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अयोध्या मामले में मैं नैतिक रूप से जिम्मेदार- उमा भारती

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image नागपुर में संवाददाताओं से बात करती उमा भारती

नागपुर। सुश्री भारती ने कहा है कि मैं पहले ही अयोध्या मामले में अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार कर चुंकी हूं और अभी भी नैतिक जिम्मेदारी लेती हूं। लेकिन पूरे प्रकरण में सरकार के लिए लिबरहान लीक के दोषी को दंड आवश्यक है। पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव की तरीफ करते हुए सुश्री भारती ने कहा कि श्री राव रामभक्त थे इसलिए उन्होंने अयोध्या में पैरा मिलिट्री फोर्स नहीं भेजा।

उमा भारती ने सवाल किया कि लिब्राहन आयोग की रिपोर्ट लीक हो गई, लेकिन इसका दोषी कौन है? चिदंबरम या फिर लिब्राहन? सरकार को इन दोनों में से दोषी सुनिश्चत करके जल्द से जल्द दंडित करना चाहिए। भारतीय जनशक्ति पार्टी की नेता उमा भारती धंतोली स्थित तिलक पत्रकार भवन में पत्रकारों से बातचीत कर रही थी। इसके साथ ही सुश्री भारती ने भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवानी को फिर से देश में रथ यात्रा शुरू करने का अनुरोध करते हुए अपना पूरा सहयोग देने की बात कही। उन्होंने मुस्लिमों को जिद छोड़ राम मंदिर निर्माण में सहयोग देने का आह्वान किया।

वे चाहते थे 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में सुबह 11 बजे ही पैरा मिलिट्री भेज देते थे। लेकिन रामभक्त होने के कारण उन्होंने शाम छह बजे पैरा मिलिट्री भेजा। इसी तरह पंिडत नेहरू ने भी अयोध्या मामले में स्पष्ट कहा था- कि राम देश की जनता के रगों में बसते हैं, इसे मत छेड़ो। कांग्रेसियों को अपने पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंहराव के रामभक्त होने का गर्व करना चाहिए और अयोध्या में राममंदिर निर्माण के लिए अपना रुख सकारात्मक करना चाहिए। सुश्री भारती ने कहा कि देश में कई पार्टियों ने धर्मनिरपेक्षता के नाम पर कीचड़ की राजनीति की और मुस्लिमों को धोखे में रखा। लेकिन गत एक दशक मुस्लिम समुदाय को एक भी आधुनिक विचार का मुस्लिम नेतृत्व नहीं मिला। उन्होंने कहा कि मलेशिया का मुस्लिम समुदाय स्वयं को राम का पूर्वज कहने में गर्व महसूस करता है। पाकिस्तान में कई मस्जिद तोड़ कर वहां विकास किए गए। मॉल्स बने। भारत के मुस्लिम समुदाय को यह समझना चाहिए कि जिस तरह से मक्का मदीना उनके लिए पवित्र तीर्थ है, उसी तरह से हिंदुओं के लिए अयोध्या महत्वपूर्ण हैं।

सुश्री भारती ने मीडिया से अनुरोध किया कि वे मुस्लिम समुदाय को आधुनिक नेतृत्व में आये और अपनी जिद छोंड़े। जिस तरह से अजमेर उनके लिए मायने रखता है, उसी तरह हमारे लिए अयोध्या की रामजन्मभूमि महत्वपूर्ण हैं। वहां आज भी राम की मूर्ति है। हर दिन पूजा होती है। दूर-दूर तक कहीं से भी कोई मजार नहीं है। उन्होंने कहा कि कि अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने में अटल बिहारी वाजपेयी की कोई भूमिका नहीं है। मंदिर के गुंबज पर झंडा लहराने वाला बासुदेव अग्रवाल था। वह कोई आर.एस.एस. का स्वयंसवेक नहीं था। वह हिंदू था। उसे गोली मारी गई। अटल बिहारी वाजपेयी व्यवहारीक हिंदू हैं। वे शिव की पूजा करते हैं। एनडीए सरकार के कार्यकाल के अंतिम दिनों में वाजपेयीजी ने मुझसे कहा था कि हम दो बार प्रधानमंत्री बन गए। चुनाव घोषणापत्र में मंदिर मुद्दा नहीं था। फिर भी हमें अब मंदिर के लिए कुछ करना चाहिए। इस बातचीत के करीब 15 दिनों के बाद ही अचानक इंडिया साइनिंग का मुद्दा आया और समय से छह माह पूर्व ही लोकसभा भंग हो गई। सुश्री भारती ने कहा कि वे संघ की स्वयंसेवक हैं। नागपुर आकर वे संघ मुख्यालय नहीं गई। क्योंकि इससे लोग अलग अर्थ लगा लेते। वे वर्धा के एक गांव में किसी वैवाहिक समारोह में हिस्सा लेने गईं थी।

मंगलवार को संसद में लिबरहान आयोग की रिपोर्ट प्रस्तुत होने से कई पत्रकारों ने उन्हें फोन कर प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की। इसी कारण अचानक नागपुर में प्रेस-कांफ्रेंस आयोजित करना पड़ा। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वे फिर से भाजपा में नहीं जाएंगी। यदि लाल कृष्ण आडवाणी फिर से सोमनाथ से रथ यात्रा निकालते हैं तो भारतीय जनशक्ति पार्टी की अध्यक्ष के रूप में उनका पूरा साथ दूंगी। राम मंदिर निमार्ण आंदोलन का नेतृत्व विश्व हिंदू परिषद के हाथ में है। इसलिए वे कल दिल्ली जाकर अशोक सिंघल से मिलेगी। भाजपा के अंदरूनी कलह पर पूछे गए एक सवाल पर सुश्री भारती ने दो टूक कहा- मैं दूसरे के फटे में टांग नहीं अड़ाती।

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Animesh Arya on 25 November, 2009 01:51;04
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Patarakaar Mahoday Uma Bhartiji LokJanShakti Party Ki Mukhiyaa Nahi Hain. LokJanshakti Party Toh Paasvaan Ki Hain. Isey Sudhaar Leve, Varnaa Pasvaan Kaa Secularism DaagDaar Ho Jaayegaa, Aur Muslim Voter Naraz Ho Jaayegaa. Haa.Haa.Haaa
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धन्यवाद on 25 November, 2009 01:58;43
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भूल सुधार कर दिया है. ध्यान दिलाने के लिए धन्यवाद.
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S.K.Verma on 26 November, 2009 15:55;33
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Beta Sanjay ab tum bade hote ja rahe ho, shadi bhi ho gayee hai. OK click karne se pahle ek nazar jaroor daal liya karo. Verna mujhe bhi dukh hoga. Be alert
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image संजय स्वदेश किरोडीमल कॉलेज स्नातकोत्तर के बाद केंद्रीय हिंदी संस्थान दिल्ली से पत्रकारिता में डिप्लोमा। दैनिक हिंदुस्तान, नवभारत टाईम्स, सहारा समय, दैनिक भास्कर में काम. कई पत्र-पत्रिकाओं में स्वतंत्र लेखन के साथ स्थानीय जनअभियानों से जुड़े हैं। sanjayinmedia@rediffmail.com
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