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इंडिया आ रहा है अल जजीरा

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पश्चिमी मीडिया की नजर में 'कुख्यात' कतर का अल जजीरा चैनल भारत आने की तैयारी में है. खबर है कि गृह-मंत्रालय अल जजीरा के भारत में प्रसारण संबंधी फाइलों का निपटारा कर रहा है और सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही भारत में अल जजीरा चैनल का प्रसारण शुरू हो सकेगा.

अल जजीरा चैनल के अंग्रेजी संस्करण की शुरूआत 15 नवंबर 2006 को दुनिया के कई देशों में एक साथ हुई थी. उस वक्त भी अल जजीरा चैनल भारत में न केवल प्रसारण की अनुमति मांग रहा था बल्कि उसने यहां अपना ब्यूरो आफिस बनाने की भी मांग रखी थी लेकिन गृहमंत्रालय ने उस वक्त अल जजीरा चैनल को न तो भारत में प्रसारण की अनुमति दी और न ही ब्यूरो आफिस खोलने की. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को दिये अपने स्पष्टीकरण में तब गृह-मंत्रालय ने कहा था कि इस चैनल को लेकर कई तरह की शंकाएं हैं, जब तक उन सभी शंकाओं का समाधान नहीं हो जाता इस चैनल को प्रसारण की अनुमति नहीं दी जा सकती.

इसके बाद से ही लगातार अल जजीरा चैनल भारत में अपनी उपस्थिति दिखाना चाहता है. सीधे तौर पर प्रसारण की अनुमति न मिल पाने की स्थिति में अल जजीरा ने एक हिन्दी टीवी चैनल इंडिया टीवी के साथ भी विडियो शेयरिंग का एक करार किया था लेकिन बाद में वह भी खत्म हो गया. अब एक बार फिर नये सिरे से अल जजीरा भारत में आने की कोशिश कर रहा है.इस बार अल जजीरा को उम्मीद है कि उसे भारत में न केवल प्रसारण की अनुमति मिल जाएगी बल्कि भारत में ब्यूरो आफिस खोलने की अनुमति भी मिल जाएगी.

असल में बहुत अड़ंगे लगाने के बाद आखिरकार इसी साल 1 जुलाई से अमेरिका में भी अल जजीरा को प्रसारण की अनुमति मिल गयी है. जाहिर है, अब भारतीय गृह मंत्रालय भी शायद इसे आसानी से मान ले कि जब अमेरिका अल कायदा के इस तथाकथित माउथपीस अल जजीरा पर रोक नहीं लगा रहा है तो भारत क्यों रोक लगाये? वैसे अभी भी मामला पूरी तरह से गृहमंत्रालय के ही हाथ में है और खुद अल जजीरा के पैरोकारों को नहीं मालूम कि फैसला क्या होगा. अगर भारत में अल जजीरा के प्रसारण का अधिकार मिल जाता है तो यह फ्री टू एयर चैनल होगा और भारत में बड़ा दर्शक वर्ग पकड़ने की कोशिश करेगा.

अलजजीरा समाचार चैनल अपने शुरूआत से ही अलकायदा की खबरों को प्रसारित करके विवादों में रहा है. अरबी में अलजजीरा का मतलब होता है द्वीप या समुद्र का टापू. अलजजीरा की शुरूआत भी पश्चिमी मीडिया को पछाड़ने के उद्येश्य से की गयी थी. 1996 में बीबीसी ने सऊदी राजघराने पर एक विवादास्पद स्टोरी प्रसारित की थी. इसी घटना के तुरंत बाद नवंबर 1996 में ही अलजजीरा चैनल की शुरूआत कर दी गयी थी. चैनल मुख्य रूप से अरबी में है लेकिन नवंबर 2006 में अल जजीरा का अग्रेजी चैनल भी शुरू किया गया. 

चैनल के ऊपर भले ही आरोप लगता रहा हो कि वह अलकायदा का माउथपीस है लेकिन अलजजीरा में काम करनेवाले अधिकतर लोग बीबीसी, ईएसपीएन, सीएनएन और सीएनबीसी की नौकरियां छोड़कर ही यहां आये हैं. आज दुनियाभर के 40 देशों में अलजजीरा देखा जाता है और 14 करोड़ घरों तक इसकी पहुंच है. अलजजीरा के पूरी दुनिया में 30 ब्यूरों कार्यालय हैं और कई दर्जन पत्रकार दुनियाभर से अल जजीरा के लिए रिपोर्टिंग करते हैं.

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सुरेश चिपलूनकर on 22 December, 2009 14:26;36
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"...चैनल के ऊपर भले ही आरोप लगता रहा हो कि वह अलकायदा का माउथपीस है लेकिन अलजजीरा में काम करनेवाले अधिकतर लोग बीबीसी, ईएसपीएन, सीएनएन और सीएनबीसी की नौकरियां छोड़कर ही यहां आये हैं..." हैं तो नौकर ही ना…। उनका मालिक कौन है और उसकी पृष्ठभूमि क्या है यह अधिक महत्वपूर्ण है…। इतने सारे "सेकुलर" चैनलों के बीच एक और चैनल…
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जाकिर अली रजनीश on 22 December, 2009 15:55;02
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वाकई धमाकेदार न्यूज दी आपने।

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<a href="http://sb.samwaad.com/"> मानवता के नाम सलीम खान का पत्र। </a>
<a href="http://ts.samwaad.com/">इतनी आसान पहेली है, इसे तो आप बूझ ही लेंगे।</a>
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Rajesh on 26 December, 2009 16:55;10
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Right Said Suresh Ji.
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JASBIR CHAWLA on 28 December, 2009 20:53;56
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CNN BBC ke mukable ka chenal hai. Muslim jagat ki Khabren imandari se milti hain.Tasveer ka doosra pahloo iss chenal par milega.Osama ke Tape iss chenal ko milne se AL-QAYDA ke soch ka pata chalta hai.Swagat hona chahiye.
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