झारखण्ड में मंत्रीपद बंटवारे पर बनी सहमति
रांची/नई दिल्ली। शुक्रवार को रांची और नई िदल्ली में दिनभर चली राजनीति गतिविधियों में जहां एक ओर यह साफ हो गया कि झामुमो और एनडीए राज्य में मिलकर सरकार बनाएंगे वहीं दिनभर दोनों दलों के प्रतिनिधियों की ओर से मंत्री पद के बंटवारे पर आम सहमति बनाने की कोशिश होती रही.
राज्य मंत्रिमण्डल में 12 मंत्री बन सकते हैं. फिलहाल राज्य में जो फार्मूला निकाला गया है उसमें झारखण्ड मुक्ति मोर्चा मुख्यमंत्री पद के साथ ही चार मंत्रीपद लेगी. जबकि भाजपा और आजसू क्रमश: चार और दो मंत्री पद पर सहमत हो गये हैं. भाजपा और आजसू दोनों को ही उप मुख्यमंत्री पद भी देने का फैसला लगभग हो गया है इसलिए अब राज्य में एक की बजाय दो उपमुख्यमंत्री होंगे. जिसमें एक नाम भाजपा की ओऱ से रघुवरदास है जबकि दूसरे उपमुख्यमंत्री के तौर पर आजसू के अध्यक्ष सुदेश महतो का नाम लगभग तय बताया जा रहा है.
गृहमंत्रालय को लेकर अटका मामला
राज्य में गृह मंत्रालय को लेकर आजसू और भाजपा के बीच खींचतान हो रही है. खबर है कि आजसू और भाजपा दोनों ही इस पद पर दावा कर रहे हैं और अभी तक कोई सहमति नहीं बन पायी है.
सबसे अधिक फायदे में रही आजसू
झारखण्ड में हुए चुनाव में सबसे अधिक फायदे में नवगठित आजसू को हुआ है. आजसू के संस्थापक सुदेश महतो झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के साथ जुड़े रहे हैं. आजसू झारखण्ड मुक्ति मोर्चा का ही छात्र संगठन रहा है. लेकिन आजसू (आल झारखण्ड स्टूडेन्ट यूनियन) इस बार चुनाव में झामुमो से अलग होकर मैदान में उतरा था और पांच सीटों पर आजसू के प्रत्याशी विजयी हुए हैं. अब सरकार गठन में उपमुख्यमंत्री पद के साथ दो मंत्रीपद लेकर सबसे अधिक फायदे में नजर आ रही है.
कांग्रेस अभी भी कर रही है कोशिश
उधर कांग्रेस ने अभी अपनी कोशिशें कम नहीं की हैं और पार्टी नेता कह रहे हैं कि सरकार गठन के मामले में वो शिबू सोरेन से लगातार संपर्क में हैं. अभी भी इस बात की संभावना है कि राज्यपाल को मोहरा बनाकर कांग्रेस राज्य की राजनीति में कोई औचक हस्तक्षेप कर सकती है.



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