नक्सलियों के डर से नहीं आये गृहमंत्री
नागपुर। महाराष्ट्र के सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित जिले गढ़चिरोली में इन दिनों काफी कुछ चल रहा है जिससे राज्य सरकार पूरी तरह से भयभीत है। पिछले दिनों नक्सली नेता आजाद की पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद गढ़चिरोली जिले में सक्रिय खूंखार नक्सलियों की घातक गतिविधियों को देखते हुए राज्य के गृह मंत्री आर.आर. पाटिल 'आबा' का गढ़चिरोली दौरा रद्द हो गया। आबा 29 जुलाई को गढ़चिरोली के दौरे पर आने वाले थे। आर.आर. पाटिल गढ़चिरोली के पालकमंत्री भी हैं।
नक्सली कमाण्डर आजाद की आंध्र पुलिस के साथ मुठभेड़ में मौत के बाद से ही गड़चिरोली जबर्दस्त गुस्से में हैं। वे अपने बड़े नेता की मौत का बदला लेने का ऐलान भी कर चुके हैं। बड़े नेता के बदले में नक्सलियों के निशाने पर कोई बड़ा नेता ही होने की भनक लगने के बाद खुफिया एजेंसियों के अधिकारी सतर्क हो गए। आर.आर. पाटिल के गड़चिरोली जिला दौरे की घोषणा पहले ही हो गई थी और बताया जाता है कि नक्सलियों ने पाटिल के दौरे में बाधा पहुंचाने की तैयारी भी शुरू कर दी थी। इसकी भनक लगने के बाद ही सतर्क हुई खुफिया एजेंसियों ने फिलहाल पाटिल को गड़चिरोली का दौरा नहीं करने की सलाह दी। ज्ञात हो कि आजाद की मौत के बाद से आबा पिछले दिनों विदर्भ में आए थे, लेकिन गढ़चिरोली न जाकर यवतमाल से ही वापस मुंबई चले गए थे। अब ताजा घटनाक्रम के तहत आबा का गढ़चिरोली दौरा रद्द हो चुका है।
आबा जब पिछली बार गढ़चिरोली आए थे तब उनकी कार के सामने अचानक आए युवकों ने पुलिस भर्ती में हुए भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए 'नक्सलवाद जिंदाबाद' के नारे लगाए थे। उस घटना को सरकार ने गंभीरता से लेकर जांच शुरू की थी। नक्सल सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, आंध्रप्रदेश, बिहार, झारखंड व पश्चिम बंगाल में सक्रिय नक्सली तब तक शांत नहीं बैठेंगे जब तक वे आजाद की मौत के बदले किसी बड़े नेता को निशाना नहीं बनाते। नक्सलियों की लिस्ट पर नक्सलग्रस्त राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, गृहमंत्री होने की जानकारी मिली है। हाल ही में खबर आई थी कि नक्सलियों ने नागपुर का उपयोग उपचार-हब तथा आवागमन के लिए करना शुरू कर दिया है। इस दृष्टि से बड़े नेताओं के नागपुर दौरे के दौरान भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखने के निर्देश खुफिया एजेंसियों ने पुलिस को दिए हैं।
माओवादियों ने फूंकी ग्रामपंचायत
नक्सलियों ने 28 जुलाई की रात चामोर्शी तहसील के भाड़भिड़ी स्थित ग्रामपंचायत कार्यालय को आग के हवाले कर दिया। नक्सलियों के इस वर्ष के शहीद सप्ताह में यह पहली विध्वसंक घटना बताई जा रही है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 20 से 25 की संख्या में आये बंदूकधारी नक्सलियों ने भाड़भिड़ी गांव में प्रवेश किया तथा ग्रामपंचायत कार्यालय में जाकर सारे कार्यालय को आग के हवाले कर दिया।
अनेक स्थानों पर बनाये स्मारक
28 जुलाई से नक्सल संगठनों की ओर से शहीद सप्ताह मनाया जा रहा है। इस सप्ताह के दौरान नक्सलियों ने जिले के अनेक स्थानों पर शहीद स्मारक बनाये हैं। कोरची तहसील के मसेली, धानोरा तहसील के अतिदुर्गम गांवों से लेकर सिरोंचा तहसील के बामणी गांव में नक्सलियों ने यह स्मारक बनाये है। धानोरा के किसी सुदुर गांव में नक्सलियों ने पुलिस मुठभेड़ में मारा गया आजाद का पुतला भी बनाया है। जगह-जगह पर्चें व बैनर फेंककर नक्सलियों ने शहीद सप्ताह को मनाने व सरकार के ऑपरेशन ग्रीन हंट को तत्काल बंद करने की मांग की है।



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