भारत की कहानी
देश बनेगा बांग्लादेश
भारत में जिस तरह से बांग्लादेशी घुसपैठ बढ़ रही है उसे देखते हुए यह कहने में संकोच नहीं होना चाहिए कि भविष्य में देश के कुछ हिस्से बांग्लादेश बन जाएंगे. जनसंख्या रजिस्टर बनाने का जो काम शुरू हुआ है उसमें भी जिस प्रकार से बांग्लादेशी नागरिकों के घुसपैठ की आशंका बढ़ी है उसे देखते हुए इस आशंका को और बल मिलता है. संजीव कुमार की रिपोर्ट-
खीर भवानी का सुखद संदेश
लंबे समय बाद कश्मीर में खुशनुमा बयार बही है. कश्मीरी पण्डितों के पवित्र पूजास्थल खीर भवानी (भवानी मंदिर जो कि हिन्दू देवी दुर्गा का मंदिर है) पर पहुंचे चालीस हजार से अधिक कश्मीरी पण्डितों सहित एक लाख से अधिक पण्डितों ने आतंकवादग्रस्त रहे कश्मीर में पण्डितों के लिए उम्मीद की नयी रोशनी बिखेर दी है.
मुस्लिम समाज में दहेज प्रथा : कहां हैं मज़हब के ठेकेदार?
हिन्दुस्तानी मुसलमानों में दहेज का चलन तेज़ी से बढ़ रहा है. हालत यह है कि बेटे के लिए दुल्हन तलाशने वाले मुस्लिम वाल्देन लड़की के गुणों से ज़्यादा दहेज को तरजीह (प्राथमिकता) दे रहे हैं. हालांकि 'इस्लाम' में दहेज की प्रथा नहीं है. एक तरफ जहां बहुसंख्यक तबक़ा दहेज के ख़िलाफ़ आवाज़ बुलंद कर रहा है, वहीं शरीयत के अलमबरदार मुस्लिम समाज में पांव पसारती दहेज प्रथा के मुद्दे पर आंखें मूंदे बैठे हैं....जाति और जनपद पर जरूरी है जिरह
किसी भी ऐसे देश में कोई न कोई सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्था तो रहेगी ही जो अपने आप को किसी सीमारेखा में रेखांकित कर लेता है. धरती पर इंसान तब से सीमारेखाएं खींच रहा है जब से वह अपनी तर्कबुद्धि का इस्तेमाल कर रहा है. आज हम जिसे अपना देश मानते हैं आखिरी बार उसका सीमा निर्धारण 1947 में हुआ. इसी साल से हमने अपने आप को एक लोकतंत्र के रूप में परिभाषित करना शुरू किया और साल दर साल उस लोकतंत्र की मजबूती के लिए कर्मकाण्ड करते रहते हैं....मुफलिसी में विरासत बचाने की कोशिश
भारतीयता हर कहीं हाशिये पर है. फिर क्या भाषा, क्या कला और क्या संगीत. जहां कही जो कुछ भी भारतीय स्वभाव, संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है वह हाशिये पर है. काली भैया का टुहिला भी इसी तरह के संकट का शिकार वाद्ययंत्र है. जिस टुहिला को आदिवासियों के पूज्य पुरुष बिरसा मुण्डा बजाया करते थे उसी टुहिला को अब कालीशंकर अपनी मुफलिसी में भी बचाये रखना चाहते हैं. इस नाउम्मीदी के बाद भी कि उनका ही बेटा टुहिला सीखने को नहीं तैयार है. रांची से अनुपमा कुमारी की रिपोर्ट-...शासन सरकार का, ऑर्डर अलगावादियों का
देश में लोकतंत्र है। हर राज्य की लोकतांत्रिक सरकार है, पर देश के पूर्वोत्तर राज्य विशेषकर मणिपुर राज्य की लोकतांत्रिक सरकार वहां की अलगाववादी तत्वों के सामने बेबस है। मजबूरी में उग्रवादी संगठनों के साथ जियो और जीने दो की नीति के साथ लोकतांत्रिक सरकार चल रही है। स्थितियों से स्पष्ट लगता है कि अलगाववादियों के साथ युद्ध विराम के बाद भी उनकी समानांतर सरकार चल रही है।
हौसला देता हेसालौंग
एक लड़की है सीमा. झारखंड या देश की अन्य हजारों-लाखों लड़कियों की तरह. बिल्कुल सामान्य-सी लड़की. दैनिक मजदूरी करने वाली हेसालौंग के दलित परिवार से है. झारखंड के हजारीबाग जिले में. दलितों व पिछड़ी जातियों का गांव. झारखंड के सैकड़ों गांवों की तरह. सीमा हेसालौंग गांव की ही है. सीमा की खास बात यह है कि वह दो बार मैट्रिक फेल हुई लेकिन धैर्य बनाये रखा, मेहनत जारी रखी और तीसरी बार में पास कर गयी. अब इंटर में पढ़ रही है. अपने गांव की पहली दलित लड़की बनी, जो मैट्रिक पास हुई.
खेती के मोक्षमार्ग पर पंजाब
किसी दौर में अपनी "विकसित खेती" के दम पर देश का पेट भरने का दावा करनेवाला पंजाब उस खेती की ऐसा मार झेल रहा है कि माटी पानी और जीवन सब कुछ दूषित प्रदूषित हो गया. पंजाब में प्राकृतिक संसाधनों का ऐसा अतिक्रमण हुआ कि मजबूरन समाज को प्रतिक्रमण के रास्ते चलना पड़ा. रासायनिक खेती से आध्यात्मिक खेती के मोक्ष मार्ग की ओर यात्रा शुरू करनी पड़ी. प्रयोग के स्तर पर ही सही लेकिन आत्महत्या के लिए प्रयासरत पंजाब खेती के मोक्षमार्ग पर दोबारा लौटने लगा है.
तपती सड़क पर नंगे पैर नौनिहाल
यह नागपुर शहर है. गर्मी के दिनों में तापमान झुलसा देनेवाली गर्मी पैदा करता है. ऐसी गर्मी में एक तो आप घर से निकलते नहीं और निकलते भी हैं तो इतने सुरक्षित होकर कि गर्मी का कोई थपेड़ा आपको छू न जाए. लेकिन भरी दोपहरी में तपती सड़क पर नंगे पैर दौड़ते नौनिहाल आपकी गाड़ी को चमगादड़ की तरह घेर लेते हैं और अपनी गंदगी को दूर करने की चिंता किये बगैर आपकी गाड़ी को चमका देना चाहते है. दिल धक्क से सीना फाड़कर बाहर आने को हो जाता है.
यही रामायण की लंका है
हम लंकापुरा में हैं, पराक्रमी राजा रावण की राजधानी में। अब भले ही इसे हक्गाला गार्डन कहा जाता हो मगर सर्वत्र लगे हुए अशोक के पेड़ साफ बताते हैं कि यह कौन सी वाटिका है! एक पतली सी धारा सीता एलिया के छोटे से मंदिर के बगल से कलकल बहती रहती है। इस मंदिर की मुख्य प्रतिमाएं एक शताब्दी पहले जलमग्न मिली थीं। वास्तव में यह मंदिर अपने नन्हे गोपुरम और चटक रंगों के दक्षिणात्य शिल्प के साथ शिवकाशी या अरलव्यमोली जैसे किसी तमिल शहर में हो सकती है, किंतु यहां माहौल स्थानीय ही है।
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सुदर्शन का (कु) दर्शन
जबसे आरएसएस के लोगों की आतंकवादी घटनाओं में संलिप्तता सामने आयी है, तब से आरएसएस के नेता बौखला गए हैं। इस बौखलाहट में ही शायद संघ के इतिहास में पहली बार हुआ है कि इसके स्वयंसेवक विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे। इसी बौखलाहट में आरएसएस के एक्स चीफ केएस सुदर्शन का मानसिक संतुलन बिगड़ गया और सोनिया गांधी के बारे में ऐसे शब्द बोल दिए, जिन्हें एक विकृत मानसिकता का आदमी ही बोल सकता है।...
सीआईए नहीं केजीबी एजंट कहिए जनाब
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक ने 10 नवंबर को सोनिया गांधी पर सीआईए एजंट होने का आरोप लगाकर सनसनी पैदा कर दिया है. पूरी की पूरी कांग्रेस उत्तेजित है और संघ भी बैकफुट पर चला गया है. सुदर्शन के आस पास के लोगों का कहना है कि सुदर्शन जी भुलक्कड़ हो गये हैं और उन्हें कुछ ठीक से याद नहीं रहता. शायद इसीलिए उन्होंने इतनी बड़ी चूक कर दी. ...
सोनिया का सच जान बेकाबू क्यों होते हो?
एक बार फिर लोकतंत्र पर आपातकाल मंडरा पड़ा है. राजमाता सोनिया गांधी के सिपहसालारों ने कांग्रेसी गुण्डों, माफियाओं और लोकतंत्र के हत्यारों का आह्वान किया है कि वह देशभर में संघ कार्यालयों पर धावा बोल दे. इसका तत्काल प्रभाव हुआ और कांग्रेसी गुण्डों ने संघ के दिल्ली मुख्यालय पर धावा भी बोल दिया. ठीक वैसे ही जैसे इंदिरा गांधी की मौत के बाद सिखों को निशाना बनाया गया था. हिंसक और अलोकतातंत्रिक मानसिकता से ग्रस्त कांग्रेसी सोनिया का सच जानकर आखिर इस तरह बेकाबू क्यों हो रहे हैं?...
नये निजाम के दामन पर है ज्यादा बड़ा दाग
मुंबई। महाराष्ट्र के नए निजाम भी कोई दूध के धुले नहीं हैं। कांग्रेस आलाकमान ने अशोक चव्हाण को फर्जीवाड़े से फ्लैट पाने के आरोप में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की गद्दी से हटा दिया। लेकिन नए मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी उसी तरह के फर्जीवाड़े में गले तक डूबे हुए हैं। उन्होंने जितने बड़े बड़े झूठ बोलकर सरकार से फ्लैट हथियाए हैं वे कांग्रेस के लिए ज्यादा दागदार हैं।...
अजमेर चार्जशीट और संघी उछल-कूद
बढ़ते पैमाने पर इसके साक्ष्य सामने आ रहे हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर एस एस) से जुड़े लोगों का आतंकवादी हमलों में हाथ रहा है। इन हालात में आर एस एस इस पुराने सूत्र पर चल रहा लगता है कि हमला ही सबसे अच्छा बचाव है। उसने 10 नवंबर को देशव्यापी विरोध कार्रवाइयों का आह्वान किया है। इन कार्रवाइयों में संघ के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की बात कही जा रही है। बहरहाल, इसकी चर्चा हम जरा बाद में करेंगे।...
अपने होने पर ही हैरान
‘चुप्पी-चुप्पी नहीं नहीं, बोलेंगे अब सभी-सभी’ इन्हीं नारों से दाहोद (गुजरात) का सीनियर रेलवे संस्थान परिसर 31 अक्टूबर को पूरे दिन गूंजता रहा। यहां गुजरात के बड़ोदरा, पंचमहल, सुरत, भड़ूच, डांग, बालसाड और साबरकांठा जिले से लगभग तीन हजार के आस पास विमुक्त एवं घुमंतू समाज से ताल्लुक रखने वाले लोग इकट्ठे हुए थे। मौका था, अधिकार अभियान की घोषणा का। उस समाज के लिए जो इस लोकतांत्रिक देश में अधिकार का अर्थ अभी तक समझ नहीं पाएं हैं। ...
गोली लगने के बाद क्या गांधी ने कहा था- हे राम ?
यह एक ऐसा सवाल है जिस पर अब विवाद होने लगा है. 30 जनवरी 1948 को क्या जब महात्मा गांधी को नाथूराम गोडसे ने गोली मारी तो महात्मा गांधी ने अपने मुंह से हे! राम का संबोधन किया था? उस वक्त घटनास्थल पर मौजूद रहे एक प्रत्यक्षदर्शी के डी मदान का कहना है कि "मैंने नहीं सुना था कि उन्होंने हे राम कहा था या नहीं."...
भद्दा और बेदम रहा संघ का विरोध प्रदर्शन
स्कूल जाते बच्चों के भी हाथ में भगवा थमाकर भले ही संघ ने शक्ति प्रदर्शन की भरपूर कोशिश की हो लेकिन 10 नवम्बर का दिन उसके इतिहास में कोई बडी घटना के रूप में याद नहीं किया जायेगा। हॉ हम बात कर रहे है राजस्थान के भरतपुर जिला मुख्यालय की जहॉ देश भर की ही तरह हिन्दुवादी संघटनों ने अपने उपर लग रहे ‘भगवा आतंकवाद’ के आरोपों के विरोध में शक्ति प्रदर्शन किया था। भरतपुर जहॉ संघ प्रचारक क रूप में भाजपा के पीएमइन वेंटिग लालकृष्ण आडवानी ने अपनी सेवाऐं दी है संघ का ये विरोध प्रदर्शन एक दम भददा और हल्का रहा।...
एनसीपी के 'दादा' का दांव
महाराष्ट्र में कांग्रेस में परिवर्तन हुआ तो राष्ट्रवादी कांग्रेस ने भी अपने पत्ते खोल दिये. राज्य में लंबे समय से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही सत्ता के दावेदारी पर एनसीपी ने आखिरकार प्रदेश की प्रशासनिक कमान अपनी ओर से शरद पवार के भतीजे अजीत पवार को सौंप दी है. अब गुरुवार को शाम साढ़े चार बजे पृथ्वीराज चव्हाण के साथ अजीत "दादा" पवार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे....
पीएमओ वाले पृथ्वीराज
महाराष्ट्र के नये मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण यूपीए सरकार पार्ट वन और पार्ट टू में बतौर पीएमओ मिनिस्टर जाने जाते हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय में रहते हुए भी उन्होंने कभी ताकतवर होने का दंभ नहीं पाला और चुपचाप काम करते रहे. बिट्स पिलानी से बीई और बर्कले विश्वविद्यालय से एमएस की डिग्री हासिल करनेवाले पृथ्वीराज की राजनीतिक कमेस्ट्री ने उनके सार्वजनिक जीवन में पहली बार इतना गाढ़ा रंग उड़ेला है....
सुलग रहा है मेरठ 'हिन्दुस्तान'
एक ओर हिन्दुस्तान अखबार अपनी अलग कंपनी बनाकर अखबार को चमकाने और अखबार का विस्तार करने में लगा है वहीं दूसरी ओर हिन्दुस्तान के विभिन्न संस्करणों में हालात ठीक नहीं है. हिन्दुस्तान के मेरठ संस्करण में इन दिनों इस्तीफे दिये जा रहे हैं लेकिन प्रचारित किया जा रहा है कि जो आफिस नहीं आ रहे हैं वे छुट्टी पर चले गये हैं....
आलोक तोमर के बगल में बसे किशोर मालवीय
सीएनईबी में पहले से एक सलाहकार संपादक थे- आलोक तोमर. अब दूसरे सलाहकार संपादक भी वहां नियुक्त हो गये हैं किशोर मालवीय. उन्होंने सीएनईबी चैनल के साथ बतौर कंसल्टिंग एडिटर अपनी नई पारी की शुरुआत की है। सीएनईबी से पहले वे ‘वायस ऑफ इंडिया’ न्यूज चैनल के साथ जुड़े हुए थे। उन्होंने करीब दो दशक के कॅरियर में देश के नामी-गिरामी मीडिया संस्थानों में कई जिम्मेदारियां निभाईं हैं।...
सुरक्षा परिषद की छांव में खेती पर दांव
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संसद में दिये गये अपने भाषण में भारत से मिले प्यार की भूरि भूरि प्रशंसा जरूर की लेकिन अपनी व्यावसायिक मजबूरियों को छिपा नहीं सके. बराक ओबामा ने संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए जहां एक ओर भारत को महाशक्ति करार देकर उसके लिए संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सदस्यता को अपना समर्थन दिया वहीं भारत और अमेरिका द्वारा मिलकर खेती के क्षेत्र में एक और हरित क्रांति के आगाज की घोषणा की....
आतंक नहीं कश्मीर केन्द्रित हुई ओबामा यात्रा
रविवार की देर शाम भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित भोज में ओमर अब्दुल्ला के शामिल होने से जो आशंका पैदा हुई थी वह सोमवार को हैदराबाद हाउस में और प्रबल रूप में सामने आ गयी जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमेरिकी राष्ट्रपति की उपस्थिति में स्वीकार किया कि वे पाकिस्तान से बात करते वक्त "के" शब्द पर बात करने से नहीं कतराते हैं....
भारत से धंधा, पाक को चंदा
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा ने अपना तीन दिवसीय दौरा पूरा कर लिया. मुंबई उतरकर दिल्ली दरबार तक उनकी दस्तक भारत पर अमेरिका के मजबूत पकड़ की मिसाल बन गया. निश्चित रूप से उनका दौरा भारत के लिए उतना महत्वपूर्ण नहीं जितना खुद अमेरिका के लिए है. मंदी के दौर से जूझ रहे अमेरिका को "कारपोरेट" जगत का धंधा दिलाने के लिए उन्होंने न केवल भारत को महाशक्ति करार दे दिया बल्कि सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का समर्थन भी कर दिया....
- आलोक तोमर की आपबीती
- वह गुजरात जिसे आप नहीं जानते
- हिन्दू आतंकवाद का अतिवाद
- सिमी से भी खतरनाक है संघ का स्वरूप
- बाबा रामदेव का दांव
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...



