बेशर्म वामपंथ में नंगी होती औरतें
अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के साथ देश भर में हो अमानवीय उत्पीडन के क्रम में पश्चिम बंगाल में महिलाओं को नंगा घुमाए जाने की सिलसिलेवार घटनाएँ सामने आई है ,अभी पश्चिम बंगाल महिला आयोग ने वीरभूम जिले में हजारों पुरुषों के बीच में एक महिला को नंगा करके घुमाने और फिर उसकी वीडियो फिल्म बनाने की घटना की जांच शुरू ही की थी कि इसी जिले में दो और महिलाओं को नंगा करके घुमाये जाने का खौफनाक मामला सामने आया है।
राज्य के बीरभूम ज़िले के जेतिया गांव की संथाल जनजाति की इन महिलाओं ने कहा है कि उनके साथ ये घटना मई महीने में हुई थी.महत्वपूर्ण है कि फिल्म अभिनेत्री शताब्दी राय इस इलाके की सांसद हैं और यहाँ की पंचायतों पर पूरी तरह से वामपंथियों का कब्ज़ा है। इन घटनाओं के सन्दर्भ में जब पश्चिम बंगाल महिला आयोग से बातचीत की गयी तो अध्यक्ष मालिनी भट्टाचार्य ने कहा कि हम सबसे पहले ये पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि किन परिस्थितियों में लगभग ४ माह बीतने के बाद भी इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी किन परिस्थितियों में इन महिलाओं के परिजनों ने चुप्पी साध रखी थी भीड़ के इस कृकृत्य का पता स्थानीय अधिकारियों को भी नहीं लग पाया ,गौरतलब है कि इधर बीच पूर्वी ,उत्तर प्रदेश और उड़ीसा से भी जनजाति महिलाओं के जीभ काटे जाने और उनके साथ सामूहिक बलात्कार किये जाने जैसे गंभीर मामले सामने आये हैं ,इन सभी मामलों में राज्य मानवाधिकार आयोग की भूमिका को लेकर भी तरह कीई चर्चाएँ हैं ,पश्चिम बंगाल में सामाजिक कार्यकर्त्ता देवाशीष मजुमदार कहते हैं ,आयोग मानवाधिकार हनन से सम्बंधित मामलों में कार्यवाही के बजाय सरकार की इमेज बील्डींग का काम कर रहा है अफ़सोस ये भी है कि इन मामलों में तृणमूल कांग्रेस ने भी अपने होंठ सी रखे हैं |
संघली(परिवर्तित नाम)१६ वर्ष का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने गैर बिरादरी के लड़के से प्रेम किया वो प्रेम जो गाँव के प्रधान के बेटे को नागवार लगा ,मसरा गाँव में प्रधान के बेटे ने पंचायत बुलाई और सारे गाँव वालों के सामने जिनमे संघली के माता -पिता और भाई भी थे उसके देह से एक एक कपडा जबरदस्ती उतार फेंका। संघली चींखती रही उसके घर वालों के रुदन से पूरा गाँव दहलता रहा ,मगर किसी को भी उस पर दया नहीं आई ,सिर्फ इतना ही नहीं संघली को नंगा करके गाँव की चौपाल से लेकर पडोसी गाँव की चौहद्दी तक नंगा पैदल घुमाया गया प्रधान का बेटा चंदू और गाँव के अन्य लड़के उसकी मोबाइल से वीडियो फिल्म बना रहे थे। खिडकियों पर बैठी महिलाएं तमाशा देख रही थी। सीपीएम की जिला कमेटी के कुछ सदस्यों ने बताया कि हमने इस पूरे मामले की जानकारी जिला कमेटी के अध्यक्ष और अन्य लोगों को दे दी थी। वहीँ नाम न छापने की शर्त पर कुछ एक ग्रामीणों ने नेटवर्क 6 को बताया कि मुखिया के राजनैतिक रसूख के चलते इस मामले में कोई कुछ भी कहने से डरता रहा इन लोगों ने संघली के माँ बाप को धमकाकर पहले ही उनका मुंह बंद कर दिया था। मुखिया और पंचायत का संघली के परिवार पर दबाव इस कदर था कि उन लोगों ने चार माह तक मुंह बंद रखा। अब जबकि घटना का खुलासा हो गया है पुलिस ने गाँव वालों के डर से संघली और उसके परिजनों को गाँव वापस जाने से रोक दिया है, हालाँकि पुलिस का कहना था कि हमें डर है कि कहीं संघली आत्महत्या न कर ले। इस घटना पर हो हल्ला मचने के बाद पुलिस ने चंदू समेत अन्य 7 को गिरफ्तार किया है। गौरतलब है कि मसरा पंचायत पर वामपंथियों का कब्ज़ा है।
उधर वीरभूम के जेतिया गाँव की दो अन्य महिलाओं के भी मई माह में नंगा करके घुमाये जाने की मामले का खुलासा हुआ है। इन अन्य दो महिलाओं में से एक ने आत्महत्या कर ली है। शर्मनाक ये रहा कि पुलिस में विगत २७ जून शिकायत दर्ज कराये जाने के बाद भी इन मामलों में प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी। बीरभूम ज़िले के एसपी हुमायूं कबीर ने कहा है कि इस बारे में उनके पास कोई जानकारी नहीं है.हालाँकि एसपी हुमायूं कबीर ने इतना ज़रुर मना कि दो लड़कियों ने मोहम्मद बाज़ार थाने में शिकायत दर्ज की थी,इन महिलाओं पर पंचायत ने गैर बिरादरी के पुरुषों के साथ सम्बंध होने का आरोप लगाया था। इन दोनों मामलों को लेकर जब नेटवर्क 6 ने शताब्दी राय से बात कि तो उन्होंने चौंका देने के अंदाज में कहा कि ये मामला पुराना हो गया है ,दोषियों को गिरफ्तार कर लिया गया हैजब हमने उनसे पूछा कि क्षेत्रीय सांसद होने के बावजूद आपको घटना कि जानकारी क्यूँ नहीं हो पायी तो उन्होंने कहा कि जब हमें जानकारी ही हमने अधिकारियों से इस पूरे मामले में तत्काल कार्यवाही करने को कहा। मालिनी भट्टाचार्य ने बताया कि बीरभूम के पुलिस अधीक्षक हुमायूँ कबीर को आयोग को एक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है.पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग ने भी पुलिस से एक महीने के भीतर घटना की जाँच कर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है।
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kya isi tarah samaj kae samnae mahila ko jab tak lajait kiya jaega jab tak vo yato pagal ho jayegi ya atamhattya karlegi,
isliyae khub aisae hi article ko prakashit ki janae avashakta hai taki apmanit ho kar atamhtya kar le,jab atyachar ho us samay na media hoti hai na prashanik adhikari,bad mein tamasha dekhnae wale bhi hain ,aur dikhane wale bhi. !!!!!!!!Aur agar yae ghatna sachi hai to us vakt likhnae wale ,janch karnae wale adhikari,aur prakashit karnae wale kaha thea,AUR AB KYA YAE SAB yah sabhi log KYA FIR KISI ISI TARAH KI KISI GHATNA KI PRATIKSHA KAR RAHE HAIN,TAKI AUR KOI ISI TASRAH KE LOG FIR KISI AISI GHATNA KO ANJAAM DAE....................
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