ऐसी वेबसाइटों से तौबा करिए
नहीं, हम उन वेबसाइटों की बात नहीं कर रहे जो जबरन आपको किसी लिंक पर क्लिक करने के लिए कहती हैं और आपके कंप्यूटर में कोई स्पाईवेयर या वायरस डाल देती हैं।
न ही हम उन वेबसाइटों की बात कर रहे हैं जो आपकी निजी सूचनाएं इकट्ठा करती हैं। चूंकि वेब एक खुला, स्वतंत्र और काफी हद तक लोकतांत्रिक माध्यम है इसलिए इस पर हर कोई अपनी बात कहने का हक रखता है। वे लोग भी, जो विभिन्न नकारात्मक और घृणास्पद प्रवृत्तियों के शिकार हैं। मुफ्त की वेबसाइट स्पेस मिलने और खास तौर पर आसानी से होस्ट की जा सकने वाली ब्लोग साइटों के आने से उनका काम और भी आसान हो गया है। ऐसी वेबसाइट आपकी सेहत और मानसिक शांति के लिए नुकसानदेह हो सकती हैं या आपके बच्चों को गलत दिशा में ले जा सकती हैं। खास बात यह है कि इन वेबसाइटों के नामों से बिल्कुल अहसास नहीं होता कि इनमें कोई गलत चीज हो सकती है।
मिसाल के तौर पर sooosexay.ytmnd.com नामक वेबसाइट पर जाने पर आपको निक बर्ग नामक एक अमेरिकी ठेकेदार को इराक में आतंकवादियों के हाथों मारे जाने का वीडियो दिखाया जाता है। वीडियो में आतंकवादी अमेरिका को गालियां देते हुए और धीरे-धीरे अपहृत निक बर्ग का गला रेतते हुए दिखाए गए हैं। इसी तरह hlaohnoes.ytmnd.com नामक वेबसाइट में एक अन्य वेबसाइट में सऊदी अरब के किसी स्थान पर अलकायदा आतंकवादियों को एक अन्य अमेरिकी पॉल जानसन का सिर धड़ से अलग करते हुए दिखाया गया है।
snuffx.com पर मृतकों या उनकी मृत्यु से संबंधित वीडियोज दिखाए गए हैं। इसमें मृत्यु के विभिन्न सचित्र/सचलचित्र उदाहरण दिए गए हैं जिनमें घातक दुर्घटनाएं, मृत्युदंड की सजा दिए जाना आदि शामिल हैं। ऐसी ही एक अन्य वेबसाइट है ogrish.com जहां मृतकों के पोस्टमार्टम, हाथ-पांव काटे जाने आदि के वीभत्स दृश्य दिखाए जाते हैं। यह वेबसाइट लगभग रोजाना अपडेट की जाती है और हर दिन इसमें प्राकृतिक आपदाओं में हुई मौतों, इराक युद्ध में हो रही हत्याओं, आत्मघाती बम विस्फोटों, ट्रेन दुर्घटनाओं में हुई जनहानि आदि को दिखाया जाता है। एक अन्य वेबसाइट goregasm.com में बाकायदा आम लोगों के बीच मृत्यु से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है और उसका हर सदस्य कुछ न कुछ नए चित्र या वीडियोज उपलब्ध कराता है।disgustingandvile.blogspot.com में हत्याओं के विभिन्न तरीके दिखाने वाले चित्र लगे हैं। इसमें प्राणघातक बीमारियों की विभिन्न दशाओं के चित्र भी दिए गए हैं। ऐसा नहीं कि इन वेबसाइटों के निर्माताओं का मकसद ऐसी घटनाओं के प्रति लोगों को सचेत करना है। उनका उद्येश्य तो विनाश का आनंद लेना या देखने वालों को सदमे में डालना भर है।
कई लोगों ने आत्महत्या की प्रवृत्ति को उकसाने के लिए भी वेबसाइट्स बनाई हैं। ऐसी ही एक साइट है alt.suicide.holiday जहां लोग आत्महत्या के असरदार तरीकों पर चर्चा भी करते हैं। इन तरीकों में चूहे मारने की दवा से लेकर कार्बन मोनोआक्साइड के इस्तेमाल तक की सलाह दी जाती है। वेबसाइट पर सफलतापूर्वक आत्महत्या करने वालों की सक्सस स्टोरीज भी दी हुई हैं और मृत्यु के बाद अंत्येष्टि का इंतजाम करने तक पर सलाह दी जाती है। आपको याद होगा हाल ही में जापान में कई बच्चों ने ऐसी वेबसाइट्स पढ़कर अलग-अलग शहरों में एक साथ आत्महत्याएं की। सुइसाइडलॉज के निर्माताओं का कहना है कि वे आत्महत्या के पक्ष या विपक्ष में नहीं हैं बल्कि तटस्थ हैं।
लगे हाथ कुछ घृणास्पद वेबसाइटों की भी चर्चा हो जाए। ratemypoo.com पर विभिन्न पाठक मल-मूत्र के चित्र उपलब्ध कराते हैं। वोर्मआई नामक वेबसाइट पर किसी व्यक्ति की आंख की सर्जरी के दौरान आंख से एक कीड़ा निकाले जाते हुए दिखाया गया है। crazyninjas.org/kittens पर अन्य चित्रों के अलावा एक व्यक्ति का सिर विस्फोट में उड़ते हुए दिखाया गया है। इसी तरह एक व्यक्ति के सिर में छेद किए जाने का चित्र भी पोस्ट किया गया है। टबगर्ल और टब बॉय नामक वेबसाइटें मलत्याग के घिनौने चित्रों से भरी हैं। अन्य वेबसाइटों पर ऐसे अनेकों घृणास्पद चित्र और वीडियोज हैं जिनके बारे में लिखा नहीं जा सकता।
पाठक को परेशान करने के लिए बनाई गई वेबसाइटों में Tabwin.com/Puss.html का जिक्र किया जा सकता है जहां दस लाख पिक्सल गुणा दस लाख पिक्सल (चार हजार गज गुणा चार हजार गज की एक छोटी कालोनी के बराबर) का चित्र लगाया गया है। इस चित्र को खोलने की प्रक्रिया में आपका ब्राउजर और कम्प्यूटर हैंग हो जाते हैं। खतरनाक जावास्क्रिप्ट प्रोग्रामिंग के कारण कई वेबसाइटों को बंद करना संभव नहीं है। इनमें सीजर मेजर, ब्राउजर बम आदि प्रमुख हैं जिनमें एक के बाद एक सैकड़ों पेज खुलते चले जाते हैं। कुछ वेबसाइटों में तो ये पेज स्क्रीन पर इधर से उधर मंडराते रहते हैं और आप अपने कम्प्यूटर पर हो रहे इस तमाशे को चुपचाप देखने के सिवा और कुछ नहीं कर सकते।
तो साफ है कि इंटरनेट पर बुरे लोग अच्छे काम करनेवालों से ज्यादा सक्रिय हैं. और उनके जाल में फंसने की संभावना भी बहुत रहती है. ऐसे में पाठकों और नेट प्रयोक्ताओं से यही अपील करते हैं कि नेट पर ऐसी किसी साईट का का लिंक मिलते ही दूर हो जाईये और सावधानी रखिए कि जिन शब्दों के सहारे ऐसी साईटों का मकड़जाल खुलता है उनको नेट पर सर्च करने से बचिए.
(यहां जिन वेबसाईटों का उल्लेख किया गया है वह सिर्फ जानकारी देने के लिए है. अच्छा होगा कि आप किसी भी साईट पर न जाएं. पाठकों को यह सलाह भी दी जाती है कि वे गूगल सर्च का प्रयोग करते समय सेफ सर्च आन रखें इससे बहुत सारी अनचाही मुसीबतों से आप और आपका कम्प्यूटर दोनों बचे रहते हैं.)
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विस्फ़ोट की ऐसी रचनात्मक सामग्री इसे दीगर वैब पन्नों से विशिष्ट बनाती है.जारी रहे ये चयन.
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