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राजनीति

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मीरा कुमार चमार हैं, हम नहीं कांग्रेस कह रही है

कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी के बताए रास्ते पर चलते हुए बिहार में पार्टी को मजबूत करने में जुटी बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने एक बड़ा रोचक एक्सपेरिमेंट किया है. नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने के अपने एजेंडे में जुटी इस पार्टी ने बिहार 'जात पर न पात पर...' वाले पुराने नारे को रिजेक्ट कर दिया है.
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दंतहीन, विषहीन, सत्ताविहीन देवगौड़ा

तो आज की शुरुआत सवाल से। क्या अपनी राजनीति की जुबान ही भद्दी हो चुकी या सिर्फ जुबान की राजनीति हो रही है? माना, एचडी देवगौड़ा दंतहीन, विषहीन यानी सत्ताविहीन हो चुके। तो क्या बौखलाहट में किसी को भी डंक मारते रहेंगे। देवगौड़ा देश के पीएम रह चुके। पर कभी 'राष्ट्रीय' न हुए, न शायद होंगे।
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अमर मुलायम का मजबूत जोड़ है, टूटेगा नहीं!

छोटे भैया अमर पर आखिरकार मुलायम की मेहर हो गयी. मुलायम सिंह ने कह दिया कि "हमारा उनका ऐसा रिश्ता है कि अलग होने का सवाल ही नहीं उठता." बड़े भैया जरा देर से बोले लेकिन बोले वही जो अमर सिंह चाहते थे. इस्तीफे के बाद अमर सिंह दुखी थे कि अभी तक नेताजी ने कुछ बोला नहीं है....
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समाजवादी से राष्ट्रवादी होना चाहते हैं अमर सिंह

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अमर सिंह के इस्तीफे की जब गूंज उठी तो घर की लड़ाई घर-घर की कहानी बन गई. किसी ने कहा कि अमर सिंह ने सही फैसला लिया तो किसी ने कहा ये तो होना ही था.समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अमर सिंह के साथ ही महाराष्ट्र से पार्टी विधायक अबू आजमी समाजवादी पार्टी का दामन छोड़कर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में शामिल हो सकते है....
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ऑल इंडिया करप्ट कांग्रेस

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जब राजनीतिक प्रक्रिया नोट भकोसने की व्यवस्था में तब्दील कर दी गई हो। जब कमीशन कमाना ही विकास का पैमाना बन गया हो, तब क्या किसी राजनीतिक प्रक्रिया की समालोचना का कोई अवसर शेष बचता है? 125 वर्ष पहले कांग्रेस संभ्रांतों के `क्लब´ के रूप में जन्मी थी, आज वह भ्रष्टाचारियों के क्लब के रूप में संचालित है। क्या अब भी कांग्रेस को महात्मा गांधी की तस्वीर लगाने का अधिकार है? सोनिया के युग में एआईसीसी का मतलब है ऑल इंडिया करप्ट कांग्रेस। ...
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जी हां, माओवादी रिमोट से चलेगी झारखंड सरकार!

शपथ ग्रहण समारोह के दिन मीडिया के जरिये झारखंड के नए मुख्यमंत्री शिबू सोरेन और माओवादी नेता समरजी के बीच बड़ी रोचक बातचीत हुई. बुधवार को आयोजित पहली कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से मुखातिब होकर शिबू सोरेन ने कहा कि नक्सली बताएं, कैसे सरकार चलाई जाए. हम नक्सलियों से बातचीत करना चाहते हैं.
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आईसीयू से वेंटिलेटर पर पहुंची वाममोर्चा सरकार

सियासत के तूफां में बेतरह फंस चुके पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य के लिए यह खबर उम्मीद की रोशनी लेकर आई है। माकपा पोलित ब्यूरो उन्हें बंगाल के मुख्यमंत्री पद से नहीं हटाने जा रहा है। कम से कम यह खबर बुद्धदेव बाबू को कुछ दिनों के लिए तो राहत प्रदान कर ही सकती है।
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उत्तराखण्ड की राजनीति को तारेंगे नारायणदत्त तिवारी

उम्र के आखिरी पड़ाव पर सेक्स स्केंडल के थपेड़े झेल रहे आंध्र प्रदेश के निवर्तमान राज्यपाल नारायण दत्त तिवारी अब घर लौट आए हैं। तिवारी जी देहरादून में डेरा डाल चुके हैं। सैक्स स्केंडल के बाद तिवारी फिलहाल इस मुद्दे पर नारायण के भरोसे रहते हुए देहरादून को ही बाकी जिंदगी का ठिकाना बनाने वाले हैं, ऐसा उन्होंने स्पष्ट तौर पर कह दिया है और साथ यह भी कि अब उन्हें औरतों से बात करते डर लगता है..।
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झारखंड की बिसात पर कांग्रेस के विफलता की कहानी

अब जबकि यह तय हो गया है कि झारखंड में झामुमो-भाजपा-आजसू की संयुक्त सरकार बनने जा रही है, इस बात का विश्लेषण करना बड़ा रोचक होगा कि आखिरकार इस विधानसभा चुनाव में भारी बढ़त के बावजूद झारखंड में कांग्रेस और झाविमो के गठबंधन की सरकार क्यों नहीं बन पाई. कांग्रेस पार्टी जो अब तक चुनाव जीतने से अधिक सरकार बनाने में सक्षम मानी जाती थी इस बार कहां चूक गई?
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भाजपा के वे गढ़ जिन्हें गडकरी को फतह करना है

गडकरी का नाम जब राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए पहली बार सामने आया था तो राष्ट्रीय मीडिया में एक सुर था- मरणसील भाजपा के लिए आत्मघाती कदम। लेकिन, गडकरी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते ही गडकरी के लिए फ्लाईओवर मैन, विकास पुरुष जैसे नारे सुर्खियां बन गए। गडकरी को समझना होगा कि मीडिया से संबंध बेहतर रखें लेकिन उन्हें काम करना होगा। खुद की राष्ट्रीय छवि तैयार करनी होगी।
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सुदर्शन का (कु) दर्शन
जबसे आरएसएस के लोगों की आतंकवादी घटनाओं में संलिप्तता सामने आयी है, तब से आरएसएस के नेता बौखला गए हैं। इस बौखलाहट में ही शायद संघ के इतिहास में पहली बार हुआ है कि इसके स्वयंसेवक विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे। इसी बौखलाहट में आरएसएस के एक्स चीफ केएस सुदर्शन का मानसिक संतुलन बिगड़ गया और सोनिया गांधी के बारे में ऐसे शब्द बोल दिए, जिन्हें एक विकृत मानसिकता का आदमी ही बोल सकता है।...
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सीआईए नहीं केजीबी एजंट कहिए जनाब
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक ने 10 नवंबर को सोनिया गांधी पर सीआईए एजंट होने का आरोप लगाकर सनसनी पैदा कर दिया है. पूरी की पूरी कांग्रेस उत्तेजित है और संघ भी बैकफुट पर चला गया है. सुदर्शन के आस पास के लोगों का कहना है कि सुदर्शन जी भुलक्कड़ हो गये हैं और उन्हें कुछ ठीक से याद नहीं रहता. शायद इसीलिए उन्होंने इतनी बड़ी चूक कर दी. ...
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सोनिया का सच जान बेकाबू क्यों होते हो?
एक बार फिर लोकतंत्र पर आपातकाल मंडरा पड़ा है. राजमाता सोनिया गांधी के सिपहसालारों ने कांग्रेसी गुण्डों, माफियाओं और लोकतंत्र के हत्यारों का आह्वान किया है कि वह देशभर में संघ कार्यालयों पर धावा बोल दे. इसका तत्काल प्रभाव हुआ और कांग्रेसी गुण्डों ने संघ के दिल्ली मुख्यालय पर धावा भी बोल दिया. ठीक वैसे ही जैसे इंदिरा गांधी की मौत के बाद सिखों को निशाना बनाया गया था. हिंसक और अलोकतातंत्रिक मानसिकता से ग्रस्त कांग्रेसी सोनिया का सच जानकर आखिर इस तरह बेकाबू क्यों हो रहे हैं?...
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नये निजाम के दामन पर है ज्यादा बड़ा दाग
मुंबई। महाराष्ट्र के नए निजाम भी कोई दूध के धुले नहीं हैं। कांग्रेस आलाकमान ने अशोक चव्हाण को फर्जीवाड़े से फ्लैट पाने के आरोप में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की गद्दी से हटा दिया। लेकिन नए मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी उसी तरह के फर्जीवाड़े में गले तक डूबे हुए हैं। उन्होंने जितने बड़े बड़े झूठ बोलकर सरकार से फ्लैट हथियाए हैं वे कांग्रेस के लिए ज्यादा दागदार हैं।...
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अजमेर चार्जशीट और संघी उछल-कूद
बढ़ते पैमाने पर इसके साक्ष्य सामने आ रहे हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर एस एस) से जुड़े लोगों का आतंकवादी हमलों में हाथ रहा है। इन हालात में आर एस एस इस पुराने सूत्र पर चल रहा लगता है कि हमला ही सबसे अच्छा बचाव है। उसने 10 नवंबर को देशव्यापी विरोध कार्रवाइयों का आह्वान किया है। इन कार्रवाइयों में संघ के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की बात कही जा रही है। बहरहाल, इसकी चर्चा हम जरा बाद में करेंगे।...
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अपने होने पर ही हैरान
‘चुप्पी-चुप्पी नहीं नहीं, बोलेंगे अब सभी-सभी’ इन्हीं नारों से दाहोद (गुजरात) का सीनियर रेलवे संस्थान परिसर 31 अक्टूबर को पूरे दिन गूंजता रहा। यहां गुजरात के बड़ोदरा, पंचमहल, सुरत, भड़ूच, डांग, बालसाड और साबरकांठा जिले से लगभग तीन हजार के आस पास विमुक्त एवं घुमंतू समाज से ताल्लुक रखने वाले लोग इकट्ठे हुए थे। मौका था, अधिकार अभियान की घोषणा का। उस समाज के लिए जो इस लोकतांत्रिक देश में अधिकार का अर्थ अभी तक समझ नहीं पाएं हैं। ...
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गोली लगने के बाद क्या गांधी ने कहा था- हे राम ?
यह एक ऐसा सवाल है जिस पर अब विवाद होने लगा है. 30 जनवरी 1948 को क्या जब महात्मा गांधी को नाथूराम गोडसे ने गोली मारी तो महात्मा गांधी ने अपने मुंह से हे! राम का संबोधन किया था? उस वक्त घटनास्थल पर मौजूद रहे एक प्रत्यक्षदर्शी के डी मदान का कहना है कि "मैंने नहीं सुना था कि उन्होंने हे राम कहा था या नहीं."...
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भद्दा और बेदम रहा संघ का विरोध प्रदर्शन
स्कूल जाते बच्चों के भी हाथ में भगवा थमाकर भले ही संघ ने शक्ति प्रदर्शन की भरपूर कोशिश की हो लेकिन 10 नवम्बर का दिन उसके इतिहास में कोई बडी घटना के रूप में याद नहीं किया जायेगा। हॉ हम बात कर रहे है राजस्थान के भरतपुर जिला मुख्यालय की जहॉ देश भर की ही तरह हिन्दुवादी संघटनों ने अपने उपर लग रहे ‘भगवा आतंकवाद’ के आरोपों के विरोध में शक्ति प्रदर्शन किया था। भरतपुर जहॉ संघ प्रचारक क रूप में भाजपा के पीएमइन वेंटिग लालकृष्ण आडवानी ने अपनी सेवाऐं दी है संघ का ये विरोध प्रदर्शन एक दम भददा और हल्का रहा।...
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एनसीपी के 'दादा' का दांव
महाराष्ट्र में कांग्रेस में परिवर्तन हुआ तो राष्ट्रवादी कांग्रेस ने भी अपने पत्ते खोल दिये. राज्य में लंबे समय से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही सत्ता के दावेदारी पर एनसीपी ने आखिरकार प्रदेश की प्रशासनिक कमान अपनी ओर से शरद पवार के भतीजे अजीत पवार को सौंप दी है. अब गुरुवार को शाम साढ़े चार बजे पृथ्वीराज चव्हाण के साथ अजीत "दादा" पवार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे....
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पीएमओ वाले पृथ्वीराज
महाराष्ट्र के नये मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण यूपीए सरकार पार्ट वन और पार्ट टू में बतौर पीएमओ मिनिस्टर जाने जाते हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय में रहते हुए भी उन्होंने कभी ताकतवर होने का दंभ नहीं पाला और चुपचाप काम करते रहे. बिट्स पिलानी से बीई और बर्कले विश्वविद्यालय से एमएस की डिग्री हासिल करनेवाले पृथ्वीराज की राजनीतिक कमेस्ट्री ने उनके सार्वजनिक जीवन में पहली बार इतना गाढ़ा रंग उड़ेला है....
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सुलग रहा है मेरठ 'हिन्दुस्तान'
एक ओर हिन्दुस्तान अखबार अपनी अलग कंपनी बनाकर अखबार को चमकाने और अखबार का विस्तार करने में लगा है वहीं दूसरी ओर हिन्दुस्तान के विभिन्न संस्करणों में हालात ठीक नहीं है. हिन्दुस्तान के मेरठ संस्करण में इन दिनों इस्तीफे दिये जा रहे हैं लेकिन प्रचारित किया जा रहा है कि जो आफिस नहीं आ रहे हैं वे छुट्टी पर चले गये हैं....
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आलोक तोमर के बगल में बसे किशोर मालवीय
सीएनईबी में पहले से एक सलाहकार संपादक थे- आलोक तोमर. अब दूसरे सलाहकार संपादक भी वहां नियुक्त हो गये हैं किशोर मालवीय. उन्होंने सीएनईबी चैनल के साथ बतौर कंसल्टिंग एडिटर अपनी नई पारी की शुरुआत की है। सीएनईबी से पहले वे ‘वायस ऑफ इंडिया’ न्यूज चैनल के साथ जुड़े हुए थे। उन्होंने करीब दो दशक के कॅरियर में देश के नामी-गिरामी मीडिया संस्थानों में कई जिम्मेदारियां निभाईं हैं।...
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सुरक्षा परिषद की छांव में खेती पर दांव
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संसद में दिये गये अपने भाषण में भारत से मिले प्यार की भूरि भूरि प्रशंसा जरूर की लेकिन अपनी व्यावसायिक मजबूरियों को छिपा नहीं सके. बराक ओबामा ने संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए जहां एक ओर भारत को महाशक्ति करार देकर उसके लिए संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सदस्यता को अपना समर्थन दिया वहीं भारत और अमेरिका द्वारा मिलकर खेती के क्षेत्र में एक और हरित क्रांति के आगाज की घोषणा की....
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आतंक नहीं कश्मीर केन्द्रित हुई ओबामा यात्रा
रविवार की देर शाम भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित भोज में ओमर अब्दुल्ला के शामिल होने से जो आशंका पैदा हुई थी वह सोमवार को हैदराबाद हाउस में और प्रबल रूप में सामने आ गयी जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमेरिकी राष्ट्रपति की उपस्थिति में स्वीकार किया कि वे पाकिस्तान से बात करते वक्त "के" शब्द पर बात करने से नहीं कतराते हैं....
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भारत से धंधा, पाक को चंदा
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा ने अपना तीन दिवसीय दौरा पूरा कर लिया. मुंबई उतरकर दिल्ली दरबार तक उनकी दस्तक भारत पर अमेरिका के मजबूत पकड़ की मिसाल बन गया. निश्चित रूप से उनका दौरा भारत के लिए उतना महत्वपूर्ण नहीं जितना खुद अमेरिका के लिए है. मंदी के दौर से जूझ रहे अमेरिका को "कारपोरेट" जगत का धंधा दिलाने के लिए उन्होंने न केवल भारत को महाशक्ति करार दे दिया बल्कि सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का समर्थन भी कर दिया....
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