बड़ी खबर
सड़ रहा है 6600 मीट्रिक टन अनाज
शरद पवार साहब का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का अनुपालन नहीं किया जा सकता. अनाज भले ही सड़ जाए लेकिन उसे मुफ्त में गरीबों को देना संभव नहीं है. शरद पवार कितने संवेदनशील हैं यह उनके इस बयान से ही पता चलता है लेकिन भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में अनाज किस बेकदरी से सड़ाए जा रहे हैं इसका नमूना इटावा के इस गोदाम पर आकर पता चलता है. भारतीय खाद्य निगम की इटावा गोदाम का जायजा ले रहे हैं दिनेश शाक्य-
किसानों की कीमत पर बचाये गये कारपोरेट
सत्यम घोटाले के मुख्य आरोपी रामलिंगराजू को आखिरकार जमानत मिल गयी है. लेकिन रामलिंगराजू की कंपनी को बचाने के लिए किसानों को कर्ज देने के लिए बनी संस्था ने 100 करोड़ रुपये बिना किसी नियम कानून का पालन किये दे दिये. सरकार के अरबों रूपए बिना किसी कागजी कार्रवाई के रिलीज कर दिए गये, उस पर सवाल कोई और नहीं, उसी संस्था के अपने ऑडिटर उठाए। मामला केंद्रीय सतर्कता आयुक्त को भेजा गया। सतर्कता आयोग अपनी जांच में चेयरमैन को दोषी पाया, लेकिन वह चेयरमैन आज भी अपनी कुर्सी पर काबिज है। जांच रफा-दफा हो गई और सबकुछ सामान्य चल रहा है।
हिन्दुस्तानियों के सीने पर सेना की गोलियां
उत्तर प्रदेश तथा उत्तरांचल की भारत-नेपाल सीमा पर होने वाली तस्करी, वन कटान, अवैध वन्यजीव शिकार, आईएसआई की सक्रियता तथा आतंकवादी एवं विदेशी घुसपैठ आदि को रोकने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा पैरा मिलिट्री फोर्स सीमा सशस्त्र बल को तैनात किया गया है। सीमा सशस्त्र बल यानी एसएसबी के जवान अपने मूल उद्देश्यों व कार्यों से भटक कर भौतिक सुखों की खातिर आमजनता का बेवजह उत्पीड़न एवं आर्थिक शोषण करने से परहेज नहीं करते हैं और सीधे बंदूक की भाषा में बात करने लगे हैं।...तस्करी का धंधा फिर से शबाब पर है, मगर कलम खामोश है!
उत्तर प्रदेश के इस पूर्वी इलाके में पत्रकार कमलेश की मौत महज एक हादसा नहीं बल्कि वो हकीकत है जिससे शायद ही कोई सुविधाभोगी पत्रकार रूबरू होना चाहेगा. कमलेश की मौत को सप्ताहभर बीत गया और जैसे जैसे उनके बारे में सच्चाई सामने आ रही है, सिर शर्म से झुकता जा रहा है. क्या समाज में हम संवेदनशील लोगों के साथ यही व्यवहार करते हैं? कमलेश की मौत से हम दुखी हो न हो वे तस्कर जरूर खुश हैं जिनका कारोबार कमलेश की कलम के कारण चौपट हो रहा था. ...एक मीनार जो कानून से ऊंची है
मुंबई के सबसे मंहगे इलाकों में से एक है बालकेश्वर, जहां 32 मंजिलों वाली यानी इलाके की सबसे ऊंची मीनार बन रही है, मगर उससे कहीं ऊंची खबर अपने पास यह है कि यह मीनार महाराष्ट्र के कायदे-कानूनों से अब बहुत ऊपर उठ चुकी है, और उसे उठाने वाला भी कोई मामूली आदमी नहीं है, बल्कि मशहूर डायमंड मर्चेण्ट और फिल्म फायनेंसर भरत शाह है।...सीबीआई का इस्तेमाल, सुप्रीम कोर्ट ब्लैकमेल
देश की दो स्वायत्त संस्थाओं का कांग्रेस पूरी तरह से राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है. सोहराबुद्दीन मामले में अमित शाह की न्यायिक हिरासत कांग्रेस की ऐसी सोची समझी रणनीति है जिसमें उसने न केवल सीबीआई का अपने राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया बल्कि उसने सुप्रीम कोर्ट की मर्यादा के साथ भी खिलवाड़ किया और भ्रष्टाचार के आरोप में घिरे एक न्यायाधीश को सीबीआई के ही जरिए मैनेज करके सोहराबुद्दीन मामले को सीबीआई के पास भिजवा दिया. प्रेम शुक्ल की पड़ताल-
देह व्यापार के दलदल में नौनिहाल
सेक्स व्यापार और वह भी बच्चों का, इस वीभत्स सच्चाई से आप आंख नहीं चुरा सकते. दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में तो बाकायदा यह एक कारोबार का रूप ले चुका है. गरीबी, आसानी से पैसा या फिर ब्रांडों की चकाचौंध जैसी बच्चों की कमजोरियों का फायदा उठाकर दलाल उन्हें अमीरों और विदेशियों को सप्लाई कर लाखों बना रहे हैं.
भूमाफियाओं की गिरफ्त में भाजपा सरकार
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सनसनीखेज़ और उत्तेजक बयानों ने प्रदेश की राजनीति में तूफ़ान ला दिया है। जहाँ शिवपुरी में भूमाफ़ियाओं पर उन्हें हटाने के लिये धन इकट्ठा करने का बयान दे कर सबको हक्का बक्का कर दिया, वहीं सदन के भीतर भूमाफ़ियाओं को चुनौती देने की शिवराज की दंभ भरी हुँकार से लोग सन्न हैं। विरोधियों को चुनौती देने के लिये उन्होंने संसदीय मर्यादाओं को बलाये ताक रखकर जिस भाषा शैली का इस्तेमाल किया, उसका उदाहरण प्रदेश के इतिहास में शायद ही मिले। मुख्यमंत्री भूमाफ़ियाओं पर उन्हें हटाने के लिये धन इकट्ठा करने का आरोप लगा रहे हैं, मगर भाजपा सरकार की कामकाज की शैली पर नज़र डालें, तो राज्य सरकार खुद ही भूमाफ़िया की सरमायेदार नज़र आती है।
अमेरिकी ग्राण्ट पर पलता पाकिस्तानी आतंकवाद
वीकीलीक्स के 91 हजार रिपोर्टों के खुलासे से एक ओर जहां अफगानिस्तान में कार्रवाई के पीछे की अमेरिकी हिप्पोक्रेसी का पर्दाफाश हो गया है, वहीं आतंकवाद के सेफ हेवन के रूप में विकसित हो चुके पाकिस्तान की दोहरी और दोगली नीति भी एक झटके में दुनिया के सामने आ गयी है. हालांकि वीकीलीक्स द्वारा लीक किये गये दस्तावेजों में से उपलब्ध जानकारियों में से शायद ही कुछ ऐसा है जो हम हिंदुस्तानियों को पहले से नहीं मालूम था.
क्या हाईजैक हो गई थी उत्तरबंगा एक्सप्रेस?
बीरभूम के सैंथिया स्टेशन पर वनांचल एक्सप्रेस में उत्तरबंगा एक्सप्रेस की टक्कर क्या महज एक एक्सीडेंट है या फिर इसके पीछे कोई षण्यंत्र है? दुर्घटना के बाद अगर आप परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर नजर दौड़ाएं तो बिना किसी सरकारी जांच पड़ताल के यह आशंका उभरने लगती है कि क्या ट्रेन को हाईजैक कर लिया गया था?
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सुदर्शन का (कु) दर्शन
जबसे आरएसएस के लोगों की आतंकवादी घटनाओं में संलिप्तता सामने आयी है, तब से आरएसएस के नेता बौखला गए हैं। इस बौखलाहट में ही शायद संघ के इतिहास में पहली बार हुआ है कि इसके स्वयंसेवक विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे। इसी बौखलाहट में आरएसएस के एक्स चीफ केएस सुदर्शन का मानसिक संतुलन बिगड़ गया और सोनिया गांधी के बारे में ऐसे शब्द बोल दिए, जिन्हें एक विकृत मानसिकता का आदमी ही बोल सकता है।...
सीआईए नहीं केजीबी एजंट कहिए जनाब
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक ने 10 नवंबर को सोनिया गांधी पर सीआईए एजंट होने का आरोप लगाकर सनसनी पैदा कर दिया है. पूरी की पूरी कांग्रेस उत्तेजित है और संघ भी बैकफुट पर चला गया है. सुदर्शन के आस पास के लोगों का कहना है कि सुदर्शन जी भुलक्कड़ हो गये हैं और उन्हें कुछ ठीक से याद नहीं रहता. शायद इसीलिए उन्होंने इतनी बड़ी चूक कर दी. ...
सोनिया का सच जान बेकाबू क्यों होते हो?
एक बार फिर लोकतंत्र पर आपातकाल मंडरा पड़ा है. राजमाता सोनिया गांधी के सिपहसालारों ने कांग्रेसी गुण्डों, माफियाओं और लोकतंत्र के हत्यारों का आह्वान किया है कि वह देशभर में संघ कार्यालयों पर धावा बोल दे. इसका तत्काल प्रभाव हुआ और कांग्रेसी गुण्डों ने संघ के दिल्ली मुख्यालय पर धावा भी बोल दिया. ठीक वैसे ही जैसे इंदिरा गांधी की मौत के बाद सिखों को निशाना बनाया गया था. हिंसक और अलोकतातंत्रिक मानसिकता से ग्रस्त कांग्रेसी सोनिया का सच जानकर आखिर इस तरह बेकाबू क्यों हो रहे हैं?...
नये निजाम के दामन पर है ज्यादा बड़ा दाग
मुंबई। महाराष्ट्र के नए निजाम भी कोई दूध के धुले नहीं हैं। कांग्रेस आलाकमान ने अशोक चव्हाण को फर्जीवाड़े से फ्लैट पाने के आरोप में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की गद्दी से हटा दिया। लेकिन नए मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी उसी तरह के फर्जीवाड़े में गले तक डूबे हुए हैं। उन्होंने जितने बड़े बड़े झूठ बोलकर सरकार से फ्लैट हथियाए हैं वे कांग्रेस के लिए ज्यादा दागदार हैं।...
अजमेर चार्जशीट और संघी उछल-कूद
बढ़ते पैमाने पर इसके साक्ष्य सामने आ रहे हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर एस एस) से जुड़े लोगों का आतंकवादी हमलों में हाथ रहा है। इन हालात में आर एस एस इस पुराने सूत्र पर चल रहा लगता है कि हमला ही सबसे अच्छा बचाव है। उसने 10 नवंबर को देशव्यापी विरोध कार्रवाइयों का आह्वान किया है। इन कार्रवाइयों में संघ के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की बात कही जा रही है। बहरहाल, इसकी चर्चा हम जरा बाद में करेंगे।...
अपने होने पर ही हैरान
‘चुप्पी-चुप्पी नहीं नहीं, बोलेंगे अब सभी-सभी’ इन्हीं नारों से दाहोद (गुजरात) का सीनियर रेलवे संस्थान परिसर 31 अक्टूबर को पूरे दिन गूंजता रहा। यहां गुजरात के बड़ोदरा, पंचमहल, सुरत, भड़ूच, डांग, बालसाड और साबरकांठा जिले से लगभग तीन हजार के आस पास विमुक्त एवं घुमंतू समाज से ताल्लुक रखने वाले लोग इकट्ठे हुए थे। मौका था, अधिकार अभियान की घोषणा का। उस समाज के लिए जो इस लोकतांत्रिक देश में अधिकार का अर्थ अभी तक समझ नहीं पाएं हैं। ...
गोली लगने के बाद क्या गांधी ने कहा था- हे राम ?
यह एक ऐसा सवाल है जिस पर अब विवाद होने लगा है. 30 जनवरी 1948 को क्या जब महात्मा गांधी को नाथूराम गोडसे ने गोली मारी तो महात्मा गांधी ने अपने मुंह से हे! राम का संबोधन किया था? उस वक्त घटनास्थल पर मौजूद रहे एक प्रत्यक्षदर्शी के डी मदान का कहना है कि "मैंने नहीं सुना था कि उन्होंने हे राम कहा था या नहीं."...
भद्दा और बेदम रहा संघ का विरोध प्रदर्शन
स्कूल जाते बच्चों के भी हाथ में भगवा थमाकर भले ही संघ ने शक्ति प्रदर्शन की भरपूर कोशिश की हो लेकिन 10 नवम्बर का दिन उसके इतिहास में कोई बडी घटना के रूप में याद नहीं किया जायेगा। हॉ हम बात कर रहे है राजस्थान के भरतपुर जिला मुख्यालय की जहॉ देश भर की ही तरह हिन्दुवादी संघटनों ने अपने उपर लग रहे ‘भगवा आतंकवाद’ के आरोपों के विरोध में शक्ति प्रदर्शन किया था। भरतपुर जहॉ संघ प्रचारक क रूप में भाजपा के पीएमइन वेंटिग लालकृष्ण आडवानी ने अपनी सेवाऐं दी है संघ का ये विरोध प्रदर्शन एक दम भददा और हल्का रहा।...
एनसीपी के 'दादा' का दांव
महाराष्ट्र में कांग्रेस में परिवर्तन हुआ तो राष्ट्रवादी कांग्रेस ने भी अपने पत्ते खोल दिये. राज्य में लंबे समय से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही सत्ता के दावेदारी पर एनसीपी ने आखिरकार प्रदेश की प्रशासनिक कमान अपनी ओर से शरद पवार के भतीजे अजीत पवार को सौंप दी है. अब गुरुवार को शाम साढ़े चार बजे पृथ्वीराज चव्हाण के साथ अजीत "दादा" पवार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे....
पीएमओ वाले पृथ्वीराज
महाराष्ट्र के नये मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण यूपीए सरकार पार्ट वन और पार्ट टू में बतौर पीएमओ मिनिस्टर जाने जाते हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय में रहते हुए भी उन्होंने कभी ताकतवर होने का दंभ नहीं पाला और चुपचाप काम करते रहे. बिट्स पिलानी से बीई और बर्कले विश्वविद्यालय से एमएस की डिग्री हासिल करनेवाले पृथ्वीराज की राजनीतिक कमेस्ट्री ने उनके सार्वजनिक जीवन में पहली बार इतना गाढ़ा रंग उड़ेला है....
सुलग रहा है मेरठ 'हिन्दुस्तान'
एक ओर हिन्दुस्तान अखबार अपनी अलग कंपनी बनाकर अखबार को चमकाने और अखबार का विस्तार करने में लगा है वहीं दूसरी ओर हिन्दुस्तान के विभिन्न संस्करणों में हालात ठीक नहीं है. हिन्दुस्तान के मेरठ संस्करण में इन दिनों इस्तीफे दिये जा रहे हैं लेकिन प्रचारित किया जा रहा है कि जो आफिस नहीं आ रहे हैं वे छुट्टी पर चले गये हैं....
आलोक तोमर के बगल में बसे किशोर मालवीय
सीएनईबी में पहले से एक सलाहकार संपादक थे- आलोक तोमर. अब दूसरे सलाहकार संपादक भी वहां नियुक्त हो गये हैं किशोर मालवीय. उन्होंने सीएनईबी चैनल के साथ बतौर कंसल्टिंग एडिटर अपनी नई पारी की शुरुआत की है। सीएनईबी से पहले वे ‘वायस ऑफ इंडिया’ न्यूज चैनल के साथ जुड़े हुए थे। उन्होंने करीब दो दशक के कॅरियर में देश के नामी-गिरामी मीडिया संस्थानों में कई जिम्मेदारियां निभाईं हैं।...
सुरक्षा परिषद की छांव में खेती पर दांव
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संसद में दिये गये अपने भाषण में भारत से मिले प्यार की भूरि भूरि प्रशंसा जरूर की लेकिन अपनी व्यावसायिक मजबूरियों को छिपा नहीं सके. बराक ओबामा ने संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए जहां एक ओर भारत को महाशक्ति करार देकर उसके लिए संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सदस्यता को अपना समर्थन दिया वहीं भारत और अमेरिका द्वारा मिलकर खेती के क्षेत्र में एक और हरित क्रांति के आगाज की घोषणा की....
आतंक नहीं कश्मीर केन्द्रित हुई ओबामा यात्रा
रविवार की देर शाम भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित भोज में ओमर अब्दुल्ला के शामिल होने से जो आशंका पैदा हुई थी वह सोमवार को हैदराबाद हाउस में और प्रबल रूप में सामने आ गयी जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमेरिकी राष्ट्रपति की उपस्थिति में स्वीकार किया कि वे पाकिस्तान से बात करते वक्त "के" शब्द पर बात करने से नहीं कतराते हैं....
भारत से धंधा, पाक को चंदा
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा ने अपना तीन दिवसीय दौरा पूरा कर लिया. मुंबई उतरकर दिल्ली दरबार तक उनकी दस्तक भारत पर अमेरिका के मजबूत पकड़ की मिसाल बन गया. निश्चित रूप से उनका दौरा भारत के लिए उतना महत्वपूर्ण नहीं जितना खुद अमेरिका के लिए है. मंदी के दौर से जूझ रहे अमेरिका को "कारपोरेट" जगत का धंधा दिलाने के लिए उन्होंने न केवल भारत को महाशक्ति करार दे दिया बल्कि सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का समर्थन भी कर दिया....
- आलोक तोमर की आपबीती
- वह गुजरात जिसे आप नहीं जानते
- हिन्दू आतंकवाद का अतिवाद
- सिमी से भी खतरनाक है संघ का स्वरूप
- बाबा रामदेव का दांव
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...




