टीम इंडिया के मेनू में सरसों का साग
भारतीय क्रिकेट पूरी तरह से ब्रिटिश मानसिकता की उतरन है. न केवल खेल के लिहाज से बल्कि सोच के लिहाज से भी भारतीय क्रिकेट पर ब्रितानिया मानसिकता हावी रहती है. लेकिन नागपुर में शुरू हुए टेस्ट मैच के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम में एक ऐसा बदलाव हुआ है जो देखने में तो छोटा है लेकिन है काबिले तारीफ.
नागपुर। भारत के ओपनर बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग, ईशांत शर्मा, अमित मिश्रा और गौतम गंभीर की पसंदीदा सरसों की साग भारतीय टीम के मेनू में शामिल कर लिया गया है। सूचना है कि इसके लिए वीरेंद्र सहवाग ने विशेष आग्रह किया था। फिलहाल टीम नागपुर में मैच खेल रही है। टीम नागपुर के ही होटल प्राइड में रुकी हुई है। भारतीय टीम के खिलाडिय़ों को खाने में क्या देना है और क्या नहीं देना है, इसका फैसला बीसीसीआई की आहार समिति करती है। होटल प्राइड को खिलाडिय़ों के खाने के लिए बीसीसीआई से जो मेनू मिला है, उसमें सरसों की साग का उल्लेख नहीं था। सूत्रों के मुताबिक सहवाग के अलावा गौतम गंभीर, ईशांत शर्मा, अमित मिश्रा ने होटल प्राइड के रेस्टारेंट में सरसों की साग देखी और उसका आर्डर किया। बताया जाता है कि अगर खिलाड़ी मेनू कार्ड में दी गई चीजों के अलावा कोई चीज अगर होटल से लेता है तो उस चीज का बिल खिलाड़ी को स्वयं वहन करना होता है। सरसों की साग खाते ही सहवाग खुश हो गए।
ज्ञात हो कि सहवाग दिल्ली से हैं और दिल्ली में सरसों की साग काफी पसंद किया जाता है। सहवाग के साथ-साथ अमित मिश्रा, ईशांत शर्मा और गौतम गंभीर को भी सरसों का साग काफी भा गया है। इन खिलाडिय़ों ने सोचा कि क्यों न सरसों के साग को मेनू में शामिल कर लिया जाए। सरसों के साग में फैटनेस भी ज्यादा नहीं होता जिसके कारण सहवाग ने इसके लिए टीम प्रबंधन से आग्रह करने की ठान ली। टीम प्रबंधन ने भी इस आग्रह को गंभीरता से लिया। बीसीसीआई की आहार समिति से चर्चा हुई। समिति ने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई। सरसों की साग को मेनू में शामिल कर लिया गया। अब सहवाग के साथ उनके अन्य साथी भी सरसों की साग का भरपूर मजा ले रहे हैं।
अब समस्या यह होगी
अब जहां-जहां भारतीय टीम जाएगी और जिस होटल में ठहरेगी, वहां पर साग बनाने के लिए सरसो कहां से आएग। फरवरी का दूसरा सप्ताह चल रहा है। साग के लिए सरसों की पत्तिया अब उतनी कोमल नहीं बची है जितनी साग के लिए चाहिए। अमूमन सरसा नवंबर, दिसंबर और जनवरी तथा फरवरी माह में ही होता है। बाकी के मौसम में साग के लिए सरसों की पत्तिया कहां से आएगी? यदि दूसरे सीजन में टीम के खिलाडिय़ों ने साग की मांग की तो क्या होगा?
कंजूस या अनुशासित हैं दक्षिण अफ्रीकी?
नागपुर में जितनी भी विदेशी टीमें क्रिकेट मैच खेलने आती हैं, उनमें से सबसे ज्यादा अनुशासित टीम दक्षिण अफ्रीका की है। इस टीम के खिलाड़ी जिस किसी भी होटल में रुकते हैं, वहां मेनू में दी गई चीजों का ही इस्तेमाल करते हैं। मेनू से अलग चीजें लेने पर उसका बिल संबंधित खिलाड़ी को ही देना पड़ता है। पिछले 8 दिनों से नागपुर में रुकी दक्षिण अफ्रीकी टीम ने अभी तक अपनी जेब से कुछ भी खर्च नहीं किया है। वह मेनू में दी गई चीजों का ही इस्तेमाल कर रही है। इससे जाहिर होता है कि दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी न केवल अनुशासित हैं बल्कि कंजूस भी हैं।
खर्चीले हैं कंगारू
होटलकर्मियों का कहना है कि सर्वाधिक खर्च करने के मामले में आस्ट्रेलिया के खिलाड़ी सबसे आगे रहते हैं। आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी मेनू कार्ड में दी गई चीजों से अतिरिक्त खानपान की चीजों का भरपूर इस्तेमाल करते हैं और इस मामले में कोई कंजूसी नहीं बरतते। दूसरे स्थान पर भारतीय खिलाड़ी हैं जो अपनी जेब से पैसे लगाकर मेनू कार्ड से अतिरिक्त चीजें भी खाते हैं।
केरल से आया साफ्ट ड्रिंक
सूचना है कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के खिलाडिय़ों के लिए इस बार केरल से साफ्ट ड्रिंक आया है। इसी एनर्जी ड्रिंक का इस्तेमाल खिलाडिय़ों के लिए किया जा रहा है।
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