पर्यावरण
पाँचना से फोन पर पानी पहुँचा घना
घना पक्षी विहार को इस बर्ष पानी मिल गया है। करौली जिले के पाँचना बाँध से छोडा गया पानी अब भरतपुर की सीमा में पहुँच गया है। इस पानी के बाद संभावना है घने का ताज बच जाये। पानी से रिक्शा चालकों से लेकर होटल मालिक सब प्रसन्न है, लेकिन इस पानी पहुँचने के कारणों में भरतपुर सांसद का करौली कलक्टर को फोन करना चर्चा का विषय बना हुआ है।
यमुना में पानी बढ़ा है, बाढ़ नहीं आयी!
24 अगस्त 2010. पुरानी दिल्ली के इलाके में पुराने लोहेवाले पुल के आस पास टीवी चैनलों के ओवी वैन की लंबी कतारें खड़ी हैं. हर बड़े चैनल की ओवी वैन वहां मौजूद हैं और उन वैन में लगे हुए जनरेटर पूरी क्षमता से चल रहे हैं. संकेत साफ है कि लाइव वगैरह भी किया जा रहा है. कुछ ओवी वैन में भले ही ड्राइवर सीट पर ही सो रहे थे लेकिन रिपोर्टर और कैमरामैन दिल्ली में आयी "बाढ़" को कवर करने के लिए पूरी तत्परता से तैनात थे.
मुंबई के पर्यावरण का डूबता जहाज
मुंबई के समुद्री तट के पास जवाहरलाल नेहरु पोर्ट ट्रस्ट (जेएनपीटी) से करीब 5 (नॉटिकल) समुद्री मील की दूरी पर अरब सागर में 7 अगस्त शनिवार की सुबह 9.30 बजे पनामा के दो मालवाहक जहाज एमएससी चित्रा और एमवी खलिजिया की जोरदार टक्कर हुई इस हादसे में जहाज में सवार 33 क्रू मेंबरों को बचा लिया गया किन्तु इस टक्कर से एमएससी चित्रा के ईंधन टैंक में दरार आ जाने से जहाज (एमएससी चित्रा) डूब रहा है....मानसून की टेढ़ी चाल
मानसून की टेढ़ी चाल से भारत में सभी हतप्रभ हैं। पिछले कुछ वर्षो से जिस तरह से मानसून दगा दे रहा है वो भारत जैसे कृषि प्रधान देश में भारी चिंता का विषय हैं। सामान्यतः मानसून शब्द का उपयोग भारी वर्षा के पर्याय के रूप में होता है, लेकिन वस्तुतः यह हवा कि दिशा बदलने का प्रतीक है, जिससे वर्षा कि सम्भावनाएं ज्ञात होती है।...गिद्ध के बाद अब सारस पर संकट
सारस पक्षी पर आया संकट एक तरह से गिद्ध पर आये संकट से किसी मायने मे कम नही लग रहा है. इस बात को वन अधिकारियों के अलावा पर्यावरणीय संस्था से जुड़े हुए लोग भी मानने लगे है.सारस पक्षी की गणना को लेकर कई लोग सवाल उठाने लगे है कि जब सारस के संरक्षण की हकीकत मे जरूरत थी उस वक्त वन अमले ने कोई काम नही किया अब लकीर पीट कर दिखवा करने की कोशिश की जा रही है. ...अरावली में अवैध खनन का गोरखधन्धा
राजस्थान की पहचान वैसे तो रेगिस्तान से है। लेकिन अरावली की श्रृखलाऐं भी उसके बहुत बडे हिस्से में फैली हुई है। अभी तक अरावली की इन श्रृखलाओं को हरा भरा करने के नाम पर देश और विदेशी मदद के पैसे को अकेला वन विभाग हडप करता रहा। अब इन श्रृखलाओं से पत्थर और लकडी का दोहन सरकार के दर्जनों विभाग और उनकी आड़ में खुद सरकारें कर रही है। राजस्थान के भरतपुर जिले में अवैध खनन के गोरखधंधे की पडताल करती एक रिपोर्ट।
पन्ना के बाघों का वंशनाश
पन्ना नेशनल पार्क के जंगल का गहरा भूरा रंग अब मानसून की आहट के साथ हरे रंग में बदल गया है, यहां का धुंधवा पहाड़ बांधवगढ़ से लाई गई बाघिन और उसके नवजात 4 बच्चों की अठखेलियों से पुन: पुलकित हुआ था और पार्क के फील्ड डायरेक्टर व डीएफओ हर्ष व्यक्त कर पत्रकारों को मिठाइयां भी खिला चुके हैं पर वास्तव में पन्ना क्षेत्र की जनता को फिलहाल कोई विशेष हर्ष नहीं है। उनके लिये दु:ख की बात यह है कि हमारे इलाके के जन्मजात बाघ समाप्त हो गये हैं। अब जो भी बाघ-बाघिन हैं, वे बाहर से लाये जा रहे हैं।
किस दिन मनाएं हम अपना पर्यावरण दिवस?
पर्यावरण दिवस का आयोजन 1972 के बाद शुरू हुआ। 5 से 15 जून 1972 को स्वीडन की राजधानी स्टाकहोम मेें मानवी पर्यावरण पर संयुक्त राष्ट्र का सम्मेलन हुआ। जिस में 113 देश शामिल हुए थे। इसी सम्मेलन की स्मृति बनाए रखने कि लिए 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस घोषित कर दिया गया। सवाल तो यह है कि पर्यावरण दिवस के इस दिन का हमारे से क्या रिश्ता? क्या 1972 के बाद लगातार पर्यावरण दिवस मना लेने से हमारा पर्यावरण ठीक हो रहा है? या फिर ठिकाने लगाया जा रहा है? यह विवेचना आप करिए।
जान का दुश्मन बना इलेक्ट्रानिक कचरा
आज के इस आधुनिक युग में जब संचार क्रांति के परिणाम परिलक्षित हो रहे हैं। ऐसे समय में यह ध्यान देना और सोचना भी बहुत आवश्यक है कि, क्या यह संचार क्रांति के अत्याधुनिक उपकरण कहीं मानव जीवन से खिलवाड़ तो नहीं कर रहे, कहीं ऐसा न हो कि आधुनिकता की दौड़ में भागते-भागते हमारा दम निकल जाए ।
संकट में है सुजान गंगा
राजस्थान के भरतपुर जिले में एक सुजान गंगा है. ऐतिहासिक महत्व की ये नहर अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष के साथ लोगों के लिए मुसीबत बन गई है. अब एक बार फिर न्यायालय ने सुजान गंगा के उद्धार के लिए हस्तक्षेप किया है. देखना ये है कि कोर्ट की फटकार के बाद सरकारी अमला कुछ करता है या फिर वो ही ढाक के तीन पात वाली बात होकर रह जायेगी.
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कांग्रेस अधिवेशन को सफल बनाने में जुटी अकाली भाजपा सरकार
चंडीगढ़ में कांग्रेस का मिनी अधिवेशन होने जा रहा है जिसमें कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी से सहित प्रधानमंत्री, राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मौजूद रहेंगे. 27 सितंबर को होने वाले कांग्रेस के मिनी अधिवेशन को अकाली-भाजपा सरकार सफल बनाना चाहती है। इसके लिए सरकार में ऊपरी स्तर से सूबे के प्रमुख औद्योगिक घरानों को पंजाब कांग्रेस की मदद करने के आदेश जारी किए गए हैं।...
रामायण, महाभारत और हनुमान पर पाकिस्तान में प्रतिबंध
पाकिस्तान में इस्लामिक कट्टरपंथ को वहां की सरकारें किस कदर अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करती हैं इसका ताजा उदाहरण वह फरमान है जिसमें संघीय सरकार ने राज्य सरकारों को आदेश दिया है कि वे ऐसी व्यवस्था करें कि राज्यों में कोई केबल टीवी वाला हिन्दू पौराणिक चरित्रों पर बनी फिल्में, एनीमेशन इत्यादि का प्रदर्शन न कर सकें. साथ ही ऐसे सीडी और डीवीडी की बिक्री पर भी पाबंदी लगाने की कोशिश की जा रही है. ...
भूख के पेट में समा गये मध्य प्रदेश के 28 आदिवासी बच्चे
एएचआरसी यानी एशियन ह्यूमन राइटस् कमीशन के अनुसार मध्यप्रदेश में 28 बच्चों ने कुपोषण के चलते दम तोड़ दिया है. पीडित बच्चों के परिवार सरकारी योजनाओं के तहत भोजन और स्वास्थ्य के मद में दी जाने वाली सहायता से भी दूर हैं....
24 सितंबर को आयेगा अयोध्या पर फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अयोध्या में राम जन्म भूमि बनाम बाबरी मस्जिद विवाद पर अपना फैसला सुनाने के लिए 24 सितम्बर की तारीख़ तय कर दी है. कोर्ट की लखनऊ बेंच में तीन जजों की एक विशेष पीठ ने 26 जुलाई को मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद अपना फ़ैसला सुरक्षित कर लिया था....
विश्व के 35 फीसदी निरक्षर भारत में
भारत को साक्षर बनाने की मुहिम अभी भी परवान नहीं चढ़ पा रही है। शिक्षा का अधिकार और सर्वशिक्षा अभियान के बावजूद विश्व की 35 फीसद निरक्षर आबादी भारतीयों की है। भारत की 68 प्रतिशत साक्षरता दर वैश्विक साक्षरता दर 84 प्रतिशत से काफी पीछे है।...
मुण्डा बनेंगे मुख्यमंत्री, 10 सितंबर तक शपथ ग्रहण की संभावना
झारखण्ड में एक बार फिर सरकार बनाने की संभावना पैदा हो गयी है. मंगलवार को भाजपा नेता अर्जुन मुण्डा ने 45 विधायकों के समर्थन वाली चिट्ठी राज्यपाल को सौंप दी है. स्थानीय सूत्रों का कहना है कि अगर कांग्रेस की ओर से कोई अड़ंगा नहीं लगाया जाता है तो अर्जुन मुण्डा 10 सितंबर से पहले शपथ ग्रहण कर लेंगे. ...
जातिवाद, क्षेत्रवाद, धर्मवाद का शिकार माओवाद
बिहार में हुई हाल की घटनाओं ने साबित कर दिया है कि माओवादी अब महज डकैतों और माफिया गुंडों का समूह है जिनसे सिर्फ डरा जा सकता है. विचारधारा और शोषण के खिलाफ लड़ने के उनके जज्बे के कारण लोगों में उनके प्रति जो सम्मान बचा था वह भी अब खत्म होने की कगार पर है. मगर इस क्राइसिस के बाद जो सबसे चौकाने वाली बात उभर कर सामने आयी है वह इन समूहों की वास्तविकता बन चुके जातिवादी झगड़े हैं....
एक अनोखे किसान आंदोलन का अंत
मुख्यमंत्री मायावती ने अपने कैबिनेट में एक निर्णय लिया. निर्णय यह कि प्रदेश में यमुना एक्सप्रेसवे के खिलाफ जो किसान आंदोलन कर रहे हैं उनको दो तरह के प्रस्ताव दिये जाएं. अगर वे इन दोनों तरह के प्रस्ताव को नहीं मानते हैं तो अपनी जमीन अपने पास रख सकते हैं. मायावती मंत्रिमण्डल के इस निर्णय का के बाद जेपी समूह ने टप्पल में प्रस्तावित अपनी नगर परियोजना को समाप्त करने की घोषणा कर दी. अब जो किसान नेता मुआवजा बढ़ाने का आंदोलन चला रहे थे वही समाजसेवी बनकर टप्पल में प्रस्तावित शहर न जाने देने के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन लिख रहे हैं....
बिहार में राजनीतिक घमासान की घोषणा
देश के सबसे अधिक राजनीतिक राज्य बिहार में घमासान की घोषणा हो गयी है. चुनाव आयोग ने सोमवार को बिहार में मतदान की घोषणा कर दी. बिहार में 21 अक्टूबर से मतदान की घोषणा की गयी है. मतदान छह चरणों में होगा....
लद गये वामपंथ के दिन- राहुल गांधी
कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी का कहना है कि माकपा ने अपने शासनकाल के दौरान पश्चिम बंगाल को आर्थिक और सामाजिक रूप से दो हिस्सों में बांट दिया है. एक बंगाल है जो चमक रहा है जबकि दूसरा बंगाल गरीबी के बोझ तले दब गया है. उन्होंने कम्युनिस्ट विचारधारा को अप्रासंगिक भी करार दिया है....
गए थे अमन का पैगाम देने, कर आए तिरंगे का अपमान
सीमा पार पड़ौसी मुल्क पाकिस्तान के लाहौर में बाढ़ पीडितों के सहायतार्थ भारत से गया बुद्धीजीवी वर्ग का एक दल तिरंगे का अपमान कर आया। खबर तब सुर्खियों में आई जब दल के सदस्यों की उलटा तिरंगा थामे तस्वीर अंग्रेजी के समाचार पत्र हिंदुस्तान टाईम्स के हरियाणा पृष्ठ पर तीन सितंबर के अंक में छपी।...
भारतीयों में बढ़ रही है जानवरों से सेक्स करने की प्रवृति
चेन्नई में तीन सितंबर से पांच सितंबर तक सेक्सोलॉजी पर हुए राष्ट्रीय सम्मेलन में कुछ ऐसी बातें सामने आईं जो भारतीयों की बदलती सेक्स प्रवृति की ओर इशारा कर रही हैं। सम्मेलन में ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं में भैंसों के साथ यौन क्रियाएं करने, महिलाओं द्वारा पालतू कुत्तों को सेक्स करना सिखाना और घुमंतू प्रवृत्ति के लोगों द्वारा सेक्स करने के लिए साथियों को खोजने जैसे मामले सामने आएं हैं।...
छत्तीस हुआ तिरसठ का आंकड़ा
सोनिया गांधी बीते शुक्रवार को चौथी बार कांग्रेस की अध्यक्ष चुनी गयी .उनके इस चयन के साथ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार में सत्ता परिवर्तन का निर्णायक दौर शुरू हो जाएगा. सोनिया गांधी अपने पति राजीव गांधी की १९९१ में हत्या के बाद राजनीति में अपनी प्रासंगिकता बरकरार रखने के लिए जिस अंदाज में १०,जनपथ से कांग्रेस की राजनीति का नियंत्रण रखने का परोक्ष-अपरोक्ष प्रयास करती रही हैं उसका एकमेव उद्देश्य रहा है अपने पुत्र राहुल गांधी को एक दिन इस देश का प्रधानमंत्री बनाना....
दलित उद्यमियों का बढ़ता दबदबा
पहले दलित उद्यमी गंगाराम कांबले के राज्य महाराष्ट्र में इन दिनों दलित उद्यमशीलता की नई इबारत लिखी जा रही है। कांबले ज्ञात दलित इतिहास में भारत के पहले दलित उद्यमी के तौर पर नजर आते हैं। वे शाहूजी महाराज के समकालीन थे। आज दलित समाज से निकलकर व्यवसाय में पांव जमाने वाले उद्यमियों की संख्या पूरे देश में तेजी से बढ़ रही है। लेकिन यह गति महाराष्ट्र में थोड़ी तेज है. अब महाराष्ट्र में दलित व्यवसायियों को एक मंच पर लाकर खड़ा करने के लिए दलित इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) जैसा मंच भी तैयार हो चुका है।...
गुटखा खाओ, मौत मुफ्त में पाओ
तम्बाखू खाने या पीने से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। यह बात सालों से कही जा रही है, पर फिर भी सरकार द्वारा मनुष्य के स्वास्थ्य के इन दुश्मनों के उत्पादन पर पाबंदी नहीं लगाई जा सकी है, इसका कारण इन उत्पादों से बड़ी मात्रा में मिलने वाला राजस्व है।...
- आलोक तोमर की आपबीती
- वह गुजरात जिसे आप नहीं जानते
- हिन्दू आतंकवाद का अतिवाद
- बाबा रामदेव का दांव
- गोरक्षा सनातन धर्म है, किन्तु पशु गाय धर्म नहीं
राज जी मैंने अक्सर देखा है आप उपेक्षितों के दर्द को बयान करने वालों को हमेशा हौंसला देते हैं.
आपकी संवेदनशीलता हो सलाम !!
शिरीष जी ,
हमेशा की तरह देश के उपेक्षितों के दर्द की खंगाल और अभिव्यक्ति .
आपके प्रयासों को नमन !
जनाब पहले आप अपने सामान्य ज्ञान को आकिये फिर लेख लिखने चलिए..
लेख घर में अपनी डायरी में नोट लिखने का कम नही है .. लेख ...
अरे ये तो होना ही था.. सड़ा अनाज तो मन्मोहन सिंह और शरेड पावाड़ खा रहे है.. जो बचा उसे फेंक रहे है..
एक दिन आएगा ...
संजय जी सविनय निवेदन है की लेखो का चुनाव करते समय विस्फोट साईट की गरिमा का भी ध्यान रखें |
गुस्ताखी के लिए माफ़ी
आपका ...

