रिलायंस पॉवर प्लांट में हादसा, 2 मरे दर्जनभर से अधिक घायल
सोनभद्र। रिलायंस के सासन पावर प्रोजेक्ट की चिमनी पर चढ़ाये जा रहे रिग के गिरने के कारण दो लोगों की मौत हो गयी है और लगभग 15 लोगों के घायल होने की खबर है. घायलों में कुछ की स्थिति गंभीर बताई जा रही है. दुर्घटना देर शाम हुई और मौके पर घनघोर अँधेरा होने की वजह से हताहतों की सही संख्या का अनुमान नहीं लगाना मुश्किल है.
रिलायंस का सासन पावर प्रोजेक्ट रिलायंस समूह की महत्वाकांक्षी परियोजना है जो कि कोल बेस्ड 3960 मेगावाट की परियोजना है. यह परियोजना मध्य प्रदेश के सिंगरौली में स्थित है जो कि उत्तर प्रदेश का सीमावर्ती जिला है. प्राप्त समाचार के अनुसार पावर प्लांट पर चिमनी लगाने का काम गैमन इंडिया लिमिटेड कर रही थी जिस पर गुरुवार को मजदूर रिंग चढ़ाने का काम कर रहे थे. रिंग चढ़ाते हुए हुए इस हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है यह कहना मुश्किल है लेकिन दिल्ली मेट्रो हादसे के बाद गैमन इंडिया लिमिटेड पर एक बार फिर धब्बा लग गया है.
जो जानकारी मिली है उसके अनुसार दो मृतकों के शव मलबे में से निकाले जा चुके थे जिनकी शिनाख्त नहीं हो पायी थी वहीँ घायलों को स्थानीय नेहरु चिकित्सालय में भारती कराया गया था, सिंगरौली के पुलिस अधीक्षक अनुराग कुमार से जब मृतकों की संख्या के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी तक सिर्फ दो शव बरामद हुए हैं मलबे के हटने पर ही सही स्थिति का अंदाजा लगेगा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि जिस वक़्त 28 मीटर ऊँची चिमनी की सटरिंग गिरी चारों तरफ तेज आवाज के साथ धूल का गुबार छा गया और परियोजना क्षेत्र में भगदड़ मच गयी। स्थिति उस वक़्त बेहद खराब हो गयी जब घटनास्थल पर बिजली पूरी तरह से गुल हो गयी। समाचार भेजे जाने तक पौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था, परियोजना के मुख्यद्वार पर श्रमिकों के परिजनों का ताँता लगा हुआ था वही नेहरु चिकित्सालय के बाहर संविदा श्रमिकों की भारी भीड़ जमी हुई थी।
महत्वपूर्ण है कि 3500 हेक्टेयर में बनायीं जा रही 3960 मेगावाट की सासन परियोजना रिलायंस एनर्जी की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है। यह परियोजना अपनी शुरूआत से ही विवादों से घिरी रही है. यही वह पावर परियोजना है जिसको लेकर मध्य प्रदेश की तत्कालीन मुख्यमंत्री उमा भारती और रिलायंस के बीच ठन गयी थी. इस परियोजना को लेकर एक विवाद और है जिसके बारे में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. सरप्लस कोयला देने के नाम पर सरकार ने एनटीपीसी को निर्देश दिया था कि वह अपना एक कोल ब्लाक रिलायंस एनर्जी को सौंप दे. इस पर टाटा पावर ने आपत्ति दर्ज करा दी थी जिसकी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है. इसके पहले टाटा पावर ने दिल्ली हाईकोर्ट में केस किया था जहां अनिल अंबानी समूह के हित में फैसला आया था. ज्ञात हो कि सरकार ने सासन पावर प्लांट को कोल सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए मोहेर, अमरोली और छत्रसाल कोल ब्लाक को रिलायंस पावर को दे दिया था.
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