भारत की कहानी
दलित उद्यमियों का बढ़ता दबदबा
पहले दलित उद्यमी गंगाराम कांबले के राज्य महाराष्ट्र में इन दिनों दलित उद्यमशीलता की नई इबारत लिखी जा रही है। कांबले ज्ञात दलित इतिहास में भारत के पहले दलित उद्यमी के तौर पर नजर आते हैं। वे शाहूजी महाराज के समकालीन थे। आज दलित समाज से निकलकर व्यवसाय में पांव जमाने वाले उद्यमियों की संख्या पूरे देश में तेजी से बढ़ रही है। लेकिन यह गति महाराष्ट्र में थोड़ी तेज है. अब महाराष्ट्र में दलित व्यवसायियों को एक मंच पर लाकर खड़ा करने के लिए दलित इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) जैसा मंच भी तैयार हो चुका है।
पत्थरों की खदानों से लौटा बचपन
कभी बाल मजदूरी करने वाला महेन्द्र अब बच्चों के अधिकारों से जुड़ी कई लड़ाईयों का नायक है। महेन्द्र के कामों से जाहिर होता है कि छोटी सी उम्र में मिला एक छोटा सा मौका भी किसी बच्चे की जिंदगी को किस हद तक बदल सकता है।
भूख के पेट में भारत के बच्चे
यह बीते साल नंबवर के आखिरी हफ्ते की बात है जब ग्राम-अगासिया, विकासखण्ड-मेघनगर, जिला-झाबुआ, मध्यप्रदेश के अर्जुन ने एक सर्द रात में कुपोषण के सामने दम तोड़ दिया था। उस सर्द समय में इसी आदिवासी इलाके के दर्जनों बच्चे भी मारे गए थे। अर्जुन सबसे कम उम्र के उन बच्चों में से एक ऐसा नाम था जो अपने हमउम्र साथियों के साथ फाइल की सूची में क्रमानुसार दर्ज हो चुका था। इस तरह एक और नाम भूखे भारत की सांख्यिकी में एक बड़े गुणनफल के बीचोंबीच कहीं दूर गुम हो चुका था।...भारत के भूख का अर्थ
पीयूसीएल द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने जो फैसला दिया है वह भारत की असली कहानी कहता है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि सरकार गोदामों और खुले स्थानों पर अनाज को सड़ने के लिए छोड़ देती है. यह सरकारी बदइंतजामी है और कुछ नहीं. इससे तो अच्छा है कि अनाज गरीबों को मुफ्त में दिया जाए. भारत में सबसे तेजी से बढ़ते आईटी, मोबाइल टेलेफोनी, आटोमोबाइल, इन्फ्रास्ट्रक्चर, आईपीएल सेक्टर को बढ़त का सबसे तेज रफ्तारवाला माना जाता है लेकिन भूख की रफ़्तार के आगे ये सारे सेक्टर बहुत पीछे हैं। ...बाढ़ से लथपथ हुआ लद्दाख
इस बात पर मौसम वैज्ञानिक बहस करते रहेंगे कि यह कैसी घटना थी जिसमें बादल फटने से किसी गांव या जिले पर विपत्ति नहीं बल्कि लद्दाख जो कि क्षेत्रफल में देश के कुछ छोटे राज्यों के बराबर है, पूरा का पूरा इसकी चपेट में आ गया जिसके कारण लद्दाख से करगिल तक का मार्ग ध्वस्त हो गया. छह पुल उड़ गये और लेह मनाली के मार्ग में दो पुल टूट गये जिसने लेह को सारे देश से काट दिया. वैज्ञानिक कोई भी दलील दें यह बात फिर भी अनुत्तरित ही रहेगी कि आखिर लेह कस्बे को कब्रिस्तान में बदलने के लिए बादल फटने की एक घटना काफी क्यों थी?...सुभागलाल का सपना सच हो गया
वैसे तो देश के असंख्य सुभागलालों का सपना सच नहीं होता है। मगर घोरवाल के सुभागलाल का सपना सच हो गया। उसके गांव के सारे बच्चे अब स्कूल जाते हैं। जब वह छोटा था तब ऐसा कतई नहीं था।
महिलाएं बन गयी विकास की पहरुआ
कहते हैं कि राजनीति की चाबी से हर ताले खुलते हैं, परन्तु बिहार के समाज में महिलाओं को यह चाबी वर्षों से नहीं मिली थी। इक्कीसवीं सदी के पहले दशक के जाते-जाते करिश्मा हुआ। वर्ष 2001 में लोकतंत्र की सबसे निचली इकाई, ग्राम पंचायत में आरक्षण के माध्यम से महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करा दी गई।
गोल की कहानी गोलमोल
मणिशंकर अय्यर ने कामनवेल्थ खेलों पर तल्ख टिप्पणी करके खेल गिरोहों को आंदोलित कर दिया है. गिरोहबाज कह रहे हैं कि अय्यर ने जो टिप्पणी की है वह देशद्रोह से कम नहीं है. लेकिन अय्यर ने ऐसा क्या गलत कहा है? अय्यर कहते हैं कि कामनवेल्थ खेलों के नाम पर दिल्ली में जितना पैसा बरबाद किया जा रहा है उतने पैसे से देश के करोड़ों बच्चों के लिए खेलने का माहौल बनाया जा सकता है. स्वीडन से फुटबाल खेलकर लौटे ईशान्त के उदाहरण को देखें तो मणिशंकर अय्यर की टिप्पणी उतनी तल्ख नजर नहीं आती.
सारण के अंधेरे में उजाले की दस्तक
‘कौन कहता है आसमान में सुराख नहीं हो सकता है, जरा तबियत से पत्थर तो उछालो यारों’। इस कथन को सच कर दिखाया है बिहार के सारण जिला में चल रहे सारण रिन्यूबल एनर्जी प्राईवेट लिमिटेड (कंपनी) के चार प्रमोटरों ने। योगेन्द्र प्रसाद, जर्नादन प्रसाद, रमेश कुमार और विवेक गुप्ता ने सन् 2006 में मिलकर सारण रिन्यूबल एनर्जी प्राईवेट लिमिटेड का गठन किया था, जिनकी एक ही मंशा थी अंधेरे में डूबे हुए सारण जिले के गांवों तक बिजली पहुँचाना।
कुख्यात चंबल घाटी होगी विख्यात
दस्यु संरक्षण के लिए कुख्यात रहीं चंबल की वादी की तस्वीर बदलने के लिए की जा रही कवायद का एक हिस्सा बनाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रकृति की तमाम अद्भुत धरोहरों को अपने आगोश में समाने वाली इन्हीं वादियों के प्रति राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेने आने वाले देशी व विदेशी सैलानियों के अंतःमन में रम चुकी कुख्यात चंबल घाटी को अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर विख्यात करने का प्रयास मध्य प्रदेश के भिंड जिला प्रशासन ने कर दी है। चंबल चेलेंज नाम से तैयार कराए गए इस प्रोजेक्ट में पर्यटक चंबल की घाटी में संरक्षित दुर्लभ प्रजाति के जलीय जीवों के दीदार तो कर ही सकेंगें अपितु मिट्टी के पहाड़ों पर रोमांचक खेलों का आनंद भी उठा सकेंगें।
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कांग्रेस अधिवेशन को सफल बनाने में जुटी अकाली भाजपा सरकार
चंडीगढ़ में कांग्रेस का मिनी अधिवेशन होने जा रहा है जिसमें कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी से सहित प्रधानमंत्री, राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मौजूद रहेंगे. 27 सितंबर को होने वाले कांग्रेस के मिनी अधिवेशन को अकाली-भाजपा सरकार सफल बनाना चाहती है। इसके लिए सरकार में ऊपरी स्तर से सूबे के प्रमुख औद्योगिक घरानों को पंजाब कांग्रेस की मदद करने के आदेश जारी किए गए हैं।...
रामायण, महाभारत और हनुमान पर पाकिस्तान में प्रतिबंध
पाकिस्तान में इस्लामिक कट्टरपंथ को वहां की सरकारें किस कदर अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करती हैं इसका ताजा उदाहरण वह फरमान है जिसमें संघीय सरकार ने राज्य सरकारों को आदेश दिया है कि वे ऐसी व्यवस्था करें कि राज्यों में कोई केबल टीवी वाला हिन्दू पौराणिक चरित्रों पर बनी फिल्में, एनीमेशन इत्यादि का प्रदर्शन न कर सकें. साथ ही ऐसे सीडी और डीवीडी की बिक्री पर भी पाबंदी लगाने की कोशिश की जा रही है. ...
भूख के पेट में समा गये मध्य प्रदेश के 28 आदिवासी बच्चे
एएचआरसी यानी एशियन ह्यूमन राइटस् कमीशन के अनुसार मध्यप्रदेश में 28 बच्चों ने कुपोषण के चलते दम तोड़ दिया है. पीडित बच्चों के परिवार सरकारी योजनाओं के तहत भोजन और स्वास्थ्य के मद में दी जाने वाली सहायता से भी दूर हैं....
24 सितंबर को आयेगा अयोध्या पर फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अयोध्या में राम जन्म भूमि बनाम बाबरी मस्जिद विवाद पर अपना फैसला सुनाने के लिए 24 सितम्बर की तारीख़ तय कर दी है. कोर्ट की लखनऊ बेंच में तीन जजों की एक विशेष पीठ ने 26 जुलाई को मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद अपना फ़ैसला सुरक्षित कर लिया था....
विश्व के 35 फीसदी निरक्षर भारत में
भारत को साक्षर बनाने की मुहिम अभी भी परवान नहीं चढ़ पा रही है। शिक्षा का अधिकार और सर्वशिक्षा अभियान के बावजूद विश्व की 35 फीसद निरक्षर आबादी भारतीयों की है। भारत की 68 प्रतिशत साक्षरता दर वैश्विक साक्षरता दर 84 प्रतिशत से काफी पीछे है।...
मुण्डा बनेंगे मुख्यमंत्री, 10 सितंबर तक शपथ ग्रहण की संभावना
झारखण्ड में एक बार फिर सरकार बनाने की संभावना पैदा हो गयी है. मंगलवार को भाजपा नेता अर्जुन मुण्डा ने 45 विधायकों के समर्थन वाली चिट्ठी राज्यपाल को सौंप दी है. स्थानीय सूत्रों का कहना है कि अगर कांग्रेस की ओर से कोई अड़ंगा नहीं लगाया जाता है तो अर्जुन मुण्डा 10 सितंबर से पहले शपथ ग्रहण कर लेंगे. ...
जातिवाद, क्षेत्रवाद, धर्मवाद का शिकार माओवाद
बिहार में हुई हाल की घटनाओं ने साबित कर दिया है कि माओवादी अब महज डकैतों और माफिया गुंडों का समूह है जिनसे सिर्फ डरा जा सकता है. विचारधारा और शोषण के खिलाफ लड़ने के उनके जज्बे के कारण लोगों में उनके प्रति जो सम्मान बचा था वह भी अब खत्म होने की कगार पर है. मगर इस क्राइसिस के बाद जो सबसे चौकाने वाली बात उभर कर सामने आयी है वह इन समूहों की वास्तविकता बन चुके जातिवादी झगड़े हैं....
एक अनोखे किसान आंदोलन का अंत
मुख्यमंत्री मायावती ने अपने कैबिनेट में एक निर्णय लिया. निर्णय यह कि प्रदेश में यमुना एक्सप्रेसवे के खिलाफ जो किसान आंदोलन कर रहे हैं उनको दो तरह के प्रस्ताव दिये जाएं. अगर वे इन दोनों तरह के प्रस्ताव को नहीं मानते हैं तो अपनी जमीन अपने पास रख सकते हैं. मायावती मंत्रिमण्डल के इस निर्णय का के बाद जेपी समूह ने टप्पल में प्रस्तावित अपनी नगर परियोजना को समाप्त करने की घोषणा कर दी. अब जो किसान नेता मुआवजा बढ़ाने का आंदोलन चला रहे थे वही समाजसेवी बनकर टप्पल में प्रस्तावित शहर न जाने देने के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन लिख रहे हैं....
बिहार में राजनीतिक घमासान की घोषणा
देश के सबसे अधिक राजनीतिक राज्य बिहार में घमासान की घोषणा हो गयी है. चुनाव आयोग ने सोमवार को बिहार में मतदान की घोषणा कर दी. बिहार में 21 अक्टूबर से मतदान की घोषणा की गयी है. मतदान छह चरणों में होगा....
लद गये वामपंथ के दिन- राहुल गांधी
कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी का कहना है कि माकपा ने अपने शासनकाल के दौरान पश्चिम बंगाल को आर्थिक और सामाजिक रूप से दो हिस्सों में बांट दिया है. एक बंगाल है जो चमक रहा है जबकि दूसरा बंगाल गरीबी के बोझ तले दब गया है. उन्होंने कम्युनिस्ट विचारधारा को अप्रासंगिक भी करार दिया है....
गए थे अमन का पैगाम देने, कर आए तिरंगे का अपमान
सीमा पार पड़ौसी मुल्क पाकिस्तान के लाहौर में बाढ़ पीडितों के सहायतार्थ भारत से गया बुद्धीजीवी वर्ग का एक दल तिरंगे का अपमान कर आया। खबर तब सुर्खियों में आई जब दल के सदस्यों की उलटा तिरंगा थामे तस्वीर अंग्रेजी के समाचार पत्र हिंदुस्तान टाईम्स के हरियाणा पृष्ठ पर तीन सितंबर के अंक में छपी।...
भारतीयों में बढ़ रही है जानवरों से सेक्स करने की प्रवृति
चेन्नई में तीन सितंबर से पांच सितंबर तक सेक्सोलॉजी पर हुए राष्ट्रीय सम्मेलन में कुछ ऐसी बातें सामने आईं जो भारतीयों की बदलती सेक्स प्रवृति की ओर इशारा कर रही हैं। सम्मेलन में ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं में भैंसों के साथ यौन क्रियाएं करने, महिलाओं द्वारा पालतू कुत्तों को सेक्स करना सिखाना और घुमंतू प्रवृत्ति के लोगों द्वारा सेक्स करने के लिए साथियों को खोजने जैसे मामले सामने आएं हैं।...
छत्तीस हुआ तिरसठ का आंकड़ा
सोनिया गांधी बीते शुक्रवार को चौथी बार कांग्रेस की अध्यक्ष चुनी गयी .उनके इस चयन के साथ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार में सत्ता परिवर्तन का निर्णायक दौर शुरू हो जाएगा. सोनिया गांधी अपने पति राजीव गांधी की १९९१ में हत्या के बाद राजनीति में अपनी प्रासंगिकता बरकरार रखने के लिए जिस अंदाज में १०,जनपथ से कांग्रेस की राजनीति का नियंत्रण रखने का परोक्ष-अपरोक्ष प्रयास करती रही हैं उसका एकमेव उद्देश्य रहा है अपने पुत्र राहुल गांधी को एक दिन इस देश का प्रधानमंत्री बनाना....
दलित उद्यमियों का बढ़ता दबदबा
पहले दलित उद्यमी गंगाराम कांबले के राज्य महाराष्ट्र में इन दिनों दलित उद्यमशीलता की नई इबारत लिखी जा रही है। कांबले ज्ञात दलित इतिहास में भारत के पहले दलित उद्यमी के तौर पर नजर आते हैं। वे शाहूजी महाराज के समकालीन थे। आज दलित समाज से निकलकर व्यवसाय में पांव जमाने वाले उद्यमियों की संख्या पूरे देश में तेजी से बढ़ रही है। लेकिन यह गति महाराष्ट्र में थोड़ी तेज है. अब महाराष्ट्र में दलित व्यवसायियों को एक मंच पर लाकर खड़ा करने के लिए दलित इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) जैसा मंच भी तैयार हो चुका है।...
गुटखा खाओ, मौत मुफ्त में पाओ
तम्बाखू खाने या पीने से कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। यह बात सालों से कही जा रही है, पर फिर भी सरकार द्वारा मनुष्य के स्वास्थ्य के इन दुश्मनों के उत्पादन पर पाबंदी नहीं लगाई जा सकी है, इसका कारण इन उत्पादों से बड़ी मात्रा में मिलने वाला राजस्व है।...
- आलोक तोमर की आपबीती
- वह गुजरात जिसे आप नहीं जानते
- हिन्दू आतंकवाद का अतिवाद
- बाबा रामदेव का दांव
- गोरक्षा सनातन धर्म है, किन्तु पशु गाय धर्म नहीं
राज जी मैंने अक्सर देखा है आप उपेक्षितों के दर्द को बयान करने वालों को हमेशा हौंसला देते हैं.
आपकी संवेदनशीलता हो सलाम !!
शिरीष जी ,
हमेशा की तरह देश के उपेक्षितों के दर्द की खंगाल और अभिव्यक्ति .
आपके प्रयासों को नमन !
जनाब पहले आप अपने सामान्य ज्ञान को आकिये फिर लेख लिखने चलिए..
लेख घर में अपनी डायरी में नोट लिखने का कम नही है .. लेख ...
अरे ये तो होना ही था.. सड़ा अनाज तो मन्मोहन सिंह और शरेड पावाड़ खा रहे है.. जो बचा उसे फेंक रहे है..
एक दिन आएगा ...
संजय जी सविनय निवेदन है की लेखो का चुनाव करते समय विस्फोट साईट की गरिमा का भी ध्यान रखें |
गुस्ताखी के लिए माफ़ी
आपका ...


