कौन है सच्चा कौन है झूठा
कहावत है कि क्रिया की प्रतिक्रिया जरूर होती है कुछ ऐसा ही हुआ है.सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव की तल्ख बयानगी से आहत कल्याण सिंह ने अब मुलायम सिंह यादव को आड़े हाथो ले लिया है. अगर कल्याण सिंह की बात को सही माने तो यह कहने मे कोई गुरेज नहीं की मुलायम सिंह यादव उप चुनाव की हार के बाद मानसिक रूप से विक्षिप्त हो गये है. मुलायम के बारे यह हम नहीं कह रहे है बल्कि मुलायम के पुराने दोस्त कल्याण सिंह की जुबानी है,जिसे कल्याण ने पेश किया है मुलायम के जबाब स्वरूप.कल्याण के जबाब के बाद जहां समाजवादी पार्टी में हडकंप मच गया है वहीं राजनैतिक हलको में भी सनसनी फैली हुई.
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने को कहा है कि हाल के उपचुनावों में हुई पराजय से समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है. कल्याण सिंह ने रविवार को अपना गुस्सा कुछ इस तरह से बयान करते हुये कहा कि मुलायम सिंह बौखला गए हैं और हार के सही कारणों का पता लगाने का प्रयास नहीं कर रहे हैं बल्कि उनको निशाने पर रख रहे है. कल्याण सिंह के गुस्से का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके बेटे राजबीर सिंह ने सपा महासचिव के पद से इस्तीफा देते हुए पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया. राजवीर ने मुलायम सिंह द्वारा अपने पिता कल्याण सिंह को निशाने पर रखने को लेकर सपा महासचिव पद से इस्तीफा देकर मुलायम को कटघरे में खडा कर दिया.
शनिवार को ही मुलायम ने कहा कि वह कभी कल्याण को पार्टी में नहीं लेंगे। इसी बयान से नाराज कल्याण सिंह ने बेटे राजबीर सिंह ने सपा से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक संबाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कल्याण सिंह कहा कि मुलायम धोखेबाज हैं और पार्टी की हालिया हार के कारण वे दिमागी संतुलन खो बैठे हैं और बौखला गए हैं. इतना ही नहीं कल्याण ने इस बात का खुलासा भी किया कि उन्हें भाजपा से इस्तीफा देने पर कहना और उनके बेटे राजबीर को सपा में शामिल होने का न्यौता खुद मुलायम और अमर सिंह ने उनके घर में आकर दिया था. उनके बेटे और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह ने समाजवादी पार्टी छोड़ने का एलान करते हुए कहा कि जिस पार्टी में बाबूजी का असम्मान हो उसमें बने रहने का कोई मतलब नहीं रह जाता।
इसी के साथ कल्याण ने मुलायम पर परिवारवाद फैलाने का भी आरोप लगाया. नाराज कल्याण ने कहा कि यदि मुलायम हाथ जोड़कर भी उन्हें सपा में बुलाएंगे तो भी सपा पार्टी में नहीं जाएंगे. मुलायम पर अपनी भड़ास निकालते हुए कल्याण ने कहा कि मुलायम ने कई लोगों और पार्टियों को धोखा दिया है। इनमें आजम खान, लेफ्ट पार्टियां, बेनी प्रसाद वर्मा, राजबब्बर आदि शामिल हैं। इसी जगह से कल्याण ने मुसलमानों को सावधान रहने का आह्वान भी किया.उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह पर हमला बोलते हुए कहा है कि वह हार की वजह से अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं.
कल्याण सिंह ने कहा कि मुलायम आज कह रहे हैं कि मुझे समाजवादी पार्टी में शामिल नहीं करेंगे. तथ्य यह है कि खुद मुलायम सिंह और अमर सिंह ने मुझे समाजवादी पार्टी में शामिल होने का आमंत्रण दिया था.मेरे घर आकर उन दोनों ने आग्रह किया था कि मैं उनकी पार्टी में शामिल हो जाऊं. जब मैं इसके लिए तैयार नहीं हुआ तब उन्होंने कहा कि ठीक है, हमें राजवीर दे दीजिए। फिर हम राजवीर समाजवादी पार्टी में शामिल हुए. कल्याण सिंह ने कहा कि मुलायम आज भी हार के कारणों की समीक्षा नहीं कर रहे. वह हार का ठीकरा मेरे सिर पर फोड़ रहे हैं, यह कहते हुए कि कल्याण सिंह की वजह से मुस्लिम वोट उनसे टूट गए. अगर थोड़ी देर को यह मान भी लिया तो फिरोजाबाद में यादव वोट उनसे क्यों कटे? अपने गृह क्षेत्र इटावा में उन्हें क्यों हार का मुंह देखना पड़ा? भरथना में क्यों उनकी पार्टी जीत नहीं सकी? इसका जबाब क्या है मुलायम के पास?
उन्होंने कहा, मुझे इस बात का अफसोस है कि मैं मुलायम सिंह की अवसरवादी फितरत को समय रहते पहचान नहीं सका इसका नुकसान मुझे हुआ है. मेरे समर्थक भी इस वजह से बहुत परेशान हुए हैं. 18 जनवरी 2009 को मुलायम सिंह यादव और अमर सिंह दिल्ली में राजूभईया उर्फ राजवीर के आवास में गए और मुझे फोन आया कि वहां मेरा इंतजार हो रहा है. मैं वहां गया और मैनें कारण पूछा तो दोनों व्यक्तियों ने कहा कि आप सपा में शामिल हो जाए.उस वक्त मैनें सपा में शामिल होने से इंकार कर दिया तब अमर मुलायम ने कहा कि जब आप नहीं शामिल होने चाहते तो राजबीर को सपा में शामिल करा दीजिए. हम नहीं होते तो मुलायम 14 सीटों पर सिमट रहें थे हमनें सपा को 23 सीटें दिलाई थी. हमनें सपा को 9 सीटों का फायदा कराया था। मुलायम सिंह के लिए तब कल्याण सिंह बहुत अच्छे थे लेकिन अब कल्याण सिंह मुलायम के लिए अच्चे नहीं है.
गौरतलब है कि शनिवार को सपा प्रमुख मुलायम सिंह ने अपने एक बयान में कहा था कि कल्याण सिंह कभी भी सपा के हिस्सा नहीं थे और मैं यह कहना चाहता हूं कि उन्हें कभी भी पार्टी में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। और रविवार को कल्याण ने कुछ इस तरह से मुलायम सिंह यादव को अपना दिया जवाब कि मुलायम और अमर सिंह हाथ जोड़कर भी बुलाएगें तो भी सपा में शामिल नहीं होउंगा. मुलायम चुनावों में मिली हार के बाद अपना मानसिक संतुलन खो बैठे है और हार का सहीं मुल्याकंन नहीं कर पा रहें है.
सही कौन है और कौन बोल रहा है झूठ? इसका आंकलन तो आम आदमी कर ही चुका है लेकिन यहां पर इस बात का जिक्र करना बेहद दिलचस्प होगा कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने कल्याण के लिये संसदीय चुनाव में एटा में उनके लिये अपना प्रत्याशी ना उतरते हुये उन्हें निर्दलीय सांसद बनवा दिया. अब आई बारी उप चुनाव की. जिसमें कल्याण सिंह हैलीकाप्टर से चुनाव मैदान में उतरे.आखिर कल्याण सिंह को चुनाव में प्रचार करने के लिये किसने कहा था? इस सवाल का जबाब जाहिर है सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव से बेहतर आखिर कौन दे सकता है? क्या ऐसा संभव है कि किसी दल के मुखिया की सहमति से कोई भी उनके दल के प्रत्याशी के लिये प्रचार करने के लिये आ जाये? दूसरे आगरा में हुये सपा अधिवेशन की बात ऐसे में अधूरी क्यों रह जाये र्षोर्षो तो बात उसकी भी जरूरी है ताकि पता तो असल में चल ही जाये.कल्याण सिंह की बात को अगर माना जाये तो मुलायम के राज्यसभा सदस्य भाई डा.रामगोपाल यादव ने उन्हें बाकायदा लंबा चौडा खत भेज कर बुलावा भेजा था तब में आया था. जबकि मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि कल्याण को बुलाया नहीं गया था,वो खुद ही आये थे ऐसे में जाहिर है कि आप समझ गये होगें कि सच कौन बोल रहा है और झूठ का लबादा कौन ओढे हुये है?
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