चिदंबरम की अपील का असर, कंधमाल में 300 पीड़ित घर लौटे
उड़ीसा के कंधमाल में हुए उपद्रव के शिकार 300 आदिवासी अपने घरों की ओर वापस लौट आये हैं. इन आदिवासियों की यह घर वापसी गृहमंत्री पी चिदंबरम की कंधमाल यात्रा के बाद शुरू हुई है.
कंधमाल के जिलाधिकारी ने समाचार एजंसियों को बताया है कि पिछले तीन दिनों में कोई तीन सौ लोग अपने घरों की ओर वापस लौट गये हैं. फिर भी अभी कंधमाल के शरणार्थी शिविरों में कोई 1200 लोग और रह रहे हैं. राज्य सरकरा शरणार्थियों के लिए तीन कैम्प चला रही है.
सरकार का दावा है कि इलाके में पिछले साल अक्टूबर के बाद से किसी प्रकार की कोई हिंसक झड़प नहीं हुई है और स्थिति सामान्य बनी हुई है. ऐसे में प्रशासन लगातार लोगों को प्रोत्साहित कर रहा है कि वे अपने घरों को वापस लौट जाएं.
भुवनेश्वर से 200 किलोमीटर दूर कंधमाल में विश्व हिन्दू परिषद के नेता स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की 23 अगस्त को हत्या के बाद दंगे भड़क गये और इलाके में हिन्दू विद्रोहियों ने ईसाई गिरिजाघरों पर हमले किये थे. गुस्साए हिन्दुओं का आरोप था कि स्वामी लक्ष्मणानंद की हत्या चर्च के इशारे पर की गयी है. इन हिन्दू उपद्रवियों की वजह से कंधमाल के विभिन्न इलाकों से कोई 25000 ईसाईयों ने पलायन कर दिया था. अधिकांश तो प्रदेश छोड़कर पड़ोस के राज्य आंध्र प्रदेश चले गये थे.
अभी हाल में ही 26 जून को केन्द्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम ने कंधमाल का दौरा किया था और पीड़ितों से अपील की थी कि वे अब अपने घरों को वापस लौट जाएं. चिदंबरम ने इन शरणार्थियों से माफी मांगते हुए कहा था कि पीछे जो कुछ हुआ उसके लिए वे शर्मिंदा हैं लेकिन मैं आप लोगों से यह कहने आया हूं आप डरे नहीं, अपने घरों को वापस लौट जाएं. यह वापसी की प्रक्रिया उसके बाद ही शुरू हुई है. ऐसा समझा जाता है कि चिदंबरम ने यह यात्रा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के कहने पर की थी.



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