बियाबान में शोर
तिरुपति की संपत्ति पर तिरछी नजर
तिरुपति में विष्णु अवतार भगवान बालाजी का देवस्थानम एक बार फिर चर्चा है. खबर आयी है कि तिरुपति मंदिर का प्रबंधन करनेवाली संस्था तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम ट्रस्ट ने अपने पास मौजूद आभूषणों का बीमा कराने का फैसला किया है लेकिन मंदिर प्रशासन के पास जितना आभूषण मौजूद है उसका बीमा करने की हैसियत ही किसी एक भारतीय बीमा कंपनी में नहीं है. आभूषणों की कीमत का जो आंकलन किया है उसका मूल्य लगभग 52 हजार करोड़ रूपये है. अब इतनी बड़ी रकम की गारंटी भगवान बालाजी भले ही रखें किसी एक भारतीय बीमा कंपनी के वश में हो भी नहीं सकता.
एक अनोखे किसान आंदोलन का अंत
मुख्यमंत्री मायावती ने अपने कैबिनेट में एक निर्णय लिया. निर्णय यह कि प्रदेश में यमुना एक्सप्रेसवे के खिलाफ जो किसान आंदोलन कर रहे हैं उनको दो तरह के प्रस्ताव दिये जाएं. अगर वे इन दोनों तरह के प्रस्ताव को नहीं मानते हैं तो अपनी जमीन अपने पास रख सकते हैं. मायावती मंत्रिमण्डल के इस निर्णय का के बाद जेपी समूह ने टप्पल में प्रस्तावित अपनी नगर परियोजना को समाप्त करने की घोषणा कर दी. अब जो किसान नेता मुआवजा बढ़ाने का आंदोलन चला रहे थे वही समाजसेवी बनकर टप्पल में प्रस्तावित शहर न जाने देने के लिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन लिख रहे हैं.
नक्सली हमारे अपने लेकिन तनी रहेंगी बंदूकें
बस्तर के सीने पर फिर रक्त की लकीरें खींच गयीं। कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर के गांव भुस्की में सीमा सुरक्षा बल एवं नक्सलियों के बीच 7 घंटे तक चली जंग में 5 जवान शहीद हो गए। इसके पूर्व अंतिम बड़ी वारदात 29 जून 2010 में हुई थी। नारायणपुर जिले के धौड़ाई शिविर पर हुए हमले में सीआरपीएफ के 26 जवान मारे गए थे। धौड़ाई और भुस्की तथा अन्य छोटी-मोटी घटनाओं को छोड़ दें तो बस्तर के दो महीने लगभग शांति से गुजरे हैं।...हरिप्रसाद का लोकतंत्र 'हठ'
हरिप्रसाद को एक हफ्ते तक पुलिस हिरासत में रखने के बाद जमानत मिल गयी है. जेल से छूटने के बाद हैदराबाद पहुंचे हरिप्रसाद ने कहा है कि वे इस गिरफ्तारी से न झुकेंगे न टूटेंगे बल्कि ईवीएम मशीनों की धोखाधड़ी के खिलाफ अपना अभियान जारी रखेंगे. हरिप्रसाद की यह दिलेरी और लोकतंत्र के प्रति हठ निश्चित रूप से काबिले तारीफ है. ...छलावा है नक्सलियों से बातचीत का दावा
कुछ अजीब सी बात है। नक्सलियों और सरकार के बीच वार्ता के लिए वातावरण बनाने में लगे हुए स्वामी अग्निवेश ने 12 अगस्त को मीडिया के सामने स्पष्ट कर दिया कि माओवादी वार्ता के लिए राजी हैं। लेकिन उनकी एक महत्वपूर्ण शर्त है नक्सली नेता चेरूकुरी राजकुमार उर्फ आजाद की पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की घटना की न्यायिक जांच कराई जाए। अभी कुछ दिन पूर्व 16 अगस्त को नई दिल्ली में एक नितांत व्यक्तिगत बातचीत में उन्होंने खुलासा किया कि वार्ता से संबंधित माओवादियों का एजेंडा केन्द्र सरकार को सौंप दिया गया है। अब निर्णय सरकार को लेना है किंतु वह ढिलाई बरत रही है।...बेशर्म वामपंथ में नंगी होती औरतें
अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के साथ देश भर में हो अमानवीय उत्पीडन के क्रम में पश्चिम बंगाल में महिलाओं को नंगा घुमाए जाने की सिलसिलेवार घटनाएँ सामने आई है ,अभी पश्चिम बंगाल महिला आयोग ने वीरभूम जिले में हजारों पुरुषों के बीच में एक महिला को नंगा करके घुमाने और फिर उसकी वीडियो फिल्म बनाने की घटना की जांच शुरू ही की थी कि इसी जिले में दो और महिलाओं को नंगा करके घुमाये जाने का खौफनाक मामला सामने आया है।
राजीव गांधी के जन्मदिन पर महाविनाश की सौगात
आज पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का 66वां जन्मदिन है. इस साल उनका नाम भोपाल गैस त्रासदी को लेकर उठे विवाद में जबरदस्त तरीके से घसीटा गया. उन पर यूनियन कारबाइड के सीईओ वारेन एंडरसन को संरक्षण देने और सेफ पैसेज देने का गंभीर आरोप लगा. एक अमेरिकी एजेंसी ने तो यहां तक कह डाला कि वारेन एंडरसन के बदले इंदिरा गांधी के चहेते ड्राइवर के बेटे को छोड़ने की डील हुई थी और इसमें राजीव गांधी की बड़ी भूमिका थी. संयोगवश हमारी केंद्र सरकार ने आज का ही दिन न्यूक्लियर लायेबिलिटी बिल पर संसद में बहस कराने के लिये चुना है.
राममंदिर बनवाएं, भाईचारा बढ़ाएं
रामजन्मभूमि बनाम बाबरी मस्जिद पर फैसला आने ही वाला है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने बहुप्रतीक्षित रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद के मुकदमे में सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित कर लिया है। उच्च न्यायालय की पूर्ण पीठ के न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस.यू. खान, न्यायमूर्ति डी.वी. शर्मा एवं न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल हैं। चूंकि न्यायमूर्ति डी.वी. शर्मा सितंबर के अंत में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इसलिए माना जा रहा है कि रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद के बारे में फैसला सितंबर महीने के पूर्व कभी भी आ सकता है।
बेजा नहीं है ब्लैकबेरी पर बवाल
ब्लैकबेरी ईमेल मैसेजिंग के सवाल पर एक बार फिर सरकार और कंपनी आमने सामने हैं. कंपनी ने सीमित मात्रा में सरकार को सूचना उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है लेकिन अब सरकार ने कहा है कि वह कारपोरेट इमेलिंग पर भी सरकार को नजर रखने की सुविधा मुहैया कराए. पूरे विवाद में क्या सरकार सही है या फिर ब्लैकबेरी? सतीश सिंह मानते हैं कि रिम कंपनी को सरकार की बात मान लेनी चाहिए क्योंकि यूरोप और अमेरिका में वह ऐसा कर रही है.
राख के ढेर में आग भड़काने की कोशिश
बहुत दिनों की खामोशी के बाद संघ परिवार राख हो चुके राममंदिर मुद्दे में आग लगाने की कोशिश करेगा। अब आरएसएस ने मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी ली है। इसी 16 अगस्त से संघ परिवार पूरे देश में बड़े पैमाने पर कार्यक्रम शुरु करने का ऐलान किया है। सवाल यह है कि आखिर संघ ने अभी क्यों मंदिर निर्माण का राग अलापना शुरु किया है?
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सुदर्शन का (कु) दर्शन
जबसे आरएसएस के लोगों की आतंकवादी घटनाओं में संलिप्तता सामने आयी है, तब से आरएसएस के नेता बौखला गए हैं। इस बौखलाहट में ही शायद संघ के इतिहास में पहली बार हुआ है कि इसके स्वयंसेवक विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतरे। इसी बौखलाहट में आरएसएस के एक्स चीफ केएस सुदर्शन का मानसिक संतुलन बिगड़ गया और सोनिया गांधी के बारे में ऐसे शब्द बोल दिए, जिन्हें एक विकृत मानसिकता का आदमी ही बोल सकता है।...
सीआईए नहीं केजीबी एजंट कहिए जनाब
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरसंघचालक ने 10 नवंबर को सोनिया गांधी पर सीआईए एजंट होने का आरोप लगाकर सनसनी पैदा कर दिया है. पूरी की पूरी कांग्रेस उत्तेजित है और संघ भी बैकफुट पर चला गया है. सुदर्शन के आस पास के लोगों का कहना है कि सुदर्शन जी भुलक्कड़ हो गये हैं और उन्हें कुछ ठीक से याद नहीं रहता. शायद इसीलिए उन्होंने इतनी बड़ी चूक कर दी. ...
सोनिया का सच जान बेकाबू क्यों होते हो?
एक बार फिर लोकतंत्र पर आपातकाल मंडरा पड़ा है. राजमाता सोनिया गांधी के सिपहसालारों ने कांग्रेसी गुण्डों, माफियाओं और लोकतंत्र के हत्यारों का आह्वान किया है कि वह देशभर में संघ कार्यालयों पर धावा बोल दे. इसका तत्काल प्रभाव हुआ और कांग्रेसी गुण्डों ने संघ के दिल्ली मुख्यालय पर धावा भी बोल दिया. ठीक वैसे ही जैसे इंदिरा गांधी की मौत के बाद सिखों को निशाना बनाया गया था. हिंसक और अलोकतातंत्रिक मानसिकता से ग्रस्त कांग्रेसी सोनिया का सच जानकर आखिर इस तरह बेकाबू क्यों हो रहे हैं?...
नये निजाम के दामन पर है ज्यादा बड़ा दाग
मुंबई। महाराष्ट्र के नए निजाम भी कोई दूध के धुले नहीं हैं। कांग्रेस आलाकमान ने अशोक चव्हाण को फर्जीवाड़े से फ्लैट पाने के आरोप में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की गद्दी से हटा दिया। लेकिन नए मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी उसी तरह के फर्जीवाड़े में गले तक डूबे हुए हैं। उन्होंने जितने बड़े बड़े झूठ बोलकर सरकार से फ्लैट हथियाए हैं वे कांग्रेस के लिए ज्यादा दागदार हैं।...
अजमेर चार्जशीट और संघी उछल-कूद
बढ़ते पैमाने पर इसके साक्ष्य सामने आ रहे हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर एस एस) से जुड़े लोगों का आतंकवादी हमलों में हाथ रहा है। इन हालात में आर एस एस इस पुराने सूत्र पर चल रहा लगता है कि हमला ही सबसे अच्छा बचाव है। उसने 10 नवंबर को देशव्यापी विरोध कार्रवाइयों का आह्वान किया है। इन कार्रवाइयों में संघ के शीर्ष नेताओं के शामिल होने की बात कही जा रही है। बहरहाल, इसकी चर्चा हम जरा बाद में करेंगे।...
अपने होने पर ही हैरान
‘चुप्पी-चुप्पी नहीं नहीं, बोलेंगे अब सभी-सभी’ इन्हीं नारों से दाहोद (गुजरात) का सीनियर रेलवे संस्थान परिसर 31 अक्टूबर को पूरे दिन गूंजता रहा। यहां गुजरात के बड़ोदरा, पंचमहल, सुरत, भड़ूच, डांग, बालसाड और साबरकांठा जिले से लगभग तीन हजार के आस पास विमुक्त एवं घुमंतू समाज से ताल्लुक रखने वाले लोग इकट्ठे हुए थे। मौका था, अधिकार अभियान की घोषणा का। उस समाज के लिए जो इस लोकतांत्रिक देश में अधिकार का अर्थ अभी तक समझ नहीं पाएं हैं। ...
गोली लगने के बाद क्या गांधी ने कहा था- हे राम ?
यह एक ऐसा सवाल है जिस पर अब विवाद होने लगा है. 30 जनवरी 1948 को क्या जब महात्मा गांधी को नाथूराम गोडसे ने गोली मारी तो महात्मा गांधी ने अपने मुंह से हे! राम का संबोधन किया था? उस वक्त घटनास्थल पर मौजूद रहे एक प्रत्यक्षदर्शी के डी मदान का कहना है कि "मैंने नहीं सुना था कि उन्होंने हे राम कहा था या नहीं."...
भद्दा और बेदम रहा संघ का विरोध प्रदर्शन
स्कूल जाते बच्चों के भी हाथ में भगवा थमाकर भले ही संघ ने शक्ति प्रदर्शन की भरपूर कोशिश की हो लेकिन 10 नवम्बर का दिन उसके इतिहास में कोई बडी घटना के रूप में याद नहीं किया जायेगा। हॉ हम बात कर रहे है राजस्थान के भरतपुर जिला मुख्यालय की जहॉ देश भर की ही तरह हिन्दुवादी संघटनों ने अपने उपर लग रहे ‘भगवा आतंकवाद’ के आरोपों के विरोध में शक्ति प्रदर्शन किया था। भरतपुर जहॉ संघ प्रचारक क रूप में भाजपा के पीएमइन वेंटिग लालकृष्ण आडवानी ने अपनी सेवाऐं दी है संघ का ये विरोध प्रदर्शन एक दम भददा और हल्का रहा।...
एनसीपी के 'दादा' का दांव
महाराष्ट्र में कांग्रेस में परिवर्तन हुआ तो राष्ट्रवादी कांग्रेस ने भी अपने पत्ते खोल दिये. राज्य में लंबे समय से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही सत्ता के दावेदारी पर एनसीपी ने आखिरकार प्रदेश की प्रशासनिक कमान अपनी ओर से शरद पवार के भतीजे अजीत पवार को सौंप दी है. अब गुरुवार को शाम साढ़े चार बजे पृथ्वीराज चव्हाण के साथ अजीत "दादा" पवार उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे....
पीएमओ वाले पृथ्वीराज
महाराष्ट्र के नये मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण यूपीए सरकार पार्ट वन और पार्ट टू में बतौर पीएमओ मिनिस्टर जाने जाते हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय में रहते हुए भी उन्होंने कभी ताकतवर होने का दंभ नहीं पाला और चुपचाप काम करते रहे. बिट्स पिलानी से बीई और बर्कले विश्वविद्यालय से एमएस की डिग्री हासिल करनेवाले पृथ्वीराज की राजनीतिक कमेस्ट्री ने उनके सार्वजनिक जीवन में पहली बार इतना गाढ़ा रंग उड़ेला है....
सुलग रहा है मेरठ 'हिन्दुस्तान'
एक ओर हिन्दुस्तान अखबार अपनी अलग कंपनी बनाकर अखबार को चमकाने और अखबार का विस्तार करने में लगा है वहीं दूसरी ओर हिन्दुस्तान के विभिन्न संस्करणों में हालात ठीक नहीं है. हिन्दुस्तान के मेरठ संस्करण में इन दिनों इस्तीफे दिये जा रहे हैं लेकिन प्रचारित किया जा रहा है कि जो आफिस नहीं आ रहे हैं वे छुट्टी पर चले गये हैं....
आलोक तोमर के बगल में बसे किशोर मालवीय
सीएनईबी में पहले से एक सलाहकार संपादक थे- आलोक तोमर. अब दूसरे सलाहकार संपादक भी वहां नियुक्त हो गये हैं किशोर मालवीय. उन्होंने सीएनईबी चैनल के साथ बतौर कंसल्टिंग एडिटर अपनी नई पारी की शुरुआत की है। सीएनईबी से पहले वे ‘वायस ऑफ इंडिया’ न्यूज चैनल के साथ जुड़े हुए थे। उन्होंने करीब दो दशक के कॅरियर में देश के नामी-गिरामी मीडिया संस्थानों में कई जिम्मेदारियां निभाईं हैं।...
सुरक्षा परिषद की छांव में खेती पर दांव
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने संसद में दिये गये अपने भाषण में भारत से मिले प्यार की भूरि भूरि प्रशंसा जरूर की लेकिन अपनी व्यावसायिक मजबूरियों को छिपा नहीं सके. बराक ओबामा ने संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करते हुए जहां एक ओर भारत को महाशक्ति करार देकर उसके लिए संयुक्त राष्ट्र में स्थायी सदस्यता को अपना समर्थन दिया वहीं भारत और अमेरिका द्वारा मिलकर खेती के क्षेत्र में एक और हरित क्रांति के आगाज की घोषणा की....
आतंक नहीं कश्मीर केन्द्रित हुई ओबामा यात्रा
रविवार की देर शाम भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित भोज में ओमर अब्दुल्ला के शामिल होने से जो आशंका पैदा हुई थी वह सोमवार को हैदराबाद हाउस में और प्रबल रूप में सामने आ गयी जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमेरिकी राष्ट्रपति की उपस्थिति में स्वीकार किया कि वे पाकिस्तान से बात करते वक्त "के" शब्द पर बात करने से नहीं कतराते हैं....
भारत से धंधा, पाक को चंदा
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा ने अपना तीन दिवसीय दौरा पूरा कर लिया. मुंबई उतरकर दिल्ली दरबार तक उनकी दस्तक भारत पर अमेरिका के मजबूत पकड़ की मिसाल बन गया. निश्चित रूप से उनका दौरा भारत के लिए उतना महत्वपूर्ण नहीं जितना खुद अमेरिका के लिए है. मंदी के दौर से जूझ रहे अमेरिका को "कारपोरेट" जगत का धंधा दिलाने के लिए उन्होंने न केवल भारत को महाशक्ति करार दे दिया बल्कि सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता का समर्थन भी कर दिया....
- आलोक तोमर की आपबीती
- वह गुजरात जिसे आप नहीं जानते
- हिन्दू आतंकवाद का अतिवाद
- सिमी से भी खतरनाक है संघ का स्वरूप
- बाबा रामदेव का दांव
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...



