बड़ी खबर
अल्पसंख्यक अधिकारों की आड़ में शिक्षा का व्यापार!
राजधानी दिल्ली क्षेत्र में कैथोलिक चर्च द्वारा संचालित संत थॉमस स्कूल में 1500 बच्चे पढ़ते है. उनमें ईसाई बच्चे 50 से भी कम है. इसी तरह देश की राजधानी दिल्ली के पास खतौली में कोई कैथोलिक परिवार ही नही है लेकिन कान्वेंट चल रहा है। अब प्रश्न खड़ा होता है कि ‘जहां स्कूल में बच्चे ईसाई नही है, अध्यापक ईसाई नही है तो चर्च संगठन किस धर्म, भाषा और संस्कृति के संरक्षण' के लिए अल्पसंख्यक अधिकारों का इस्तेमाल कर रहे है?
रुपये का नया प्रतीक चुनने में हुआ भरपूर भ्रष्टाचार
भारत सरकार ने आखिरकार रुपये के नये प्रतीक को अपनी मान्यता दे दी है. गुरुवार को कैबिनेट की बैठक में रुपये के नये प्रतीक को अंतिम तौर पर मंजूरी दे दी गयी. अब देश-दुनिया में भारत सरकार प्रतीक तौर पर इसी प्रतीक का इस्तेमाल करेगी. लेकिन भारतीय रुपये के इस नये सिंबल का चुनाव भारतीय नौकरशाही के भ्रष्ट कामकाज का एक और नमूना है जो निश्चित रूप से हैरान करनेवाला है.
भ्रष्टाचारियों के सरगना निकले ईमानदारी के शिखर पुरुष
आम आदमी वैसे तो नौकरशाहों के बारे में कम ही जानता है. फिर भी जिन कुछ नामों को वह नाम से वह परिचित है उसमें विजय शंकर पाण्डेय का नाम एक है. विजय शंकर पाण्डेय को हम जानते हैं इसलिए क्योंकि अभी तक हम यह सुनते आये हैं कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के भ्रष्ट नौकरशाहों के खिलाफ सबसे सफल मुहिम चलायी थी. लेकिन अब यह जानिए कि भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चलानेवाले विजयशंकर पाण्डेय खुद किस तरह से भ्रष्टाचार के पालक पोषक रहे हैं....फर्जी है, पुलिस की मनमर्जी है
कानून व्यस्था को लागू करने में पूरी तरह से नाकाम उत्तर प्रदेश पुलिस फर्जी मुठभेड़ों के रोंगटे खड़ा कर देने वाले कथानक लिख रही है. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में पिछले 16 सालों के दौरान 716 फर्जी मुठभेड़ों केस अकेले उत्तर प्रदेश से दर्ज किये गए हैं. फर्जी मुठभेड़ों के मामले में देश में अव्व्वल उत्तर प्रदेश में फर्जी मुठभेड़ों की सर्वाधिक घटनाएँ नक्सल प्रभावित सोनभद्र ,चंदौली और मिर्जापुर जनपदों में हुई हैं....बंद को लेकर बिखरा रहा विपक्ष
लखनऊ। सोमवार को मंहगाई के मुद्दे को लेकर जहां विरोध का तरीका बेशक बसपा और केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के अलावा समूचे विपक्ष का बंदी का था, परंतु इसके बावजूद भी विचारों में समानता होने के बाद भी एकजुटता का अभाव देखा गया। बंदी अभूतपूर्व रही इसे सभी दल स्वीकार रहे हैं, परंतु इसके लिए पीठ अपनी ही थपथपाते देखे गए।...राजीव गांधी ने किया था एंडरसन की रिहाई का सौदा
भोपाल गैस त्रासदी पर तत्कालीन भारत सरकार ने एक सौदा किया था. सौदा यह कि उसने एंडरसन को सकुशल जाने दिया बदले में अमेरिका ने 11 जून 1985 को आदिल सहरयार को छोड़ दिया था. क्या यह महज संयोग भर है कि जिस दिन आदिल शहरयार जेल से रिहा हुआ उसके अगले दिन भारतीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी अमेरिका में थे?
साथ छूटने की संभावना से सब खुश
बिहार में जनता दल युनाइटेड और भाजपा का संबंध बहुत नाजुक दौर में पहुंच चुका है. सोमवार को भाजपा अपना रुख साफ करेगी कि वह प्रदेश में अकेले चुनाव मैदान में जाएगी या जनता दल युनाइटेड के साथ मिलकर. हालांकि बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और राजग के संयोजक शरद यादव यही दावा कर रहे हैं कि साथ छूटने का सवाल ही नहीं है लेकिन अगर प्रदेश में भाजपा और जदयू का साथ छूटता है तो उससे दूसरे सभी दल खुश नजर आ रहे हैं.
महिलाएं कर रही हैं सऊदी में शादी का सौदा
यह बात सुनने में ज़रूर अजीब लगे, मगर है सोलह आने सच. हालांकि सऊदी अरब इस्लाम, तेल के कुंओं, अय्याश शेखों और जंगली क़ानून के लिए जाना जाता है, लेकिन पिछले कुछ बरसों में यहां की जीवन शैली में ख़ासा बदलाव आया है. यहां की महिलाएं भी अब इंसान होने का हक़ मांगने लगी हैं. वे ऐसी ज़िन्दगी की अभिलाषा करने लगी हैं, जिसमें उनके साथ ग़ुलामों जैसा बर्ताव न किया जाए. शायद इसलिए ही वे तनख्वाह पर शौहर रखने लगी हैं.
नवीन की राह पर नीतीश !
पटना में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के दौरान पिछले चौबीस घंटों में जो कुछ हुआ है वह पूरे देश के राजनीतिक विश्लेषकों के लिए अप्रत्याशित है. आम तौर पर नीतीश सोबर पॉलिटीशियन माने जाते हैं और वे इतने उग्र कदम नहीं उठाते हैं. ऐसे में जिस तरह से उन्होंने गुजरात के विवादास्पद विज्ञापन को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है, उससे लगता है कि कहीं वे नवीन पटनायक की राह पर चलने का फैसला तो नहीं ले चुके.
सांसदी के सवाल पर भिड़ गये संघ के दो संपादक
आर्गनाइजर और पांचजन्य के पूर्व संपादकों का इस तरह चर्चा में आना संघ के खांटी स्वयंसेवकों को शायद भा नहीं रहा होगा। लेकिन सच तो सच है। संघ की कथित ईमानदार, उज्जवल छवि को दागदार बनाते हुए दो शीर्ष पत्रकार सांसदी के सवाल पर इस तरह से भिड़ेंगे, संघ के नेताओं ने सोचा भी न होगा।
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सुदर्शन का (कु) दर्शन
जबसे आरएसएस के लोगों की आतंकवादी घटनाओं में संलिप्तता सामने आयी है, तब से आरएसएस के नेता बौखला गए हैं। इस बौखलाहट में ही शायद संघ के इतिहास में पहली बार हुआ है कि इसके स्वयंसेवक विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे। इसी बौखलाहट में आरएसएस के एक्स चीफ केएस सुदर्शन का मानसिक संतुलन बिगड़ गया और सोनिया गांधी के बारे में ऐसे शब्द बोल दिए, जिन्हें एक विकृत मानसिकता का आदमी ही बोल सकता है।...
सीआईए नहीं केजीबी एजंट कहिए जनाब
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक ने 10 नवंबर को सोनिया गांधी पर सीआईए एजंट होने का आरोप लगाकर सनसनी पैदा कर दिया है. पूरी की पूरी कांग्रेस उत्तेजित है और संघ भी बैकफुट पर चला गया है. सुदर्शन के आस पास के लोगों का कहना है कि सुदर्शन जी भुलक्कड़ हो गये हैं और उन्हें कुछ ठीक से याद नहीं रहता. शायद इसीलिए उन्होंने इतनी बड़ी चूक कर दी. ...
सोनिया का सच जान बेकाबू क्यों होते हो?
एक बार फिर लोकतंत्र पर आपातकाल मंडरा पड़ा है. राजमाता सोनिया गांधी के सिपहसालारों ने कांग्रेसी गुण्डों, माफियाओं और लोकतंत्र के हत्यारों का आह्वान किया है कि वह देशभर में संघ कार्यालयों पर धावा बोल दे. इसका तत्काल प्रभाव हुआ और कांग्रेसी गुण्डों ने संघ के दिल्ली मुख्यालय पर धावा भी बोल दिया. ठीक वैसे ही जैसे इंदिरा गांधी की मौत के बाद सिखों को निशाना बनाया गया था. हिंसक और अलोकतातंत्रिक मानसिकता से ग्रस्त कांग्रेसी सोनिया का सच जानकर आखिर इस तरह बेकाबू क्यों हो रहे हैं?...
नये निजाम के दामन पर है ज्यादा बड़ा दाग
मुंबई। महाराष्ट्र के नए निजाम भी कोई दूध के धुले नहीं हैं। कांग्रेस आलाकमान ने अशोक चव्हाण को फर्जीवाड़े से फ्लैट पाने के आरोप में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की गद्दी से हटा दिया। लेकिन नए मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी उसी तरह के फर्जीवाड़े में गले तक डूबे हुए हैं। उन्होंने जितने बड़े बड़े झूठ बोलकर सरकार से फ्लैट हथियाए हैं वे कांग्रेस के लिए ज्यादा दागदार हैं।...
अजमेर चार्जशीट और संघी उछल-कूद
बढ़ते पैमाने पर इसके साक्ष्य सामने आ रहे हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर एस एस) से जुड़े लोगों का आतंकवादी हमलों में हाथ रहा है। इन हालात में आर एस एस इस पुराने सूत्र पर चल रहा लगता है कि हमला ही सबसे अच्छा बचाव है। उसने 10 नवंबर को देशव्यापी विरोध कार्रवाइयों का आह्वान किया है। इन कार्रवाइयों में संघ के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की बात कही जा रही है। बहरहाल, इसकी चर्चा हम जरा बाद में करेंगे।...
अपने होने पर ही हैरान
‘चुप्पी-चुप्पी नहीं नहीं, बोलेंगे अब सभी-सभी’ इन्हीं नारों से दाहोद (गुजरात) का सीनियर रेलवे संस्थान परिसर 31 अक्टूबर को पूरे दिन गूंजता रहा। यहां गुजरात के बड़ोदरा, पंचमहल, सुरत, भड़ूच, डांग, बालसाड और साबरकांठा जिले से लगभग तीन हजार के आस पास विमुक्त एवं घुमंतू समाज से ताल्लुक रखने वाले लोग इकट्ठे हुए थे। मौका था, अधिकार अभियान की घोषणा का। उस समाज के लिए जो इस लोकतांत्रिक देश में अधिकार का अर्थ अभी तक समझ नहीं पाएं हैं। ...
गोली लगने के बाद क्या गांधी ने कहा था- हे राम ?
यह एक ऐसा सवाल है जिस पर अब विवाद होने लगा है. 30 जनवरी 1948 को क्या जब महात्मा गांधी को नाथूराम गोडसे ने गोली मारी तो महात्मा गांधी ने अपने मुंह से हे! राम का संबोधन किया था? उस वक्त घटनास्थल पर मौजूद रहे एक प्रत्यक्षदर्शी के डी मदान का कहना है कि "मैंने नहीं सुना था कि उन्होंने हे राम कहा था या नहीं."...
भद्दा और बेदम रहा संघ का विरोध प्रदर्शन
स्कूल जाते बच्चों के भी हाथ में भगवा थमाकर भले ही संघ ने शक्ति प्रदर्शन की भरपूर कोशिश की हो लेकिन 10 नवम्बर का दिन उसके इतिहास में कोई बडी घटना के रूप में याद नहीं किया जायेगा। हॉ हम बात कर रहे है राजस्थान के भरतपुर जिला मुख्यालय की जहॉ देश भर की ही तरह हिन्दुवादी संघटनों ने अपने उपर लग रहे ‘भगवा आतंकवाद’ के आरोपों के विरोध में शक्ति प्रदर्शन किया था। भरतपुर जहॉ संघ प्रचारक क रूप में भाजपा के पीएमइन वेंटिग लालकृष्ण आडवानी ने अपनी सेवाऐं दी है संघ का ये विरोध प्रदर्शन एक दम भददा और हल्का रहा।...
एनसीपी के 'दादा' का दांव
महाराष्ट्र में कांग्रेस में परिवर्तन हुआ तो राष्ट्रवादी कांग्रेस ने भी अपने पत्ते खोल दिये. राज्य में लंबे समय से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही सत्ता के दावेदारी पर एनसीपी ने आखिरकार प्रदेश की प्रशासनिक कमान अपनी ओर से शरद पवार के भतीजे अजीत पवार को सौंप दी है. अब गुरुवार को शाम साढ़े चार बजे पृथ्वीराज चव्हाण के साथ अजीत "दादा" पवार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे....
पीएमओ वाले पृथ्वीराज
महाराष्ट्र के नये मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण यूपीए सरकार पार्ट वन और पार्ट टू में बतौर पीएमओ मिनिस्टर जाने जाते हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय में रहते हुए भी उन्होंने कभी ताकतवर होने का दंभ नहीं पाला और चुपचाप काम करते रहे. बिट्स पिलानी से बीई और बर्कले विश्वविद्यालय से एमएस की डिग्री हासिल करनेवाले पृथ्वीराज की राजनीतिक कमेस्ट्री ने उनके सार्वजनिक जीवन में पहली बार इतना गाढ़ा रंग उड़ेला है....
सुलग रहा है मेरठ 'हिन्दुस्तान'
एक ओर हिन्दुस्तान अखबार अपनी अलग कंपनी बनाकर अखबार को चमकाने और अखबार का विस्तार करने में लगा है वहीं दूसरी ओर हिन्दुस्तान के विभिन्न संस्करणों में हालात ठीक नहीं है. हिन्दुस्तान के मेरठ संस्करण में इन दिनों इस्तीफे दिये जा रहे हैं लेकिन प्रचारित किया जा रहा है कि जो आफिस नहीं आ रहे हैं वे छुट्टी पर चले गये हैं....
आलोक तोमर के बगल में बसे किशोर मालवीय
सीएनईबी में पहले से एक सलाहकार संपादक थे- आलोक तोमर. अब दूसरे सलाहकार संपादक भी वहां नियुक्त हो गये हैं किशोर मालवीय. उन्होंने सीएनईबी चैनल के साथ बतौर कंसल्टिंग एडिटर अपनी नई पारी की शुरुआत की है। सीएनईबी से पहले वे ‘वायस ऑफ इंडिया’ न्यूज चैनल के साथ जुड़े हुए थे। उन्होंने करीब दो दशक के कॅरियर में देश के नामी-गिरामी मीडिया संस्थानों में कई जिम्मेदारियां निभाईं हैं।...
सुरक्षा परिषद की छांव में खेती पर दांव
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संसद में दिये गये अपने भाषण में भारत से मिले प्यार की भूरि भूरि प्रशंसा जरूर की लेकिन अपनी व्यावसायिक मजबूरियों को छिपा नहीं सके. बराक ओबामा ने संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए जहां एक ओर भारत को महाशक्ति करार देकर उसके लिए संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सदस्यता को अपना समर्थन दिया वहीं भारत और अमेरिका द्वारा मिलकर खेती के क्षेत्र में एक और हरित क्रांति के आगाज की घोषणा की....
आतंक नहीं कश्मीर केन्द्रित हुई ओबामा यात्रा
रविवार की देर शाम भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित भोज में ओमर अब्दुल्ला के शामिल होने से जो आशंका पैदा हुई थी वह सोमवार को हैदराबाद हाउस में और प्रबल रूप में सामने आ गयी जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमेरिकी राष्ट्रपति की उपस्थिति में स्वीकार किया कि वे पाकिस्तान से बात करते वक्त "के" शब्द पर बात करने से नहीं कतराते हैं....
भारत से धंधा, पाक को चंदा
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा ने अपना तीन दिवसीय दौरा पूरा कर लिया. मुंबई उतरकर दिल्ली दरबार तक उनकी दस्तक भारत पर अमेरिका के मजबूत पकड़ की मिसाल बन गया. निश्चित रूप से उनका दौरा भारत के लिए उतना महत्वपूर्ण नहीं जितना खुद अमेरिका के लिए है. मंदी के दौर से जूझ रहे अमेरिका को "कारपोरेट" जगत का धंधा दिलाने के लिए उन्होंने न केवल भारत को महाशक्ति करार दे दिया बल्कि सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का समर्थन भी कर दिया....
- आलोक तोमर की आपबीती
- वह गुजरात जिसे आप नहीं जानते
- हिन्दू आतंकवाद का अतिवाद
- सिमी से भी खतरनाक है संघ का स्वरूप
- बाबा रामदेव का दांव
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...




