बड़ी खबर
रामायण, महाभारत और हनुमान पर पाकिस्तान में प्रतिबंध
पाकिस्तान में इस्लामिक कट्टरपंथ को वहां की सरकारें किस कदर अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करती हैं इसका ताजा उदाहरण वह फरमान है जिसमें संघीय सरकार ने राज्य सरकारों को आदेश दिया है कि वे ऐसी व्यवस्था करें कि राज्यों में कोई केबल टीवी वाला हिन्दू पौराणिक चरित्रों पर बनी फिल्में, एनीमेशन इत्यादि का प्रदर्शन न कर सकें. साथ ही ऐसे सीडी और डीवीडी की बिक्री पर भी पाबंदी लगाने की कोशिश की जा रही है.
कांग्रेस के इशारे पर काम कर रहा है भाजपा का डी-4
इन दिनों एक बार फिर भाजपा के भीतर बवाल मचा हुआ है. भाजपा के शीर्ष पर बैठे कुछ नेताओं के खिलाफ संघ के कुछ निष्ठावान नेताओं ने मोर्चा खोलते हुए एक पर्चा सर्कुलेट करना शुरू किया है जिसमें आरोप लगाया गया है कि दिल्ली में डी-4 नाम का एक ग्रुप सक्रिय है जो सत्ताधारी कांग्रेस के साथ लबर-झबर कर रहा है. यह ग्रुप न केवल नितिन गडकरी को कमजोर करने में लगा है बल्कि गृहमंत्री से भी संपर्क में हैं और कांग्रेस द्वारा भगवा आतंकवाद के मुद्दे पर जो भाजपा को निशाने पर लेने की कोशिश हो रही है उसे भी इस ग्रुप का आशिर्वाद मिला हुआ है.
टाटा-बिड़ला-अंबानी, पीयेंगे मध्य प्रदेश का पानी
वेतन-भत्तों और सुविधाओं के विस्तार को लेकर लगातार हाय तौबा करने वाले जनप्रतिनिधि अब जनता की बुनियादी ज़रुरतों से पल्ला झाड़कर औद्योगिक घरानों की ताल पर थिरकते दिखाई दे रहे हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में पानी,बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएँ जुटाने का ज़िम्मा सरकारों को सौंपा गया है। मगर सरकारें अब जनहित के कामों को छोड़कर एक के बाद एक योजनाओं को निजी हाथों में सौंपती चली जा रही है, फ़िर चाहे वो प्राकृतिक संसाधन हों, ज़मीन हो या आम जनता की सेवा से जुड़े मुद्दे हों। इसी कड़ी में अब नेताओं और उद्योगपतियों को पानी मुनाफ़े का सौदा नज़र आने लगा है।...अनिल को औकात बताने पर आमादा मुकेश
भारत कारपोरेट वार के दौर में विधिवत प्रवेश कर गया है. अनिल-मुकेश विवाद के लंबे दौर के अंत के बाद एक बार फिर अनिल और मुकेश अंबानी आमने सामने है. लेकिन इस बार मुकेश अंबानी के सामने अनिल अंबानी नहीं बल्कि अनिल अग्रवाल हैं जो कि वेदांता कंपनी समूह के मालिक हैं. मूलत: भारत की पैदाइश अनिल अग्रवाल अनिवासी भारतीय हैं. ...कलमाड़ी को काला करने में 'टाइम्स ग्रुप' का हाथ
दिल्ली से प्रकाशित एक पाक्षिक पत्रिका ने दावा किया है कि टाइम्स आफ इंडिया समूह ने कामनवेल्थ गेम्स में सुरेश कलमाड़ी के कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ एक योजना के तहत अभियान चलाया. प्रथम प्रवक्ता नामक इस हिन्दी पाक्षिक ने "सौदा नहीं पटा तो अभियान" नामक कवर स्टोरी प्रकाशित की है जिसके अनुसार पिछले साल ही बाकायदा पत्र लिखकर टाइम्स समूह ने कामनवेल्थ गेम्स आर्गेनाइजिंग कमेटी से एक सौदे का प्रस्ताव किया था, जब वह सौदा नहीं पटा तो समूह ने सुरेश कलमाड़ी पर हल्ला बोल दिया. प्रथम प्रवक्ता की स्टोरी हम प्रकाशित कर रहे हैं- संपादक...सड़ रहा है 6600 मीट्रिक टन अनाज
शरद पवार साहब का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं किया जा सकता. अनाज भले ही सड़ जाए लेकिन उसे मुफ्त में गरीबों को देना संभव नहीं है. शरद पवार कितने संवेदनशील हैं यह उनके इस बयान से ही पता चलता है लेकिन भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में अनाज किस बेकदरी से सड़ाए जा रहे हैं इसका नमूना इटावा के इस गोदाम पर आकर पता चलता है. भारतीय खाद्य निगम की इटावा गोदाम का जायजा ले रहे हैं दिनेश शाक्य-
किसानों की कीमत पर बचाये गये कारपोरेट
सत्यम घोटाले के मुख्य आरोपी रामलिंगराजू को आखिरकार जमानत मिल गयी है. लेकिन रामलिंगराजू की कंपनी को बचाने के लिए किसानों को कर्ज देने के लिए बनी संस्था ने 100 करोड़ रुपये बिना किसी नियम कानून का पालन किये दे दिये. सरकार के अरबों रूपए बिना किसी कागजी कार्रवाई के रिलीज कर दिए गये, उस पर सवाल कोई और नहीं, उसी संस्था के अपने ऑडिटर उठाए। मामला केंद्रीय सतर्कता आयुक्त को भेजा गया। सतर्कता आयोग अपनी जांच में चेयरमैन को दोषी पाया, लेकिन वह चेयरमैन आज भी अपनी कुर्सी पर काबिज है। जांच रफा-दफा हो गई और सबकुछ सामान्य चल रहा है।
हिन्दुस्तानियों के सीने पर सेना की गोलियां
उत्तर प्रदेश तथा उत्तरांचल की भारत-नेपाल सीमा पर होने वाली तस्करी, वन कटान, अवैध वन्यजीव शिकार, आईएसआई की सक्रियता तथा आतंकवादी एवं विदेशी घुसपैठ आदि को रोकने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा पैरा मिलिट्री फोर्स सीमा सशस्त्र बल को तैनात किया गया है। सीमा सशस्त्र बल यानी एसएसबी के जवान अपने मूल उद्देश्यों व कार्यों से भटक कर भौतिक सुखों की खातिर आमजनता का बेवजह उत्पीड़न एवं आर्थिक शोषण करने से परहेज नहीं करते हैं और सीधे बंदूक की भाषा में बात करने लगे हैं।
तस्करी का धंधा फिर से शबाब पर है, मगर कलम खामोश है!
उत्तर प्रदेश के इस पूर्वी इलाके में पत्रकार कमलेश की मौत महज एक हादसा नहीं बल्कि वो हकीकत है जिससे शायद ही कोई सुविधाभोगी पत्रकार रूबरू होना चाहेगा. कमलेश की मौत को सप्ताहभर बीत गया और जैसे जैसे उनके बारे में सच्चाई सामने आ रही है, सिर शर्म से झुकता जा रहा है. क्या समाज में हम संवेदनशील लोगों के साथ यही व्यवहार करते हैं? कमलेश की मौत से हम दुखी हो न हो वे तस्कर जरूर खुश हैं जिनका कारोबार कमलेश की कलम के कारण चौपट हो रहा था.
एक मीनार जो कानून से ऊंची है
मुंबई के सबसे मंहगे इलाकों में से एक है बालकेश्वर, जहां 32 मंजिलों वाली यानी इलाके की सबसे ऊंची मीनार बन रही है, मगर उससे कहीं ऊंची खबर अपने पास यह है कि यह मीनार महाराष्ट्र के कायदे-कानूनों से अब बहुत ऊपर उठ चुकी है, और उसे उठाने वाला भी कोई मामूली आदमी नहीं है, बल्कि मशहूर डायमंड मर्चेण्ट और फिल्म फायनेंसर भरत शाह है।
Latest on visfot
कांग्रेस अधिवेशन को सफल बनाने में जुटी अकाली भाजपा सरकार
चंडीगढ़ में कांग्रेस का मिनी अधिवेशन होने जा रहा है जिसमें कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी से सहित प्रधानमंत्री, राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मौजूद रहेंगे. 27 सितंबर को होने वाले कांग्रेस के मिनी अधिवेशन को अकाली-भाजपा सरकार सफल बनाना चाहती है। इसके लिए सरकार में ऊपरी स्तर से सूबे के प्रमुख औद्योगिक घरानों को पंजाब कांग्रेस की मदद करने के आदेश जारी किए गए हैं।...
रामायण, महाभारत और हनुमान पर पाकिस्तान में प्रतिबंध
पाकिस्तान में इस्लामिक कट्टरपंथ को वहां की सरकारें किस कदर अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करती हैं इसका ताजा उदाहरण वह फरमान है जिसमें संघीय सरकार ने राज्य सरकारों को आदेश दिया है कि वे ऐसी व्यवस्था करें कि राज्यों में कोई केबल टीवी वाला हिन्दू पौराणिक चरित्रों पर बनी फिल्में, एनीमेशन इत्यादि का प्रदर्शन न कर सकें. साथ ही ऐसे सीडी और डीवीडी की बिक्री पर भी पाबंदी लगाने की कोशिश की जा रही है. ...
भूख के पेट में समा गये मध्य प्रदेश के 28 आदिवासी बच्चे
एएचआरसी यानी एशियन ह्यूमन राइटस् कमीशन के अनुसार मध्यप्रदेश में 28 बच्चों ने कुपोषण के चलते दम तोड़ दिया है. पीडित बच्चों के परिवार सरकारी योजनाओं के तहत भोजन और स्वास्थ्य के मद में दी जाने वाली सहायता से भी दूर हैं....
24 सितंबर को आयेगा अयोध्या पर फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अयोध्या में राम जन्म भूमि बनाम बाबरी मस्जिद विवाद पर अपना फैसला सुनाने के लिए 24 सितम्बर की तारीख़ तय कर दी है. कोर्ट की लखनऊ बेंच में तीन जजों की एक विशेष पीठ ने 26 जुलाई को मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद अपना फ़ैसला सुरक्षित कर लिया था....
विश्व के 35 फीसदी निरक्षर भारत में
भारत को साक्षर बनाने की मुहिम अभी भी परवान नहीं चढ़ पा रही है। शिक्षा का अधिकार और सर्वशिक्षा अभियान के बावजूद विश्व की 35 फीसद निरक्षर आबादी भारतीयों की है। भारत की 68 प्रतिशत साक्षरता दर वैश्विक साक्षरता दर 84 प्रतिशत से काफी पीछे है।...
मुण्डा बनेंगे मुख्यमंत्री, 10 सितंबर तक शपथ ग्रहण की संभावना
झारखण्ड में एक बार फिर सरकार बनाने की संभावना पैदा हो गयी है. मंगलवार को भाजपा नेता अर्जुन मुण्डा ने 45 विधायकों के समर्थन वाली चिट्ठी राज्यपाल को सौंप दी है. स्थानीय सूत्रों का कहना है कि अगर कांग्रेस की ओर से कोई अड़ंगा नहीं लगाया जाता है तो अर्जुन मुण्डा 10 सितंबर से पहले शपथ ग्रहण कर लेंगे. ...
जातिवाद, क्षेत्रवाद, धर्मवाद का शिकार माओवाद
बिहार में हुई हाल की घटनाओं ने साबित कर दिया है कि माओवादी अब महज डकैतों और माफिया गुंडों का समूह है जिनसे सिर्फ डरा जा सकता है. विचारधारा और शोषण के खिलाफ लड़ने के उनके जज्बे के कारण लोगों में उनके प्रति जो सम्मान बचा था वह भी अब खत्म होने की कगार पर है. मगर इस क्राइसिस के बाद जो सबसे चौकाने वाली बात उभर कर सामने आयी है वह इन समूहों की वास्तविकता बन चुके जातिवादी झगड़े हैं....
एक अनोखे किसान आंदोलन का अंत
मुख्यमंत्री मायावती ने अपने कैबिनेट में एक निर्णय लिया. निर्णय यह कि प्रदेश में यमुना एक्सप्रेसवे के खिलाफ जो किसान आंदोलन कर रहे हैं उनको दो तरह के प्रस्ताव दिये जाएं. अगर वे इन दोनों तरह के प्रस्ताव को नहीं मानते हैं तो अपनी जमीन अपने पास रख सकते हैं. मायावती मंत्रिमण्डल के इस निर्णय का के बाद जेपी समूह ने टप्पल में प्रस्तावित अपनी नगर परियोजना को समाप्त करने की घोषणा कर दी. अब जो किसान नेता मुआवजा बढ़ाने का आंदोलन चला रहे थे वही समाजसेवी बनकर टप्पल में प्रस्तावित शहर न जाने देने के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन लिख रहे हैं....
बिहार में राजनीतिक घमासान की घोषणा
देश के सबसे अधिक राजनीतिक राज्य बिहार में घमासान की घोषणा हो गयी है. चुनाव आयोग ने सोमवार को बिहार में मतदान की घोषणा कर दी. बिहार में 21 अक्टूबर से मतदान की घोषणा की गयी है. मतदान छह चरणों में होगा....
लद गये वामपंथ के दिन- राहुल गांधी
कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी का कहना है कि माकपा ने अपने शासनकाल के दौरान पश्चिम बंगाल को आर्थिक और सामाजिक रूप से दो हिस्सों में बांट दिया है. एक बंगाल है जो चमक रहा है जबकि दूसरा बंगाल गरीबी के बोझ तले दब गया है. उन्होंने कम्युनिस्ट विचारधारा को अप्रासंगिक भी करार दिया है....
गए थे अमन का पैगाम देने, कर आए तिरंगे का अपमान
सीमा पार पड़ौसी मुल्क पाकिस्तान के लाहौर में बाढ़ पीडितों के सहायतार्थ भारत से गया बुद्धीजीवी वर्ग का एक दल तिरंगे का अपमान कर आया। खबर तब सुर्खियों में आई जब दल के सदस्यों की उलटा तिरंगा थामे तस्वीर अंग्रेजी के समाचार पत्र हिंदुस्तान टाईम्स के हरियाणा पृष्ठ पर तीन सितंबर के अंक में छपी।...
भारतीयों में बढ़ रही है जानवरों से सेक्स करने की प्रवृति
चेन्नई में तीन सितंबर से पांच सितंबर तक सेक्सोलॉजी पर हुए राष्ट्रीय सम्मेलन में कुछ ऐसी बातें सामने आईं जो भारतीयों की बदलती सेक्स प्रवृति की ओर इशारा कर रही हैं। सम्मेलन में ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं में भैंसों के साथ यौन क्रियाएं करने, महिलाओं द्वारा पालतू कुत्तों को सेक्स करना सिखाना और घुमंतू प्रवृत्ति के लोगों द्वारा सेक्स करने के लिए साथियों को खोजने जैसे मामले सामने आएं हैं।...
छत्तीस हुआ तिरसठ का आंकड़ा
सोनिया गांधी बीते शुक्रवार को चौथी बार कांग्रेस की अध्यक्ष चुनी गयी .उनके इस चयन के साथ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार में सत्ता परिवर्तन का निर्णायक दौर शुरू हो जाएगा. सोनिया गांधी अपने पति राजीव गांधी की १९९१ में हत्या के बाद राजनीति में अपनी प्रासंगिकता बरकरार रखने के लिए जिस अंदाज में १०,जनपथ से कांग्रेस की राजनीति का नियंत्रण रखने का परोक्ष-अपरोक्ष प्रयास करती रही हैं उसका एकमेव उद्देश्य रहा है अपने पुत्र राहुल गांधी को एक दिन इस देश का प्रधानमंत्री बनाना....
दलित उद्यमियों का बढ़ता दबदबा
पहले दलित उद्यमी गंगाराम कांबले के राज्य महाराष्ट्र में इन दिनों दलित उद्यमशीलता की नई इबारत लिखी जा रही है। कांबले ज्ञात दलित इतिहास में भारत के पहले दलित उद्यमी के तौर पर नजर आते हैं। वे शाहूजी महाराज के समकालीन थे। आज दलित समाज से निकलकर व्यवसाय में पांव जमाने वाले उद्यमियों की संख्या पूरे देश में तेजी से बढ़ रही है। लेकिन यह गति महाराष्ट्र में थोड़ी तेज है. अब महाराष्ट्र में दलित व्यवसायियों को एक मंच पर लाकर खड़ा करने के लिए दलित इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) जैसा मंच भी तैयार हो चुका है।...
गुटखा खाओ, मौत मुफ्त में पाओ
तम्बाखू खाने या पीने से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। यह बात सालों से कही जा रही है, पर फिर भी सरकार द्वारा मनुष्य के स्वास्थ्य के इन दुश्मनों के उत्पादन पर पाबंदी नहीं लगाई जा सकी है, इसका कारण इन उत्पादों से बड़ी मात्रा में मिलने वाला राजस्व है।...
- आलोक तोमर की आपबीती
- वह गुजरात जिसे आप नहीं जानते
- हिन्दू आतंकवाद का अतिवाद
- बाबा रामदेव का दांव
- गोरक्षा सनातन धर्म है, किन्तु पशु गाय धर्म नहीं
अरे भैया ये तो होता ही है |
चोर चोर मौसेरे भाई जो ठहरे|
मेरे सेकुलर भाइयो? के लिए एक सुखद समाचार|
अब सभी सेकुलर भाई मोमबत्ती जलाएंगे |
राज जी मैंने अक्सर देखा है आप उपेक्षितों के दर्द को बयान करने वालों को हमेशा हौंसला देते हैं.
आपकी संवेदनशीलता हो सलाम !!
शिरीष जी ,
हमेशा की तरह देश के उपेक्षितों के दर्द की खंगाल और अभिव्यक्ति .
आपके प्रयासों को नमन !
जनाब पहले आप अपने सामान्य ज्ञान को आकिये फिर लेख लिखने चलिए..
लेख घर में अपनी डायरी में नोट लिखने का कम नही है .. लेख ...


