोमर. अब दूसरे सलाहकार संपादक भी वहां नियुक्त हो गये हैं किशोर मालवीय. उन्होंने सीएनईबी चैनल के साथ बतौर कंसल्टिंग एडिटर अपनी नई पारी की शुरुआत की है। सीएनईबी से पहले वे ‘वायस ऑफ इंडिया’ न्यूज चैनल के साथ जुड़े हुए थे। उन्होंने करीब दो दशक के कॅरियर में देश के नामी-गिरामी मीडिया संस्थानों में कई जिम्मेदारियां निभाईं हैं।...
सुरक्षा परिषद की छांव में खेती पर दांव
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संसद में दिये गये अपने भाषण में भारत से मिले प्यार की भूरि भूरि प्रशंसा जरूर की लेकिन अपनी व्यावसायिक मजबूरियों को छिपा नहीं सके. बराक ओबामा ने संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए जहां एक ओर भारत को महाशक्ति करार देकर उसके लिए संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सदस्यता को अपना समर्थन दिया वहीं भारत और अमेरिका द्वारा मिलकर खेती के क्षेत्र में एक और हरित क्रांति के आगाज की घोषणा की....
आतंक नहीं कश्मीर केन्द्रित हुई ओबामा यात्रा
रविवार की देर शाम भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित भोज में ओमर अब्दुल्ला के शामिल होने से जो आशंका पैदा हुई थी वह सोमवार को हैदराबाद हाउस में और प्रबल रूप में सामने आ गयी जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमेरिकी राष्ट्रपति की उपस्थिति में स्वीकार किया कि वे पाकिस्तान से बात करते वक्त "के" शब्द पर बात करने से नहीं कतराते हैं....
भारत से धंधा, पाक को चंदा
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा ने अपना तीन दिवसीय दौरा पूरा कर लिया. मुंबई उतरकर दिल्ली दरबार तक उनकी दस्तक भारत पर अमेरिका के मजबूत पकड़ की मिसाल बन गया. निश्चित रूप से उनका दौरा भारत के लिए उतना महत्वपूर्ण नहीं जितना खुद अमेरिका के लिए है. मंदी के दौर से जूझ रहे अमेरिका को "कारपोरेट" जगत का धंधा दिलाने के लिए उन्होंने न केवल भारत को महाशक्ति करार दे दिया बल्कि सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का समर्थन भी कर दिया....
- आलोक तोमर की आपबीती
- वह गुजरात जिसे आप नहीं जानते
- हिन्दू आतंकवाद का अतिवाद
- सिमी से भी खतरनाक है संघ का स्वरूप
- बाबा रामदेव का दांव
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...

