सैफई में पोस्टरों पर लौट आये अमर सिंह
इटावा। इटावा में इन दिनों सैफई महोत्सव चल रहा है. ऐन सैफई महोत्सव के मौके पर अमर सिंह ने पार्टी से इस्तीफा दिया और यह भी लिखा कि वे अपने आत्मसम्मान के चलते सैफई नहीं आयेंगे. लेकिन अब जिस तरह से यहां पोस्टरों पर अमर सिंह लौट आये हैं उससे ऐसा लगता है कि वे सैफई महोत्सव में भी आ सकते हैं.
सैफई महोत्सव के पोस्टरों में अमर सिंह तस्वीरों ने उनकी वापसी का रास्ता खोल दिया है.10 जनवरी को सैफई महोत्सव समिति के अघ्यक्ष और सांसद धर्मेंद्र यादव ने प्रेस को बताया था कि अमर सिंह को आमंत्रण भेजा गया है और अमर सिंह ने हमारा आमंत्रण स्वीकार कर लिया है। लेकिन जिस तरह से सैफई महोत्सव के पोस्टरों से अमर सिंह की तस्वीरों को गयाब कर दिया गया था उससे उनके आने पर एक बार फिर से संषय बन गया था.लेकिन 14 जनवरी की रात को सैफई में ऐसे पोस्टर देख गये उससे एक बार फिर से यह उम्मीद दिख रही है कि अमर सिंह के आने के इरादे से सैफई में तैयारी शुरू कर दी गई है.
बतातें चले कि है कि इस साल सैफई महोत्सव के लिये सैफई में लगाये गये किसी भी होर्डिग में अमर सिंह का चित्र नहीं लगाया गया था, उससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि सपा नेता अमर सिंह से रिष्ते तो सुधरने की बात करते है लेकिन अमर सिंह के चित्रों को र्होिर्डग से गायब होना कुछ न कुछ अजीब संकेत जरूर दे रहा है. समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव गांव सैफई में 11 से 24 जनवरी तक होने वाले सैफई महोत्सव में सपा नेता अमर सिंह को भी बुलावा भेजा गया है लेकिन सवाल खडा होता है कि जिस तरह से इन दिनों अमर सिंह को लेकर समाजवादी पार्टी में उथल पुथल मची हुई है उसे देख कर यही लगता है कि इस दफा सैफई महोत्सव में षायद अमर सिंह की हिस्सेदारी न रहे.
10 जनबरी को सैफई महोत्सव के पोस्टर से इस बार अमर सिंह गायब नजर आ रहे थे. सपा पार्टी कार्यकर्ताओं के अनुसार तब ऐसा लग रहा था कि अमर सिंह अब सपा में नहीं आयेंगे. अमर सिंह की तस्वीरों को पोस्टर में जगह नहीं दी गयी थी. लेकिन सैफई महोत्सव के अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह का कहना है कि अमर सिंह हमेशा सैफई महोत्सव के समापन समारोह में आते हैं और उसी समय उनके पोस्टर लगाए जाते हैं.हालांकि मुलायम सिंह ने अमर सिंह को फोन कर उन्हें सैफई महोत्सव में आने का न्यौता जरूर दिया. खबर है कि अमर सिंह ने मुलायम सिंह का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है और वो 24 जनवरी को सैफई महोत्सव के समापन समारोह में भाग लेंगे. अमर सिंह ने कहा है कि यह राजनीतिक नहीं बल्कि मुलायम सिंह का पारिवारिक कार्यक्रम है, इसलिए वो इसमें शिरकत करेंगे. उधर रामगोपाल यादव का रुख भी थोड़ा नरम हो गया है. ऐसा समझा जा रहा है कि मुलायम सिंह से बातचीत करने के बाद रामगोपाल यादव के रुख में यह नरमी आयी है.
इटावा जिले के सैफई में हर साल होने वाला सैफई महोत्सव देशभर में चर्चित है. ऐसे में महोत्सव के लिए लगाए गए बैनर से अमर सिंह की तस्वीर गायब होना बेहद अहम माना जा रहा है। इस बार सैफई महोत्सव 11 जनवरी से शुरू हो चूका है. लेकिन जब मुलायम सिंह ने अमर सिंह का इस्तीफा ठुकरा दिया है तो इस बैनर में उनकी तस्वीर क्यों नहीं लगाई गई, यह अपने आप में बड़ा सवाल है. सपा में मचे घमासान के बीच अमर सिंह ने आज स्पष्ट किया कि रामगोपाल यादव से उनकी कोई नाराजगी नहीं है. उन्होंने कहा कि मेरे इस्तीफे को बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा है. अमर सिंह का कहना है कि "मैंने केवल स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया है और मैं इस्तीफा वापस नहीं लूंगा."अमर सिंह ने अपने ब्लाग पर लिखा है कि सपा में प्रमुख पद छोड़ने के पीछे कोई राजनीति कारण नहीं है, बल्कि मैंने स्वास्थ्य कारणों से पद छोड़ने का फैसला किया है. लेकिन जनेश्वर मिश्र, रामगोपाल यादव, मोहन सिंह और भूषण तिवारी जैसे सपा नेता इसे राजनीति रंग देने की कोशिश कर रहे हैं. इस्तीफा देने का फैसला मेरा खुद का था और मैंने इस संदर्भ में अमित जी (अमिताभ बच्चन), मेरी पत्नी (पंकजा), जया बच्चन, जया प्रदा और अनिल (अनिल अंबानी) से कोई चर्चा नहीं की. अमर सिंह तस्वीरों के नाम पर भले है सैफई ने लौट आये हो लेकिन तस्वीर की जगह खुद सामने आने पर ही मन जायेगा की अमर सिंह वापस लौट आये है.
Title :
Body
- सुदर्शन का (कु) दर्शन
- सीआईए नहीं केजीबी एजंट कहिए जनाब
- सोनिया का सच जान बेकाबू क्यों होते हो?
- नये निजाम के दामन पर है ज्यादा बड़ा दाग
- अजमेर चार्जशीट और संघी उछल-कूद
- अपने होने पर ही हैरान
- भद्दा और बेदम रहा संघ का विरोध प्रदर्शन
- एनसीपी के 'दादा' का दांव
- पीएमओ वाले पृथ्वीराज
- गोली लगने के बाद क्या गांधी ने कहा था- हे राम ?



del.icio.us
Digg
Post your comment