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टीम गडकरी घोषित, खबर देनेवाले अब बाइट देंगे

image टीम घोषणा के बाद चैनलों को बाइट देते हुए रविशंकर प्रसाद

आठ बार लिस्ट फाड़ने के बाद आखिरकार भारतीय जनता पार्टी ने हि्न्दू नववर्ष के दिन लिटिल गडकरी की जंबो टीम घोषित कर दी. टीम कुछ ऐसी बनी है कि आश्चर्य से दांतो तले अंगुली दबा लेने का मन करेगा. कल तक भाजपा के जो नेता आफलाइन ब्रीफिंग को अपना राजनीतिक कौशल समझते थे उन्हें प्रवक्ता की जिम्मेदारी दे दी गयी है.

टीम गडकरी की घोषणा लिटिल गडकरी के अकेले वश की बात नहीं थी इसलिए पितृपुरुष आडवाणी ने उनका मार्गदर्शन किया. उन खबरों को भूल जाईये कि पूरी टीम बनाने में आडवाणी ने किस तरह से अपनी मर्जी चलाई, याद सिर्फ यह रखिये कि पर कतरने की पचासों कोशिशों के बाद भी आडवाणी जी भाजपा के एकमात्र अधिपति कैसे बने हुए हैं. उन्होंने संजय जोशी का विरोध किया. टीम गडकरी में संजय जोशी का नाम दूर दूर तक नहीं है. उन सदस्यों में भी नहीं जिसमें निमंत्रित और विशेष निमंत्रित भी रखे जाते हैं. गडकरी मित्र संजय जोशी को साथ नहीं ला पाये.

जिन्हें साथ लेकर वे आगे बढ़ेंगे उसमें बतौर उपाध्यक्ष शांता कुमार, कलराज मिश्र, विनय कटियार, भगत सिंह कोश्यारी, मुख्तार अब्बास नकवी, करुणा शुक्ला, नजमा हेप्तुल्ला, हेमा मालिनी, विजय चक्रवर्ती, पुरुषोत्तम रूपाला और श्रीमती किरण घई को शामिल किया है. महिला आरक्षण पर कांग्रेस का समर्थन करते हुए पहला व्यावहारिक प्रयोग भाजपा ने उपाध्यक्षों का चुनाव करते हुए कर दिया. 11 में से चार महिलाओं को उपाध्यक्ष बनाया गया. यानी एक तिहाई का कोटा बतौर उपाध्यक्ष पूरा. नजमा हेप्तुल्ला और हेमा मालिनी का नाम थोड़ा चौंकानेवाला है लेकिन उन्हें बतौर उपाध्यक्ष शामिल करना भाजपा में मुस्लिम और आम मतदाता के मन में अच्छा संदेश पहुंचेगा जो कि संघ कैडर के बाहर से भाजपा में आते हैं. भगत सिंह कोश्यारी के साथ आखिरकार न्याय हुआ और मुख्यमंत्री की कुर्सी न मिलने की कमी को उपाध्यक्ष बनाकर पूरा किया गया. वैसे एक कारण और भी हो सकता है. वे अविवाहित हैं और ठीक भाजपा कार्यालय के बगल वाली कोठी में रहते हैं. पार्टी के लिए उनका घर बतौर एक्सटेन्शन इस्तेमाल होता है.

12 महासचिव शामिल किये गये हैं. इनमें थावरचंद गहलौत, अनंत कुमार, वसुंधरा राजे, विजय गोयल, अर्जुन मुण्डा, रविशंकर प्रसाद, धर्मेन्द्र प्रधान, नरेन्द्र सिंह तोमर, जगत प्रकाश नड्डा, रामलाल, वी सतीश और सौदान सिंह का नाम शामिल है. आखिर के तीन नाम संगठन महासिचव के बतौर काम करेंगे. रामलाल मुख्य संगठन महासचिव, वी सतीश और सौदान सिंह अतिरिक्त संगठन महासचिव के बतौर काम करेंगे. संभवत: ऐसा संघ के कहने पर किया गया है क्योंकि अभी तक की परिपाटी यह थी कि संगठन महासचिव एक ही होता था. पहली बार संगठन महासचिव के लिए चुनाव आयोग की तर्ज पर भाजपा ने तीन नाम रख दिये हैं. भारतीय जनता पार्टी में महासचिव कोई भी हो लेकिन ताकतवर संगठन महासचिव ही होता है क्योकि वह पार्टी और संघ के बीच की कड़ी होता है. हो सकता है रामलाल पर काम का बोझ बहुत ज्यादा हो इसलिए उन्हें दो अतिरिक्त महासचिव भी सौंप दिये गये हैं. इसके अलावा रविशंकर प्रसाद को मुख्य प्रवक्ता बनाया गया है. पेशे से वकील रविशंकर प्रसाद टीवी में एनडीटीवी, टाइम्स नाउ, सीएनएन-आईबीएन तथा अखबारों में भास्कर, दैनिक जागरण और टाईम्स आफ इण्डिया के अलावा किसी से बात करना अपनी शान में गुस्ताखी मानते हैं इसलिए उन्हें मुख्य प्रवक्ता बनाकर भाजपा ने अच्छा काम किया है. वैसे भी कल तक जो खबरे लीक होतीं थी अब उनपर भी रोक लगने की संभावना बन सकती है. वैसे रविशंकर प्रसाद के अलावा छह लोग और मीडिया को ब्रीफ करेंगे. ये हैं- प्रकाश जाडवेकर, राजीव प्रताप रूडी, शहनवाज हुसैन, रामनाथ कोविन्द, तरुण विजय और श्रीमती निर्मला सीतारामन.

भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणा: नितिन गडकरी (अध्यक्ष), शांता कुमार, कलराज मिश्र, विनय कटियार, भगत सिंह कोश्यारी, मुख्तार अब्बास नकवी, करुणा शुक्ला, नजमा हेप्तुल्ला, हेमा मालिनी, विजय चक्रवर्ती, पुरुषोत्तम रूपाला और श्रीमती किरण घई (उपाध्यक्ष), थावरचंद गहलौत, अनंत कुमार, वसुंधरा राजे, विजय गोयल, अर्जुन मुण्डा, रविशंकर प्रसाद, धर्मेन्द्र प्रधान, नरेन्द्र सिंह तोमर, जगत प्रकाश नड्डा, रामलाल, वी सतीश और सौदान सिंह (महासचिव), संतोष गंगवार, श्रीमती स्मृति इरानी, श्रीमती सरोज पाण्डे, श्रीमती किरण माहेश्वरी, श्री तापिर गाव, नवजोत सिंह सिद्धू, अशोक प्रधान, वरुण गांधी, मुरलीधर राव, किरीट सोमैया, डॉ लक्ष्मण, कैप्टन अभिमन्यु, श्रीमती आरती मेहरा, भूपेन्द्र यादव और कुमारी वाणी त्रिपाठी (सचिव), पीयूष गोयल (कोषाध्यक्ष)

भाजपा ने 15 सचिवों की घोषणा भी की है. ये हैं- संतोष गंगवार, श्रीमती स्मृति इरानी, श्रीमती सरोज पाण्डे, श्रीमती किरण माहेश्वरी, श्री तापिर गाव, नवजोत सिंह सिद्धू, अशोक प्रधान, वरुण गांधी, मुरलीधर राव, किरीट सोमैया, डॉ लक्ष्मण, कैप्टन अभिमन्यु, श्रीमती आरती मेहरा, भूपेन्द्र यादव और कुमारी वाणी त्रिपाठी. यहां भी भाजपा अध्यक्ष ने महिलाओं को प्राथमिकता दिया है. पंद्रह में पांच महिलाएं. वरुण गांधी के नाम को लेकर तमाम अटकलें थी जिन्हें सचिव बनाकर शांत कर दिया गया है. स्वदेशी जागरण मंच से भाजपा में आये मुरलीधर राव की राजनीतिक यात्रा भी सचिव बनाकर विधिवत शुरू कर दी गयी है. नवजोत सिंह सिद्धू को बतौर सचिव अपनी कार्यकारिणी में शामिल करके गडकरी ने उनकी लंबे समय से चली आ रही उपेक्षा की नाराजगी को दूर कर दिया है. वैसे क्रिकेटर से कमेन्टेटर बने सिद्धू भाजपा के अच्छे प्रवक्ता भी साबित हो सकते थे. हो सकता है किसी ने ध्यान न दिया हो.लंबे समय तक भाजपा के कोषाध्यक्ष रहे वेद प्रकाश गोयल के बेटे पीयूष गोयल को कोषाध्यक्ष बना दिया गया है. वे राज्यसभा में जाना चाहते थे, शायद राज्यसभा संभव नहीं था इसलिए उन्हें बतौर कोषाध्यक्ष कार्यकारिणी में शामिल कर लिया गया है.

अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिवों के अलावा भाजपा में कार्यकारिणी की परिपाटी है. जिसमें भाजपा के महत्वपूर्ण नेताओं को रखा जाता है. ऐसे कुल 209 नाम शामिल किये गये हैं. फिर सचिवों, महासचिवों, उपाध्यक्षों और अध्यक्ष को मिला दें तो कुल 247 लोगों की कार्यकारिणी बनती है. यही 247 लोग गडकरी की टीम के हिस्सा होंगे. अभी मोर्चों के पदाधिकारियों की घोषणा होनी है. फिर राज्य के अध्यक्षों को भी इसी में शामिल किया जाएगा. टीम 300 के ऊपर पहुंच जाएगी. एक राष्ट्रीय पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी इतनी भारी भरकम तो होनी ही चाहिए. यही भाजपा की परिपाटी है जिसे नितिन गडकरी के नेतृत्व में और भी भरेपुरे तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है. वैसे घोषणा के साथ ही आलोचकों ने कहना शुरू कर दिया है कि गडकरी की टीम राजनाथ सिंह की टीम की फोटोकापी है. तो क्या गडकरी का हश्र भी कुछ वैसा ही होगा जैसा राजनाथ सिंह का होगा?

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on 16 March, 2010 22:17;56
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प्रकश चन्द्र के लगता है चापस रोग कुछ ज्यादा जी लग गया है हेर लेख पैर अक ही टिपण्णी करे जा रहे हैं
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