Home | जनता दरबार

जनता दरबार

image

भारत से धंधा, पाक को चंदा

अमेरिका के राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा ने अपना तीन दिवसीय दौरा पूरा कर लिया. मुंबई उतरकर दिल्ली दरबार तक उनकी दस्तक भारत पर अमेरिका के मजबूत पकड़ की मिसाल बन गया. निश्चित रूप से उनका दौरा भारत के लिए उतना महत्वपूर्ण नहीं जितना खुद अमेरिका के लिए है. मंदी के दौर से जूझ रहे अमेरिका को "कारपोरेट" जगत का धंधा दिलाने के लिए उन्होंने न केवल भारत को महाशक्ति करार दे दिया बल्कि सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का समर्थन भी कर दिया.
Full story
image

मत्था टेकने की मानसिकता

वैसे तो किशनलाल की गांधी से अधिक श्रद्धा अपने कारोबार पर है और ओबामा से अधिक डर अपनी पत्नी का है. लेकिन आज न तो उनका कारोबार आड़े आया और न ही पत्नी. सुबह नौ पैंतीस पर वे राजघाट जा रहे थे. पूछने पर बोल पड़े मत्था टेकने जा रहे हैं. गांधी की समाधि के प्रति किशनलाल की इतनी अगाध श्रद्धा कि उन्होंने 'मत्था टेकने' की ऊंचाई दे दी. लेकिन वहां तो आज 10.20 पर बराक ओबामा आ रहे हैं. वहां जाने नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि जब "वो" चले जाएंगे तब आधे घण्टे बाद राजघाट खोल देंगे उसके बाद सबसे पहले हम मत्था टेकेंगे.
Full story

'गांधीवादी' ओबामा पर भारी अमेरिकी आर्थिक लाचारी

image
अगर आपने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के मणिभवन यात्रा की फोटो देखी हो तो आपको उस फोटो में बराक ओबामा और पत्नी मिशेल ओबामा के चित्र में गांधी की पोती से हाथ मिलाते वक्त जो श्रद्धा दिख रही है उसमें अमेरिकी बनावट की मिलावट कहीं से नहीं है. गांधी के प्रति ओबामा की श्रद्धा किसी व्यक्ति के प्रति श्रद्धा नहीं बल्कि उस विचार के प्रति है जिसे बीसवीं सदी में अंग्रेजों से लड़ते हुए गांधी ने पुन: परिभाषित किया था. ...
Full story

लालू भी चाहिए नीतीश भी

image
बिहार के मतदाता इन दिनों अपने लिए एक बेहतर नेता चुनने में जुटे हैं. एक ऐसा नेता जो अगले पांच साल के लिए उनके अंदर छुपी बदलाव की खदबदाहट को दिशा दे सके और विकास के रास्तों के कंटक हटा सके. लोगों के सामने दो विकल्‌प है लालू या नीतीश. इस बार हो सकता है भावावेश में जनता एक को चुन ले और दूसरे को रिजेक्ट कर दें. पर जहां तक मेरी राय इनमें से किसी एक नेता से बिहार का काम चलने वाला नहीं. बिहार को दोनों चाहिए, लालू भी और नीतीश भी. आखिर क्यों ?...
Full story

विकास की बिसात पर कैसे हो नीतीश की मात

image
बिहार में चुनाव हो तो क्या मुद्दा होना चाहिए? निश्चित रूप से बिहार से बाहर रहनेवाले लोग विकास और जातिमुक्त बिहार की आदर्शवादी कल्पना पिछले कई चुनाव से बिहार के लिए मुद्दा बनाने की बातें करते रहे हैं. लेकिन साथ में यह भी जोड़ देते हैं कि बिहार चुनाव में विकास शायद ही मुद्दा बने? लेकिन इस बार यह कमाल दिखाई दे रहा है. पक्ष में हो या विपक्ष में केन्द्रीय मुद्दा विकास ही है. असल में बिहार की विपक्षी पार्टियां नीतीश को रिप्लेक्स करने के लिये तैयार ही नहीं है. लोगों को यह बात अतिशयोक्तिपूर्ण लगती है. मगर आप ही बतायें कि ”या विकास को मुद्दा बनाकर नीतीश से चुनावी समर जीता जा सकता है?...
Full story
image

गिलानी की गुगली और हिन्दुस्तान की गफलत

अभी-अभी हुर्रियत कांफ्रेंस के गरमपंथी धड़े के नेता सैयद अली शाह गिलानी अपने विस्फोटक सेमीनार के जरिए दिल्ली और देश में अच्छा-खासा आक्रोश और विवाद पैदा करके गए हैं। अपने अलगाववादी नजरिए पर टस से मस न होने के लिए कुख्यात गिलानी ने दिल्ली में हुए इस कार्यक्रम में न सिर्फ कश्मीर की ‘आजादी‘ की पारंपरिक मांग दोहराईं बल्कि एक कदम आगे बढ़कर ‘स्वतंत्र कश्मीर‘ बनने के बाद की ‘नीतियों‘ का खाका भी पेश कर गए। ‘कश्मीर की आजादी ही एकमात्र विकल्प‘ नामक विषय के इर्द-गिर्द केंद्रित सेमीनार में उन्होंने देशद्रोह के दायरे में आने वाली दर्जनों टिप्पणियां कीं और ‘अभिव्यक्ति की आजादी‘ का फायदा उठाकर आराम से कश्मीर की ओर निकल लिए।
Full story
image

कांग्रेस का दाना, नीतीश की ना-ना

बिहार में चुनाव के दो चरण बीत चुका है. नक्सालियों के दखल के अलावा कहीं कोई खलल नहीं है. जनता भी निश्चिंत है और नेता भी. जैसा किसी पूर्व निर्धारित पटकथा पर सारे किरदार अपनी भूमिका निभाने में जुटे हों. नेशनल न्यूज चैनलों ने सर्वे जारी कर जरूर थोड़ी सी गहमा-गहमी क्रियेट की है मगर लोकल मीडिया में कहीं कोई सनसनी नहीं है.
Full story
image

विकीलीक्स ने फिर साबित किया अमेरिका को हत्यारा

इराक में अमेरिकी सेना ने अपने आपरेशन के दौरान ना सिर्फ निर्दोष नागरिकों की हत्या की बल्कि युद्ध की कवरेज कर रहे पत्रकारों को भी मौत के घात उतार दिया। विकिलिक्स ने अमेरिका में इराकी आपरेशन को लेकर पेंटागन के जो डाटाबेस और रिकार्ड जारी किये हैं उनमे अमरीकी सेना के अपाची हेलीकाप्टर्स (क्रेजी हार्स 18) जो कि टेक्सास स्थित यु एस आर्मी के २२७ रेजिमेंट के फर्स्ट बटालियन का हिस्सा है के बारे में चौका देने वाले खुलासे किये हैं। विकिलीक्स द्वारा जारी किये गए एक वीडियो में अमेरिकी जवानों को सिर्फ खबरिया एजेंसी रायटर के दो जांबाज पत्रकारों की गलत सूचना देकर हत्या किये जाने बल्कि उनकी मौत पर ठहाके भी लगाये देखा जा सकता है।
Full story
image

बिहार चुनाव में चौराहे पर खड़ा मुसलमान

बिहार चुनाव में पसमांदा मुसलमान एक बार फिर चौराहे पर खड़े हैं। पसमांदा मुसलमानों में किसी पार्टी या गठबंधन को लेकर कोई उत्साह नहीं हैं। ज़्यादातर पसमांदा वोटर ख़ामोश हैं। कभी पसमांदा आंदोलन के अगुआ रहे लोग इस चुनाव में आश्चर्यजनक रूप से निषक्रिय हैं। कई पार्टियों की तरफ़ से बुलावा आने को बावजूद उन्होंने पार्टियों के दफ़्तर जाना या नेताओं से मिलना तक मुनासिब नहीं समझा। वजह साफ है पसमांदा मुसलमान तमाम पार्टियों की वादा ख़िलाफी से ऊब चुके हैं।
Full story
image

पपेट प्रधानमंत्री का एक और पापकर्म

देश में एक वर्ग विशेष को तुष्ट करने के लिए सरकार कहां तक गिर सकती है उसका हालिया उदाहरण है शत्रु संपत्ति विधेयक-2010 का विरोध करना फिर उसमें मुस्लिम नेताओं के मनमाफिक संसोधन को केन्द्रीय कैबिनेट द्वारा स्वीकृति देना। कठपुतली (पपेट) प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई थी। इसमें इसी बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रस्ताव पर शत्रु संपत्ति (संसोधन एवं विधिमान्यकरण) विधेयक-2010 में संसोधन को स्वीकृति प्रदान की गई।
Full story
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 next last total: 153 | displaying: 1 - 10
Latest on visfot
Previous
image
सुदर्शन का (कु) दर्शन
जबसे आरएसएस के लोगों की आतंकवादी घटनाओं में संलिप्तता सामने आयी है, तब से आरएसएस के नेता बौखला गए हैं। इस बौखलाहट में ही शायद संघ के इतिहास में पहली बार हुआ है कि इसके स्वयंसेवक विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे। इसी बौखलाहट में आरएसएस के एक्स चीफ केएस सुदर्शन का मानसिक संतुलन बिगड़ गया और सोनिया गांधी के बारे में ऐसे शब्द बोल दिए, जिन्हें एक विकृत मानसिकता का आदमी ही बोल सकता है।...
image
सीआईए नहीं केजीबी एजंट कहिए जनाब
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक ने 10 नवंबर को सोनिया गांधी पर सीआईए एजंट होने का आरोप लगाकर सनसनी पैदा कर दिया है. पूरी की पूरी कांग्रेस उत्तेजित है और संघ भी बैकफुट पर चला गया है. सुदर्शन के आस पास के लोगों का कहना है कि सुदर्शन जी भुलक्कड़ हो गये हैं और उन्हें कुछ ठीक से याद नहीं रहता. शायद इसीलिए उन्होंने इतनी बड़ी चूक कर दी. ...
image
सोनिया का सच जान बेकाबू क्यों होते हो?
एक बार फिर लोकतंत्र पर आपातकाल मंडरा पड़ा है. राजमाता सोनिया गांधी के सिपहसालारों ने कांग्रेसी गुण्डों, माफियाओं और लोकतंत्र के हत्यारों का आह्वान किया है कि वह देशभर में संघ कार्यालयों पर धावा बोल दे. इसका तत्काल प्रभाव हुआ और कांग्रेसी गुण्डों ने संघ के दिल्ली मुख्यालय पर धावा भी बोल दिया. ठीक वैसे ही जैसे इंदिरा गांधी की मौत के बाद सिखों को निशाना बनाया गया था. हिंसक और अलोकतातंत्रिक मानसिकता से ग्रस्त कांग्रेसी सोनिया का सच जानकर आखिर इस तरह बेकाबू क्यों हो रहे हैं?...
image
नये निजाम के दामन पर है ज्यादा बड़ा दाग
मुंबई। महाराष्ट्र के नए निजाम भी कोई दूध के धुले नहीं हैं। कांग्रेस आलाकमान ने अशोक चव्हाण को फर्जीवाड़े से फ्लैट पाने के आरोप में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की गद्दी से हटा दिया। लेकिन नए मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी उसी तरह के फर्जीवाड़े में गले तक डूबे हुए हैं। उन्होंने जितने बड़े बड़े झूठ बोलकर सरकार से फ्लैट हथियाए हैं वे कांग्रेस के लिए ज्यादा दागदार हैं।...
image
अजमेर चार्जशीट और संघी उछल-कूद
बढ़ते पैमाने पर इसके साक्ष्य सामने आ रहे हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर एस एस) से जुड़े लोगों का आतंकवादी हमलों में हाथ रहा है। इन हालात में आर एस एस इस पुराने सूत्र पर चल रहा लगता है कि हमला ही सबसे अच्छा बचाव है। उसने 10 नवंबर को देशव्यापी विरोध कार्रवाइयों का आह्वान किया है। इन कार्रवाइयों में संघ के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की बात कही जा रही है। बहरहाल, इसकी चर्चा हम जरा बाद में करेंगे।...
image
अपने होने पर ही हैरान
‘चुप्पी-चुप्पी नहीं नहीं, बोलेंगे अब सभी-सभी’ इन्हीं नारों से दाहोद (गुजरात) का सीनियर रेलवे संस्थान परिसर 31 अक्टूबर को पूरे दिन गूंजता रहा। यहां गुजरात के बड़ोदरा, पंचमहल, सुरत, भड़ूच, डांग, बालसाड और साबरकांठा जिले से लगभग तीन हजार के आस पास विमुक्त एवं घुमंतू समाज से ताल्लुक रखने वाले लोग इकट्ठे हुए थे। मौका था, अधिकार अभियान की घोषणा का। उस समाज के लिए जो इस लोकतांत्रिक देश में अधिकार का अर्थ अभी तक समझ नहीं पाएं हैं। ...
image
गोली लगने के बाद क्या गांधी ने कहा था- हे राम ?
यह एक ऐसा सवाल है जिस पर अब विवाद होने लगा है. 30 जनवरी 1948 को क्या जब महात्मा गांधी को नाथूराम गोडसे ने गोली मारी तो महात्मा गांधी ने अपने मुंह से हे! राम का संबोधन किया था? उस वक्त घटनास्थल पर मौजूद रहे एक प्रत्यक्षदर्शी के डी मदान का कहना है कि "मैंने नहीं सुना था कि उन्होंने हे राम कहा था या नहीं."...
image
भद्दा और बेदम रहा संघ का विरोध प्रदर्शन
स्कूल जाते बच्चों के भी हाथ में भगवा थमाकर भले ही संघ ने शक्ति प्रदर्शन की भरपूर कोशिश की हो लेकिन 10 नवम्बर का दिन उसके इतिहास में कोई बडी घटना के रूप में याद नहीं किया जायेगा। हॉ हम बात कर रहे है राजस्थान के भरतपुर जिला मुख्यालय की जहॉ देश भर की ही तरह हिन्दुवादी संघटनों ने अपने उपर लग रहे ‘भगवा आतंकवाद’ के आरोपों के विरोध में शक्ति प्रदर्शन किया था। भरतपुर जहॉ संघ प्रचारक क रूप में भाजपा के पीएमइन वेंटिग लालकृष्ण आडवानी ने अपनी सेवाऐं दी है संघ का ये विरोध प्रदर्शन एक दम भददा और हल्का रहा।...
image
एनसीपी के 'दादा' का दांव
महाराष्ट्र में कांग्रेस में परिवर्तन हुआ तो राष्ट्रवादी कांग्रेस ने भी अपने पत्ते खोल दिये. राज्य में लंबे समय से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही सत्ता के दावेदारी पर एनसीपी ने आखिरकार प्रदेश की प्रशासनिक कमान अपनी ओर से शरद पवार के भतीजे अजीत पवार को सौंप दी है. अब गुरुवार को शाम साढ़े चार बजे पृथ्वीराज चव्हाण के साथ अजीत "दादा" पवार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे....
image
पीएमओ वाले पृथ्वीराज
महाराष्ट्र के नये मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण यूपीए सरकार पार्ट वन और पार्ट टू में बतौर पीएमओ मिनिस्टर जाने जाते हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय में रहते हुए भी उन्होंने कभी ताकतवर होने का दंभ नहीं पाला और चुपचाप काम करते रहे. बिट्स पिलानी से बीई और बर्कले विश्वविद्यालय से एमएस की डिग्री हासिल करनेवाले पृथ्वीराज की राजनीतिक कमेस्ट्री ने उनके सार्वजनिक जीवन में पहली बार इतना गाढ़ा रंग उड़ेला है....
image
सुलग रहा है मेरठ 'हिन्दुस्तान'
एक ओर हिन्दुस्तान अखबार अपनी अलग कंपनी बनाकर अखबार को चमकाने और अखबार का विस्तार करने में लगा है वहीं दूसरी ओर हिन्दुस्तान के विभिन्न संस्करणों में हालात ठीक नहीं है. हिन्दुस्तान के मेरठ संस्करण में इन दिनों इस्तीफे दिये जा रहे हैं लेकिन प्रचारित किया जा रहा है कि जो आफिस नहीं आ रहे हैं वे छुट्टी पर चले गये हैं....
image
आलोक तोमर के बगल में बसे किशोर मालवीय
सीएनईबी में पहले से एक सलाहकार संपादक थे- आलोक तोमर. अब दूसरे सलाहकार संपादक भी वहां नियुक्त हो गये हैं किशोर मालवीय. उन्होंने सीएनईबी चैनल के साथ बतौर कंसल्टिंग एडिटर अपनी नई पारी की शुरुआत की है। सीएनईबी से पहले वे ‘वायस ऑफ इंडिया’ न्यूज चैनल के साथ जुड़े हुए थे। उन्होंने करीब दो दशक के कॅरियर में देश के नामी-गिरामी मीडिया संस्थानों में कई जिम्मेदारियां निभाईं हैं।...
image
सुरक्षा परिषद की छांव में खेती पर दांव
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संसद में दिये गये अपने भाषण में भारत से मिले प्यार की भूरि भूरि प्रशंसा जरूर की लेकिन अपनी व्यावसायिक मजबूरियों को छिपा नहीं सके. बराक ओबामा ने संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए जहां एक ओर भारत को महाशक्ति करार देकर उसके लिए संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सदस्यता को अपना समर्थन दिया वहीं भारत और अमेरिका द्वारा मिलकर खेती के क्षेत्र में एक और हरित क्रांति के आगाज की घोषणा की....
image
आतंक नहीं कश्मीर केन्द्रित हुई ओबामा यात्रा
रविवार की देर शाम भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित भोज में ओमर अब्दुल्ला के शामिल होने से जो आशंका पैदा हुई थी वह सोमवार को हैदराबाद हाउस में और प्रबल रूप में सामने आ गयी जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमेरिकी राष्ट्रपति की उपस्थिति में स्वीकार किया कि वे पाकिस्तान से बात करते वक्त "के" शब्द पर बात करने से नहीं कतराते हैं....
image
भारत से धंधा, पाक को चंदा
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा ने अपना तीन दिवसीय दौरा पूरा कर लिया. मुंबई उतरकर दिल्ली दरबार तक उनकी दस्तक भारत पर अमेरिका के मजबूत पकड़ की मिसाल बन गया. निश्चित रूप से उनका दौरा भारत के लिए उतना महत्वपूर्ण नहीं जितना खुद अमेरिका के लिए है. मंदी के दौर से जूझ रहे अमेरिका को "कारपोरेट" जगत का धंधा दिलाने के लिए उन्होंने न केवल भारत को महाशक्ति करार दे दिया बल्कि सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का समर्थन भी कर दिया....
Next
Powered by Vivvo CMS v4.1.2