परत-दर-परत
पटेल की पुण्यतिथि पर एक बार फिर हैदराबाद
तेलंगाना के विवाद के चलते हैदराबाद एक बार फिर चर्चा में है. जब भी हैदराबाद का ज़िक्र आता है , समकालीन इतिहास का कोई भी विद्यार्थी सरदार पटेल को याद किये बिना नहीं रह सकता. १५ दिसंबर को सरदार पटेल की पुण्यतिथि के अवसर पर कुशल राज्य के उस महान प्रणेता और हैदराबाद के सबंधों को याद करना बहुत ही महत्वपूर्ण है.
अलग अस्मिता या सत्ता का स्वार्थ?
तेलंगाना की अस्मिता के समक्ष केंद्र सरकार के समझौते ने कई प्रांतीय अस्मिताओं को हवा देने का काम किया है। असम में बोडोलैंड, पश्चिम बंगाल में गोरखालैंड, महाराष्ट्र में विदर्भ और उत्तर प्रदेश को बांटकर तीन नए राज्यों के पुनर्गठन की चर्चा/मांगें प्रारंभ हो गई हैं। बीच के दिनों में मैंने ‘हिंदी-गरीबों की भाषा’ शीर्षक से लेख लिखा था। उसमें भाषाई अस्मिता का जिक्र किया था तो एक सुधी पाठक ने प्रश्न पूछा था कि आखिर ‘अस्मिता’ शब्द का अर्थ क्या है?
कौन कहता है नहीं झुकी राजस्थान सरकार
राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है. अशोक गहलौत के नेतृत्व में यह उनकी दूसरी सरकार है. इससे पहले प्रदेश में भाजपा की महारानी ने सरकार चलाई. चुनावों के समय रानी ने नारा दिया था. ‘‘ अब नहीं रूकेगा राजथान’’ उस समय कांग्रेस ने भी एक नारा दिया था.‘‘अब नहीं झुकेगा राजस्थान’’ लेकिन लगता है कांग्रेस के नारे पर विश्वास करने वाले मतदाता अब कह रहे है कौन कहता है नहीं झुका राजस्थान. सरकार तो हर कदम झुकती दिखाइ दी. ...अलग तेलंगाना का तिलिस्म
आज जिस तेलंगाना राज्य को लेकर आंध्र प्रदेश में आंदोलन चरम पर उसकी शुरूआत 1969 में हुई. इस साल हुए आंदोलन में उस्मानिया विश्वविद्यालय के 350 से अधिक छात्र शहीद हो गये. इस आंदोलन का नेतृत्व एक कांग्रेसी नेता मरिचन्ना रेड्डी ने किया. उन्होंने अलग तेलंगाना राज्य के लिए जय तेलंगाना का नारा दिया और अलग से तेलंगाना प्रजा समिति की स्थापना की. लेकिन इंदिरा गांधी ने उन्हें दोबारा कांग्रेस में शामिल कर लिया और उन्हें प्रदेश का मुख्यमंत्री बना दिया....कोपनहेगन सम्मेलन का अर्थ और उसके परिणाम
कभी महात्मा गाँधी ने कहा था- इंसान की जरुरतों को प्रकृति तो पूरा कर सकती है लेकिन इंसान के लालच को नहीें । आज इंसान का लालच सभी सीमाओं को लांघ चुका है। इस लालच पर किस तरह से लगाम लगाया जाये, यही है इस सम्मेलन का प्रमुख मुद्वा। 192 देश के प्रतिनिधि इस सम्मेलन में भागीदारी करने के लिए आ रहे हैं। सभी मिल-बैठकर विचार करेंगे कि कैसे इस पृथ्वी को ग्रीन हाउस गैस के खतरों से बचाया जाये?...हिंसक होता पंजाब का वर्ग संघर्ष
पंजाब पुलिस की शरारत से भारत का प्रमुख औद्योगिक शहर लुधियाना शुक्रवार को हिंसा की चपेट में आ गया। पहले तो पुलिस ने परप्रांतीय मजदूरों के साथ हुई लूट की रिपोर्ट दर्ज करने के बजाए पीडि़तों को भगा दिया। इस पर आक्रोशित हजारों मजदूर सड़क पर उतर आए और उन्होंने रेल ट्रैक को जाम करने के साथ ही कई वाहनों को आग लगा दी।
क्या है कार्बन क्रेडिट और कैसे होती है कार्बन ट्रेडिंग?
कार्बन अपने शुद्धतम रूप में हीरे या ग्रेफाइट में पाया जाता है । यही कार्बन, आक्सीजन, हाइड्रोजन व पानी से मिलकर प्रकाश संश्लेषण के द्वारा पौधों का भोजन तैयार करता है और यही कार्बन सूर्य की उष्मा को रोककर पृथ्वी का तापमान बढ़ाता रहा है । यह कार्बन इस वातावरण का ऐसा तत्व है जो नष्ट नहीं होता, विज्ञान के अनुसार जो पेड़ व जीव के शरीर का कार्बन था उसने ही जमीन के भीतर जाकर एक ऐसा योगिक बनाया जिसे हाइड्रोकार्बन कहा जाता है और यह हाइड्रोकार्बन कोयले व पैट्रोलियम पदार्थों का मुख्य घटक है।
लकवाग्रस्त, लाचार और बेबस झारखण्ड
आप कह सकते हैं कि जनता सब जानती है. झारखण्ड की असलियत के बारे में संताल के इस 65 वर्षीय आदिवासी का बयान तो सुनिए- "झरखण्डवा पर कोनो संकट नही आया है। संकट तो नेताओं के कुरसिया पर आइल है। हम लोगो के पेट में दरिदर नही घुसल है। नेता लोग ही कुर्सी ला छिछियाइल फिर रहल है। हमरी गंजी के छेद मत गिनिए,नेता लोग जाके इ गिने की उनके केतना सिटवा पर सेंध लगने वाला है । अपना घर और स्टेट संभलता नही ,चलें है झारखंड बनाने। सार सब चोरे है।"
पायलट बाबा, आइकावा और अरबों का खेल
महायोगी पायलट बाबा का नाम आपने जरूर सुना होगा। यह वही बाबा हैं जो आस्था चैनल में तमाम बार अपनी जापानी शिष्या केइको आइकावा के साथ उपदेश देते नजर आते हैं। मगर लोगों को उपदेश देने वाले बाबा ने अपने कुछ शिष्यों के साथ एक रुपये में कंप्यूटर शिक्षा के नाम से ऐसा खेल चलाया कि उत्तराखंड ही नहीं मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश से लेकर तमाम पड़ोसी राज्यों में ४१२ करोड़ ८० लाख रुपये के वारे-न्यारे हो गए। एक योगी बाबा, उनसे जुड़ी साध्वी के साथ दो नटवर लालों के इस खेल में एक दो नहीं बल्कि पूरे आठ हजार लोग हलाल हुए थे। मुसीबत उन लोगों की ज्यादा है जिन्होंने किसी तरह पैसों का प्रबंध कर इस संस्था से जुडऩे का जुगाड़ किया। एक रुपये में कंप्यूटर शिक्षा के नारे के साथ लोगों के बीच जाने वाली आइकावा के खिलाफ उत्तराखंड सरकार ने अब सीबीसीआईडी जांच करने का फैसला किया है। इसके बाद बाबा फिलहाल कुटिया से मयशिष्या गायब हैं।
लोहिया की लाल टोपी पर भारी मुलायम सिंह का समाजवाद
कांग्रेस को सता से हटाए जाने को लेकर जनता के बीच कांग्रेस विरोधियों ने वंशवाद के खिलाफ नारा दिया था। वंशवाद का मतलब था इंदिरा नेहरू परिवार के हाथ में देश की सता की चाभी क्यों? जनता ने विपक्ष के इस नारे पर विश्वास किया था। इस मुहिम में मुलायम सिंह भी शामिल थे। लेकिन आज मुलायम सिंह ने क्या किया? खुद भी सांसद, बेटा अखिलेश भी सांसद, भतीजा धमेंद्र भी सांसद, भाई शिवपाल भी पार्टी में महत्वपूर्ण पद पर। घर में बहु डिंपल यादव बची थी उन्हें भी चुनाव मैदान में उतार दिया। यानि की जो नारा कांग्रेस के खिलाफ दिया था उसी में खुद रम गए। रमने की भी एक सीमा होती है। वंशवाद कांग्रेस के अलावा सारे राजनीतिक दल कर रहे है। यह देश की जनता समझ चुकी है। पर कांग्रेस का वंशवाद बाकियों से अलग है।
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सुदर्शन का (कु) दर्शन
जबसे आरएसएस के लोगों की आतंकवादी घटनाओं में संलिप्तता सामने आयी है, तब से आरएसएस के नेता बौखला गए हैं। इस बौखलाहट में ही शायद संघ के इतिहास में पहली बार हुआ है कि इसके स्वयंसेवक विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे। इसी बौखलाहट में आरएसएस के एक्स चीफ केएस सुदर्शन का मानसिक संतुलन बिगड़ गया और सोनिया गांधी के बारे में ऐसे शब्द बोल दिए, जिन्हें एक विकृत मानसिकता का आदमी ही बोल सकता है।...
सीआईए नहीं केजीबी एजंट कहिए जनाब
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक ने 10 नवंबर को सोनिया गांधी पर सीआईए एजंट होने का आरोप लगाकर सनसनी पैदा कर दिया है. पूरी की पूरी कांग्रेस उत्तेजित है और संघ भी बैकफुट पर चला गया है. सुदर्शन के आस पास के लोगों का कहना है कि सुदर्शन जी भुलक्कड़ हो गये हैं और उन्हें कुछ ठीक से याद नहीं रहता. शायद इसीलिए उन्होंने इतनी बड़ी चूक कर दी. ...
सोनिया का सच जान बेकाबू क्यों होते हो?
एक बार फिर लोकतंत्र पर आपातकाल मंडरा पड़ा है. राजमाता सोनिया गांधी के सिपहसालारों ने कांग्रेसी गुण्डों, माफियाओं और लोकतंत्र के हत्यारों का आह्वान किया है कि वह देशभर में संघ कार्यालयों पर धावा बोल दे. इसका तत्काल प्रभाव हुआ और कांग्रेसी गुण्डों ने संघ के दिल्ली मुख्यालय पर धावा भी बोल दिया. ठीक वैसे ही जैसे इंदिरा गांधी की मौत के बाद सिखों को निशाना बनाया गया था. हिंसक और अलोकतातंत्रिक मानसिकता से ग्रस्त कांग्रेसी सोनिया का सच जानकर आखिर इस तरह बेकाबू क्यों हो रहे हैं?...
नये निजाम के दामन पर है ज्यादा बड़ा दाग
मुंबई। महाराष्ट्र के नए निजाम भी कोई दूध के धुले नहीं हैं। कांग्रेस आलाकमान ने अशोक चव्हाण को फर्जीवाड़े से फ्लैट पाने के आरोप में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की गद्दी से हटा दिया। लेकिन नए मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी उसी तरह के फर्जीवाड़े में गले तक डूबे हुए हैं। उन्होंने जितने बड़े बड़े झूठ बोलकर सरकार से फ्लैट हथियाए हैं वे कांग्रेस के लिए ज्यादा दागदार हैं।...
अजमेर चार्जशीट और संघी उछल-कूद
बढ़ते पैमाने पर इसके साक्ष्य सामने आ रहे हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर एस एस) से जुड़े लोगों का आतंकवादी हमलों में हाथ रहा है। इन हालात में आर एस एस इस पुराने सूत्र पर चल रहा लगता है कि हमला ही सबसे अच्छा बचाव है। उसने 10 नवंबर को देशव्यापी विरोध कार्रवाइयों का आह्वान किया है। इन कार्रवाइयों में संघ के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की बात कही जा रही है। बहरहाल, इसकी चर्चा हम जरा बाद में करेंगे।...
अपने होने पर ही हैरान
‘चुप्पी-चुप्पी नहीं नहीं, बोलेंगे अब सभी-सभी’ इन्हीं नारों से दाहोद (गुजरात) का सीनियर रेलवे संस्थान परिसर 31 अक्टूबर को पूरे दिन गूंजता रहा। यहां गुजरात के बड़ोदरा, पंचमहल, सुरत, भड़ूच, डांग, बालसाड और साबरकांठा जिले से लगभग तीन हजार के आस पास विमुक्त एवं घुमंतू समाज से ताल्लुक रखने वाले लोग इकट्ठे हुए थे। मौका था, अधिकार अभियान की घोषणा का। उस समाज के लिए जो इस लोकतांत्रिक देश में अधिकार का अर्थ अभी तक समझ नहीं पाएं हैं। ...
गोली लगने के बाद क्या गांधी ने कहा था- हे राम ?
यह एक ऐसा सवाल है जिस पर अब विवाद होने लगा है. 30 जनवरी 1948 को क्या जब महात्मा गांधी को नाथूराम गोडसे ने गोली मारी तो महात्मा गांधी ने अपने मुंह से हे! राम का संबोधन किया था? उस वक्त घटनास्थल पर मौजूद रहे एक प्रत्यक्षदर्शी के डी मदान का कहना है कि "मैंने नहीं सुना था कि उन्होंने हे राम कहा था या नहीं."...
भद्दा और बेदम रहा संघ का विरोध प्रदर्शन
स्कूल जाते बच्चों के भी हाथ में भगवा थमाकर भले ही संघ ने शक्ति प्रदर्शन की भरपूर कोशिश की हो लेकिन 10 नवम्बर का दिन उसके इतिहास में कोई बडी घटना के रूप में याद नहीं किया जायेगा। हॉ हम बात कर रहे है राजस्थान के भरतपुर जिला मुख्यालय की जहॉ देश भर की ही तरह हिन्दुवादी संघटनों ने अपने उपर लग रहे ‘भगवा आतंकवाद’ के आरोपों के विरोध में शक्ति प्रदर्शन किया था। भरतपुर जहॉ संघ प्रचारक क रूप में भाजपा के पीएमइन वेंटिग लालकृष्ण आडवानी ने अपनी सेवाऐं दी है संघ का ये विरोध प्रदर्शन एक दम भददा और हल्का रहा।...
एनसीपी के 'दादा' का दांव
महाराष्ट्र में कांग्रेस में परिवर्तन हुआ तो राष्ट्रवादी कांग्रेस ने भी अपने पत्ते खोल दिये. राज्य में लंबे समय से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही सत्ता के दावेदारी पर एनसीपी ने आखिरकार प्रदेश की प्रशासनिक कमान अपनी ओर से शरद पवार के भतीजे अजीत पवार को सौंप दी है. अब गुरुवार को शाम साढ़े चार बजे पृथ्वीराज चव्हाण के साथ अजीत "दादा" पवार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे....
पीएमओ वाले पृथ्वीराज
महाराष्ट्र के नये मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण यूपीए सरकार पार्ट वन और पार्ट टू में बतौर पीएमओ मिनिस्टर जाने जाते हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय में रहते हुए भी उन्होंने कभी ताकतवर होने का दंभ नहीं पाला और चुपचाप काम करते रहे. बिट्स पिलानी से बीई और बर्कले विश्वविद्यालय से एमएस की डिग्री हासिल करनेवाले पृथ्वीराज की राजनीतिक कमेस्ट्री ने उनके सार्वजनिक जीवन में पहली बार इतना गाढ़ा रंग उड़ेला है....
सुलग रहा है मेरठ 'हिन्दुस्तान'
एक ओर हिन्दुस्तान अखबार अपनी अलग कंपनी बनाकर अखबार को चमकाने और अखबार का विस्तार करने में लगा है वहीं दूसरी ओर हिन्दुस्तान के विभिन्न संस्करणों में हालात ठीक नहीं है. हिन्दुस्तान के मेरठ संस्करण में इन दिनों इस्तीफे दिये जा रहे हैं लेकिन प्रचारित किया जा रहा है कि जो आफिस नहीं आ रहे हैं वे छुट्टी पर चले गये हैं....
आलोक तोमर के बगल में बसे किशोर मालवीय
सीएनईबी में पहले से एक सलाहकार संपादक थे- आलोक तोमर. अब दूसरे सलाहकार संपादक भी वहां नियुक्त हो गये हैं किशोर मालवीय. उन्होंने सीएनईबी चैनल के साथ बतौर कंसल्टिंग एडिटर अपनी नई पारी की शुरुआत की है। सीएनईबी से पहले वे ‘वायस ऑफ इंडिया’ न्यूज चैनल के साथ जुड़े हुए थे। उन्होंने करीब दो दशक के कॅरियर में देश के नामी-गिरामी मीडिया संस्थानों में कई जिम्मेदारियां निभाईं हैं।...
सुरक्षा परिषद की छांव में खेती पर दांव
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संसद में दिये गये अपने भाषण में भारत से मिले प्यार की भूरि भूरि प्रशंसा जरूर की लेकिन अपनी व्यावसायिक मजबूरियों को छिपा नहीं सके. बराक ओबामा ने संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए जहां एक ओर भारत को महाशक्ति करार देकर उसके लिए संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सदस्यता को अपना समर्थन दिया वहीं भारत और अमेरिका द्वारा मिलकर खेती के क्षेत्र में एक और हरित क्रांति के आगाज की घोषणा की....
आतंक नहीं कश्मीर केन्द्रित हुई ओबामा यात्रा
रविवार की देर शाम भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित भोज में ओमर अब्दुल्ला के शामिल होने से जो आशंका पैदा हुई थी वह सोमवार को हैदराबाद हाउस में और प्रबल रूप में सामने आ गयी जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमेरिकी राष्ट्रपति की उपस्थिति में स्वीकार किया कि वे पाकिस्तान से बात करते वक्त "के" शब्द पर बात करने से नहीं कतराते हैं....
भारत से धंधा, पाक को चंदा
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा ने अपना तीन दिवसीय दौरा पूरा कर लिया. मुंबई उतरकर दिल्ली दरबार तक उनकी दस्तक भारत पर अमेरिका के मजबूत पकड़ की मिसाल बन गया. निश्चित रूप से उनका दौरा भारत के लिए उतना महत्वपूर्ण नहीं जितना खुद अमेरिका के लिए है. मंदी के दौर से जूझ रहे अमेरिका को "कारपोरेट" जगत का धंधा दिलाने के लिए उन्होंने न केवल भारत को महाशक्ति करार दे दिया बल्कि सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का समर्थन भी कर दिया....
- आलोक तोमर की आपबीती
- वह गुजरात जिसे आप नहीं जानते
- हिन्दू आतंकवाद का अतिवाद
- सिमी से भी खतरनाक है संघ का स्वरूप
- बाबा रामदेव का दांव
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...



