Home | बड़ी खबर | टीम इंडिया के मेनू में सरसों का साग

टीम इंडिया के मेनू में सरसों का साग

Font size: Decrease font Enlarge font 461
image आमतौर पर क्रिकेट पर कंपनियों का दिखावे वाला खान पान हावी रहता है

भारतीय क्रिकेट पूरी तरह से ब्रिटिश मानसिकता की उतरन है. न केवल खेल के लिहाज से बल्कि सोच के लिहाज से भी भारतीय क्रिकेट पर ब्रितानिया मानसिकता हावी रहती है. लेकिन नागपुर में शुरू हुए टेस्ट मैच के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम में एक ऐसा बदलाव हुआ है जो देखने में तो छोटा है लेकिन है काबिले तारीफ.

नागपुर। भारत के ओपनर बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग, ईशांत शर्मा, अमित मिश्रा और गौतम गंभीर की पसंदीदा सरसों की साग भारतीय टीम के मेनू में शामिल कर लिया गया है। सूचना है कि इसके लिए वीरेंद्र सहवाग ने विशेष आग्रह किया था। फिलहाल टीम नागपुर में मैच खेल रही है। टीम नागपुर के ही होटल प्राइड में रुकी हुई है। भारतीय टीम के खिलाडिय़ों को खाने में क्या देना है और क्या नहीं देना है, इसका फैसला बीसीसीआई की आहार समिति करती है। होटल प्राइड को खिलाडिय़ों के खाने के लिए बीसीसीआई से जो मेनू मिला है, उसमें सरसों की साग का उल्लेख नहीं था। सूत्रों के मुताबिक सहवाग के अलावा गौतम गंभीर, ईशांत शर्मा, अमित मिश्रा ने होटल प्राइड के रेस्टारेंट में सरसों की साग देखी और उसका आर्डर किया। बताया जाता है कि अगर खिलाड़ी मेनू कार्ड में दी गई चीजों के अलावा कोई चीज अगर होटल से लेता है तो उस चीज का बिल खिलाड़ी को स्वयं वहन करना होता है। सरसों की साग खाते ही सहवाग खुश हो गए।

ज्ञात हो कि सहवाग दिल्ली से हैं और दिल्ली में सरसों की साग काफी पसंद किया जाता है। सहवाग के साथ-साथ अमित मिश्रा, ईशांत शर्मा और गौतम गंभीर को भी सरसों का साग काफी भा गया है। इन खिलाडिय़ों ने सोचा कि क्यों न सरसों के साग को मेनू में शामिल कर लिया जाए। सरसों के साग में फैटनेस भी ज्यादा नहीं होता जिसके कारण सहवाग ने इसके लिए टीम प्रबंधन से आग्रह करने की ठान ली। टीम प्रबंधन ने भी इस आग्रह को गंभीरता से लिया। बीसीसीआई की आहार समिति से चर्चा हुई। समिति ने इस पर कोई आपत्ति नहीं जताई। सरसों की साग को मेनू में शामिल कर लिया गया। अब सहवाग के साथ उनके अन्य साथी भी सरसों की साग का भरपूर मजा ले रहे हैं।

अब समस्या यह होगी
अब जहां-जहां भारतीय टीम जाएगी और जिस होटल में ठहरेगी, वहां पर साग बनाने के लिए सरसो कहां से आएग। फरवरी का दूसरा सप्ताह चल रहा है। साग के लिए सरसों की पत्तिया अब उतनी कोमल नहीं बची है जितनी साग के लिए चाहिए। अमूमन सरसा नवंबर, दिसंबर और जनवरी तथा फरवरी माह में ही होता है। बाकी के मौसम में साग के लिए सरसों की पत्तिया कहां से आएगी? यदि दूसरे सीजन में टीम के खिलाडिय़ों ने साग की मांग की तो क्या होगा?

कंजूस या अनुशासित हैं दक्षिण अफ्रीकी?
नागपुर में जितनी भी विदेशी टीमें क्रिकेट मैच खेलने आती हैं, उनमें से सबसे ज्यादा अनुशासित टीम दक्षिण अफ्रीका की है। इस टीम के खिलाड़ी जिस किसी भी होटल में रुकते हैं, वहां मेनू में दी गई चीजों का ही इस्तेमाल करते हैं। मेनू से अलग चीजें लेने पर उसका बिल संबंधित खिलाड़ी को ही देना पड़ता है। पिछले 8 दिनों से नागपुर में रुकी दक्षिण अफ्रीकी टीम ने अभी तक अपनी जेब से कुछ भी खर्च नहीं किया है। वह मेनू में दी गई चीजों का ही इस्तेमाल कर रही है। इससे जाहिर होता है कि दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी न केवल अनुशासित हैं बल्कि कंजूस भी हैं।

खर्चीले हैं कंगारू
होटलकर्मियों का कहना है कि सर्वाधिक खर्च करने के मामले में आस्ट्रेलिया के खिलाड़ी सबसे आगे रहते हैं। आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी मेनू कार्ड में दी गई चीजों से अतिरिक्त खानपान की चीजों का भरपूर इस्तेमाल करते हैं और इस मामले में कोई कंजूसी नहीं बरतते। दूसरे स्थान पर भारतीय खिलाड़ी हैं जो अपनी जेब से पैसे लगाकर मेनू कार्ड से अतिरिक्त चीजें भी खाते हैं।

केरल से आया साफ्ट ड्रिंक
सूचना है कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के खिलाडिय़ों के लिए इस बार केरल से साफ्ट ड्रिंक आया है। इसी एनर्जी ड्रिंक का इस्तेमाल खिलाडिय़ों के लिए किया जा रहा है।

Subscribe to comments feed Comments (0 posted):

total: | displaying:

Post your comment comment

Please enter the code you see in the image:

Type in Hindi (हिन्दी में कमेन्ट करने के लिए यहां रोमन में लिखिए यह अपने आप हिन्दी में बदल देगा.)

Title :
Body
Powered by Vivvo CMS v4.1.2
Share |
  • email Email to a friend
  • print Print version

ईमेल से विस्फोटः अपना ईमेल यहां भरें और सब्सक्राइब करें:

Delivered by FeedBurner

Author info
image संजय स्वदेश किरोडीमल कॉलेज स्नातकोत्तर के बाद केंद्रीय हिंदी संस्थान दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा। दैनिक हिंदुस्तान, नवभारत टाईम्स, सहारा समय, दैनिक भास्कर में काम. कई पत्र-पत्रिकाओं में स्वतंत्र लेखन के साथ स्थानीय जनअभियानों से जुड़े हैं। sanjayinmedia@rediffmail.com
Rate this article
5.00
More from बड़ी खबर
Previous
image
टाटा-बिड़ला-अंबानी, पीयेंगे मध्य प्रदेश का पानी
वेतन-भत्तों और सुविधाओं के विस्तार को लेकर लगातार हाय तौबा करने वाले जनप्रतिनिधि अब जनता की बुनियादी ज़रुरतों से पल्ला झाड़कर औद्योगिक घरानों की ताल पर थिरकते दिखाई दे रहे हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में पानी,बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएँ जुटाने का ज़िम्मा सरकारों को सौंपा गया है। मगर सरकारें अब जनहित के कामों को छोड़कर एक के बाद एक योजनाओं को निजी हाथों में सौंपती चली जा रही है, फ़िर चाहे वो प्राकृतिक संसाधन हों, ज़मीन हो या आम जनता की सेवा से जुड़े मुद्दे हों। इसी कड़ी में अब नेताओं और उद्योगपतियों को पानी मुनाफ़े का सौदा नज़र आने लगा है।...
image
अनिल को औकात बताने पर आमादा मुकेश
भारत कारपोरेट वार के दौर में विधिवत प्रवेश कर गया है. अनिल-मुकेश विवाद के लंबे दौर के अंत के बाद एक बार फिर अनिल और मुकेश अंबानी आमने सामने है. लेकिन इस बार मुकेश अंबानी के सामने अनिल अंबानी नहीं बल्कि अनिल अग्रवाल हैं जो कि वेदांता कंपनी समूह के मालिक हैं. मूलत: भारत की पैदाइश अनिल अग्रवाल अनिवासी भारतीय हैं. ...
image
कलमाड़ी को काला करने में 'टाइम्स ग्रुप' का हाथ
दिल्ली से प्रकाशित एक पाक्षिक पत्रिका ने दावा किया है कि टाइम्स आफ इंडिया समूह ने कामनवेल्थ गेम्स में सुरेश कलमाड़ी के कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ एक योजना के तहत अभियान चलाया. प्रथम प्रवक्ता नामक इस हिन्दी पाक्षिक ने "सौदा नहीं पटा तो अभियान" नामक कवर स्टोरी प्रकाशित की है जिसके अनुसार पिछले साल ही बाकायदा पत्र लिखकर टाइम्स समूह ने कामनवेल्थ गेम्स आर्गेनाइजिंग कमेटी से एक सौदे का प्रस्ताव किया था, जब वह सौदा नहीं पटा तो समूह ने सुरेश कलमाड़ी पर हल्ला बोल दिया. प्रथम प्रवक्ता की स्टोरी हम प्रकाशित कर रहे हैं- संपादक...
image
सड़ रहा है 6600 मीट्रिक टन अनाज
शरद पवार साहब का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं किया जा सकता. अनाज भले ही सड़ जाए लेकिन उसे मुफ्त में गरीबों को देना संभव नहीं है. शरद पवार कितने संवेदनशील हैं यह उनके इस बयान से ही पता चलता है लेकिन भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में अनाज किस बेकदरी से सड़ाए जा रहे हैं इसका नमूना इटावा के इस गोदाम पर आकर पता चलता है. भारतीय खाद्य निगम की इटावा गोदाम का जायजा ले रहे हैं दिनेश शाक्य-...
image
किसानों की कीमत पर बचाये गये कारपोरेट
सत्यम घोटाले के मुख्य आरोपी रामलिंगराजू को आखिरकार जमानत मिल गयी है. लेकिन रामलिंगराजू की कंपनी को बचाने के लिए किसानों को कर्ज देने के लिए बनी संस्था ने 100 करोड़ रुपये बिना किसी नियम कानून का पालन किये दे दिये. सरकार के अरबों रूपए बिना किसी कागजी कार्रवाई के रिलीज कर दिए गये, उस पर सवाल कोई और नहीं, उसी संस्था के अपने ऑडिटर उठाए। मामला केंद्रीय सतर्कता आयुक्त को भेजा गया। सतर्कता आयोग अपनी जांच में चेयरमैन को दोषी पाया, लेकिन वह चेयरमैन आज भी अपनी कुर्सी पर काबिज है। जांच रफा-दफा हो गई और सबकुछ सामान्य चल रहा है।...
image
हिन्दुस्तानियों के सीने पर सेना की गोलियां
उत्तर प्रदेश तथा उत्तरांचल की भारत-नेपाल सीमा पर होने वाली तस्करी, वन कटान, अवैध वन्यजीव शिकार, आईएसआई की सक्रियता तथा आतंकवादी एवं विदेशी घुसपैठ आदि को रोकने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा पैरा मिलिट्री फोर्स सीमा सशस्त्र बल को तैनात किया गया है। सीमा सशस्त्र बल यानी एसएसबी के जवान अपने मूल उद्देश्यों व कार्यों से भटक कर भौतिक सुखों की खातिर आमजनता का बेवजह उत्पीड़न एवं आर्थिक शोषण करने से परहेज नहीं करते हैं और सीधे बंदूक की भाषा में बात करने लगे हैं।...
image
तस्करी का धंधा फिर से शबाब पर है, मगर कलम खामोश है!
उत्तर प्रदेश के इस पूर्वी इलाके में पत्रकार कमलेश की मौत महज एक हादसा नहीं बल्कि वो हकीकत है जिससे शायद ही कोई सुविधाभोगी पत्रकार रूबरू होना चाहेगा. कमलेश की मौत को सप्ताहभर बीत गया और जैसे जैसे उनके बारे में सच्चाई सामने आ रही है, सिर शर्म से झुकता जा रहा है. क्या समाज में हम संवेदनशील लोगों के साथ यही व्यवहार करते हैं? कमलेश की मौत से हम दुखी हो न हो वे तस्कर जरूर खुश हैं जिनका कारोबार कमलेश की कलम के कारण चौपट हो रहा था. ...
image
एक मीनार जो कानून से ऊंची है
मुंबई के सबसे मंहगे इलाकों में से एक है बालकेश्वर, जहां 32 मंजिलों वाली यानी इलाके की सबसे ऊंची मीनार बन रही है, मगर उससे कहीं ऊंची खबर अपने पास यह है कि यह मीनार महाराष्ट्र के कायदे-कानूनों से अब बहुत ऊपर उठ चुकी है, और उसे उठाने वाला भी कोई मामूली आदमी नहीं है, बल्कि मशहूर डायमंड मर्चेण्ट और फिल्म फायनेंसर भरत शाह है।...
image
सीबीआई का इस्तेमाल, सुप्रीम कोर्ट ब्लैकमेल
देश की दो स्वायत्त संस्थाओं का कांग्रेस पूरी तरह से राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है. सोहराबुद्दीन मामले में अमित शाह की न्यायिक हिरासत कांग्रेस की ऐसी सोची समझी रणनीति है जिसमें उसने न केवल सीबीआई का अपने राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया बल्कि उसने सुप्रीम कोर्ट की मर्यादा के साथ भी खिलवाड़ किया और भ्रष्टाचार के आरोप में घिरे एक न्यायाधीश को सीबीआई के ही जरिए मैनेज करके सोहराबुद्दीन मामले को सीबीआई के पास भिजवा दिया. प्रेम शुक्ल की पड़ताल-...
image
देह व्यापार के दलदल में नौनिहाल
सेक्स व्यापार और वह भी बच्चों का, इस वीभत्स सच्चाई से आप आंख नहीं चुरा सकते. दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में तो बाकायदा यह एक कारोबार का रूप ले चुका है. गरीबी, आसानी से पैसा या फिर ब्रांडों की चकाचौंध जैसी बच्चों की कमजोरियों का फायदा उठाकर दलाल उन्हें अमीरों और विदेशियों को सप्लाई कर लाखों बना रहे हैं....
image
भूमाफियाओं की गिरफ्त में भाजपा सरकार
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सनसनीखेज़ और उत्तेजक बयानों ने प्रदेश की राजनीति में तूफ़ान ला दिया है। जहाँ शिवपुरी में भूमाफ़ियाओं पर उन्हें हटाने के लिये धन इकट्ठा करने का बयान दे कर सबको हक्का बक्का कर दिया, वहीं सदन के भीतर भूमाफ़ियाओं को चुनौती देने की शिवराज की दंभ भरी हुँकार से लोग सन्न हैं। विरोधियों को चुनौती देने के लिये उन्होंने संसदीय मर्यादाओं को बलाये ताक रखकर जिस भाषा शैली का इस्तेमाल किया, उसका उदाहरण प्रदेश के इतिहास में शायद ही मिले। मुख्यमंत्री भूमाफ़ियाओं पर उन्हें हटाने के लिये धन इकट्ठा करने का आरोप लगा रहे हैं, मगर भाजपा सरकार की कामकाज की शैली पर नज़र डालें, तो राज्य सरकार खुद ही भूमाफ़िया की सरमायेदार नज़र आती है।...
image
अमेरिकी ग्राण्ट पर पलता पाकिस्तानी आतंकवाद
वीकीलीक्स के 91 हजार रिपोर्टों के खुलासे से एक ओर जहां अफगानिस्तान में कार्रवाई के पीछे की अमेरिकी हिप्पोक्रेसी का पर्दाफाश हो गया है, वहीं आतंकवाद के सेफ हेवन के रूप में विकसित हो चुके पाकिस्तान की दोहरी और दोगली नीति भी एक झटके में दुनिया के सामने आ गयी है. हालांकि वीकीलीक्स द्वारा लीक किये गये दस्तावेजों में से उपलब्ध जानकारियों में से शायद ही कुछ ऐसा है जो हम हिंदुस्तानियों को पहले से नहीं मालूम था....
image
क्या हाईजैक हो गई थी उत्तरबंगा एक्सप्रेस?
बीरभूम के सैंथिया स्टेशन पर वनांचल एक्सप्रेस में उत्तरबंगा एक्सप्रेस की टक्कर क्या महज एक एक्सीडेंट है या फिर इसके पीछे कोई षण्यंत्र है? दुर्घटना के बाद अगर आप परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर नजर दौड़ाएं तो बिना किसी सरकारी जांच पड़ताल के यह आशंका उभरने लगती है कि क्या ट्रेन को हाईजैक कर लिया गया था? ...
image
अल्पसंख्यक अधिकारों की आड़ में शिक्षा का व्यापार!
राजधानी दिल्ली क्षेत्र में कैथोलिक चर्च द्वारा संचालित संत थॉमस स्कूल में 1500 बच्चे पढ़ते है. उनमें ईसाई बच्चे 50 से भी कम है. इसी तरह देश की राजधानी दिल्ली के पास खतौली में कोई कैथोलिक परिवार ही नही है लेकिन कान्वेंट चल रहा है। अब प्रश्न खड़ा होता है कि ‘जहां स्कूल में बच्चे ईसाई नही है, अध्यापक ईसाई नही है तो चर्च संगठन किस धर्म, भाषा और संस्कृति के संरक्षण' के लिए अल्पसंख्यक अधिकारों का इस्तेमाल कर रहे है?...
image
रुपये का नया प्रतीक चुनने में हुआ भरपूर भ्रष्टाचार
भारत सरकार ने आखिरकार रुपये के नये प्रतीक को अपनी मान्यता दे दी है. गुरुवार को कैबिनेट की बैठक में रुपये के नये प्रतीक को अंतिम तौर पर मंजूरी दे दी गयी. अब देश-दुनिया में भारत सरकार प्रतीक तौर पर इसी प्रतीक का इस्तेमाल करेगी. लेकिन भारतीय रुपये के इस नये सिंबल का चुनाव भारतीय नौकरशाही के भ्रष्ट कामकाज का एक और नमूना है जो निश्चित रूप से हैरान करनेवाला है. ...
image
भ्रष्टाचारियों के सरगना निकले ईमानदारी के शिखर पुरुष
आम आदमी वैसे तो नौकरशाहों के बारे में कम ही जानता है. फिर भी जिन कुछ नामों को वह नाम से वह परिचित है उसमें विजय शंकर पाण्डेय का नाम एक है. विजय शंकर पाण्डेय को हम जानते हैं इसलिए क्योंकि अभी तक हम यह सुनते आये हैं कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के भ्रष्ट नौकरशाहों के खिलाफ सबसे सफल मुहिम चलायी थी. लेकिन अब यह जानिए कि भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चलानेवाले विजयशंकर पाण्डेय खुद किस तरह से भ्रष्टाचार के पालक पोषक रहे हैं....
image
फर्जी है, पुलिस की मनमर्जी है
कानून व्यस्था को लागू करने में पूरी तरह से नाकाम उत्तर प्रदेश पुलिस फर्जी मुठभेड़ों के रोंगटे खड़ा कर देने वाले कथानक लिख रही है. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में पिछले 16 सालों के दौरान 716 फर्जी मुठभेड़ों केस अकेले उत्तर प्रदेश से दर्ज किये गए हैं. फर्जी मुठभेड़ों के मामले में देश में अव्व्वल उत्तर प्रदेश में फर्जी मुठभेड़ों की सर्वाधिक घटनाएँ नक्सल प्रभावित सोनभद्र ,चंदौली और मिर्जापुर जनपदों में हुई हैं....
Next
Tags
No tags for this article
सर्वाधिकार (अ)सुरक्षित

विस्फोट.कॉम कॉपीराइट के सभी प्रकार के दावों और दायरों से मुक्त है.

Powered by Vivvo CMS v4.1.2