महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पर 'द हिन्दू' का हमला, भाजपा ने की चुनाव आयोग से शिकायत
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण पर अंग्रेजी अखबार द हिन्दू ने एक तरह से हमला बोल दिया है. आरटीआई के जरिए जुटाई गयी सूचनाओं के आधार पर द हिन्दू अखबार ने आज खुलासा किया है कि मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण ने अपने चुनाव प्रचार के लिए जो विज्ञापन पर जो खर्च किया है वह उनके घोषित रकम से बहुत अधिक है.
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण भोकर विधानसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी थे. अपने खर्चों के एफिडेविट ने उन्होंने बताया है कि उन्होंने प्रिंट मीडिया में विज्ञापन पर पांच हजार तीन सौ उन्यासी रूपये तथा टेलिवीजन (केबल टीवी) विज्ञापन पर छह हजार रूपये खर्च किये हैं. जबकि हिन्दू अखबार ने अपनी ओर से जो आंकड़े जुटाए हैं उसमें 47 पन्नों के पूरे रंगीन पेजों पर छपे विज्ञापन हैं जिनका अनुमानित खर्च इससे कहीं बहुत अधिक हो सकता है. हिन्दू ने मराठी के सबसे बड़े अखबार लोकमत की एक प्रति साथ में जारी करते हुए लिखा है कि लोकमत अखबार का विज्ञापन का रेट इतना सस्ता नहीं है कि मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण छह सात हजार रूपये के खर्चे में ही अपना विज्ञापन अभियान चला सकें.
बहरहाल हिन्दू द्वारा इस मामले को उठाये जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी की केन्द्रीय इकाई ने इस मामले की शिकायत चुनाव आयोग से करने का फैसला किया है. भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा है कि वे चुनाव खर्चों के बारे में चुनाव आयोग को गलत जानकारी देने के िलए आयोग में चह्वाण के खिलाफ शिकायत करेंगे. उन्होंने कहा है कि चुनाव आयोग को इस पूरे मामले की जांच करवानी चाहिए. अशोक चह्वाण ने अपना कुल चुनावी खर्च सात लाख बताया है जो कि निर्धारित दस लाख रूपये से कम है. हिन्दू लिखता है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने चुनाव में विज्ञापनों पर खर्च के बारे में कुछ गुमनाम से अखबारों का उल्लेख करते हैं जबकि उनके बारे में प्रदेश के सभी प्रमुख अखबारों में अशोक पर्व के नाम से विज्ञापन जारी किये गये थे.
हालांकि हिन्दू के इस हमले में प्राथमिक तौर पर कई खामियां हैं. अशोक चह्वाण के ये विज्ञापन मुख्यमंत्री रहते हुए छपी हैं इसलिए इनका खर्च व्यक्तिगत रूप से अशोक चह्वाण के खाते में शामिल की जाएगी कि नहीं यह कहना मुश्किल है. हिन्दू ने यह खुलासा नहीं किया है कि ये विज्ञापन किस तारीख को किसकी ओर से जारी किये गये हैं.
हाल में मीडिया द्वारा पैकेज लेकर पत्रकारिता का जो दौर शुरू हुआ है उसके खिलाफ शुरुआत में सिर्फ विस्फोट, भड़ास4मीडिया जैसे हिन्दी के पोर्टलों ने खबरें प्रकाशित शुरू की थी जिसे बाद में पत्रकार प्रभाष जोशी ने अपना पूरा समर्थन देते हुए इसे एक राष्ट्रव्यापी मुद्दा बना दिया था. शुरूआत में तो हिन्दू अखबार ने इस बारे में कोई रुख अख्तियार नहीं किया लेकिन जब प्रेस काउसिंल से लेकर कई राजनीतिक नेताओं ने इसके खिलाफ बोलना शुरू किया तो पिछले कुछ महीनों से हिन्दू अखबार खुलकर इस अभियान में शामिल हो गया है. हिन्दू में पी साईनाथ इस विषय पर काम कर रहे हैं और अब तक कुछ लेख और रिपोर्ट लिख चुके हैं.



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