बड़ी खबर
पिछड़े बुन्देलखण्ड को पछाड़ते अधिकारी
सूखे और बेरोजगारी की मार झेल रहे बुन्देलखण्ड में जहाँ एक तरफ केन्द्र और प्रदेश सरकार अरबो रू. भेजकर पिछड़े बुन्देलखण्ड को विकसित करना चहती है, वहीं दूसरी ओर अधिकारियों की मनमानी के कारण भेजी गयी राशि का उपयोग ही नहीं हो पा रहा है जिसके कारण बुन्देलखण्ड की परिस्थितियां लगातार बद से बदतर होती जा रही हैं. इसका परिणाम यह हो रहा है कि बुन्देलखण्ड में न तो पलायन रुक रहा है और न ही बेरोजगारों को रोजगार मिल रहा है. आलसी अधिकारियों की निष्क्रियता के कारण यह इलाका और पिछड़ता जा रहा है।
सिम में भी समाया चीनी ड्रैगन
देश का गृह मंत्रालय और खुफिया एजेंसियां चीनी कंपनियों पर सेलुलर आपरेटरों को बेचे जाने वाले उपकरणों और साफ्टवेयर में स्पाइवेयर डालने और इसके जरिए भारत की महत्वपूर्ण जानकारियों को चीन द्वारा हासिल करने की आशंका जता चुकी है. लेकिन बावजूद इसके नियमों को धता-बताकर चीन से अभी भी हर महीने लाखों सिमकार्ड भारत आ रहे हैं. सिमकार्ड बनाने वाली कंपनियों के एसोसिएशन स्मार्ट कार्ड फोरम आफ इंडिया के आंकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि चीन से पिछले तीन महीनों (जनवरी-मार्च) में ही करीब साढ़े चार करोड़ सिमकार्ड भारत आ चुके हैं.
बस्तर पर सीधे नस्तर चला सकता है केन्द्र
नक्सल प्रभावित राज्यों विशेषकर छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा के तांडव पर यदि शीघ्र ब्रेक नहीं लगा तो संभव है नक्सल पीड़ित जिलों में केन्द्र सरकार सीधा दखल दे। राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा पाटिल ने ऐसी किसी संभावना की स्थिति में कानून विशेषज्ञों की राय मांगी थी। केन्द्र सरकार के महाधिवक्ता जी.वी.वहानवती ने संविधान की पांचवी अनुसूची में उल्लेखित प्रावधानों को स्पष्ट करते हुए जो राय दी है, उस पर यदि अमर किया जाए तो राज्य सरकार की मौजूदगी के बावजूद नक्सली प्रभावित इलाकों का प्रशासन सीधे केन्द्र के हाथ में आ जाएगा और राज्यपाल केन्द्र के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करेंगे।...ईवीएम धोखाधड़ी से बनी यूपीए सरकार पार्ट-2
जिस वक्त इधर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पत्रकारों को यूपीए सरकार के एक साल की उपलब्धियां गिना रहे थे उससे एक दिन पहले अमेरिका में मिशिगन विश्वविद्यालय के कम्प्यूटर साइंस के प्रोफेसर जे एलेक्स हेल्डरमैन की एक रिपोर्ट सामने आ गयी जो इस शक को पुख्ता कर रही है कि यूपीए सरकार की दूसरी पारी और बीते आमचुनाव में कांग्रेस की भारी जीत और कुछ नहीं ईवीएम मशीनों की गड़बड़ी का नतीजा है. ...जनगणना में शामिल नहीं हो रहे हैं नक्सली
छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लाक के 15 गांवों में नक्सलियों ने जनगणना रोक दी है। अबूझमाड़ से सटे इन गांवों में इस कार्य के लिए आए सरकारी कर्मचारियों को नक्सलियों ने भगा दिया और उनके कागजात जला दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि दुबारा इस तरफ रुख करने पर जान से मार दिया जाएगा। इस घटना के साथ ही नक्सली आतंक की एक और घटना सामने आयी। दंतेवाड़ा जिले के कोंटा ब्लाक के 69 शिक्षकों ने सरकार को लिखकर दे दिया है कि वे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जनगणना करने नहीं जाएंगे क्योंकि जान का खतरा है।...हिन्दू धर्म नहीं कलंक है, वेद पिशाचों का सिद्धांत हैं
उत्तर प्रदेश में बहुजन से सर्वजन की ओर जानें का दावा करनें वाली मायावती सरकार के संरक्षण में हिन्दुओं खासकर सवर्णों को बुरी तरह से अपमानित करनें का अभियान सा चल रहा है. इसका प्रत्यक्ष नजारा देखना हो तो ‘अम्बेडकर टुडे’ पत्रिका का मई- 2010 का ताजा अंक देखिए जिसके संरक्षकों में मायावती मंत्रिमण्डल के चार-चार वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों के नाम शामिल हैं। इस पत्रिका के मई-2010 अंक का दावा है कि- ‘हिन्दू धर्म’ मानव मूल्यों पर कलंक है, त्याज्य धर्म है, वेद- जंगली विधान है, पिशाच सिद्धान्त है, हिन्दू धर्म ग्रन्थ- धर्म शास्त्र- धर्म शास्त्र- धार्मिक आतंक है, हिन्दू धर्म व्यवस्था का जेलखाना है, रामायण- धार्मिक चिन्तन की जहरीली पोथी है, और सृष्टिकर्ता (ब्रह्या)- बेटी***(कन्यागामी) हैं तो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी- दलितों का दुश्मन नम्बर-1 हैं।
रतन टाटा की दलाली और दादागीरी
2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में रतन टाटा ने नीरा राडिया के जरिए दयानिधि मारन की बजाय ए राजा को संचार मंत्री बनवाने का उपाय किया था. नीरा राडिया और रतन टाटा के बीच 2009 की बातचीत के जो और टेप निकल कर आए हैं उनका एक हिस्सा हम आपके सामने ला रहे हैं. इसमें साफ होता है कि कैसे रतन टाटा किसी भी कीमत पर दयानिधि मारन को संचार मंत्री बनने से रोक रहे थे.
महाघोटाले का 'महा'राजा
2 जी स्पेक्ट्रम घोटाले में दिल्ली के एक अखबार और एक पत्रिका में कवर स्टोरी बनने के बाद मीडिया ने लगभग पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है. मीडिया इस भ्रष्टाचार पर जानबूझकर रिपोर्ट नहीं कर रहा है. लेकिन सुरेश चिपलूणकर इस मामले की खोजबीन कर रहे हैं. यहां प्रस्तुत है उनकी खोजबीन का पहला हिस्सा.
निरुपमा के दोस्तों पर पुलिस की दबिश
निरुपमा हत्याकाण्ड में जितना काम निरुपमा के पिता ने किया था उसके आगे का काम अब झारखण्ड पुलिस ने अपने हाथ में ले लिया है. झारखण्ड पुलिस की एक टीम प्रियभांषु और निरुपमा के दोस्तों से पूछताछ कर रही है. ये वो दोस्त हैं जो किसी न किसी रूप में इस हत्याकाण्ड को सामने लाने में शामिल रहे हैं. पुलिस अब उनको "प्यार" से समझाने में लगी है कि वे लोग कैसे इस हत्याकाण्ड में जांच वगैरह की मांग से पीछे हटकर अच्छा काम करेंगे.
कांग्रेस का दामन थामने को तैयार ललन, प्रभुनाथ और दिग्विजय
जनता दल युनाइटेड एक बार फिर टूट की कगार पर पहुंच गयी है. जद (यु) के दो नेता ललन सिंह और प्रभुनाथ सिंह को निकालने की तैयारी पूरी हो चुकी है. 9 मई को पटना के गांधी मैदान में प्रस्तावित किसान रैली के साथ ही जनता दल (यु) ललन और प्रभुनाथ को निकालने के लिए तैयार बैठी है वहीं इस मौके को कांग्रेस अपने फायदे के लिए भुनाने जा रही है.
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सुदर्शन का (कु) दर्शन
जबसे आरएसएस के लोगों की आतंकवादी घटनाओं में संलिप्तता सामने आयी है, तब से आरएसएस के नेता बौखला गए हैं। इस बौखलाहट में ही शायद संघ के इतिहास में पहली बार हुआ है कि इसके स्वयंसेवक विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे। इसी बौखलाहट में आरएसएस के एक्स चीफ केएस सुदर्शन का मानसिक संतुलन बिगड़ गया और सोनिया गांधी के बारे में ऐसे शब्द बोल दिए, जिन्हें एक विकृत मानसिकता का आदमी ही बोल सकता है।...
सीआईए नहीं केजीबी एजंट कहिए जनाब
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक ने 10 नवंबर को सोनिया गांधी पर सीआईए एजंट होने का आरोप लगाकर सनसनी पैदा कर दिया है. पूरी की पूरी कांग्रेस उत्तेजित है और संघ भी बैकफुट पर चला गया है. सुदर्शन के आस पास के लोगों का कहना है कि सुदर्शन जी भुलक्कड़ हो गये हैं और उन्हें कुछ ठीक से याद नहीं रहता. शायद इसीलिए उन्होंने इतनी बड़ी चूक कर दी. ...
सोनिया का सच जान बेकाबू क्यों होते हो?
एक बार फिर लोकतंत्र पर आपातकाल मंडरा पड़ा है. राजमाता सोनिया गांधी के सिपहसालारों ने कांग्रेसी गुण्डों, माफियाओं और लोकतंत्र के हत्यारों का आह्वान किया है कि वह देशभर में संघ कार्यालयों पर धावा बोल दे. इसका तत्काल प्रभाव हुआ और कांग्रेसी गुण्डों ने संघ के दिल्ली मुख्यालय पर धावा भी बोल दिया. ठीक वैसे ही जैसे इंदिरा गांधी की मौत के बाद सिखों को निशाना बनाया गया था. हिंसक और अलोकतातंत्रिक मानसिकता से ग्रस्त कांग्रेसी सोनिया का सच जानकर आखिर इस तरह बेकाबू क्यों हो रहे हैं?...
नये निजाम के दामन पर है ज्यादा बड़ा दाग
मुंबई। महाराष्ट्र के नए निजाम भी कोई दूध के धुले नहीं हैं। कांग्रेस आलाकमान ने अशोक चव्हाण को फर्जीवाड़े से फ्लैट पाने के आरोप में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की गद्दी से हटा दिया। लेकिन नए मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी उसी तरह के फर्जीवाड़े में गले तक डूबे हुए हैं। उन्होंने जितने बड़े बड़े झूठ बोलकर सरकार से फ्लैट हथियाए हैं वे कांग्रेस के लिए ज्यादा दागदार हैं।...
अजमेर चार्जशीट और संघी उछल-कूद
बढ़ते पैमाने पर इसके साक्ष्य सामने आ रहे हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर एस एस) से जुड़े लोगों का आतंकवादी हमलों में हाथ रहा है। इन हालात में आर एस एस इस पुराने सूत्र पर चल रहा लगता है कि हमला ही सबसे अच्छा बचाव है। उसने 10 नवंबर को देशव्यापी विरोध कार्रवाइयों का आह्वान किया है। इन कार्रवाइयों में संघ के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की बात कही जा रही है। बहरहाल, इसकी चर्चा हम जरा बाद में करेंगे।...
अपने होने पर ही हैरान
‘चुप्पी-चुप्पी नहीं नहीं, बोलेंगे अब सभी-सभी’ इन्हीं नारों से दाहोद (गुजरात) का सीनियर रेलवे संस्थान परिसर 31 अक्टूबर को पूरे दिन गूंजता रहा। यहां गुजरात के बड़ोदरा, पंचमहल, सुरत, भड़ूच, डांग, बालसाड और साबरकांठा जिले से लगभग तीन हजार के आस पास विमुक्त एवं घुमंतू समाज से ताल्लुक रखने वाले लोग इकट्ठे हुए थे। मौका था, अधिकार अभियान की घोषणा का। उस समाज के लिए जो इस लोकतांत्रिक देश में अधिकार का अर्थ अभी तक समझ नहीं पाएं हैं। ...
गोली लगने के बाद क्या गांधी ने कहा था- हे राम ?
यह एक ऐसा सवाल है जिस पर अब विवाद होने लगा है. 30 जनवरी 1948 को क्या जब महात्मा गांधी को नाथूराम गोडसे ने गोली मारी तो महात्मा गांधी ने अपने मुंह से हे! राम का संबोधन किया था? उस वक्त घटनास्थल पर मौजूद रहे एक प्रत्यक्षदर्शी के डी मदान का कहना है कि "मैंने नहीं सुना था कि उन्होंने हे राम कहा था या नहीं."...
भद्दा और बेदम रहा संघ का विरोध प्रदर्शन
स्कूल जाते बच्चों के भी हाथ में भगवा थमाकर भले ही संघ ने शक्ति प्रदर्शन की भरपूर कोशिश की हो लेकिन 10 नवम्बर का दिन उसके इतिहास में कोई बडी घटना के रूप में याद नहीं किया जायेगा। हॉ हम बात कर रहे है राजस्थान के भरतपुर जिला मुख्यालय की जहॉ देश भर की ही तरह हिन्दुवादी संघटनों ने अपने उपर लग रहे ‘भगवा आतंकवाद’ के आरोपों के विरोध में शक्ति प्रदर्शन किया था। भरतपुर जहॉ संघ प्रचारक क रूप में भाजपा के पीएमइन वेंटिग लालकृष्ण आडवानी ने अपनी सेवाऐं दी है संघ का ये विरोध प्रदर्शन एक दम भददा और हल्का रहा।...
एनसीपी के 'दादा' का दांव
महाराष्ट्र में कांग्रेस में परिवर्तन हुआ तो राष्ट्रवादी कांग्रेस ने भी अपने पत्ते खोल दिये. राज्य में लंबे समय से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही सत्ता के दावेदारी पर एनसीपी ने आखिरकार प्रदेश की प्रशासनिक कमान अपनी ओर से शरद पवार के भतीजे अजीत पवार को सौंप दी है. अब गुरुवार को शाम साढ़े चार बजे पृथ्वीराज चव्हाण के साथ अजीत "दादा" पवार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे....
पीएमओ वाले पृथ्वीराज
महाराष्ट्र के नये मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण यूपीए सरकार पार्ट वन और पार्ट टू में बतौर पीएमओ मिनिस्टर जाने जाते हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय में रहते हुए भी उन्होंने कभी ताकतवर होने का दंभ नहीं पाला और चुपचाप काम करते रहे. बिट्स पिलानी से बीई और बर्कले विश्वविद्यालय से एमएस की डिग्री हासिल करनेवाले पृथ्वीराज की राजनीतिक कमेस्ट्री ने उनके सार्वजनिक जीवन में पहली बार इतना गाढ़ा रंग उड़ेला है....
सुलग रहा है मेरठ 'हिन्दुस्तान'
एक ओर हिन्दुस्तान अखबार अपनी अलग कंपनी बनाकर अखबार को चमकाने और अखबार का विस्तार करने में लगा है वहीं दूसरी ओर हिन्दुस्तान के विभिन्न संस्करणों में हालात ठीक नहीं है. हिन्दुस्तान के मेरठ संस्करण में इन दिनों इस्तीफे दिये जा रहे हैं लेकिन प्रचारित किया जा रहा है कि जो आफिस नहीं आ रहे हैं वे छुट्टी पर चले गये हैं....
आलोक तोमर के बगल में बसे किशोर मालवीय
सीएनईबी में पहले से एक सलाहकार संपादक थे- आलोक तोमर. अब दूसरे सलाहकार संपादक भी वहां नियुक्त हो गये हैं किशोर मालवीय. उन्होंने सीएनईबी चैनल के साथ बतौर कंसल्टिंग एडिटर अपनी नई पारी की शुरुआत की है। सीएनईबी से पहले वे ‘वायस ऑफ इंडिया’ न्यूज चैनल के साथ जुड़े हुए थे। उन्होंने करीब दो दशक के कॅरियर में देश के नामी-गिरामी मीडिया संस्थानों में कई जिम्मेदारियां निभाईं हैं।...
सुरक्षा परिषद की छांव में खेती पर दांव
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संसद में दिये गये अपने भाषण में भारत से मिले प्यार की भूरि भूरि प्रशंसा जरूर की लेकिन अपनी व्यावसायिक मजबूरियों को छिपा नहीं सके. बराक ओबामा ने संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए जहां एक ओर भारत को महाशक्ति करार देकर उसके लिए संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सदस्यता को अपना समर्थन दिया वहीं भारत और अमेरिका द्वारा मिलकर खेती के क्षेत्र में एक और हरित क्रांति के आगाज की घोषणा की....
आतंक नहीं कश्मीर केन्द्रित हुई ओबामा यात्रा
रविवार की देर शाम भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित भोज में ओमर अब्दुल्ला के शामिल होने से जो आशंका पैदा हुई थी वह सोमवार को हैदराबाद हाउस में और प्रबल रूप में सामने आ गयी जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमेरिकी राष्ट्रपति की उपस्थिति में स्वीकार किया कि वे पाकिस्तान से बात करते वक्त "के" शब्द पर बात करने से नहीं कतराते हैं....
भारत से धंधा, पाक को चंदा
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा ने अपना तीन दिवसीय दौरा पूरा कर लिया. मुंबई उतरकर दिल्ली दरबार तक उनकी दस्तक भारत पर अमेरिका के मजबूत पकड़ की मिसाल बन गया. निश्चित रूप से उनका दौरा भारत के लिए उतना महत्वपूर्ण नहीं जितना खुद अमेरिका के लिए है. मंदी के दौर से जूझ रहे अमेरिका को "कारपोरेट" जगत का धंधा दिलाने के लिए उन्होंने न केवल भारत को महाशक्ति करार दे दिया बल्कि सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का समर्थन भी कर दिया....
- आलोक तोमर की आपबीती
- वह गुजरात जिसे आप नहीं जानते
- हिन्दू आतंकवाद का अतिवाद
- सिमी से भी खतरनाक है संघ का स्वरूप
- बाबा रामदेव का दांव
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...




