कृपालु महाराज के आश्रम में बरसी मौत
लखनऊ। राज्य के प्रतापगढ़ जिले में विवादास्पद संत कृपालु जी महराज के आश्रम में मची भगदड़ के बाद अब कारणों को लेकर भगदड़ मची हुई है. जहां एक ओर यह बताया जा रहा है कि भगदड़ निर्माणाधीन गेट गिरने से मची वहीं दूसरी ओर यह भी खबर है कि भगदड़ की वजह जहरीला खाना है.
एक स्थानीय पुलिस अधिकारी का कहना है कि भगदड़ की वजह खाने में जहर मिलने की अफवाह है. हुआ यह कि जब लोग प्रतापगढ़ के संत कृपालु महाराज की बरसी पर आयोजित भोज में शामिल होने के लिए लाइन में लगे थे उस समय खाना खाते हुए एक व्यक्ति की मौत हो गयी. इसके बाद तेजी से अफवाह उड़ी कि खाने में जहर मिला है जिसके कारण वहां भगदड़ मच गयी. जबकि दूसरी ओर आला पुलिस अधिकारी कह रहे हैं कि भगदड़ मंदिर के निर्माणाधीन गेट के गिरने से मची थी, और अभी भी गेट के मलबे के नीचे कम से कम 35 लोग दबे हुए हैं.
भगदड़ के बाद प्रशासन ने 60 लोगों के मरने और 200 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि कर दी है. घायलों और मरने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल लोगों को इलाहाबाद ले जाया गया है जबकि अन्य घायलों को कुंड़ा में कृपालु जी के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। मृतकों में विदेशी श्रद्धालु भी शामिल हैं। मृतकों में महाराज के विदेशी शिष्य भी शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश के एडीजी बृजलाल ने भगदड़ में मरने वाली की संख्या 60 बताई है। उन्होंने कहा कि राहत कार्य बड़ी तेजी के साथ जारी है, अभी भी काफी संख्या में लोग मलबे के नीचे दबे हुए हैं। उधर प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक महेश मिश्र ने बताया है कि गेट के मलबे में अभी भी कम से कम 35 लोग दबे हुए हैं जिनके जिंदा बच पाने की संभावना कम है। मलबा हटाने के बाद ही मृतकों की सही संख्या में इजाफा हो सकता है। वैसे अभी तक 60 शव बरामद हुए हैं। घायलों को कुंडा और प्रतापगढ के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से घायल लोगों को इलाहाबाद ले जाया गया है।
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