24 सितंबर को आयेगा अयोध्या पर फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अयोध्या में राम जन्म भूमि बनाम बाबरी मस्जिद विवाद पर अपना फैसला सुनाने के लिए 24 सितम्बर की तारीख़ तय कर दी है. कोर्ट की लखनऊ बेंच में तीन जजों की एक विशेष पीठ ने 26 जुलाई को मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद अपना फ़ैसला सुरक्षित कर लिया था.
तीन जजों जस्टिस एस यू खान, जस्टिस सुधीर अग्रवाल और जस्टिस धर्मवीर शर्मा की एक विशेष पीठ ने 26 जुलाई को मामले की सुनवाई पूरी करके अपना फ़ैसला सुरक्षित कर लिया था. जस्टिस शर्मा पहली अक्तूबर को रिटायर होने वाले हैं इसलिए उससे पहले अदालत का निर्णय आना ज़रूरी है. ऐसा नहीं होने पर एक नई पीठ को पूरे मामले की फिर से सुनवाई करनी पड़ेगी. अदालत को मुख्य रूप से यह तय करना है कि जिस स्थान पर विवादित बाबरी मस्जिद स्थित थी वह किसकी संपत्ति है. यह ज़मीन लगभग 1250 वर्ग मीटर है.
अयोध्या विवाद भारत के हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बीच तनाव का एक प्रमुख मुद्दा रहा है और देश की राजनीति को एक लंबे अरसे से प्रभावित करता रहा है.मुस्लिम पक्ष ने बराबर कहा है कि वह अदालत का फैसला मानेगा. लेकिन हिंदुओं में विश्व हिंदू परिषद के समर्थकों का एक तबका यह कहता आया है कि यह उनकी धार्मिक आस्था का मामला है, जिसका फैसला अदालत नहीं कर सकती. विश्व हिंदू परिषद की मांग है कि सरकार संसद में कानून बनाकर विवादित ज़मीन उसे एक विशाल राम मंदिर बनाने के लिए दे दे. लेकिन बहुत से लोग इससे सहमत नहीं हैं. विवाद को बातचीत से हल करने की कोशिश भी अब तक सफल नही हुई हैं.



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