Tag: आतंकवाद
हम युद्धभूमि में हैं
मुंबई में चौबीस घण्टे से हमारे जाबांज जवान आतंकवादियों से लोहा ले रहे हैं. यह मुटभेड़ अगले कुछ घण्टों तक और जारी रहेगी. अब तक तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित १४ पुलिस के जवान और १०० से अधिक नागरिक अपनी जान गवां चुके है. जी न्यूज ने खुलासा किया है कि आतंकी १९-२० दिसंबर को मुंबई का दौरा करके जा चुके थे. सितंबर में ही एक विदेशी खुफिया एजंसी ने चेताया था मुंबई पर बड़ा हमला हो सकता है. ...इंस्पेक्टर शर्मा को किसने किया शहीद?
दिल्ली के बाटला हाउस इलाके में आतंकवादियों से मुटभेड़ के दौरान इंस्पेक्टर एम सी शर्मा की दुखद मौत किसकी गोली से हुई? मुटभेड़ के आज दो दिन बाद यह बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वे आतंकवादियों की गोली से मारे गये? या वे किसी साजिश के शिकार हुए? आज कुछ अखबारों ने एक फोटो प्रकाशित की है. फोटो में दो लोग इंस्पेक्टर शर्मा को संभालते हुए ले जा रहे हैं. जैसा कि पुलिस और मीडिया ने बताया था कि उनके पेट में तीन गोली लगी थी, फोटो में एमसी शर्मा के पेट पर कहीं खून का निशान नहीं है. ...अहिंसा की वर्णमाला
अहिंसा के क्षेत्र में काम करनेवाली संस्थाओं और व्यक्तियों के लिए क्या शिक्षा प्रणाली पर पुनर्विचार करने का समय नहीं है? यदि है तो हमें वर्णमाला के साथ साथ अहिंसा की वर्णमाला भी पढ़नी होगी. अहिंसा में प्रशिक्षित मानस ही हिंसा को चुनौती दे सकता है और उसकी चुनौती को भी झेल सकता है. ...आतंक को खाद नफरत को पानी
दिल्ली का बहुचर्चित एनकाउण्टर भी प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के लिए टीआरपी का खेल बन गया. भावनाओं का ऐसा झूठा सैलाब उठाने की कोशिश की गयी कि सामान्य सवालों से भी लोगों का ध्यान हट जाए. लेकिन अपनी फौरी कमाई के चक्कर में गाजे-बाजे के साथ आतंकवाद की दुहाई देते मीडिया ने जो कुछ किया उसका असर दूर तक हुआ है. जिस आजमगढ़ को आतंक का गढ़ और लड़कों को आतंकवादी करार दिया गया, उनके गांव में और लोगों की जुबानी कुछ और ही कहानी बताती है. ...कमजोर लोकतंत्र, मजबूत आतंक
इन विस्फोटों और मौत के तांडव के बाद मंत्रियों की जबानी जुगाली, विपक्षी नेताओं के रटे-रटाये हताशा भरे बयान, पुलिस और जांच अधिकारियों का हवाई लट्ठभाजन, खबरिया चैनलों की उकतानेवाली सनसनी, सुरक्षा विशेषज्ञों का एकांगी विश्लेषण, खुफिया एजंसियों के खोखले एलर्ट और पुलिस का थकाऊ बंदोबस्त और नाकाबंदी. गृहमंत्रालय में दो-पांच दिनों तक बैठकों का सिलसिला चलेगा...अलकायदा की शरण में उल्फा
असम में अलकायदा के निशान साफ उभर आये हैं. खुफिया ब्यूरों की गोपनीय रपट में पहली बार यह खुलासा किया गया है कि उल्फा को प्रशिक्षित करने के लिए "अफगान ट्रेनर" असम आया था....- आलोक तोमर की आपबीती
- वह गुजरात जिसे आप नहीं जानते
- हिन्दू आतंकवाद का अतिवाद
- सिमी से भी खतरनाक है संघ का स्वरूप
- बाबा रामदेव का दांव
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
बहुत अच्छा व सच्चाईयो पर आधारित लेख है। सेकुलर भारत के निर्माँण मे ऐसे लेख का अहम योगदान होगा. संपादक- आपकी आवाज़.कांम
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...
सिक्के के दुसरे पहलू की तरफ इशारा कर अनिल ज्जी ने सदा की तरह सार्थक हस्तक्षेप किया है. बहुत सशक्त लेखन. निश्चय ही लेख में ...

