Tag: पानी
total:
3
| displaying:
1 - 3
पानी में जहर, जिन्दगी पर कहर
मौसम में लगातार हो रहे असंतुलन ने भूजल को बुरी तरह प्रदूषित किया है. पीने के लिए सरकार द्वारा लगवाए गए हैंडपंपों के पानी में जिस प्रकार से रसायनिक अवयवों का संतुलन बिगड़ा है, उससे यह पानी स्वास्थय पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य जल निगम की इटावा शाखा द्वारा पेयजल के लिए गए नमूनों में जिस प्रकार से पेयजल के अवयवों में फ्लोराइड आयरन एवं नाइट्रेट की मात्रा बढ़ जाने से यह पानी लोगों की अपंगता का कारण बनता जा रहा है।...कंपनी का पानी है फूंक कर पीना
मध्य प्रदेश में पिछला दशक "पानी के निजीकरण" के नाम रहा है. इसी कड़ी में ठेका आधारित `देवास औद्योगिक जलापूर्ति योजना´ का कार्य अब अपनी समाप्ति पर है. 2002 को `मध्यप्रदेश राज्य ओद्यौगिक निगम´ ने इस योजना के लिये एक टेण्डर जारी किया था. इसमें नेमावर से देवास तक कुल 128 किलोमीटर पाइपलाइन डालकर नर्मदा का 23 एम.एल.डी. पानी शहर के उद्योगों को पहुँचाना था. योजनाकारों ने 26.50 रुपए प्रति हजार लीटर की दर से पानी बांटने का दावा भी किया. लेकिन पहले टेण्डर में जहां इसकी लागत 65 करोड़ रुपए बतलायी गई थी वहीं अब यह लागत बढ़कर 80 करोड़ को पार कर चुकी है. साथ ही योजनाओं से जुड़े चंद सवाल भविष्य में आशंकाओं को जन्म दे रहे हैं. इसलिए यह पूरी योजना अब विवादों के घेरे में खड़ी है. ...मौत का पानी
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पानी में आर्सेनिक की मौजूदगी पर उस वक्त लोगों का ध्यान गया, जब 1994-95 में 'द एनालिस्ट' में दीपांकर चक्रवर्ती का शोधपत्र छपा, जिस पर 1996 में 'द गार्डियन' में छपे एक लेख में 'द वाटर ऑफ डैथ' (मौत का पानी) शीर्षक से टिप्पणी की गई थी। भूजल में आर्सेनिक की उपलब्धता अब पानी को मौत का पानी बना रही है. दीपांकर चक्रवर्ती से बातचीत-...
total:
3
| displaying:
1 - 3
- आलोक तोमर की आपबीती
- वह गुजरात जिसे आप नहीं जानते
- हिन्दू आतंकवाद का अतिवाद
- सिमी से भी खतरनाक है संघ का स्वरूप
- बाबा रामदेव का दांव
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
