बड़ी खबर
चिदम्बरम के बाद राजा के निशाने पर रमन
नक्सलवाद के मुद्दे पर अपनी ही सरकार के गृह मंत्री पलनिअप्पम चिदम्बरम को कोसने के बाद अब छत्तीसगढ के मुख्य मंत्री रमन सिंह और संयुक्त मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे तथा वर्तमान में कांग्रेस के सबसे ताकतवर महासचिव राजा दिग्विजय सिंह के बीच नक्सलवाद को लेकर तकरार तेज हो गई है। दोनों ही नेता एक दूसरे को कटघरे में खडा करने से अपने आप को पीछे नहीं रख रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल: सीएम कौन होगा?
मेरे पिछले आलेख 'पुत्र मोह के कारण भाजपा की पौ बारह’ की कुछ बातें महज एक ही दिन में गलत साबित हो गई है। कल तक ऐसा लग रहा था कि भाजपा के कूटनीतिक धैर्य के कारण शिबू और हेमंत को घुटने टेकने पड़े और उन्हें मजबूरन भाजपा को मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपनी पड़ी, मगर आज महज एक दिन बाद साबित हो गया है कि यह भाजपा की कूटनीतिक जीत या शिबू की राजनीतिक असफलता नहीं है। यह झामुमो जैसे अपरिपक्व और छोटे राजनीतिक दल का ऐसा अनोखा वार है कि जिसमें भाजपा जैसी सशक्त और सक्षम पार्टी उलझ कर रह गई है।
पुत्रमोह में भाजपा की पौ-बारह
झारखंड में दो दिन से चल रहे राजनीतिक ड्रामे का गुरुवार शाम को आखिरकार नतीजा आ ही गया और जाहिर तौर पर यह नतीजा भाजपा के पक्ष में गया। शिबू सोरेन ने भाजपा को खुला ऑफर दे डाला है कि चाहे तो वे अपनी पार्टी का मुख्यमंत्री बना ले मगर गठबंधन तोड़ने की बात न करे। कई लोगों को शिबू का यह कदम अप्रत्याशित लग सकता है, मगर इसमें नया कुछ भी नहीं है।...पेड न्यूज की जांच रिपोर्ट दबाना चाहते हैं अखबार
बीते आमचुनाव के दौरान अखबारों ने जिस तरह से खबरों की खरीद बिक्री की थी उसकी जांच के लिए जो कमेटी बनी थी, उसने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है. लेकिन आश्चर्य देखिए, अब कमेटी पर अखबारों का दबाव है कि रिपोर्ट को सार्वजनिक न किया जाए और अगर सार्वजनिक किया भी जाए तो अखबारों की मांग है कि उसमें "कुछ" बदलाव कर दिये जाएं. ...बीसीसीआई में मारवाड़ी बनाम मराठी की जंग
मैदान के बाहर राजनीति की पिच पर क्रिकेट के असल खिलाड़ी शरद पवार का दांव देखिए. अपनी अकड़ में थरूर को सबक सिखाने की कसम लेनेवाले ललित मोदी कांग्रेस के कोपभाजन के शिकार होने को है. सब यह समझ रहे हैं कि थरूर के खिलाफ अभियान चलाने का खामियाजा ललित मोदी को भुगतना पड़ेगा और प्रवर्तन निदेशालय सहित आयकर विभाग की आठ अलग अलग टीमें मोदी का खैरमकदम करेंगी. अब यहां असल खिलाड़ी ने दांव चल दिया. आईपीएल के अगले अध्यक्ष शशांक मनोहर होंगे. ...एक दिन का दारोगा अर्थात दिनभर का तमाशा
व्यवस्था की आलोचना करना और व्यवस्था के भीतर जाकर उसे सुधार देना क्या दोनों एक ही जैसी बाते हैं? एक दिन के लिए दारोगा बनाये गये बालकराम प्रजापति ने भले ही सुर्खियां बटोरी हों लेकिन दिनभर में ही व्यवस्था के अंदर पहुंचकर वे व्यवस्था की भाषा बोलने लगे थे. बालकराम भले ही देश विदेश की मीडिया के लिए सुर्खी बन गये हों लेकिन दिनभर में वे नायक फिल्म के हीरो की तरह कुछ कर नहीं पाये.
उमा की वापसी पर भाजपा में भीषण उठापटक
उमा भले वापस न आयीं हों लेकिन भाजपा में भूचाल आ चुका है. भाजपा मे उमा भारती के वापसी को लेकर जितनी उठापटक, जितने दांवपेच एवं जितनी राजनीति एवं जितनी अनुशासनहिनता चल रही है वह शायद ही किसी भी दल में किसी भी नेता की वापसी को लेकर हुई हो. उमा की वापसी पर भाजपा के अंदर जोड़-तो़ड़ चरम पर है.
उमा भारती के रास्ते में आई रुकावट को दूर कर रहे हैं राजनाथ
सुषमा स्वराज का कद कम करने की ठान चुके राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के पीएम इन वेटिंग एल.के.आडवाणी ने अब उमाश्री भारती की भाजपा में वापसी के मार्ग प्रशस्त करने के लिए भाजपा के पूर्व निजाम राजनाथ सिंह के कांधे पर जवाबदारी सौंपी है। राजनाथ अब उमा के मार्ग के शूल न केवल उखाडने का काम करेंगे वरन उनकी वापसी के लिए रेड कारपेट भी बिछाएंगे।
नितिन गडकरी को भारी पड़ रहा है महाराष्ट्रवाद
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने अपनी टीम मे महाराष्ट्र को उचित प्रतिनिधित्व देने के साथ साथ कई नेताओं के साथ अपना दोस्ताना भी निभाया है। लेकिन अब यही दोस्ताना नितिन गडकरी के लिए गले की हड्डी बनता जा रहा है। नितिन गडकरी ने जिन लोगो को महाराष्ट्र से राष्ट्रीय कार्यकारिणी के लिए लिया है उनमे से ज्यादातर नेता अब राज्यसभा मे जाने के लिए जुगाड बिठा रहे है।
वर्धा विवाद में राष्ट्रपति कार्यालय का दखल
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विवि में पदों की कथित नीलामी के मामले में छात्र संघर्ष समिति और गैर-सरकारी संस्था द मार्जिनलाइज्ड की शिकायत पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने संज्ञान ले लिया है।
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सुदर्शन का (कु) दर्शन
जबसे आरएसएस के लोगों की आतंकवादी घटनाओं में संलिप्तता सामने आयी है, तब से आरएसएस के नेता बौखला गए हैं। इस बौखलाहट में ही शायद संघ के इतिहास में पहली बार हुआ है कि इसके स्वयंसेवक विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे। इसी बौखलाहट में आरएसएस के एक्स चीफ केएस सुदर्शन का मानसिक संतुलन बिगड़ गया और सोनिया गांधी के बारे में ऐसे शब्द बोल दिए, जिन्हें एक विकृत मानसिकता का आदमी ही बोल सकता है।...
सीआईए नहीं केजीबी एजंट कहिए जनाब
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक ने 10 नवंबर को सोनिया गांधी पर सीआईए एजंट होने का आरोप लगाकर सनसनी पैदा कर दिया है. पूरी की पूरी कांग्रेस उत्तेजित है और संघ भी बैकफुट पर चला गया है. सुदर्शन के आस पास के लोगों का कहना है कि सुदर्शन जी भुलक्कड़ हो गये हैं और उन्हें कुछ ठीक से याद नहीं रहता. शायद इसीलिए उन्होंने इतनी बड़ी चूक कर दी. ...
सोनिया का सच जान बेकाबू क्यों होते हो?
एक बार फिर लोकतंत्र पर आपातकाल मंडरा पड़ा है. राजमाता सोनिया गांधी के सिपहसालारों ने कांग्रेसी गुण्डों, माफियाओं और लोकतंत्र के हत्यारों का आह्वान किया है कि वह देशभर में संघ कार्यालयों पर धावा बोल दे. इसका तत्काल प्रभाव हुआ और कांग्रेसी गुण्डों ने संघ के दिल्ली मुख्यालय पर धावा भी बोल दिया. ठीक वैसे ही जैसे इंदिरा गांधी की मौत के बाद सिखों को निशाना बनाया गया था. हिंसक और अलोकतातंत्रिक मानसिकता से ग्रस्त कांग्रेसी सोनिया का सच जानकर आखिर इस तरह बेकाबू क्यों हो रहे हैं?...
नये निजाम के दामन पर है ज्यादा बड़ा दाग
मुंबई। महाराष्ट्र के नए निजाम भी कोई दूध के धुले नहीं हैं। कांग्रेस आलाकमान ने अशोक चव्हाण को फर्जीवाड़े से फ्लैट पाने के आरोप में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की गद्दी से हटा दिया। लेकिन नए मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी उसी तरह के फर्जीवाड़े में गले तक डूबे हुए हैं। उन्होंने जितने बड़े बड़े झूठ बोलकर सरकार से फ्लैट हथियाए हैं वे कांग्रेस के लिए ज्यादा दागदार हैं।...
अजमेर चार्जशीट और संघी उछल-कूद
बढ़ते पैमाने पर इसके साक्ष्य सामने आ रहे हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर एस एस) से जुड़े लोगों का आतंकवादी हमलों में हाथ रहा है। इन हालात में आर एस एस इस पुराने सूत्र पर चल रहा लगता है कि हमला ही सबसे अच्छा बचाव है। उसने 10 नवंबर को देशव्यापी विरोध कार्रवाइयों का आह्वान किया है। इन कार्रवाइयों में संघ के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की बात कही जा रही है। बहरहाल, इसकी चर्चा हम जरा बाद में करेंगे।...
अपने होने पर ही हैरान
‘चुप्पी-चुप्पी नहीं नहीं, बोलेंगे अब सभी-सभी’ इन्हीं नारों से दाहोद (गुजरात) का सीनियर रेलवे संस्थान परिसर 31 अक्टूबर को पूरे दिन गूंजता रहा। यहां गुजरात के बड़ोदरा, पंचमहल, सुरत, भड़ूच, डांग, बालसाड और साबरकांठा जिले से लगभग तीन हजार के आस पास विमुक्त एवं घुमंतू समाज से ताल्लुक रखने वाले लोग इकट्ठे हुए थे। मौका था, अधिकार अभियान की घोषणा का। उस समाज के लिए जो इस लोकतांत्रिक देश में अधिकार का अर्थ अभी तक समझ नहीं पाएं हैं। ...
गोली लगने के बाद क्या गांधी ने कहा था- हे राम ?
यह एक ऐसा सवाल है जिस पर अब विवाद होने लगा है. 30 जनवरी 1948 को क्या जब महात्मा गांधी को नाथूराम गोडसे ने गोली मारी तो महात्मा गांधी ने अपने मुंह से हे! राम का संबोधन किया था? उस वक्त घटनास्थल पर मौजूद रहे एक प्रत्यक्षदर्शी के डी मदान का कहना है कि "मैंने नहीं सुना था कि उन्होंने हे राम कहा था या नहीं."...
भद्दा और बेदम रहा संघ का विरोध प्रदर्शन
स्कूल जाते बच्चों के भी हाथ में भगवा थमाकर भले ही संघ ने शक्ति प्रदर्शन की भरपूर कोशिश की हो लेकिन 10 नवम्बर का दिन उसके इतिहास में कोई बडी घटना के रूप में याद नहीं किया जायेगा। हॉ हम बात कर रहे है राजस्थान के भरतपुर जिला मुख्यालय की जहॉ देश भर की ही तरह हिन्दुवादी संघटनों ने अपने उपर लग रहे ‘भगवा आतंकवाद’ के आरोपों के विरोध में शक्ति प्रदर्शन किया था। भरतपुर जहॉ संघ प्रचारक क रूप में भाजपा के पीएमइन वेंटिग लालकृष्ण आडवानी ने अपनी सेवाऐं दी है संघ का ये विरोध प्रदर्शन एक दम भददा और हल्का रहा।...
एनसीपी के 'दादा' का दांव
महाराष्ट्र में कांग्रेस में परिवर्तन हुआ तो राष्ट्रवादी कांग्रेस ने भी अपने पत्ते खोल दिये. राज्य में लंबे समय से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही सत्ता के दावेदारी पर एनसीपी ने आखिरकार प्रदेश की प्रशासनिक कमान अपनी ओर से शरद पवार के भतीजे अजीत पवार को सौंप दी है. अब गुरुवार को शाम साढ़े चार बजे पृथ्वीराज चव्हाण के साथ अजीत "दादा" पवार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे....
पीएमओ वाले पृथ्वीराज
महाराष्ट्र के नये मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण यूपीए सरकार पार्ट वन और पार्ट टू में बतौर पीएमओ मिनिस्टर जाने जाते हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय में रहते हुए भी उन्होंने कभी ताकतवर होने का दंभ नहीं पाला और चुपचाप काम करते रहे. बिट्स पिलानी से बीई और बर्कले विश्वविद्यालय से एमएस की डिग्री हासिल करनेवाले पृथ्वीराज की राजनीतिक कमेस्ट्री ने उनके सार्वजनिक जीवन में पहली बार इतना गाढ़ा रंग उड़ेला है....
सुलग रहा है मेरठ 'हिन्दुस्तान'
एक ओर हिन्दुस्तान अखबार अपनी अलग कंपनी बनाकर अखबार को चमकाने और अखबार का विस्तार करने में लगा है वहीं दूसरी ओर हिन्दुस्तान के विभिन्न संस्करणों में हालात ठीक नहीं है. हिन्दुस्तान के मेरठ संस्करण में इन दिनों इस्तीफे दिये जा रहे हैं लेकिन प्रचारित किया जा रहा है कि जो आफिस नहीं आ रहे हैं वे छुट्टी पर चले गये हैं....
आलोक तोमर के बगल में बसे किशोर मालवीय
सीएनईबी में पहले से एक सलाहकार संपादक थे- आलोक तोमर. अब दूसरे सलाहकार संपादक भी वहां नियुक्त हो गये हैं किशोर मालवीय. उन्होंने सीएनईबी चैनल के साथ बतौर कंसल्टिंग एडिटर अपनी नई पारी की शुरुआत की है। सीएनईबी से पहले वे ‘वायस ऑफ इंडिया’ न्यूज चैनल के साथ जुड़े हुए थे। उन्होंने करीब दो दशक के कॅरियर में देश के नामी-गिरामी मीडिया संस्थानों में कई जिम्मेदारियां निभाईं हैं।...
सुरक्षा परिषद की छांव में खेती पर दांव
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संसद में दिये गये अपने भाषण में भारत से मिले प्यार की भूरि भूरि प्रशंसा जरूर की लेकिन अपनी व्यावसायिक मजबूरियों को छिपा नहीं सके. बराक ओबामा ने संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए जहां एक ओर भारत को महाशक्ति करार देकर उसके लिए संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सदस्यता को अपना समर्थन दिया वहीं भारत और अमेरिका द्वारा मिलकर खेती के क्षेत्र में एक और हरित क्रांति के आगाज की घोषणा की....
आतंक नहीं कश्मीर केन्द्रित हुई ओबामा यात्रा
रविवार की देर शाम भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित भोज में ओमर अब्दुल्ला के शामिल होने से जो आशंका पैदा हुई थी वह सोमवार को हैदराबाद हाउस में और प्रबल रूप में सामने आ गयी जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमेरिकी राष्ट्रपति की उपस्थिति में स्वीकार किया कि वे पाकिस्तान से बात करते वक्त "के" शब्द पर बात करने से नहीं कतराते हैं....
भारत से धंधा, पाक को चंदा
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा ने अपना तीन दिवसीय दौरा पूरा कर लिया. मुंबई उतरकर दिल्ली दरबार तक उनकी दस्तक भारत पर अमेरिका के मजबूत पकड़ की मिसाल बन गया. निश्चित रूप से उनका दौरा भारत के लिए उतना महत्वपूर्ण नहीं जितना खुद अमेरिका के लिए है. मंदी के दौर से जूझ रहे अमेरिका को "कारपोरेट" जगत का धंधा दिलाने के लिए उन्होंने न केवल भारत को महाशक्ति करार दे दिया बल्कि सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का समर्थन भी कर दिया....
- आलोक तोमर की आपबीती
- वह गुजरात जिसे आप नहीं जानते
- हिन्दू आतंकवाद का अतिवाद
- सिमी से भी खतरनाक है संघ का स्वरूप
- बाबा रामदेव का दांव
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...




